Indore Information: बारिश में भरेगा इंदौर की सड़कों पर पानी, क्योंकि 127 किमी की स्टार्म वाटर लाइन डाना भूर गया नगर निगम

इंदौर शहर में पिछले दिनों हुई शुरुआती बारिश में सड़कों पर भरे पाने ने नगर निगम के दावों की पोल खोल दी थी। आगे जब लगातार बारिश का दौर शुरू होगा तब शहरवासियों को फिर परेशानी का सामना करना पड़ेगा। शहर में जगह-जगह सड़कें तो चौड़ी कर दी गई, लेकिन इनमें स्टार्म वाटर लाइन ही नहीं डाली गई।

By Prashant Pandey

Publish Date: Thu, 27 Jun 2024 09:10:53 AM (IST)

Up to date Date: Thu, 27 Jun 2024 09:27:49 AM (IST)

Indore News: बारिश में भरेगा इंदौर की सड़कों पर पानी, क्योंकि 127 किमी की स्टार्म वाटर लाइन डाना भूर गया नगर निगम
सोमवार देर रात हुई वर्षा से कई कालोनियों की सड़कें जल मग्न हो गई थीं। चित्र गुरुकृपा नगर एमआर-9 के पास का।

HighLights

  1. थोड़ी सी बारिश होते ही शहर कई क्षेत्रों में जलजमाव की समस्या खड़ी हो जाती है।
  2. लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है, घरों के अंदर भी पानी घुसने लगता है।
  3. शहर में जहां स्टार्म वाटर लाइनें बिछी हैं, उनकी गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हैं।

Indore Information: नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। बारिश में जलजमाव की समस्या से निपटने के इंदौर नगर निगम मजबूत दावे कर रहा है। हकीकत यह है कि शहर में 127 किमी लंबी सड़कों पर बारिश का पानी निकालने की कोई व्यवस्था नहीं है। नगर निगम ने इन क्षेत्रों में स्टार्म वाटर लाइन डालने का कभी प्रयास ही नहीं किया।

शहर में इन क्षेत्रों में जलजमाव की स्थिति में पानी की निकासी पूरी तरह से भगवान भरोसे है। यही वजह है कि थोड़ी सी बारिश होते ही इन क्षेत्रों में जलजमाव की समस्या खड़ी हो जाती है। लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। जल निकासी नहीं होने से पानी घरों में घुसने लगता है।

हर साल नगर निगम दावा करता है कि शहर में स्टार्म वाटर लाइन डालने के काम में तेजी लाई जाएगी। धरातल पर काम किस तेजी से हो रहा है, इसका अनुमान इस बात से ही लगाया जा सकता है कि 2014 में स्टार्म वाटर लाइन डालने के लिए डीपीआर तैयार होने के बाद से अब तक काम ही पूरा नहीं हुआ।

ऐसा नहीं कि स्टार्म वाटर लाइन की समस्या सिर्फ पुराने शहर में है, नए क्षेत्रों में भी कई क्षेत्र हैं, जहां विकास के नाम पर चौड़ी सड़कें तो बना दी गईं, लेकिन स्टार्म वाटर लाइन नहीं डाली गई।

2014 में तैयार हुई थी इसके लिए डीपीआर

इंदौर की 400 किमी लंबी सड़कों पर स्टार्म वाटर लाइन बिछाने के लिए वर्ष 2014 में डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार की गई थी। योजना के मुताबिक तीन साल में इस काम को पूरा कर लिया जाना था, लेकिन यह काम अब भी अधूरा है।

शहर में 127 किमी लंबी सड़कें ऐसी हैं, जहां स्टार्म वाटर लाइन नहीं बिछाई जा सकी है। जिस गति से शहर में स्टार्म वाटर लाइन बिछाने का काम चल रहा है। आने वाले पांच वर्षों में भी इससे निजात मिलने के आसार नहीं हैं।

नगर निगम स्टार्म वाटर लाइन डालने का ठेका तो दे देता है, लेकिन गुणवत्ता और काम की गति की निगरानी करने का कोई तंत्र विकसित नहीं किया जा सकता है। यही वजह है कि कई जगह स्टार्म वाटर लाइनों के पाइप इतने संकरे हैं कि कई क्षेत्रों में स्टार्म वाटर लाइन होने के बावजूद जलजमाव की समस्या पैदा हो जाती है।

जहां लाइनें बिछाई, वहां की गुणवत्ता भी संदिग्ध

इंदौर नगर निगम शहर में स्टार्म वाटर लाइनें बिछाने की बात तो करता है लेकिन स्टार्म वाटर लाइन की गुणवत्ता जांचने का कोई पैमाना निगम के पास नहीं है। यही वजह है कि कई क्षेत्रों में स्टार्म वाटर लाइन होने के बावजूद वर्षाकाल में जलजमाव की समस्या खड़ी हो रही है।

कुछ दिन पहले ही नगर निगम ने डीआरपी लाइन्स क्षेत्र में स्टार्म वाटर लाइन बिछाई थी, लेकिन दो दिन पहले हुई 50 मिमी वर्षा में ही यह नाकाफी साबित हुई। क्षेत्र में घुटने-घुटने तक पानी जमा हो गया था। वाहन चालक घंटों तक परेशान होते रहे।

27 किमी प्रतिवर्ष की औसत गति से चल रहा है काम

शहर में स्टार्म वाटर लाइन बिछाने का काम पिछले करीब 10 वर्ष से चल रहा है। औसतन प्रतिवर्ष 27 किमी लाइन बिछाई जा रही है। इससे सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है कि 127 किमी सड़कों पर स्टार्म वाटर लाइन बिछाने में कितना समय लगेगा।

पुरानी सड़कों के लिए नहीं है कोई योजना

नगर निगम ने शहर में बनने वाली नई सड़कों के लिए तो स्टार्म वाटर लाइन डालने की अनिवार्यता लागू कर दी, लेकिन शहर के पुराने क्षेत्रों में सड़कों पर स्टार्म वाटर लाइन कैसे बिछाई जाएगी, इसे लेकर कोई योजना निगम के पास नहीं है। कुछ पुराने क्षेत्रों में निगम खुद ही पुरानी सड़कों के किनारे स्टार्म वाटर लाइन बिछा रहा है लेकिन इसकी गति भी अत्यंत कम है।

