Shilpa and Raj accused of fraud in gold scheme, advocate gave assertion | गोल्ड स्कीम में शिल्पा-राज पर लगे धोखाधड़ी के आरोप: वकील ने बयान में कहा- मेरे मुवक्किलों ने कोई अपराध नहीं किया, 90 लाख रुपए दिए जा चुके हैं

8 घंटे पहले

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शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा से जुड़े विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। कपल पर आरोप हैं कि उन्होंने गोल्ड स्कीम के नाम पर एक व्यापारी से 90 लाख रुपए की धोखाधड़ी की है। अब इस मामले में शिल्पा-राज के वकील का ऑफिशियल बयान सामने आया है। बयान के अनुसार, शिल्पा-राज ने व्यापारी के 90 लाख रुपए पहले ही चुका दिए हैं और पुलिस को इसके सभी सबूत भी दे दिए हैं। पुलिस ने जांच बंद कर दी थी, हालांकि शिकायतकर्ता ने प्राइवेट कंप्लेंट फाइल की है, जिसके चलते कोर्ट ने दोबारा केस की जांच के निर्देश दिए हैं।

शिल्पा शेट्टी और राज के वकील प्रशांत पाटिल ने एक ऑफिशियल स्टेटमेंट में कहा है, शिकायतकर्ता ने मेरे मुवक्किलों राज कुंद्रा और शिल्पा के खिलाफ 2022 में क्रिमिनल कंप्लेंट की थी। साल 2022 में इस मामले की जांच हुई थी। जांच में पाया गया था कि शिल्पा और राज ने लीगल तरीके से शिकायतकर्ता को उसके 90 लाख रुपए चुका दिए थे। भुगतान से जुड़े सभी दस्तावेज मेरे मुवक्किलों ने पुलिस को सौंपे थे। सच्चाई जानने के बाद पुलिस ने मेरे क्लाइंट्स के साथ न्याय किया था।

पूछताछ के बाद शिकायतकर्ता ने CRPC की धारा 156 (3) के तहत माननीय न्यायालय में एक प्राइवेट कंप्लेंट की थी। 2 साल के बीतने के बाद माननीय न्यायालय ने पुलिस को केस की दोबारा जांच करने के आदेश दिए हैं। हमें न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा है। आगे वकील ने कहा है, सच्चाई की जीत होगी। मेरे मुवक्किलों ने कोई अपराध नहीं किया है और इसे दस्तावेजों के जरिए साबित किया गया है।

क्या है पूरा मामला?

साल 2022 में पृथ्वीराज सरेमल कोठारी ने शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। उनका आरोप था कि 2014 की गोल्ड स्कीम के जरिए उन्होंने पैसे ठगे हैं। स्कीम के तहत ग्राहकों को डिस्काउंट रेट पर शुरुआती पेमेंट करनी होगी और एक तय समय में उन्हें सोना दिया जाएगा। व्यापारी ने भी इस स्कीम में निवेश किया था, हालांकि उनका आरोप है कि उन्हें वादे के अनुसार मुनाफा नहीं मिला है।

Bhopal Information: बाल अपचारियों को ही नहीं अब व्यस्कों को भी सुनाई जाएगी सामुदायिक सेवा की सजा

धारा 356 के अनुसार अगर कोई व्यक्ति बोलकर, लिखकर, इशारे से या किसी भी तरीके से दूसरे व्यक्ति की प्रतिष्ठा और सम्मान को ठेस पहुंचाता है तो मानहानि के कुछ मामलों में दोषी को 2 साल तक की जेल या जुर्माना या दोनों या कम्युनिटी सर्विस की सजा दी जा सकती है।

By Praveen Malviya

Publish Date: Thu, 27 Jun 2024 04:48:04 PM (IST)

Up to date Date: Thu, 27 Jun 2024 04:48:04 PM (IST)

HighLights

  1. मानहानि के साधारण मामलों में दी जा सकेगी सामुदायिक सेवा की सजा
  2. भारतीय न्याय संहिता में दो से 12 महीने तक सामुदायिक सजा का प्रविधान
  3. पांच हजार से कम की चोरी, नशा वाले भी सामुदायिक सेवा की सजा

