कुटीर व ग्रामोद्योग विभाग में मानव संसाधन की कमी होगी पूरी, नई जनरेशन को देख आकर्षक बनाएं जाएंगे उत्पाद

कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल ने विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को उत्पादों की मांग को बढ़ाने के लिए नवाचार अपनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विभाग को मिले बजट का पूरा उपयोग होना चाहिए, जिससे वह लैप्स ना हो पाए।

By Anurag Mishra

Publish Date: Fri, 28 Jun 2024 03:25:00 AM (IST)

Up to date Date: Fri, 28 Jun 2024 03:25:28 AM (IST)

कुटीर व ग्रामोद्योग विभाग की फाइल फोटो।

HighLights

  1. राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल ने ली समीक्षा बैठक।
  2. कम लागत में सबसे अधिक रोजगार देने वाला विभाग- मंत्री
  3. भारत सरकार से अनुदान सहायता लेने का करें प्रयास- मंत्री

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। कुटीर एवं ग्रामोद्योग उत्पादों को नई जनरेशन की मांग के अनुरूप और अधिक बेहतर व आकर्षक बनाया जाएगा। इससे उत्पादों की मांग बढ़ेगी और उत्पाद बनाने वाले कारीगर को भी सीधा लाभ मिलेगा। इसके लिए पुराने अनुभवों से सीख लेकर नए व नवाचारी तरीके अपनाएं जाएंगे।

विभागीय उत्पादों की व्यापक स्तर पर मार्केटिंग की जाएगी और कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के सभी उत्पाद एक ही छत के नीचे (एक ही कैंपस में) बेचने का प्रयास किया जाएगा, जिससे कम अमले में ज्यादा आउटपुट मिलेगा। यह निर्देश गुरुवार को कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल ने मंत्रालय में विभागीय संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक में दिए।

राज्यमंत्री जायसवाल ने विभागीय गतिविधियों में और अधिक तेजी लाने के लिए अधिकारियों को पूरे मनोयोग एवं क्षमता से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग सबसे कम लागत में सबसे अधिक लोगों को रोजगार दिलाने वाला विभाग है। इसके उत्पाद लोग पसंद करते हैं।

मानव संसाधनों की कमी की करें पूर्ति

राज्यमंत्री जायसवाल ने कहा कि विभागीय बजट का शत-प्रतिशत सदुपयोग सुनिश्चित किया जाए। किसी भी सूरत में बजट लैप्स न हो। विभाग में भौतिक व मानव संसाधनों की कमी की शीघ्र पूर्ति करें।

भारत सरकार से अनुदान सहायता लेने का करें प्रयास

उन्होंने कहा कि संसाधनों की व्यवस्था करें, कारीगरों और हितग्राहियों को प्रशिक्षित करें, नए तरीकों से उत्पाद तैयार कराएं। भारत सरकार से भी कुटीर एवं ग्रामोद्योग के विकास के लिए फंड/अनुदान सहायता लेने के प्रयास किए जाने चाहिए।

विंध्या वैली की पानी की बोतलों का करें उपयोग

उन्होंने कहा कि सभी शासकीय बैठकों में विंध्या वैली द्वारा निर्मित पानी की बोतल का उपयोग किया जाए, इससे विंध्या वैली द्वारा निर्मित पानी के अलावा अन्य उत्पादों की मार्केटिंग के साथ-साथ विभागीय आय भी बढ़ेगी।