स्टार्म वाटर लाइनों के चैंबरों का रखरखाव नहीं

नई सड़कों पर स्टार्म वाटर लाइन डालने के साथ-साथ चैंबर भी बनाए जा रहे हैं, लेकिन इनके रखरखाव को लेकर किसी तरह की गंभीरता नहीं बरती जा रही। हालत यह है कि शहर में कई जगह स्टार्म वाटर लाइन चैंबर टूटे-फूटे पड़े हैं तो कहीं इन चैंबरों के आगे गाद जमा है।

ये टूटे-फूटे चैंबर हादसों की वजह भी बन रहे हैं। सप्ताहभर पहले ही चैंबर की वजह से हुई एक दुर्घटना हो चुकी है। नगर निगम ने चैंबरों का रखरखाव देख रही निजी कंपनी पर एक लाख रुपये जुर्माना भी अधिरोपित किया था।

पुराने शहर में है सबसे ज्यादा समस्या

इंदौर शहर के पुराने हिस्से में स्टार्म वाटर लाइन की समस्या ज्यादा विकट है। पुराने शहर की संकरी सड़कों पर इतनी जगह ही नहीं है कि वहां स्टार्म वाटर लाइन के लिए अलग से खोदाई की जा सके। इसके अलावा जिन क्षेत्रों में वर्ष 2010 से पहले सड़कें बनी हैं, वहां भी कई जगह स्टार्म वाटर लाइनें नहीं डाली गई हैं।

काम में तेजी लाने के दिए निर्देश

स्टार्म वाटर लाइन बिछाने के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। इसे जल्द से जल्द पूरा किया जाना है। हमने काम की गुणवत्ता जांचने के भी निर्देश दिए हैं। जिन क्षेत्रों से शिकायतें आ रही हैं, वहां जांच भी करवाई जा रही है। – पुष्यमित्र भार्गव, महापौर, इंदौर

SA vs AFG T20 World Cup: दक्षिण अफ्रीका पहली बार फाइनल में पहुंचा, 53 गेंद में जीता मैच, अफगानिस्तान का शर्मनाक सरेंडर

नई दिल्ली. दक्षिण अफ्रीका टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंच गया है. उसने सेमीफाइनल में आसमानी उम्मीद जगाने वाले अफगानिस्तान को महज 56 रन पर ढेर कर दिया. अपने गेंदबाजों के इस बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत दक्षिण अफ्रीका वर्ल्ड कप इतिहास का अपना सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने में कामयाब रहा. अफ्रीकी बॉलर्स के बाद बैटर्स ने भी अच्छा प्रदर्शन किया. दक्षिण अफ्रीका ने 8.5 ओवर में एक विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया.

दक्षिण अफ्रीका ने टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में पहली बार जगह बनाई है. इससे पहले वह दो बार टी20 वर्ल्ड कप (2009, 2014) के सेमीफाइनल में जरूर पहुंचा था, लेकिन फाइनल में जगह नहीं बना पाया था. टी20 वर्ल्ड कप 2009 के सेमीफाइनल में पाकिस्तान ने दक्षिण अफ्रीका को हराया था. जबकि 2014 में भारत ने उसे फाइनल से पहले ही बाहर कर दिया था.

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भारत या इंग्लैंड से होगा फाइनल मुकाबला
दक्षिण अफ्रीका का फाइनल में भारत या इंग्लैंड से मुकाबला हो सकता है. भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 वर्ल्ड कप का दूसरा सेमीफाइनल खेला जाना है. यह मुकाबला जॉर्जटाउन गयाना में रात 8 बजे (भारतीय समय) से खेला जाएगा.

एक्स्ट्रा से ज्यादा रन नहीं बना सका कोई बैटर 
ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड जैसी टीमों को हराकर सेमीफाइनल में पहुंची अफगानिस्तान ने दक्षिण अफ्रीका से मुकाबले में अपने फैंस को निराश किया. टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी अफगानिस्तान की पूरी टीम 71 गेंद में 56 रन बनाकर ऑलआउट हो गई. अजमतुल्लाह ओमरजई अफगानिस्तान के टॉप स्कोरर रहे. उन्होंने 10 रन बनाए. और कोई बैटर दोहरी रनसंख्या नहीं छू सका. ओपनर रहमानुल्लाह गुरबाज, मोहम्मद नबी और नूर अली तो खाता भी नहीं खोल सके. अफगानिस्तान को अतिरिक्त के रूप में 13 रन मिले.

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यानसेन-शम्सी ने लिए 3-3 विकेट
अफगानिस्तान की ओर से सबसे अधिक विकेट तबरेज शम्सी और मार्को यानसेन ने लिए. इन दोनों ने 3-3 विकेट झटके. शम्सी ने तो महज 11 गेंदों फेंकी और उसी में 3 विकेट ले उड़. मार्को यानसेन ने 16 रन देकर 3 विकेट अपने नाम किए. कैगिसो रबाडा और एनरिक नॉर्किया ने दो-दो विकेट झटके.

67 गेंदें बाकी रहते जीता मैच 
किसी भी टीम के लिए 57 रन का लक्ष्य मुश्किल नहीं होना था. दक्षिण अफ्रीका ने भी आसानी से यह लक्ष्य हासिल कर लिया. उसने 8.5 ओवर में एक विकेट खोकर 60 रन बना लिए. जब अफ्रीका ने मैच जीता तब उसकी पारी के 67 गेंदें फेंकी जानी बाकी थीं. रीजा हेंड्रिक्स 29 और एडेन मार्करम 23 रन बनाकर नाबाद रहे. क्विंटन डिकॉक 5 रन बनाकर आउट हुए. अफगानिस्तान के लिए एकमात्र विकेट फजलहुक फारूकी ने लिया.