अजय गुप्ता, भोपाल। अब तक बाल अपचारियों के छोटे अपराधों में सामुदायिक सेवा की सजा सुनाती थीं। लेकिन अब बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) में व्यस्कों द्वारा किए जाने वाले छोटे अपराधों के लिए भी ऐसा प्रविधान किया गया है। बीएनएस में एक नई सजा सामुदायिक सेवा (कम्युनिटी सर्विस) को बकायदा दंड के रूप में शामिल किया गया है।

एक जुलाई से लागू होने जा रही नई सहिता बीएनएस में धारा 4(च) में ” सामुदायिक सेवा की सजा जोड़ी गई है।भूतपूर्व न्यायाधीश अनिल ठाकरे की माने तो इसके पीछे जेलों में कैदियों की संख्या में कमी लाना और छोटे अपराध सुधार का मौका देना भी एक उद्देश्य है। इसलिए सामुदायिक सेवा की सजा को कानूनी दर्जा दिया गया है।

नई संहिता की धारा 23 में सामुदायिक सेवा की सजा को परिभाषित कर लिखा गया है कि न्यायालय किसी दोषी को सामुदायिक सेवा की सजा भुगतने का आदेश दे सकता है। जिससे लोगों को लाभ है। इस सजा में दोषी को कोई मेहनताना नहीं मिलेगा। सामुदायिक सेवा में किसी स्वयंसेवी संस्था के लिए काम करना, किसी सामुदायिक संस्था के साथ काम करना, साफ-सफाई करना, सार्वजनिक स्थान से कचरा उठाना या फिर कुछ ऐसा काम करना जिससे जनता की भलाई हो सके।

पांच हजार से कम की चोरी पर दी जा सकेगी सामुदायिक सेवा की सजा

पांच हजार रुपये से कम कीमत की संपत्ति की चोरी करने पर अगर किसी को पहली बार दोषी ठहराया जाता है तो संपत्ति लौटाने पर उसे सुधरने का मौका देते हुए न्यायाधीश सामुदायिक सेवा की सजा दे सकता है।

इसी तरह यदि कोई व्यक्ति नशे की हालत में सार्वजनिक स्थान पर हुड़दंग मचाता है तो ऐसा करने पर उसे 24 घंटे की जेल या एक हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों या फिर सामुदायिक सेवा की सजा मिल सकती है।

धारा 202 में कोई भी सरकारी सेवक किसी तरह के कारोबार में शामिल नहीं हो सकता. अगर वो ऐसा करते हुए दोषी पाया जाता है तो उसे 1 साल की जेल या जुर्माना या दोनों की सजा या फिर कम्युनिटी सर्विस करने की सजा मिल सकती है।

धारा 209: न्यायालय के समन पर अगर कोई आरोपी या व्यक्ति पेश नहीं होता है तो अदालत उसे तीन साल तक की जेल या जुर्माना या दोनों की सजा या कम्युनिटी सर्विस की सजा सुना सकती है।

धारा 226 में अगर कोई व्यक्ति किसी सरकारी सेवक की काम में बाधा डालने के मकसद से आत्महत्या की कोशिश करता है तो एक साल तक की जेल या जुर्माना या दोनों या फिर कम्युनिटी सर्विस की सजा दी जा सकती है।

कितने समय की होगी ये सजा

भारतीय न्याय संहिता के मुताबिक, अगर किसी अपराध में जुर्माना या सामुदायिक सेवा की सजा का प्रावधान है तो जुर्माना न देने पर सामुदायिक सेवा की सजा दी जाएगी। अगर जुर्माने की रकम पांच हजार है तो दो महीने सेवा करनी होगी, 10 हजार का जुर्माना होने पर चार महीने सामुदायिक सेवा करना होगा। कुछ मामलों ऐसे भी है जिनमें एक साल तक सामुदायिक सेवा करने की सजा भी हो सकती है।

NEET Paper Leak: नीट पेपर लीक केस में सीबीआई का एक्शन, पटना से दो गिरफ्तार, छात्रों के लिए प्ले स्कूल बुक कराया था

NEET Paper Leak: नीट पेपर लीक के मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो की टीमें जांच में जुटी हैं। बिहार में सीबीआई ने गुरुवार को स्कूल का कमरा बुक करने वाले मनीष प्रकाश और आशुतोष को अरेस्ट किया। पेपर लीक के दो आरोपी बलदेव कुमार और मुकेश कुमार रिमांड पर हैं।

By Kushagra Valuskar

Publish Date: Thu, 27 Jun 2024 04:30:05 PM (IST)

