Sickle Cell Illness: अनुवांशिक बीमारी है सिकलसेल, कमजोर हो जाती है इम्यूनिटी, ध्यान रखें ये बातें
सिकल सेल एनीमिया खून से जुड़ी बीमार है। अगर माता-पिता को यह बीमारी है, तो बच्चे को भी सिकल सेल एनीमिया की समस्या हो सकती है। इस बीमारी में हाथ-पैरों में दर्द और सूजन का भी खतरा बढ़ जाता है। इसमें कुछ लाल रक्त कोशिकाएं कम लचीली हो जाती हैं।
By Ekta Sharma
Publish Date: Solar, 30 Jun 2024 03:03:25 PM (IST)
Up to date Date: Solar, 30 Jun 2024 03:03:25 PM (IST)
HighLights
- सिकलसेल बीमारी का कोई सटीक इलाज नहीं है।
- पीड़ित को हाइड्रोक्सीयूरिया का सेवन करना चाहिए।
- इससे पीड़ित मरीजों को खून की कमी होती है।
हेल्थ डेस्क, इंदौर। Sickle Cell Illness: हाइड्रोक्सी यूरिया, सिकलसेल पीड़ितों के लिए रामबाण है। सिकलसेल अनुवांशिक बीमारी है, जो विशेष भौगोलिक क्षेत्र और जातियों में पाई जाती है। छत्तीसगढ़ में भी सिकलसेल बीमारी से पीड़ित मरीजों की संख्या अधिक है। इस बीमारी का कोई सटीक इलाज नहीं है, जिसे जड़ से खत्म किया जा सके। परहेज करके ही बीमारी पर काबू पा सकते हैं। सिकलसेल पीड़ित मरीज को हाइड्रोक्सीयूरिया का नियमित सेवन करना चाहिए, ये रामबाण दवा है। इससे रक्त चढ़ाने की जरूरत कम पड़ती है।
जल्दी फैलता है संक्रमण
इस बीमारी से पीड़ित व्यक्तियों में इम्यूनिटी कम होती है, इसलिए इन्हें संक्रमण बहुत जल्दी होता है। संक्रमण से बचें। विटामिन की कमी को दूर करने के लिए फोलिक एसिड का नियमित सेवन करें। पिछले कुछ वर्षों में देखा गया है कि नियमित परहेज और दवाओं का सेवन करने से पीड़ित मरीज लंबे समय तक जीवित रहता है। विवाह के समय सिकलसेल का मिलान अवश्य करें। सिकलसेल पीड़ित मरीज से शादी न करें।
अनुवांशिक बीमारी है सिकलसेल
यदि दोनों को सिकलसेल की बीमारी है, तो बच्चों को सिकलसेल अवश्य हो जाएगा। एक व्यक्ति को सिकलसेल है, तो बच्चों को बीमारी नहीं होती है। इन मरीजों को खून की कमी होती है। जिन खाद्य पदार्थों में विटामिन की मात्रा अधिक होती है, उसे अधिक से अधिक सेवन करें। सिकलसेल पीड़ित मरीजों में हीमोग्लोबिन की कमी रहती है, इसलिए हैवी एक्सरसाइज न करें।
डिस्क्लेमर
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