Tags: Afghanistan Cricket, Icc T20 world cup, South africa, T20 World Cup

Actress Rimi sen lower off herself from Bollywood and Stars like Salman, Akshay and Ajay Devgn | रिमी सेन बोलीं- बॉलीवुड में बिना गिड़गिड़ाए काम नहीं मिलता: लगातार कॉमेडी फिल्में करके थक गई थी, अजय-अक्षय से भी संपर्क तोड़ लिया

33 मिनट पहले

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‘हंगामा’, ‘धूम’, ‘दीवाने हुए पागल’ और ‘फिर हेरा-फेरी’ जैसी कई हिट फिल्मों में नजर आईं एक्ट्रेस रिमी सेन 13 साल से इंडस्ट्री से गायब हैं।

हाल ही में HT को दिए एक इंटरव्यू में एक्टेस ने इंडस्ट्री से दूर रहने की वजह बताई। उन्होंने कहा कि वो लगातार कॉमेडी फिल्में कर के थक गई थी। रिमी ने यह भी कहा कि बॉलीवुड में जब तक गिड़गिड़ाओ नहीं तब तक काम नहीं मिला।

फिल्म 'फिर हेरा-फेरी' के एक सीन में अक्षय कुमार के साथ रिमी।

फिल्म ‘फिर हेरा-फेरी’ के एक सीन में अक्षय कुमार के साथ रिमी।

मैं ‘जॉनी गद्दार’ जैसी फिल्में करना चाहती थी: रिमी
रिमी ने कहा, ‘मैं कॉमेडी फिल्में कर-करके थक गई थी। मेरे लिए ज्यादा रोल नहीं हुआ करते थे। इस तरह की फिल्मों में मेरा सिर्फ फर्नीचर का रोल होता था।

वहीं ‘हंगामा’ और ‘जॉनी गद्दार’ जैसी कुछ फिल्मों में मेरा अच्छा रोल था तो उसमें ‘जॉनी गद्दार’ चली। मैं वैसा ही काम करना चाहती थी।’

रिमी फिल्म 'क्यों की' में सलमान खान के साथ भी नजर आई थीं।

रिमी फिल्म ‘क्यों की’ में सलमान खान के साथ भी नजर आई थीं।

‘यहां सभी अपना फायदा देखकर मदद करते हैं’
कभी सलमान खान, अक्षय कुमार, अजय देवगन और जॉन अब्राहम जैसे एक्टर्स के साथ काम कर चुकीं रिमी ने बताया कि वो इन एक्टर्स के भी संपर्क में नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं किसी से मदद नहीं मांग सकती। इंडस्ट्री में जब तक गिड़गिड़ाओ नहीं, मदद नहीं मिलती है। दूसरे लोग अपना फायदा क्यों नहीं देखेंगे? कोई किसी की मदद करने के लिए क्यों आगे आएगा?’

रिमी ने 'धूम-2' और 'फिर हेरा-फेरी' जैसी फिल्मों में बिपाशा बसु के साथ काम किया था।

रिमी ने ‘धूम-2’ और ‘फिर हेरा-फेरी’ जैसी फिल्मों में बिपाशा बसु के साथ काम किया था।

‘यहां टैलेंट स्टोर रूम में पड़ा रहता है’
रिमी सेन ने आगे कहा कि वह खुद की मार्केटिंग करने में बिल्कुल भी अच्छी नहीं थीं। वो बोलीं- ‘इस इंडस्ट्री में कुछ ना कुछ दांव लगाना पड़ता है। टैलेंट बाद में आता है। आपको पहले पता होना चाहिए कि लोगों को कैसे संभालना है? वर्ना आपका टैलेंट पड़ा रहेगा स्टोर रूम में। मेरा भी पड़ा रहा क्योंकि खुद का पीआर करना नहीं आता था।’

अब रिमी काफी बदल चुकी हैं। हालांकि, वो भी काफी फिट हैं।

अब रिमी काफी बदल चुकी हैं। हालांकि, वो भी काफी फिट हैं।

रिमी आखिरी बार साल 2011 में रिलीज हुई फिल्म ‘थैंक्यू’ और नाना पाटेकर स्टारर ‘शार्गिद’ में नजर आई थीं। इसके बाद उन्होंने 2016 में फिल्म ‘बुधिया सिंह’ प्रोड्यूस की पर वो भी नहीं चली।

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Bilaspur Information: उपकरण व स्टाफ का अभाव, बिजली की बदत्तर हालत के जिम्मेदार

कई बार कर्मचारियों से क्षमता से अधिक काम लिया जाता है। जिसके कारण वह सुधार करने से कतराते हैं। स्टाफ की इसी कमी की समस्या दूर करने के लिए फ्यूज सुधारने का कार्य ठेके पर दिया गया है। लेकिन, नेहरू नगर मंडल की हालत यह है कि यहां ठेकेदार पूरे कर्मचारी कभी नहीं देता। अधिकारी तक उससे त्रस्त है।

By Shiv Soni

Publish Date: Thu, 27 Jun 2024 07:37:00 AM (IST)

Up to date Date: Thu, 27 Jun 2024 07:37:00 AM (IST)

मंगला में विरोध व नाराजगी के बाद लगाया गया नया ट्रांसफार्मर।

HighLights

  1. ठेकेदार नहीं देता कर्मचारी।
  2. इसलिए फ्यूज भी समय पर नहीं सुधरता।
  3. हर जोन में आठ से 10 कर्मचारियों की कमी

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। शहर में बिजली की बदत्तर हालत के लिए कंपनी खुद जिम्मेदार है। कंपनी सुधार दल को उपकरण तक नहीं देती। आलम यह है कि फ्यूज तार सुधारने के लिए हल्के तारों का इस्तेमाल किया जा रहा है। नियमानुसार कापर का तार लगाना है, जो दल के पास कभी भी उपलब्ध नहीं होता। शहर के किसी भी ट्रांसफार्मर के कट आउट बाक्स में चले जाइए , कही भी कापर तार नजर नहीं आएंगे। इसके चलते सुधार के कुछ देर बार दोबारा फ्यूज उड़ जाता है। कर्मचारी सीढ़ी, टेस्टर, पेचिंग व दस्ताने तक जरुरी सामानों के लिए तरस रही है।

बिजली कंपनी की इसी कार्यशैली को लेकर उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश है। विडंबना की बात यह है कि व्यवस्था सुधारने के लिए जिला प्रशासन व विधायक तक फटकार लगा चुके हैं। इसके बाद भी उन पर असर नहीं पड़। व्यवस्था पहले से ज्यादा बदत्तर हो गई है। मैदानी अमला जब सुधार करने के लिए पहुंचता है तो उनके पास बड़े उपकरण तो दूर ढंग का फ्यूज तार तक नहीं रहता।

यह समस्या अभी हो रही है, ऐसा भी नहीं है। कई महीनों से कर्मचारी उपकरण के अभाव में सुधार कार्य को अंजाम दे रहा है। उपकरण के साथ- साथ स्टाफ की इतनी भारी कमी है कि सूचना के बाद भी अमला समय पर नहीं पहुंच पाता। अधिकारी भी इस कमी को स्वीकार करते हैं। रात में केवल एक या दो गाड़ी स्टाफ को लेकर जहां खराबी आई है, वहां पहुंचती है।

