मंत्री निर्मला भूरिया ने महिला सशक्तीकरण को धरातल पर उतारने का दिया जोर, कहा- अन्य राज्यों के लिए बनेंगे प्रेरणा

भोपाल में दो दिवसीय महिला एवं बालिका सशक्तीकरण के लिए कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया पहुंची। उन्होंने इस दौरान महिलाओं के लिए बनाई गई राज्य व केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सशक्तीकरण आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक, विधिक व स्वास्थ्य के स्तर पर होना चाहिए।

By Anurag Mishra

Publish Date: Fri, 28 Jun 2024 03:52:37 AM (IST)

Up to date Date: Fri, 28 Jun 2024 03:53:47 AM (IST)

मंत्री निर्मला भूरिया ने महिला सशक्तीकरण को धरातल पर उतारने का दिया जोर, कहा- अन्य राज्यों के लिए बनेंगे प्रेरणा
मंत्री निर्मला भूरिया की बैठक के दौरान की फाइल फोटो।

HighLights

  1. महिलाओं के पक्ष में नीति मेनिफेस्टों के रूप में हो तैयार
  2. घर से शुरु होना चाहिए महिला सशक्तिकरण का मिशन

राज्य ब्यूरो, नईदु़निया, भोपाल। प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि मध्य प्रदेश में महिला बाल विकास विभाग आधी आबादी के लिए नीति बनाने का कार्य करने जा रहा है। इसमें सभी विभागों के सहयोग से महिलाओं के लिए ऐसी नीति को धरातल पर लेकर आना है, जो अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणादायक बने।

निर्मला भूरिया गुरुवार को महिला एवं बालिका सशक्तीकरण के लिए भोपाल में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ करने के बाद बोल रही थीं।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्य सरकार ने भी महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा के लिए विभिन्न योजनाएं बनाई है। महिला सशक्तीकरण एक बहुआयामी दृष्टिकोण है, जिसमें आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक, विधिक और स्वास्थ्य संबंधी पहलुओं का समावेश है।

उन्होंने कहा कि महिला नीति मात्र कागजी दस्तावेज न बने, इसे मेनिफेस्टो के रूप में तैयार करें। सभी ऐसे विभाग जो महिला सशक्तीकरण के पहलुओं से अनछुए हैं, उन्हें भी शामिल करें। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण एक नारा नहीं है, यह विकास की धारा से जुड़ा ऐसा कार्य है जो स्वयं और दूसरों के लिए सामाजिक परिवर्तन को प्रभावित करने के अधिकार को सुनिश्चित करता है।

अपने घर से करें महिला सशक्तीकरण की शुरुआत

प्रमुख सचिव महिला बाल विकास संजय शुक्ला ने कहा कि सशक्तीकरण के कई घटक हैं जैसे शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य, कानून आदि। नीति में महिलाओं के मानव अधिकार, उनकी भागीदारी, हिंसा जैसी कुरीतियों को कैसे दूर किया जा सकता है, उसका समावेश हो। महिला और बालिकाओं के सशक्तीकरण की शुरुआत हम अपने घर और विभाग से करें।

महिला एवं बालिका सशक्तीकरण नीति बनाने के लिए जाएंगे सुझाव

आयुक्त महिला बाल विकास सूफिया फारुखी वली ने कहा कि महिला एवं बालिका सशक्तीकरण नीति अगले 10 वर्षों के लिए होगी। आगामी तीन माह में नीति का निर्धारण विभिन्न विभागों के समन्वय के साथ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सशक्तीकरण लगातार प्रक्रिया है। नीति निर्धारण के लिए सुझाव लिए जाएंगे और प्रारूप तैयार किया जाएगा। अनुमोदन के बाद गजट नोटिफिकेशन जारी भी किया जाएगा। नीति के बिंदुओं की लगातार मॉनिटरिंग और समीक्षा भी की जाएगी। यूएनएफ पीए के जयदीप बिस्वास ने कहा कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य महिला और बालिकाओं के सशक्तीकरण में हर स्तर और वर्ग की भागीदारी है।