Up to date Date: Thu, 27 Jun 2024 04:57:17 PM (IST)

NEET Paper Leak: नीट पेपर लीक केस में सीबीआई का एक्शन, पटना से दो गिरफ्तार, छात्रों के लिए प्ले स्कूल बुक कराया था
नीट धांधली में सीबीआई की जांच तेज।

HighLights

  1. पटना से मनीष प्रकाश और आशुतोष गिरफ्तार।
  2. पटना के प्ले स्कूल से जले प्रश्न पत्र मिले थे।
  3. अभ्यर्थियों के लिए स्कूल बुक कराया था।

एएनआई, नई दिल्ली। NEET Paper Leak: नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने एक्शन लेना शुरू कर दिया है। गुरुवार को सीबीआई ने पटना से दो आरोपी मनीष प्रकाश और आशुतोष को गिरफ्तार किया। दोनों ने पटना में प्ले एंड लर्न स्कूल को रात भर के लिए बुक किया था।

इसी स्कूल में छात्रों को आंसर याद करवाया गया था। यहां से जले प्रश्न पत्र मिले थे। जांच एजेंसी बीते दो दिनों से 11 लोगों से पूछताछ कर रही है। सीबीआई ने बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई से 26 जून को केस अपने पास लिया था। अब तक पांच प्रदेशों में पुलिस ने 27 लोगों को अरेस्ट किया है।

पेपर लीक के दो आरोपी रिमांड पर

पेपर लीक के दो अन्य आरोपी बलदेव कुमार उर्फ चिंटू और मुकेश कुमार सीबीआई की 8 दिन की रिमांड पर है। गुरुवार को जांच एजेंसी ने दोनों का मेडिकल चेकअप कराया। सीबीआई ने बुधवार को बलदेव और मुकेश को अदालत में पेश किया था।

बलदेव कुमार नीट पेपर लीक के मास्टरमाइंड संजीव मुखिया का नातेदार है। दावा है कि पेपर बलदेव के मोबाइल पर आया था। जबकि मुकेश अभ्यर्थियों को स्कूल लेकर गया था, जहां जवाब बताए गए थे।

स्कूल प्रिंसिपल और कूरियर कंपनी का कर्मचारी गिरफ्तार

सीबीआई ने झारखंड के हजारीबाग में ओएसिस स्कूल के प्रिंसिपल एहसान उल हक और कूरियर कंपनी के कर्मी से छह घंटे तक पूछताछ की। एग्जाम के दिन सेंटर पर रहे चार इन्विजिलेटर्स, एनटीए के दो पर्यवेक्षकों, दो डिप्टी सुपरिटेंडेंट्स से भी पूछताछ की गई। पूछताछ में प्रिंसिपल की भूमिका संदिग्ध मिली है।

Ind vs Eng Semi Remaining, Rain forecast: कैसा है गुयाना का मौसम, पिछले 24 घंटे में बारिश का हाल, मैच हो पाएगा या नहीं

नई दिल्ली. भारत और इंग्लैंड के बीच आज रात खेले जाने वाले आईसीसी टी20 विश्व कप सेमीफाइनल पर दुनियाभर की नजर है. भारतीय टीम ने पिछली बार भी सेमीफाइनल में जगह बनाई थी और इंग्लैंड ने उसे हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया था. इस बार रोहित शर्मा की टीम पहले से बेहतर है और इसका फॉर्म इंग्लैंड की टीम से अच्छी. भारत को सेमीफाइनल जीतने का दावेदार माना जा रहा है. इस मैच पर बारिश का साया है लेकिन अच्छी बात यह है कि पिछले 24 घंटे में बारिश नहीं हुआ है.

आईसीसी टी20 विश्व कप में भारत और इंग्लैंड की टीमों के बीच सेमीफाइनल मुकाबला खेला जाएगा. पहले सेमीफाइनल मुकाबले में साउथ अफ्रीका की टीम ने अफगानिस्तान के खिलाफ एकतरफा जीत हासिल करते हुए पहली बार टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई. भारतीय टीम के खिलाफ इंग्लैंड के मैच में अगर बारिश हुई तो वह बाहर हो जाएगी. भारत अंक तालिका में इंग्लैंड से बेहतर स्थिति में था और मैच रद्द होने पर भारतीय टीम को फाइनल का टिकट मिल जाएगा. खैर ये सारी बातें को हुई मैच के होने या ना होने पर तो हम आपको पिछले 24 घंटे में बारिश का हाल बता देते हैं.

