Burhanpur Information: सड़क ऐसी कि एंबुलेंस वाले ने खड़े कर दिए हाथ, घायल को अस्पताल पहुंचाने के लिए करनी पड़ी जुगत

आदिवासी बहुल धूलकोट के फालिया में शुक्रवार दोपहर एक हादसा हो गया। हादसे के बाद घायल को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस बुलाई गई, लेकिन सड़क के आभाव में एंबुलेंस गांव से डेढ़ किमी दूर ही खड़ी हो गई। इसके बाद मरीज को घाट से एंबुलेंस तक पहुंचाना पड़ा।

By Neeraj Pandey

Publish Date: Fri, 28 Jun 2024 05:56:09 PM (IST)

Up to date Date: Fri, 28 Jun 2024 06:33:15 PM (IST)

Burhanpur News: सड़क ऐसी कि एंबुलेंस वाले ने खड़े कर दिए हाथ, घायल को अस्पताल पहुंचाने के लिए करनी पड़ी जुगत
दुर्घटना में गंभीर घायल को खाट पर ले जाते ग्रामीण।

HighLights

  1. आदिवासी बहुल धूलकोट क्षेत्र के गांवों में सड़क का आभाव
  2. बरसात में गर्भवती महिलाओं को भी बैलगाड़ी से पहुंचाते हैं मुख्य मार्ग
  3. हादसे में घायल को एंबुलेंस तक पहुंचाने के लिए करनी पड़ी मशक्कत

नईदुनिया प्रतिनिधि, बुरहानपुर। धूलकोट में शुक्रवार को दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल एक युवक को खाट के सहारे कांधे पर लाद कर मुख्य मार्ग तक लाना पड़ा। तब जाकर घायल को करीब डेढ़ घंटे की देरी से एंबुलेंस द्वारा अस्पताल पहुंचाया जा सका। दरअसल करीब 40 घरों वाला आदिवासी बहुल धूलकोट क्षेत्र का यह फालिया मुख्य मार्ग से करीब डेढ़ किमी दूर है। गांव तक पहुंचने वाला कच्चा मार्ग बरसात के दिनों में बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो जाता है। इससे किसी तरह बाइक और बैलगाड़ी ही निकल सकती हैं।

हादसे के बाद घायल को एंबुलेंस तक पहुंचाना पड़ा

शुक्रवार दोपहर गांव का दित्तू पुत्र वेस्ता गांव के पास ही बाइक फिसलने से गंभीर रूप से घायल हो गया था। सूचना मिलने पर ग्रामीणों ने एंबुलेंस को फोन लगाया। एंबुलेंस तो समय से पहुंच गई, लेकिन मार्ग की हालत देख कर चालक ने वाहन आगे ले जाने से मना कर दिया। बाद में ग्रामीण पास के एक घर से खटिया लाए। घायल दित्तू को उस पर लिटाकर कांधे पर उठाया और मुख्य मार्ग में खड़ी एंबुलेंस तक पहुंचाया।

गांव के भीम सिंह का कहना था कि, बरसात के दिनों में हर साल अन्य मरीजों के साथ ही गर्भवती महिलाओं को भी खाट अथवा बैलगाड़ी के सहारे मुख्य मार्ग तक पहुंचाना पड़ता है। तब जाकर उनकी जान बच पाती है। लगातार मांग उठाने के बावजूद गांव की खराब सड़क को नहीं बनवाया जा रहा है।

कई गावों में एक जैसे हालात

इस तरह की समस्या से जूझ रह एकमात्र फालिया नहीं है। धूलकोट क्षेत्र के करीब आधा दर्जन फालियों की स्थिति कुछ ऐसी ही बताई जा रही है। बरसात के मौसम में कच्चे मार्ग खराब होने से वहां पर एंबुलेंस वाहन नहीं पहुंच पाते। ग्रामीण बताते हैं कि बीते साल पंचायत के माध्यम से इस सड़क को बनवाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन न तो पंचायत के लोग पहुंचे और न ही जिम्मेदार अधिकारी अथवा जनप्रतिनिधियों ने उनकी सुध ली।

कुछ लोगों ने तो यह भी कहा कि नेपानगर क्षेत्र की विधायक मंजू दादू ने चुनाव से पहले सभाओं में खूब वादे किए थे, लेकिन चुनाव जीतने के बाद भोपाल और दिल्ली से ही उन्हें फुर्सत नहीं मिल पा रही।

आपके माध्यम से जानकारी मिली है। क्षेत्र का निरीक्षण कर वस्तु स्थिति देखने के बाद कलेक्टर से पत्राचार कर सड़क निर्माण कराने का प्रयास किया जाएगा।

अजमेर सिंह गौड़, एसडीएम, नेपानगर।