Small Financial savings Schemes: सुकन्या समृद्धि और PPF समेत छोटी बचत योजनाओं पर अपडेट, जानिए कितना मिलेगा ब्याज
Small Financial savings Schemes: सार्वजनिक भविष्य निधि, सुकन्या समृद्धि योजना, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना और डाकघर सावधि जमा में निवेश पर समान दर ब्याज मिलेगी। वित्त मंत्रालय के नोटिफिकेशन के अनुसार, जुलाई से सितंबर 2024 की अवधि के लिए राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र पर ब्याज दर 7.7 प्रतिशत बनी रहेगी।
By Kushagra Valuskar
Publish Date: Fri, 28 Jun 2024 08:00:32 PM (IST)
Up to date Date: Fri, 28 Jun 2024 08:30:21 PM (IST)

HighLights
- बजट से पहले बचत योजनाओं पर सरकार का बड़ा फैसला।
- अप्रैल-जून तिमाही के दौरान ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं।
- छोटी बचत योजनाओं पर हर तीन महीने में फैसला लिया जाता है।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। Small Financial savings Schemes: केंद्र सरकार ने छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए बदलाव नहीं किया है। वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को अधिसूचना जारी कर इसकी जानकारी दी। इससे पहले अप्रैल-जून तिमाही के लिए स्मॉल सेविंग स्कीमों की ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया गया था।
पीपीएफ पर 7.1% ब्याज
जुलाई-सितंबर 2024-25 तिमाही के लिए पीपीएफ पर 7.1% और सुकन्या समृद्धि योजना पर 8.2% ब्याज मिलता रहेगा। केंद्र सरकार स्मॉल सेविंग स्कीमों की ब्याज दरों पर निर्णय लेने से पहले लिक्विडिटी और महंगाई को देखती है। हालांकि छोटी योजनाओं पर ब्याज दरों की हर तिमाही समीक्षा की जाती है।
किस योजना पर कितना ब्याज
- डाकघर सेविंग अकाउंट- 4%
- पोस्ट ऑफिस रेकरिंग डिपॉजिट- 6.7%
- डाकघर मंथली इनकम स्कीम- 7.4%
- डाकघर टाइम डिपॉजिट (1 साल)- 6.9%
- डाकघर टाइम डिपॉजिट (2 साल)- 7%
- डाकघर टाइम डिपॉजिट (5 साल)- 7.5%
- किसान विकास पत्र- 7.5%
- पब्लिक प्रोविडेंट फंड- 7.1%
- सुकन्या समृद्धि योजना- 8.2%
- नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट- 7.7%
- वरिष्ठ नागिक सेविंग स्कीम- 8.2%
आखिरी बार दिसंबर में हुआ था ब्याज दरों में बदलाव
केंद्र सरकार 29 दिसंबर 2023 को जनवरी-मार्च 2024 तिमाही के लिए स्मॉल सेविंग स्कीमों की ब्याज दरों का एलान किया था। तब सुकन्या समृद्धि योजना में 0.20% की वृद्धि की थी। इससे पहले सरकार ने अक्टूबर-दिसंबर के लिए रिकरिंग डिपॉजिट की दरों में बढ़ोतरी की थी।
हर तिमाही में ब्याजों दरों का होता है रिव्यू
छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों का सरकार हर तिमाही में रिव्यू करती है। श्यामला गोपीनाथ समिति ने इनकी ब्याज दरें तय करने का फॉर्मूला दिया था। समिति ने सलाह दी थी कि इन स्कीम्स की ब्याज दरें 0.25% से 1.00% ज्यादा होनी चाहिए।