UNSC की ओपन डिबेट में पाकिस्तान ने उठाया था कश्मीर मुद्दा, भारत के जवाब ने कर दी बोलती बंद

अंतरराष्ट्रीय मंचों से कश्मीर का मुद्दा उठाने की पाकिस्तान की पुरानी फितरत रही है। ताजा घटनाक्रम के तहत UNSC में जब ‘बच्चे और सशस्त्र संघर्ष’ विषय पर चर्चा चल रही थी, तब भी पाकिस्तान ने एक रिपोर्ट का हवाला देकर कश्मीर में बच्चों की स्थिति पर झूठ फैलाने का प्रयास किया।

By Arvind Dubey

Publish Date: Thu, 27 Jun 2024 03:24:41 PM (IST)

Up to date Date: Thu, 27 Jun 2024 03:28:54 PM (IST)

UNSC की ओपन डिबेट में पाकिस्तान ने उठाया था कश्मीर मुद्दा, भारत के जवाब ने कर दी बोलती बंद
संयुक्त राष्ट्र में भारत के उप प्रतिनिधि आर. रवींद्र

HighLights

  1. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का मामला
  2. बच्चों की स्थिति पर हो रही थी चर्चा
  3. पाकिस्तान ने भारत पर लगाए आरोप

एजेंसी, न्यूयॉर्क। पाकिस्तान ने एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र के मंच पर कश्मीर मुद्दा उठाया। इस बार भी भारत ने जवाब देकर बोलती बंद कर दी। भारत का साफ कहना है कि पाकिस्तान राजनीति से प्रेरित होकर बार-बार ऐसा कर रहा है।

क्या कहा था पाकिस्तान ने

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में ‘बच्चे और सशस्त्र संघर्ष’ विषय पर ओपन डिबेट रखी गई थी। इसी दौरान संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के प्रतिनिधि ने जम्मू-कश्मीर में बच्चों की स्थिति पर प्रकाशित एक कथित रिपोर्ट का हवाला देते हुए भारत पर आरोप लगाए।

भारत ने दिया यह जवाब

भारत ने जम्मू-कश्मीर पर पाकिस्तान की टिप्पणियों को ‘निराधार’ और ‘राजनीति से प्रेरित’ बताते हुए आलोचना की। संयुक्त राष्ट्र में भारत के उप प्रतिनिधि आर. रवींद्र ने कहा, पाकिस्तान में बच्चों की हालत खराब है। उनके अधिकारों और मूलभूत आवश्यकताओं को दरकिनार किया जा रहा है। इस स्थिति से ध्यान भटकाने के लिए पाकिस्तान ने कश्मीर का जिक्र किया है। ऐसा करना पाकिस्तान की आदत रही है।

रवींद्र ने आगे कहा कि जहां तक ​​​​जम्मू और कश्मीर का सवाल है, यह हमेशा भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा रहेगा, भले ही पाकिस्तान कुछ भी मानता या कहता रहे। संयुक्त राष्ट्र सहित सभी देश भारत के इस रुख से वाकिफ है।

Quant Mutual Fund: सेबी की जांच से घबराएं नहीं निवेशक, इन बातों का रखें ध्यान

बाजार नियामक सेबी द्वारा क्‍वांट म्‍यूचुअल फंड के खिलाफ जांच शुरू की जा चुकी है। सेबी की कार्रवाई के बाद से ही क्‍वांट म्‍यूचुअल फंड में पैसा लगाने वाले निवेशक चिंतित हो रहे हैं। कुछ ने फंड से पैसा निकालना भी शुरू कर दिया है। लेकिन ऐसे में घबराने की जगह सिर्फ कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।

By Ekta Sharma

Publish Date: Thu, 27 Jun 2024 03:26:40 PM (IST)

Up to date Date: Thu, 27 Jun 2024 03:31:16 PM (IST)

क्वांट म्यूचुअल फंड (प्रतीकात्मक तस्वीर)

HighLights

  1. सेबी निवेशकों का हित बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाता है।
  2. आम निवेशकों को नुकसान नहीं हो, इसका खास ध्यान रखा जाता है।
  3. अलग-अलग फंडों को चुने और पैसा बांट कर लगाएं।