बताया जा रहा है कि ठेकेदार को एक शिफ्ट में चालक के साथ तीन कर्मचारी देना है। स्थिति यह रहती है कि कई बार तो एक शिफ्ट में एक ड्राइवर और एक स्टाफ नजर आते हैं। सबसे विडंबना की बात है कि अधिकारी ठेकेदार पर दबाव नहीं बना पाते। स्टाफ के साथ- साथ वाहन व्यवस्था का भी यही हाल है। नेहरू नगर मंडल में तो फ्यूज सुधारने के लिए कर्मचारी अपने निजी वाहन बाइक से पहुंचते देखे गए हैं।

हर जोन में आठ से 10 कर्मचारियों की कमी

नेहरू नगर की बात करें तो तीन जोन सरकंडा, गोल बाजार व नेहरू नगर है। इन तीनों जगहों में आठ से 10 कर्मचारियों की कमी है। यह कमी पिछले कई सालों से बरकरार है। इसी तरह तोरवा डिवीजन अंतर्गत बसंत बिहार को नया जोन बनाया गया है। यहां 17 का सेटअप है। लेकिन, नौ महीने गुजरने को हैं यहां एक भी स्टाफ नियुक्त नहीं हुए हैं। अभी भी तोरवा के कर्मचारी इस जोन की कमान संभाल रहे हैं।

बिजली बंद, रतजगा, पहले दिन स्कूल जाने से वंचित हुए छात्र

मंगला अलखधाम नगर में मंगलवार की रात डेढ़ बजे बिजली सप्लाई ठप हो गई। सूचना दी गई तब अमला पहुंचा और बिना सुधार के ट्रांसफार्मर खराब होने की बात कहकर लौट गए। बिजली बंद होते ही लोगों की नींद खुल गई। इसके बाद पूरी रात जागकर कर गुजारनी पड़ी। सबसे ज्यादा दिक्कत बच्चों को हुई।

रातजगा के कारण सुबह वह स्कूल जाने से भी वंचित हो गए। इधर लोगों की नाराजगी बढ़ने लगी और अधिकारियों को फोन घनघनाने लगाकार आक्रोश जताया। इसी विरोध का नतीजा है कि शाम चार बजे अमला नया ट्रांसफार्मर लेकर पहुंचा। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद ट्रांसफार्मर लगा, तब जाकर बिजली सप्लाई सुचारू हुई।

दमोह के बांसा तिहरा हत्याकांड के तीन आरोपित गिरफ्तार, कई पहेलियां अभी भी अनसुलझीं

Damoh Crime : पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने बताया कि 24 जून को सामने आई इस घटना में फरियादी राहुल विश्वकर्मा द्वारा रिपोर्ट लेख कराई कि उसके मामा रमेश का पुत्र उमेश विश्वकर्मा एवं ममेरे भाई विकास विश्वकर्मा को आरोपित गोलू उर्फ विजय विश्वकर्मा, राजाबाबू विश्वकर्मा, सजल विश्वकर्मा एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा पिस्टल से गोली मारकर दोनों की हत्या कर दी व फरार हो गए थे।

By Sunil Gautam

Publish Date: Thu, 27 Jun 2024 07:38:50 AM (IST)

Up to date Date: Thu, 27 Jun 2024 07:38:50 AM (IST)

दमोह के बांसा तिहरा हत्याकांड के तीन आरोपित गिरफ्तार, कई पहेलियां अभी भी अनसुलझीं
पुलिस दमोह देहात ने आर्म्स एक्ट का प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया।

HighLights

  1. न्यायालय से आरोपितों की डिमांड पुलिस मांग सकती है।
  2. चौथे आरोपित की तलाश थी पुलिस लगातार कर रही है।
  3. स्वजनों के प्रदर्शन के बाद लगातार मामले में कार्रवाई जारी है।

Damoh Crime : नईदुनिया प्रतिनिधि, दमोह। देहात थाना क्षेत्र के ग्राम बांसा में सोमवार को सामने आये तिहरे हत्याकांड और मंगलवार को स्वजनों के प्रदर्शन के बाद पुलिस लगातार मामले में कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने मामले में दो एफआईआर दर्ज करते हुए प्रारंभिक रूप से बनाए गए चार आरोपितों में से तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों को पूछताछ के बाद न्यायालय में पेश किया जाएगा जहां से आरोपितों की डिमांड पुलिस मांग सकती है, चौथे आरोपित की तलाश थी पुलिस लगातार कर रही है।

पिस्टल से गोली मारकर दोनों की हत्या कर दी व फरार हो गए थे

पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने बताया कि 24 जून को सामने आई इस घटना में फरियादी राहुल विश्वकर्मा द्वारा रिपोर्ट लेख कराई कि उसके मामा रमेश का पुत्र उमेश विश्वकर्मा एवं ममेरे भाई विकास विश्वकर्मा को आरोपित गोलू उर्फ विजय विश्वकर्मा, राजाबाबू विश्वकर्मा, सजल विश्वकर्मा एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा पिस्टल से गोली मारकर दोनों की हत्या कर दी व फरार हो गए थे।

पुलिस दमोह देहात ने आर्म्स एक्ट का प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया

देहात थाना में अपराध धारा 307, 302, 341, 34 ताहि एवं 25/27 आर्म्स एक्ट का प्रकरण पंजीबद्ध किया और फरियादी रवि विश्वकर्मा पुत्र रास गोपाल विश्वकर्मा 54 साल की रिपोर्ट कि उसके भाई रमेश विश्वकर्मा को आरोपित सजल विश्वकर्मा, राजा विश्वकर्मा, राजेन्द्र विश्वकर्मा एवं अन्य द्वारा तलवार से गले व हाथ में कई वार कर एवं गोली मार कर हत्या करते हुए फरार हो हैं। पुलिस दमोह देहात में धारा 307, 302, 341, 34 आईपीसी एवं 25/27 आर्म्स एक्ट का प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

