Gwalior Information: दुर्घटना में होने वाले आर्थिक नुकसान से बचाव के लिए जेयू करवाएगा प्रयोगशालाओं का बीमा

जीवाजी विश्वविद्यालय के 200 एकड के परिसर में बनी विभिन्न अध्ययन शालाओं में अब बीमा करवाया जाएगा। यह प्रस्ताव जेयू के प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा जारी किया गया है जिसमें कुलगुरु अविनाश तिवारी से विचार विमर्श करने के बाद इस प्रस्ताव पर फाइनल मोहर लगा दी जाएगी। इस प्रस्ताव में जीवाजी विश्वविद्यालय की अध्ययन शालाओ में मौजूद प्रयोगशालाओं का बीमा प्रमुख रूप से किया जाएगा ।

By Vikram Singh Tomar

Publish Date: Fri, 28 Jun 2024 02:23:50 PM (IST)

Up to date Date: Fri, 28 Jun 2024 02:23:50 PM (IST)

HighLights

  1. अग्निकांड की घटना के बाद जागा जिविवि प्रशासन
  2. पुस्तकालय व कंप्यूटर लैब का होगा बीमा

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय के 200 एकड के परिसर में बनी विभिन्न अध्ययन शालाओं में अब बीमा करवाया जाएगा। यह प्रस्ताव जेयू के प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा जारी किया गया है जिसमें कुलगुरु अविनाश तिवारी से विचार विमर्श करने के बाद इस प्रस्ताव पर फाइनल मोहर लगा दी जाएगी। इस प्रस्ताव में जीवाजी विश्वविद्यालय की अध्ययन शालाओ में मौजूद प्रयोगशालाओं का बीमा प्रमुख रूप से किया जाएगा । जिसके बाद पुस्तकालय और कंप्यूटर लैब का भी बीमा किया जा सकता है।

जीवाजी विश्वविद्यालय में हाल ही में हुए अग्निकांड की घटना में विश्वविद्यालय का लाखों का नुकसान हुआ है। इस प्रकार की घटना भविष्य में न हो इसके लिए जेयू के प्रयास जारी है। विभागों में लगातार निरीक्षण करवाया जा रहा है, साथ ही प्रयास किया जा रहा है कि कहीं ऐसी अव्यवस्था न हो जो इस तरह की घटना का कारण बनें। अब अगर कभी कोई दुर्घटना हो भी जाती है तो उसके कारण से कोई भारी नुकसान विश्वविद्यालय को न हो इसके लिए जेयू यह बीमा करवाने जा रहा है।

लैब में मौजूद हैं लाखाें के उपकरण

जीवाजी विश्वविद्यालय की अध्ययनशालाओं में कई प्रयोगशालाओं में काफी कीमती उपकरण और मशीनरी मौजूद है। इसके साथ ही प्रयाेगशालाओं में कैमीकल और अन्य ऐसे अवयव मौजूद रहते हैं जो ज्वलनशील होते हैं। ऐसे में किसी दुर्घटना में इन उपकरणों को क्षति पहुंचने पर विश्वविद्यालय को उसका खामियाजा नुकसान के तौर पर न भुगतना पड़े इसी बात को ध्यान में रखते हुए प्रबंधन प्रयोगशालाओं को बीमा से सुरक्षित करने जा रहा है।

-विभागों में नहीं रहेंगे खुले तार और बोर्ड

जेयू के कुलसचिव अरुण चौहान के द्वारा सीधे निर्देश जारी किए गए हैं जिसमें परिसर के हर विभाग का निरीक्षण किया जाना तय हुआ है। जाे गुरुवार से शुरू भी हो गया है। विश्वविद्यालय के यंत्री विभाग का दल जेयू की अध्ययनशालाओं में जाकर बोर्ड और खुले तारो का निरीक्षण कर रहा है। दज को यह सुनिश्चित करना होगा कि कहीं कोई भी बोर्ड या तार खुला न रहे जिससे कहीं भी शार्ट सर्किट होने की संभावनाएं बन सकें।