बिजनेस डेस्क, इंदौर। Quant Mutual Fund: सुमित सिंह मोंगिया चार्टर्ड अकाउंटेंट के मुताबिक, सेबी ने हाल ही में कुछ फंड हाउस की जांच शुरू की है। फ्रंट रनिंग के आरोपों के बाद जांच शुरू हुई है। फिलहाल क्वांट ग्रुप जांच के दायरे में है। इससे पहले कुछ दूसरे म्यूचुअल फंड हाउसों की भी जांच हो चुकी है। ऐसी खबरों से म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले निवेशक परेशान हो जाते हैं। फ्रंट रनिंग से मतलब है कि फंड मैनेज करने वाले समूह से जुड़ा कोई व्यक्ति अंदरूनी जानकारी का लाभ उठाते हुए, उसे अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करता है। यह म्यूचुअल फंड बीते वर्षों में तेजी से रिटर्न देने वाला बना हुआ है।

जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लें

इससे आम निवेशकों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। सेबी निवेशकों का हित बनाए रखने और बाजार को निष्पक्ष बनाए रखने के लिए तमाम जरूरी कदम उठाता है। ऐसे में आम निवेशकों को इसका नुकसान नहीं हो, इसका भी खास ध्यान रखा जाता है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी या घबराहट में कोई निर्णय नहीं लेना चाहिए। हमेशा अपने निवेश को डायवर्सिफाई करें। अलग-अलग माध्यमों को तो चुने ही। यदि आप म्यूचुअल फंड में भी पैसा लगाते हैं, तो पूरी पूंजी एक ही फंड में न लगाएं।

सुरक्षित माध्यम है म्यूचुअल फंड

अलग-अलग फंडों को चुने और पैसा बांट कर लगाएं। इससे आपका जोखिम भी कम होगा और लाभ वृद्धि को विस्तार देने में भी मदद मिलेगी। आम निवेशकों को लिए म्यूचुअल फंड हमेशा से सुरक्षित माध्यम माने जाते हैं। याद रखिए निवेश वही बेहतर हो सकता है, जो महंगाई की दर से मुकाबला कर सके। ऐसे में बैंक के जमा, एफडीआर आदि को निवेश नहीं कह सकते।

The actress suffered a extreme leg damage; the accident occurred on the set of the Hollywood movie ‘The Bluff’ | प्रियंका चोपड़ा हुईं जख्मी: एक्ट्रेस के पैर में लगी गहरी चोट, हॉलीवुड फिल्म ‘द ब्लफ’ के सेट पर हुआ हादसा

58 मिनट पहले

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प्रियंका चोपड़ा ने अपनी कुछ लेटेस्ट फोटो और वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किए हैं जिसमें वो बुरी तरह चोटिल दिखाई दे रही हैं। प्रियंका इन दिनों अपनी अपकमिंग हॉलीवुड फिल्म ‘द ब्लफ’ की शूटिंग कर रही हैं। इसी फिल्म के सेट पर उन्हें चोट लग गई है। प्रियंका को जख्मी देख उनके फैंस दुखी हो रहे हैं।

प्रियंका चोपड़ा ने शेयर की तस्वीर।

प्रियंका चोपड़ा ने शेयर की तस्वीर।

प्रियंका ने अपने पति निक जोनस, बेटी मालती मैरी और मां मधु चोपड़ा के साथ भी तस्वीरें शेयर की है। पहली तस्वीर में वो पति निक जोनस को पकड़े नजर आ रही हैं। बाकी की तस्वीरों और वीडियोज में प्रियंका अपने फ्रेंड्स, बेटी मालती और परिवार के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करती दिखाई दे रही हैं। निक-प्रियंका की तस्वीरें बेहद रोमांटिक हैं।

पति निक जोनस के साथ प्रियंका चोपड़ा।

पति निक जोनस के साथ प्रियंका चोपड़ा।

निक जोनस और बेटी मालती।

निक जोनस और बेटी मालती।

दोस्तों के साथ प्रियंका और निक।

दोस्तों के साथ प्रियंका और निक।

प्रियंका चोपड़ा की मां मधु चोपड़ा।

प्रियंका चोपड़ा की मां मधु चोपड़ा।

प्रियंका ने एक वीडियो भी शेयर किया है जिसमें उनके पैरों पर बहुत चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में प्रियंका के पैरों पर लहसुन की कलियां रगड़ी जा रही हैं ताकी उन्हें दर्द और सूजन से आराम मिल सके।