दोनों मामलों में पुलिस ने किया तीन को गिरफ्तार

दोनों मामलों में पुलिस ने चार लोगों राजाबाबू पुत्र लखन विश्वकर्मा 28 साल निवासी बांसा तारखेड़ा, गोलू उर्फ विजय विश्वकर्मा पिता नंद किशोर 43 वर्ष निवासी बांसा तारखेड़ा, राजेन्द्र पिता रामलाल विश्वकर्मा 56 साल निवासी बांसा तारखेड़ा व सजल पिता लखनलाल विश्वकर्मा 22 साल निवासी बांसा तारखेड़ा को आरोपित बनाते हुए पुलिस की टीम गठित कर उनकी पतासाजी में लगाई थी।

आरोपितों के नाम एफआईआर में शामिल किए जाएंगे

पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी के निर्देशन एएसपी संदीप मिश्रा के नेतृत्व में टीमों का नगर पुलिस अधीक्षक दमोह अभिषेक तिवारी द्वारा गठित टीम आरोपितों के मिलने के संभावित स्थानो पर रवाना किया गया। मुखबिर की सूचना एवं तकनीकी साक्ष्य व सायबर सेल टीम की मदद से आरोपितों में से तीन राजाबाबू, विजय और राजेंद्र को गिरफ्तार कर लिया और चौथे आरोपित की तलाश अभी जारी है। पुलिस द्वारा आरोपितों से पूछताछ की जा रही है और पूछताछ व जांच में जो भी तथ्य निकाल कर सामने आएंगे उसके आधार पर और भी आरोपितों के नाम एफआईआर में शामिल किए जाएंगे।

अभी भी कई गुत्थियां अनसुलझींं

ंपुलिस द्वारा आरोपितों की गिरफ्तारी उपरांत उनसे पूछताछ की जा रही है, लेकिन मामले में अभी भी कई अनसुलझे पहलु बाकी है। पुलिस यह स्पष्ट नहीं कर सकी है कि आरोपितों के पास हत्या में प्रयुक्त किए गए हथियार कहां से आए थे। इसके अलावा मौके की सीसीटीवी फुटेज, मौके पर मिला एक कट्टा, आरोपितों के भागने की जगह, उन्हें छिपने में मदद करने वाले लोग, घटना के पूर्व और बाद में वह किसके संपर्क में रहे सहित कई ऐसे महत्वपूर्ण बिंदु है जो फिलहाल अनसुलझे है। माना जा रहा है कि पुलिस जांच के बाद उपरोक्त बिंदुओं के आधार पर संबंधित मामले में अन्य आरोपित बनाए जा सकते है।

32 राउंड से अधिक फायर

दिनदहाड़े जिस तरह से आरोपितों द्वारा तीन हत्याएं की गई उससे यह प्रतीत हो रहा है कि आरोपित इससे भी बड़ी घटना को अंजाम देने के फिराक में थे। पुलिस की माने तो आरोपितों द्वारा 32 राउंड से अधिक फायर पिस्टल से किए गए थे, जिसकी पुष्टि भी मौके पर मिले चले हुए कारतूस, बगैर चले करतूस सहित फायर के निशान से हो रही है। यदि पीड़ित परिवार के दूसरे लोग भागने में सफल नहीं होते तो हो सकता था की और भी कई हत्यायें आरोपितो द्वारा कर दी जाती।

पुलिस समझाइश नहीं आई काम

पुलिस अधीक्षक ने यह भी स्पष्ट किया की घटना की जो वजह निकलकर सामने आ रही है, वह एक माह पूर्व बछड़े पर गाड़ी चलाने को लेकर हुआ विवाद ही है और कोई भी जमीनी विवाद दोनों पक्षों के बीच होना सामने नहीं आया है। एक माह पूर्व हुए विवाद में दोनों पक्षों की एफआईआर और पुलिस प्रशासन को दिए गए आवेदन के बाद दोनों पक्षों पर निषेधात्मक कार्रवाई की गई थी और दोनों पक्षों के आरोपों को लेकर उनको समझाइस और सुलह कराए जाने के प्रयास भी किए जा रहे थे। आरोपित और पीड़ित पक्ष एक ही समाज और परिवार के थे और उनका कोई भी पुराना क्रिमिनल रिकार्ड नहीं था जिसके चलते पुलिस होने वाली घटना का अंदेशा नहीं लगा सकी। बताया यह भी जा रहा है कि घटना में मृत होमगार्ड सैनिक द्वारा सलाह का प्रयास किया जा रहा था और उसके लिए दोनो पक्षों के कुछ लोगों के बीच बात भी हुई लेकिन उसके पहले ही आरोपितों ने बड़ी घटना को अंजाम देने का मन बना लिया था।

कैसे हुई पिस्टल की उपलब्धता

मामले में जो सबसे महत्वपूर्ण पहलू है वह यह है कि आरोपितों के पास हथियारों की उपलब्धता को लेकर है। पुलिस भी यह स्वीकार कर रही है की घटना में प्रयुक्त हथियार सामान्य नहीं थे जिसके चलते ही आरोपित इतनी ज्यादा राउंड फायर कर सके। उल्लेखनीय है कि कुछ समय पूर्व कोतवाली थाना क्षेत्र में भी कलू रैकवार नामक व्यक्ति की इसी तरह दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी जिसमें भी आरोपितों के पास इसी तरह के हथियार होना सामने आया था। ऐसे में अब यह जांच का विषय है कि आखिरकार आरोपितों के पास इस तरह की हथियार कहां से और कौन मुहैया करा रहा है।

1st Semi Ultimate LIVE: फाइनल में पहुंचने के लिए द. अफ्रीका को 57 रन टारगेट, क्या आसानी से हार मान जाएंगे अफगान

टी20 विश्व कप में अब तक अफगानिस्तान का शानदार प्रदर्शन रहा, लेकिन सेमीफाइनल में उसके बल्लेबाज बुरी तरह नाकाम रहे। पारी का उच्चतम स्कोर 10 रन रहा, जो अजमतुल्लाह उमरजई के बल्ले से निकले। मार्को जानसेन और तबरेज शम्सी ने 3-3 विकेट लिए।

By Arvind Dubey

Publish Date: Thu, 27 Jun 2024 07:16:57 AM (IST)

Up to date Date: Thu, 27 Jun 2024 07:41:13 AM (IST)

1st Semi Final LIVE: फाइनल में पहुंचने के लिए द. अफ्रीका को 57 रन टारगेट, क्या आसानी से हार मान जाएंगे अफगान
सलामी बल्लेबाज इब्राहिम जादरान को रबाडा ने क्लीन बोल्ड कर दिया।

