मौसम बदलते ही बढ़ सकता है मच्छरों का प्रकोप, इन उपायों से खुद को रखें सुरक्षित
बरसात में डेंगू और मलेरिया जैसी अनेकों बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाता है। इन बीमारियों से बचने के लिए सचेत एवं जागरूक रहने की आवश्यकता है। इन्हीं दिनों मच्छरों का प्रकोप बढ़ता है। डेंगू के मच्छर साफ पानी में पनपते हैं। इसलिए पानी की टंकी को अच्छी तरह बंद करके रखें।
By Ekta Sharma
Publish Date: Fri, 28 Jun 2024 03:54:12 PM (IST)
Up to date Date: Fri, 28 Jun 2024 03:54:12 PM (IST)

HighLights
- दस दिनों में बारिश अच्छी होने की उम्मीद है।
- फ्लू समेत वायरल बुखार का खतरा बढ़ जाएगा।
- इन बीमारियों से बचाव रखना बहुत जरूरी है।
हेल्थ डेस्क, इंदौर। Mosquito Infestation: मौसम में बदलाव की बयार आ चुकी है। बारिश के साथ ही तापमान कम हो जाता है, तो धूप निकलते ही बढ़ जाता है। उमस ने लोगों का बुरा हाल कर रखा है। ऐसे में लोगों को पानी की कमी भी हो रही है। इन दिनों ओपीडी में डिहाइड्रेशन के मरीज बढ़ रहे हैं। पानी की कमी के कारण हीट स्ट्रोक भी हो रहा है, लेकिन आने वाले दस दिनों में बारिश अच्छी होने की उम्मीद है। इसके साथ ही सर्दी, खांसी और फ्लू समेत वायरल बुखार का खतरा बढ़ जाएगा। साथ ही मच्छर के काटने से डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया और जीका वायरस जैसी बीमारियां भी दस्तक दे सकती हैं। इन बीमारियों से बचाव रखना बहुत जरूरी है।
हर्बल टी और काढ़ा पिएं
मौसम के बदलाव से होने वाले वायरल से बचने के लिए अपनी डाइट हेल्दी रखें। बासा खाना न खाएं। डाइट में विटामिन सी युक्त फलों और सब्जियों का सेवन करें। साथ ही असामान्य तापमान से होने वाले बीमारियों से बचाव के लिए हर्बल टी और काढ़ा पिएं। वहीं मच्छरों से होने वाली बीमारी से बचने के लिए पूरी बाजू के कपड़े पहनें। बचाव के लिए मॉस्किटो रिप्लेंट का प्रयोग करें।
डाॅक्टर से सलाह जरूर लें
घर पर मच्छर भगाने वाले पौधे भी जरूर लगाएं। इसे आप अपनी खिड़की पर भी रख सकते हैं। इससे मच्छर घर में प्रवेश नहीं कर पाएंगे, जिन लोगों को अक्सर मौसम बदलने पर वायरल होता है, वे सतर्क रहें। ऐसे लोग जो डायबिटीज, टीबी, कैंसर से पीड़ित हैं, उन्हें प्रापर दवा लेनी है। सर्दी, जुकाम, बुखार होने पर खुद मेडिकल से दवा लेकर न खाएं। डाॅक्टर को दिखाकर ही दवा लें।
डिसक्लेमर
‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