इससे पहले भी प्रियंका को लग चुकी है चोट

कुछ दिन पहले प्रियंका ने शेयर की थी चोट की तस्वीर।

कुछ दिन पहले प्रियंका ने शेयर की थी चोट की तस्वीर।

कार्ल अर्बन के अपोजिट नजर आएंगी प्रियंका

इससे पहले भी प्रियंका ने फिल्म के सेट से एक बिहाइंड द सीन फुटेज शेयर किया था। इसमें फिल्म का टाइटल, डायरेक्टर फ्रैंक ई फ्लॉवर्स और डायरेक्टर ऑफ फोटोग्राफी ग्रेग बाल्डी भी नजर आ रहे थे।

‘द ब्लफ’ फिल्म में प्रियंका के अपोजिट कार्ल अर्बन नजर आएंगे। ये फिल्म ओटीटी प्लेटफाॅर्म प्राइम वीडियो पर रिलीज होगी।

प्रियंका ने हाल ही में फिल्म के सेट से क्लैप बोर्ड का ये फोटो भी शेयर किया था।

प्रियंका ने हाल ही में फिल्म के सेट से क्लैप बोर्ड का ये फोटो भी शेयर किया था।

‘हेड ऑफ स्टेट’ और ‘सिटाडेल 2’ में भी दिखेंगी एक्ट्रेस

वर्कफ्रंट पर प्रियंका इस फिल्म के अलावा जॉन सीना के साथ ‘हेड ऑफ स्टेट’ में भी नजर आएंगी। इसके अलावा उनके पास ‘सिटाडेल 2’ भी है। वहीं बॉलीवुड में वो फरहान अख्तर की फिल्म ‘जी ले जरा’ में नजर आने वाली थीं। इसमें उनके साथ कटरीना कैफ और आलिया भट्ट भी नजर आतीं, लेकिन फिलहाल यह फिल्म ही ठंडे बस्ते में है।

खबरें और भी हैं…
Dindori Information : शहपुरा में सेल्समैन ने की 31 लाख से अधिक कीमत के राशन की हेराफेरी

Dindori Information : कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी जयंत असराटी की शिकायत पर विक्रेता दलसिह वरकडे पिता दुखनु वरकडे शासकीय उचित मूल्य दुकान अमेरा व राखी के विरुध्द धारा 409 के साथ 3/7 ईसी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। बताया गया कि शासकीय उचित मूल्य दुकान अमेरा व शासकीय उचित मूल्य दुकान राखी के विक्रेता दल सिंह द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली में अनियमितता की गई।

By Ashish Shukla

Publish Date: Thu, 27 Jun 2024 02:24:48 PM (IST)

Up to date Date: Thu, 27 Jun 2024 03:04:56 PM (IST)

टुकान में संलग्न किसी भी पात्र परिवार को वितरण नहीं किया गया है।

HighLights

  1. शासकीय उचित मूल्य दुकान अमेरा व राखी का मामला।
  2. 27 मई 2024 में दिए निर्देश अनुसार शिकायत दर्ज कराई।
  3. आवश्यक वस्तु अधिनियम व अन्य धाराओं में मामला दर्ज।

Dindori Information : नईदुनिया प्रतिनिधि, डिंडौरी शहपुरा। सैकडों क्विंटल राशन की हेराफेरी करने वाले शासकीय उचित मूल्य दुकान अमेरा व राखी के सेल्समैन पर सख्‍ती की गई। पुलिस ने आवश्यक वस्तु अधिनियम सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी जयंत असराठी शहपुरा की जांच में 31 लाख से अधिक कीमत के राशन की हेराफेरी सामने आई थी।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली में अनियमितता

पुलिस ने बताया कि कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी जयंत असराटी की शिकायत पर विक्रेता दलसिह वरकडे पिता दुखनु वरकडे शासकीय उचित मूल्य दुकान अमेरा व राखी के विरुध्द धारा 409 के साथ 3/7 ईसी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। बताया गया कि शासकीय उचित मूल्य दुकान अमेरा व शासकीय उचित मूल्य दुकान राखी के विक्रेता दल सिह द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली में अनियमितता की गई।

