Indore Zoo Information: 8 राज्य के 10 शहरों के चिड़ियाघर, जहां दहाड़ रहे इंदौर में जन्मे शेर-बाघ

इंदौर स्थित चिड़ियाघर में इकलौता चिड़ियाघर है, जहां एक समय शेर-बाघों की कुल संख्या देशभर में सर्वाधिक हो गई थी। यहां दुर्लभ बाघों का बसेरा है। सफेद बाघ के साथ ही ब्लैक टाइगर भी है। इसके अलावा येलो टाइगर भी है। यहां हिरण, चीतल और घड़ियालों की संख्या भी बढ़ रही है।

By Sandeep Chourey

Publish Date: Fri, 28 Jun 2024 07:00:00 AM (IST)

Up to date Date: Fri, 28 Jun 2024 07:00:00 AM (IST)

HighLights

  1. कोरोना प्रतिबंध के बाद शुरू हुआ था एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम
  2. अभी तक 20 शेर और 21 बाघों को अन्य चिडियाघरों को दिया
  3. संतुलित आहार और माहौल के कारण बेहतर हुई प्रजनन क्षमता

रामकृष्ण मुले, इंदौर। स्वच्छता में नंबर वन इंदौर का कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय के शेर और बाघ देशभर के कई चिडियाघरों में दहाड़ रहे हैं। कोरोना से राहत मिलने के बाद 2022 में दोबारा शुरू हुए एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत इंदौर जू से 20 शेर और 21 बाघ देश के 8 राज्यों के 10 शहरों के चिडियाघरों में भेजे गए है।

इनमें हरियाणा का भिवानी, पंजाब का चंडीगढ़, झारखंड का रांची, तेलंगाना का हैदराबाद, उत्तराखंड का देहरादून, महाराष्ट्र का पुणे, औरंगाबाद, छत्तीसगढ़ का बिलासपुर और गुजरात का जूनागढ़, जामनगर भेजे गए।

इनके बदले पॉकेट मंकी, सफेद असगर, एनाकोंडा, जेब्रा सहित भौंकने वाला हिरण सहित कई अन्य प्रजातियों ने इंदौर चिड़ियाघर की रौनक को बढाई है। पांच माह पहले जामनगर, गुजरात से एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत लाए गए जेब्रा के जोड़े ने भी हाल ही में नन्हें जेब्रा को जन्म दिया।

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वर्तमान में शेर और बाघ की संख्या 9-9 है। इनकी संख्या मादा बाघिन और शेरनी मेघा अगले एक माह के भीतर नन्हें शावकों को जन्म देने वाली है। इसके चलते शेरों और बाघों का कुनबा एक बार फिर बढ़ने वाला है। बाघों के लगातार प्रजनन से शहर का चिडियाघर देशभर के चिड़ियाघर में अपनी खास पहचान रखता है। जहां भी शेर-बाघ नहीं है, वहां इंदौर ही उनकी पहली प्राथमिकता होता है। इंदौर हाल ही में घड़ियाल के साथ पॉकेट मंकी ने भी एक बच्चे को जन्म दिया है।

चिडियाघर प्रभारी डॉ. उत्तम यादव कहते है कि चिड़ियाघर के सभी वन्य प्राणी ब्रीड कर रहे है। यह इस बात के संकेत है कि यहां के वातावरण में वे स्वयं को तनाव मुक्त महसूस करते हैं। उन्हें सेंट्रल जू अथॉरिटी के नियमानुसार, संतुलित आहार के साथ उपचार और वातावरण दिया जा रहा है। यहां पर किसी भी प्राणी को पिंजरे की बजाए उनके लिए उनके अनुरूप वातावरण वाले बाड़ों का निर्माण किया गया।

सांपों के लिए अलग से सांप घर, पक्षियों के लिए पक्षी विहार के साथ बाघ, शेरों के लिए बड़े बाड़े बनाए गए है। इनमें तालाब और गुफा के साथ पेड़ आदि है। खुले वातावरण में वे तनाव मुक्त महसूस करते हैं।

मेघा ने शेरों और जमुना ने बढ़ाया बाघों का कुनबा

मध्यम श्रेणी का कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय इकलौता चिड़ियाघर है, जहां एक समय शेर-बाघों की कुल संख्या देशभर में सर्वाधिक हो गई थी। यहां शेरों की संख्या में लगातार वृद्धि का श्रेय शेर आकाश और मेघा को जाता है।

इसके अतिरिक्त शेरनी सुंदरी भी शावकों को जन्म दे चुकी है। बाघिन जमना भी चार से अधिक बार शावकों को जन्म दे चुकी है। वह कुल 14 शावकों को जन्म दे चुकी है, जो सभी जीवित भी है, जिन्हें एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत अलग-अलग प्राणी अभ्यारण में भी भेजा गया है।

ऐसा चिड़ियाघर, जहां दुर्लभ बाघों का बसेरा

इंदौर स्थित चिड़ियाघर में दुर्लभ बाघों का बसेरा है। यहां सफेद बाघ के साथ ही ब्लैक टाइगर भी है। इसके अतिरिक्त येलो टाइगर है। यह उन चुनिंदा चिड़ियाघर में शामिल हैं, जहां 3 रंगों के बाघ है।इसके अतिरिक्त यहां एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत कॉटन टॉप मंकी, पाइथन, एनाकोंडा भी आकर्षण का केंद्र है। यहां हिरण, चीतल और घड़ियालों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही थी। इन्हें भी अन्य चिडियाघरों मे भेजने की कवायद की जा रही है।