HighLights

  1. त्रिनिदाद में खेला जा रहा पहला सेमीफाइनल
  2. अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर की बल्लेबाजी
  3. 9 बल्लेबाज दहाई के अंत तक नहीं पहुंच सके

एजेंसी, त्रिनिदाद (SA vs AFG Dwell Rating)। टी20 विश्व कप का पहला सेमीफाइनल त्रिनिदाद में दक्षिण अफ्रीका और अफगानिस्तान के बीच खेला जा रहा है। अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया।

अफगानिस्तान की बल्लेबाजी निराशाजनक रही। पूरी टीम 56 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह दक्षिण अफ्रीका का टी20 विश्व कप से फाइनल में पहुंचने के लिए 57 रन का टारगेट मिला है।

दक्षिण अफ्रीका की खराब शुरुआत

ताश के पत्तों की तरह ढह गई अफगानिस्तान की पारी

पहले बल्लेबाजी करने उतरी अफगानिस्तान की टीम का कोई बल्लेबाज अफ्रीकी गेंदबाजों के आगे टिक नहीं सका। सलामी बल्लेबाज रहमानुल्लाह गुरबाज पहले ही ओवर में बिना कोई रन बनाए पवेलियन लौट गए।

इसके बाद ‘आया राम – गया राम’ का सिलसिला शुरू हुआ जो पारी खत्म होने पर ही थमा। पारी का सर्वाधिक स्कोर 10 रन रहा, जो अजमतुल्लाह ओमरज़ाई ने बनाए।

इब्राहिम जादरान 2 रन, गुलबदीन नैब 9 रन, मोहम्मद नबी 0 रन , नांगेयालिया 2 रन, करीम जनत 8 रन, कप्तान राशिद खान 8 रन, नूर अहमद 0 रन और नवीन-उल-हक़ 2 रन ही बना सके।

T20 World Cup: अफगानिस्तान ने बनाया सेमीफाइनल का Lowest Whole, 10 रन भी नहीं बना कोई बैटर

नई दिल्ली. आसमानी उम्मीद जगाने वाले अफगानिस्तान ने टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका के सामने बुरी तरह सरेंडर कर दिया. ‘चोकर्स’ के नाम से बदनाम दक्षिण अफ्रीका ने अफगानिस्तान को 56 रन पर ऑलआउट कर दिया. यह क्रिकेट वर्ल्ड कप के किसी भी सेमीफाइनल का सबसे छोटा स्कोर है.

ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड को हराकर सेमीफाइनल में पहुंचे ‘काबुलीवालों’ ने टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में बहुत निराश किया. अफगानिस्तान की टीम दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 80 गेंद भी मैदान पर नहीं टिक सकी. दक्षिण अफ्रीका ने महज 11.5 ओवर यानी 79 गेंद में अफगानिस्तान को ऑलआउट कर दिया.

FIRST PUBLISHED : June 27, 2024, 07:31 IST

She grew to become a sufferer of kid abuse, received cheated in love | एक्ट्रेस सीमा कपूर ने बताई अपनी दर्दनाक कहानी: बोलीं- ‘चाइल्ड एब्यूज झेला, प्यार में धोखा मिला तो सुसाइड के ख्याल आने लगे, 8 फिल्में हुई थीं बंद’

15 मिनट पहलेलेखक: किरण जैन

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90 के दशक की एक्ट्रेस सीमा कपूर ने अपनी निजी जिंदगी में कई उतार-चढ़ाव का सामना किया है। उन्हें चाइल्ड एब्यूज, अकेलापन जैसी कई परेशानियों का सामना करना पड़ा था।

‘बिदाई’, ‘मधुबाला’, ‘कुरुक्षेत्र’, ‘एक हजारों में मेरी बहना है’, ‘हसरतें’ जैसे कई पॉपुलर टीवी शो में सीमा नजर आ चुकी हैं। एक समय उन्होंने शेखर सुमन के साथ 8 से ज्यादा फिल्में भी साइन की थी। वह फिल्में कभी बनी ही नहीं।

दैनिकभास्कर से बातचीत के दौरान, एक्ट्रेस ने अपनी दर्दनाक कहानी बताई…

बचपन में मेरा शोषण हुआ

बचपन से ही मैं बदकिस्मत रही हूं। कुछ चुनिंदा बच्चों को जब देखती थी कि कैसे उनके मां-बाप हिम्मत बनकर उनके लिए खड़े होते थे, उस वक्त मुझे बहुत अकेलापन महसूस होता था। मेरे परिवार का माहौल बहुत खराब था।

6 साल की थी जब मेरे माता-पिता अलग हो गए थे। मैं मां के साथ रहती थी। वो बहुत स्ट्रिक्ट थी। वो मुझे बहुत मारती थीं। मैं चाइल्ड एब्यूज की शिकार थी। 12 साल की उम्र में मैं अपने पिता के साथ रहने चली गई थी। उनसे काफी सपोर्ट मिला। मैंने अपने पिता से बहुत कुछ सीखा भी है। सच्चाई यह भी है कि आज थोड़ी बहुत कामयाबी जो हासिल की, उसी के बदौलत कुछ चुनिंदा लोग मुझसे जुड़े हैं। इसी सोच के साथ जीती हूं- ‘अब जब इस दुनिया में आ ही गई हूं, तो जीना नहीं छोड़ सकती। जब तक जिऊंगी, हार नहीं मानूंगी।’

जब भी दिल टूटता, घर आकर खूब रोती थी

मेरी पर्सनल लाइफ कभी अच्छी नहीं रही है। बुरे वक्त से निकलने के लिए, मैं दिन-रात काम किया करती थीं। एक दिन में 3 से ज्यादा शिफ्ट करती थी ताकि अपनी पर्सनल लाइफ की तरफ फोकस ही ना जाए। 6 साल की उम्र में एक्टिंग शुरू करने वाली बच्ची कब इतनी बड़ी हो गई, समझ ही नहीं आया। रिलेशनशिप में भी कई बार अकेलापन महसूस होता था। जब भी दिल टूटता, घर आकर खूब रोती थी। जब भी प्यार की तलाश में निकलती, अकेलापन ही हासिल होता था। मेरी पर्सनालिटी अब ऐसी हो गई है कि मैं चाहकर भी सबसे बात नहीं कर पाती हूं। ना चाहते हुए भी मैं बहुत रिजर्व हो गई हूं।