27 मई 2024 में दिए निर्देश अनुसार शिकायत दर्ज कराई

एसडीएम शहपुरा के आदेश 27 मई 2024 में दिए गए निर्देश अनुसार कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी ने शिकायत दर्ज कराई। जांच में यह उजागर हुआ कि शासकीय उचित मूल्य दुकान अमेरा की पीओएस मशीन में चावल 651.33 क्विटल, गेहू 69.92 क्विंटल, शक्कर 1.44 क्विटल व नमक 6.55 क्विंटल शेष स्टाक के रूप में दर्ज था।

कुल 28,18,525 रुपये की हेराफेरी की गई

भौतिक सत्यापन में मौके पर दुकान के गोदाम में चावल केवल 0.30 क्विंटल, गेहूं 0.50 क्विंटल, शक्कर जीरो व नमक 5 क्विंटल पाया गया। इस प्रकार चावल 651.03 क्विंटल कम, गेंहू 69.42 क्विंटल, शक्कर 1.44 क्विटल व नमक 1.55 क्विंटल कम पाया गया। कुल 28,18,525 रुपये की हेराफेरी की गई।

राखी उचित मूल्य दुकान में भी मनमानी उजागर

इसी प्रकार शासकीय उचित मूल्य दुकान राखी की जांच में पाया गया कि दल सिह वरकडे द्वारा इस दुकान के विक्रेता के रूप में कार्य करते हुए माह नवंबर 2023 के लिए आवंटित 65.03 क्विटल चावल, 17.34 क्विंटल गेहू, 3.15 क्विंटल शक्कर को टुकान में संलग्न किसी भी पात्र परिवार को वितरण नहीं किया गया है उक्त खाद्यान्न की अफरातरफरी की गई, जिसका मूल्य 315173 रुपये है। जांच में अनियमितता उजागर होने पर पुलिस द्वारा मामला दर्ज किया गया है।

Chhattisgarh Information: परीक्षण में फेल हो गए स्टील उत्पाद, एनएचएआइ ने चार कंपनियों को थमाया नोटिस

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने छत्तीसगढ़ की चार स्टील कंपनियों को नोटिस थमाया है। वजह यह है कि सड़क निर्माण के अलग-अलग प्रोजेक्ट में इन कंपनियों ने गुणवत्ताहीन उत्पादों की सप्लाई की है।

By Ajay Singh Raghuvanshi

Publish Date: Thu, 27 Jun 2024 02:59:53 PM (IST)

Up to date Date: Thu, 27 Jun 2024 02:59:53 PM (IST)

Chhattisgarh News: परीक्षण में फेल हो गए स्टील उत्पाद, एनएचएआइ ने चार कंपनियों को थमाया नोटिस
फाइल फोटो

HighLights

  1. गुणवत्ताहीन उत्पाद पर मांगा जवाब
  2. देशभर की 11 कंपनियों में छत्तीसगढ़ की चार कंपनी

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया/रायपुर। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने छत्तीसगढ़ की चार स्टील कंपनियों को नोटिस थमाया है। वजह यह है कि सड़क निर्माण के अलग-अलग प्रोजेक्ट में इन कंपनियों ने गुणवत्ताहीन उत्पादों की सप्लाई की है।

एनएचएआइ ने जब एक्रीडिटेशन बोर्ड फार टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज (एनएबीएल) लैब से स्टील उत्पादों की टेस्टिंग कराई तो उत्पाद टेस्ट में खरे नहीं उतरे। इस रिपोर्ट के आधार पर एनएचएआइ ने कंपनियों को नोटिस जारी किया है। देशभर में ऐसी 11 कंपनियों को नोटिस जारी करते हुए 15 दिन के भीतर जवाब मांगा गया है।

नोटिस में प्राधिकरण ने साफ लिखा है कि गुणवत्ताहीन उत्पाद सप्लाई करने पर क्यो न आपके फर्म की सप्लाई के अनुबंध को समाप्त कर दिया जाए। अन्य कंपनियों में आंध्रप्रदेश, गुजरात, मध्यप्रदेश, तमिलनाडु व पं. बंगाल की कंपनियां शामिल हैं। राष्ट्रीय स्तर पर एनएचआइ द्वारा जारी टेंडर में इन कंपनियों ने हिस्सा लिया था, जिसके बाद उन्हें वर्क आर्डर जारी किया गया था। कंपनियों को एनएचएआइ के नईदिल्ली स्थित मुख्यालय से 19 जून को नोटिस जारी किया गया है।

