Janjgir-champa Information : आपातकाल लोकतंत्र की हत्या का कुत्सित प्रयास

भाजपा द्वारा मीसाबंदियों का सम्मान किया गया और 25 जून को काला दिवस के रूप में मनाया गया।जिला भाजपा अध्यक्ष कृष्णकांत चंद्रा ने कहा कि 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपनी सरकार बचाने आपात काल लगाया । पूरे भारत में लोगों को जेल में डाला गया । इंदिरा गांधी ने लोकतंत्र की हत्या की और इसकी सारी मर्यादा तोड़ दी। प्रेस पर प्रतिबंध लगाया गया

By komal Shukla

Publish Date: Thu, 27 Jun 2024 12:21:22 AM (IST)

Up to date Date: Thu, 27 Jun 2024 12:21:22 AM (IST)

Janjgir-champa News : आपातकाल लोकतंत्र की हत्या का कुत्सित प्रयास

नईदुनिया न्यूज, सक्ती: भाजपा द्वारा मीसाबंदियों का सम्मान किया गया और 25 जून को काला दिवस के रूप में मनाया गया।जिला भाजपा अध्यक्ष कृष्णकांत चंद्रा ने कहा कि 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपनी सरकार बचाने आपात काल लगाया । पूरे भारत में लोगों को जेल में डाला गया । इंदिरा गांधी ने लोकतंत्र की हत्या की और इसकी सारी मर्यादा तोड़ दी। प्रेस पर प्रतिबंध लगाया गया , प्रेस की बिजली काट दी गई । जिससे लोगों तक समाचार न जा पाए । मुख्य अतिथि बेलतरा के पूर्व विधायक रजनीश सिंह ने कहा कि कांग्रेस द्वारा सत्ता बरकरार रखने के लिए असंवैधानिक तरीकों का इस्तेमाल किया गया। 1975 में इंदिरा गांधी ने लोकतंत्र की हत्या में मर्यादा की सारी हदें पार कर दी।

1971 के चुनाव में एक ओर जहां चुनावी हिंसा के माध्यम से मतदाताओं को डराया गया वहीं दूसरी ओर मीडिया का गला घोटकर जनता में झूठ फैलाकर खौफ पैदा करने का षड्यंत्र किया गया। 49 वर्षों के बाद हम आपातकाल को इसलिए याद कर रहे हैं क्योंकि आज भी कांग्रेस की नीति में संविधान और उसके सिद्धांतों के प्रति सम्मान की कमी हैं। उन्होंने बताया कि 1971 के चुनाव में इंदिरा गांधी के भ्रष्ट प्रयासों के आधार पर चुनाव परिणाम को इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा रद्द कर दिया था। 25 जून 1975 की आधी रात में मंत्री परिषद को सूचित किए बिना राष्ट्रपति को आपातकाल की घोषणा पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया गया।

अटल बिहारी वाजपेई, राजनाथ सिंह, जय प्रकाश नारायण जैसे विपक्षी नेताओं को तुरंत जेल में डाल दिया गया। 14 लाख लोगों को गिरफ्तार किया गया। जिसमें 22 लोगों की हिरासत में मौत हो गई। उन्होंने ने बताया कि 1976 में संजय गांधी ने नसबंदी अभियान की शुरुआत की, मुख्यमंत्रियो को नसबंदी के लक्ष्य सौंपे गए, जबरन परिवार नियोजन का विरोध करने वालों को गिरफ्तार किया गया। लोगों को पकड़- पकड़ कर जबरन नसबंदी की गई। इस दौरान मीसाबंदी व उनके स्वजन का सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री घनश्याम साहू ने किया। इस दौरान कार्यक्रम प्रभारी भुवन भास्कर यादव दीपक गुप्ता और भाजपा व भाजयुमोकार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

इनका हुआ सम्मान

स्व. किशोरी लाल के पुत्र अनूप अग्रवाल, गोपाल शर्मा, शांति बाई चंद्रा ,आंगन बाई चंद्रा ,कोमल बाई चंद्रा ,यशोदा बाई चंद्रा ,महादेव चंद्रा, स्वाति बाई साहू ,लीला बाई चंद्रा, धन बाई चंद्रा ,रमेश सिंघानिया ,राधेश्याम शर्मा ,गोवर्धन शर्मा ,नंद लाल साहू ,रामभरोस चंद्रा ,कमलेश शर्मा सहित मीसाबंदियों व उनके स्वजन का साल व श्रीफल से सम्मान किया गया। इस दौरान मीसाबंदियों ने जेल में दी गई यातना की जानकारी दी और उस दिन को याद कर कहा कि किसी के साथ इस तरह की जादती न हो।