बचपन में मां ने पीड़ा दी, टीनएज में धोखा मिला

15 साल की उम्र में मुझे धोखा मिला था। जिससे प्यार किया, वह झूठा निकला। अगर वो किस्सा नहीं होता तो शायद मेरी लाइफ आज ऐसी नहीं होती। मैं बचपन से ही रिग्रेसिव नेचर की रही हूं। उस वक्त भी बहुत टॉर्चर का सामना करना पड़ा था। बार-बार सोचती थी कि मेरी लाइफ ऐसी क्यों है? बचपन में मां ने पीड़ा दी, टीनएज में धोखा मिला। मुझे सुसाइड के ख्याल आने लग गए थे। उम्र बढ़ती गई लेकिन परेशानी खत्म होने का नाम ही लेती थी। वैसे, भगवान को मैंने अपना थेरेपिस्ट मान लिया था। मुझे खुद पर भरोसा था। इसी विश्वास की बदौलत, आगे बढ़ पाई हूं।

शेखर सुमन के साथ 8-10 फिल्में साइन की थी

चंडीगढ़ में एक-दो रीजनल फिल्म करने के बाद, मैं मुंबई आई थी। करियर की शुरुआत में मैंने शेखर सुमन के साथ 8-10 फिल्में साइन की थी। उस वक्त शेखर हिट एक्टर थे। हालांकि, जब उनकी बैक-टू-बैक 2-3 फिल्में फ्लॉप हुई तो लोगों ने उनके साथ काम करना बंद कर दिया। ये मेरे लिए सेटबैक था। जो फिल्में मैंने साइन की थी वो अचानक से बंद हो गई। मैंने टीवी शो के लिए ऑडिशन देना शुरू कर दिया था। मेरा पहला शो ‘किस्मत’ ने मेरी किस्मत बदल दी।

ओम पुरी की एक्स पत्नी (सीमा कपूर) से कंफ्यूज होते है

इंडस्ट्री में लोग मुझे ओम पुरी की एक्स पत्नी (सीमा कपूर) से कंफ्यूज होते हैं। वह फिल्म डायरेक्टर हैं। लोग मुझे डायरेक्टर समझकर, मुझसे रोल मांगने के लिए कॉल करते है। मैं थक जाती हूं अपनी असली पहचान बताकर। सच्चाई यह है कि मैं कभी ओम पुरी से मिली तक नहीं हूं। लोगों ने मेरी उनसे शादी भी करवा दी और तलाक भी।

मुझे हीरो/ हीरोइन के मां के रोल के लिए ही कॉल आते हैं

प्रोफेशनल लाइफ में मैं खुद को खुशकिस्मत मानती हूं। 35 साल के अपने करियर में मुझे कभी काम की कमी नहीं हुई है। बल्कि, अब काम को लेकर थोड़ी चूजी हो गई हूं। इसकी वजह है एक जैसा रोल ऑफर होना। मुझे हीरो/हीरोइन के मां के रोल के लिए ही कॉल आते हैं। मेरा उनसे सवाल होता है कि इसमें क्या अलग होगा? मुझे कुछ चुनौतीपूर्ण करने को मिलेगा? जिसका कोई जवाब नहीं होता है। अब मैं ऐसा किरदार निभाना चाहती हूं जिसमें अलग-अलग शेड्स हो। एक किरदार में मुझे अलग-अलग इमोशन एक्सप्लोर करने को मिले।

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Mungeli Information : मवेशी बाजार की वसूली की राशि गबन, मुख्य आरोपित गिरफ्तार

मवेशी बाजार की वसूली की गबन के मुख्य आरोपित को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। ज्ञात हो नईदुनिया ने मवेशी बाजार में वसूली की गड़बड़ी को प्रमुखता से प्रकाशित की थी जिस पर अधिकारियों ने जांच आदेश दिए। मामले में मुख्य आरोपित रामकुमार महिलांग को गिरफ्तार कर जेल दाखिल किया गया।

By Yogeshwar Sharma

Publish Date: Thu, 27 Jun 2024 12:21:03 AM (IST)

Up to date Date: Thu, 27 Jun 2024 12:21:03 AM (IST)

HighLights

  1. नगर पालिका परिषद से प्राप्त दस्तावेज से मिली जानकारी
  2. आरोपित को गिरफ्तार कर जेल दाखिल किया गया
  3. नगर पालिका के अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए थे

नईदुनिया न्यूज, मुंगेली : मवेशी बाजार की वसूली की गबन के मुख्य आरोपित को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। ज्ञात हो नईदुनिया ने मवेशी बाजार में वसूली की गड़बड़ी को प्रमुखता से प्रकाशित की थी जिस पर अधिकारियों ने जांच आदेश दिए। मामले में मुख्य आरोपित रामकुमार महिलांग को गिरफ्तार कर जेल दाखिल किया गया।

जानकारी के अनुसार प्रार्थी अनिल कुमार तबोली पिता किशोर तंबोली (45) निवासी सरदार पटेल वार्ड ने लिखित आवेदन पेश कर रिपोर्ट दर्ज कराया कि 13 मार्च 2023 से 10 अगस्त .2023 तक नगर पालिका परिषद मुंगेली के अधिकारियों, कर्मचारियों व अन्य द्वारा सप्ताहिक मवेशी बाजार में होने वाले आय की गबन की गई है। प्रार्थी की रिपोर्ट पर धारा 420 ,408, 34 पंजीबद्ध कर सिटी कोतवाली पुलिस विवेचना में ली। मामले में विवेचना के दौरान प्रार्थी गवाहों के कथन के बाद मौका नक्शा तैयार किया गया। मवेशी बाजार में खरीदी बिक्री करने वाले गवाहों से पूछताछ कर बयान लिया गया तथा उनके पेश करने पर विभिन्न तिथियों में मवेशी खरीदी बिक्री के लिए नगर पालिका परिषद द्वारा जारी पशु पंजीयन फीस वसूली का मूल रसीद जप्त किया गया। मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर पालिका परिषद मुंगेली से मवेशी बाजार में फीस वसूली करने वाले अधिकारी, कर्मचारियों की जानकारी प्राप्त कर नगर पालिका परिषद के कैशियर से पूछताछ कर बयान लिया गया तथा उनके पेश करने पर दो नग कैश बुक एवं मूल रसीद वितरण, रजिस्टर गवाहों के समक्ष जब्त कर कब्जा में लिया गया है। मामले में वसूलीकर्ता रामकुमार महिलांग के पेश करने पर मवेशी फीस वसूली रजिस्टर जब्त किया गया। जब्त मूल रसीद एवं फीस वसूली रजिस्टर के राशि में अंतर पाए जाने पर तथा लोकसेवक द्वारा रसीद बुक में कूटरचना कर राशि गबन पाए जाने पर मामले में धारा 409.467.468.471 जोड़ी गई। इसके बाद आरोपित रामकुमार महिलांग को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तथा कथन के आधार पर उसके पेश करने पर जारी रसीद बुक कुल 29 नग प्रतिपर्ण मुताबिक जब्ती पत्रक को जब्त कर कब्जा में लिया गया है।