यह कार्य मिला है

छत्तीसगढ़ की कंपनियों को महाराष्ट्र में सिक्स लेन रोड एनएच-53 के काम में टीएमटी सप्लाई का कार्य मिला है। यहां कंपनी को वेनगंगा ब्रिज व भंडारा बाइपास में स्टील उत्पादों के लिए अनुबंध हुआ है। एक अन्य कंपनी को मध्यप्रदेश के भोपाल-सागर के बीच एनएच-146 में टीएमटी सप्लाई करने के लिए, वहीं तमिलनाडु के एनएच-45 के निर्माण के लिए टीएमटी बार सप्लाई व रायगढ़ की एक कंपनी को कर्नाटक में एनएच-169 के तहत भारतमाला प्रोजेक्ट के लिए टीएमटी सप्लाई का कार्य मिला था।

गुणवत्ता सुधारने के बाद ही मिलेगा काम

एनएचएआइ के अधिकारियों के मुताबिक नोटिस के बाद कंपनी को अपना पक्ष प्रस्तुत करना होगा। इस पर एनएचएआइ निर्णय देगा। दोबारा गुणवत्ता की जांच करने फिर से एनएबीएल लैब में स्टील उत्पादों का परीक्षण होगा। इस परीक्षण में सफल होने के बाद ही कंपनियों को अनुबंध के आधार पर काम मिल पाएगा। दूसरे टेस्ट के पहले कंपनियों को स्टील उत्पादों की गुणवत्ता सुधारना ही होगा।

रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय एनएचएआइ प्रोजेक्ट मैनेजेर सुब्रत नाग ने कहा, नोटिस नईदिल्ली मुख्यालय से जारी हुआ है। नोटिस के मुताबिक 15 दिन के भीतर कंपनियों को जवाब प्रस्तुत करना है।

T20 World Cup semi-final: डरना मना है… दक्षिण अफ्रीकी कप्तान ने ललकारा, भारत से हो सकता है फाइनल

नई दिल्ली. अफगानिस्तान को रौंदकर टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में पहली बार जगह बनाने वाले दक्षिण अफ्रीका ने विरोधी टीमों के लिए चेतावनी जारी कर दी है. दक्षिण अफ्रीका को फाइनल में ले जाने वाले कप्तान एडेन माक्ररम ने अपने खिलाड़ियों से खिताबी मुकाबले से नहीं डरने का आग्रह किया है. दक्षिण अफ्रीका का फाइनल में उसका सामना इंग्लैंड या भारत से होगा.

टी20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल के बाद एडेन माक्ररम ने कहा, ‘हम पहली बार फाइनल खेलने जा रहे हैं लेकिन डरने की कोई बात नहीं है. यह हमारे लिए अगला कदम है. यह जीत काफी मायने रखती है. हमारे पास कई विश्व स्तरीय खिलाड़ी हैं. इसके बावजूद आपको ऐसे प्रदर्शन के लिए सभी खिलाड़ियों को एक टीम के रूप में खेलना होता है.’

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अफगानिस्तान को 56 रन पर समेटने वाले अपने गेंदबाजों की तारीफ करते हुए मार्करम ने कहा,‘हमने शानदार गेंदबाजी की. सही जगहों पर गेंद डाली. गेंदबाजों ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है.’ दक्षिण अफ्रीका ने अफगानिस्तान की पूरी टीम को महज 71 गेंदों पर ढेर कर दिया था.

एडेन माक्ररम ने कहा, ‘इन हालात में बल्लेबाजी करना चुनौतीपूर्ण था. टॉस हारना भी अच्छा ही रहा. किस्मत ने हमारा साथ दिया कि हम साझेदारी निभा सके. दक्षिण अफ्रीका में जो लोग सुबह उठकर मैच देख रहे थे, उनकी तो एकबारगी सांसें ही थम गई होंगी. शुक्र है कि हम जीतने में कामयाब रहे.’

प्लेयर आफ द मैच चुने गए मार्को यानसेन ने कहा कि उनका फोकस सही जगहों पर गेंद डालने पर था. उन्होंने कहा,‘हमने अच्छा खेला और रणनीति पर बखूबी अमल किया. हम सही जगहों पर गेंद डालने पर ही फोकस कर रहे थे. प्लान के मुताबिक गेंदबाजी करना और जीत दर्ज करना शानदार अनुभव है.’

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