आरोपित द्वारा मवेशी बाजार में वसूली मूल रसीद बुक 35 नग में कुल 24,53,730 रुपये वसूली की गई है। उक्त वसूली रकम में से 15,57,730 रुपये को नगर पालिका परिषद मुंगेली के कैश बुक अनुसार जमा किया गया है। शेष राशि को आठ लाख 96 हजार रुपये को गबन के अपराध सबूत पाये जाने से आरोपित को 25 जून को गिफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया गया। जहां से आरोपित को जेल दाखिल किया गया। आरोपित को पकड़ने वाली पुलिस टीम में में थाना प्रभारी तेजनाथ सिंह, जीएस यादव, मनोज सिंह ठाकुर, भुवन चतुर्वेदी, प्रमोद वर्मा. आर. मनोज टंडन, टेकसिंह, शीशी गंधर्व, जलेश्वर,कश्यप, बबीता श्रीवास शामिल रहे।

Janjgir-champa Information : आपातकाल लोकतंत्र की हत्या का कुत्सित प्रयास

भाजपा द्वारा मीसाबंदियों का सम्मान किया गया और 25 जून को काला दिवस के रूप में मनाया गया।जिला भाजपा अध्यक्ष कृष्णकांत चंद्रा ने कहा कि 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपनी सरकार बचाने आपात काल लगाया । पूरे भारत में लोगों को जेल में डाला गया । इंदिरा गांधी ने लोकतंत्र की हत्या की और इसकी सारी मर्यादा तोड़ दी। प्रेस पर प्रतिबंध लगाया गया

By komal Shukla

Publish Date: Thu, 27 Jun 2024 12:21:22 AM (IST)

Up to date Date: Thu, 27 Jun 2024 12:21:22 AM (IST)

Janjgir-champa News : आपातकाल लोकतंत्र की हत्या का कुत्सित प्रयास

नईदुनिया न्यूज, सक्ती: भाजपा द्वारा मीसाबंदियों का सम्मान किया गया और 25 जून को काला दिवस के रूप में मनाया गया।जिला भाजपा अध्यक्ष कृष्णकांत चंद्रा ने कहा कि 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपनी सरकार बचाने आपात काल लगाया । पूरे भारत में लोगों को जेल में डाला गया । इंदिरा गांधी ने लोकतंत्र की हत्या की और इसकी सारी मर्यादा तोड़ दी। प्रेस पर प्रतिबंध लगाया गया , प्रेस की बिजली काट दी गई । जिससे लोगों तक समाचार न जा पाए । मुख्य अतिथि बेलतरा के पूर्व विधायक रजनीश सिंह ने कहा कि कांग्रेस द्वारा सत्ता बरकरार रखने के लिए असंवैधानिक तरीकों का इस्तेमाल किया गया। 1975 में इंदिरा गांधी ने लोकतंत्र की हत्या में मर्यादा की सारी हदें पार कर दी।

1971 के चुनाव में एक ओर जहां चुनावी हिंसा के माध्यम से मतदाताओं को डराया गया वहीं दूसरी ओर मीडिया का गला घोटकर जनता में झूठ फैलाकर खौफ पैदा करने का षड्यंत्र किया गया। 49 वर्षों के बाद हम आपातकाल को इसलिए याद कर रहे हैं क्योंकि आज भी कांग्रेस की नीति में संविधान और उसके सिद्धांतों के प्रति सम्मान की कमी हैं। उन्होंने बताया कि 1971 के चुनाव में इंदिरा गांधी के भ्रष्ट प्रयासों के आधार पर चुनाव परिणाम को इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा रद्द कर दिया था। 25 जून 1975 की आधी रात में मंत्री परिषद को सूचित किए बिना राष्ट्रपति को आपातकाल की घोषणा पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया गया।

अटल बिहारी वाजपेई, राजनाथ सिंह, जय प्रकाश नारायण जैसे विपक्षी नेताओं को तुरंत जेल में डाल दिया गया। 14 लाख लोगों को गिरफ्तार किया गया। जिसमें 22 लोगों की हिरासत में मौत हो गई। उन्होंने ने बताया कि 1976 में संजय गांधी ने नसबंदी अभियान की शुरुआत की, मुख्यमंत्रियो को नसबंदी के लक्ष्य सौंपे गए, जबरन परिवार नियोजन का विरोध करने वालों को गिरफ्तार किया गया। लोगों को पकड़- पकड़ कर जबरन नसबंदी की गई। इस दौरान मीसाबंदी व उनके स्वजन का सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री घनश्याम साहू ने किया। इस दौरान कार्यक्रम प्रभारी भुवन भास्कर यादव दीपक गुप्ता और भाजपा व भाजयुमोकार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

इनका हुआ सम्मान

स्व. किशोरी लाल के पुत्र अनूप अग्रवाल, गोपाल शर्मा, शांति बाई चंद्रा ,आंगन बाई चंद्रा ,कोमल बाई चंद्रा ,यशोदा बाई चंद्रा ,महादेव चंद्रा, स्वाति बाई साहू ,लीला बाई चंद्रा, धन बाई चंद्रा ,रमेश सिंघानिया ,राधेश्याम शर्मा ,गोवर्धन शर्मा ,नंद लाल साहू ,रामभरोस चंद्रा ,कमलेश शर्मा सहित मीसाबंदियों व उनके स्वजन का साल व श्रीफल से सम्मान किया गया। इस दौरान मीसाबंदियों ने जेल में दी गई यातना की जानकारी दी और उस दिन को याद कर कहा कि किसी के साथ इस तरह की जादती न हो।