इंदौर-भोपाल में झमाझम बारिश के आसार, दमोह में चली, जानें क्यों नहीं हो रही लगातार बारिश, IMD ने दी जानकारी
मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में मानसूनी गतिविधियां फिलहाल सुस्त हैं और इस कारण मध्यप्रदेश में लगातार बारिश नहीं हो रही है। करीब आधे मप्र में मानसून छा चुका है। गुरुवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम में बारिश हो सकती है।
By Sandeep Chourey
Publish Date: Wed, 26 Jun 2024 09:24:50 PM (IST)
Up to date Date: Wed, 26 Jun 2024 09:33:53 PM (IST)
HighLights
- बंगाल की खाड़ी में मानसूनी गतिविधियां सुस्त।
- इस कारण से लगातार नहीं हो रही है बारिश।
- प्रदेश में अभी 6 मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं।
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। बंगाल की खाड़ी में मानसूनी गतिविधियां सुस्त पड़ी हैं। इस वजह से मध्य प्रदेश में लगातार वर्षा का सिलसिला शुरू नहीं हो पा रहा है। हालांकि अरब सागर में मानसूनी हलचल लगातार बनी रहने से प्रदेश के मालवा-निमाड़ क्षेत्र के जिलों में नियमित वर्षा हो रही है।
6 मौसम प्रणालियां सक्रिय
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, वर्तमान में अलग-अलग स्थानों पर 6 मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। इनके प्रभाव से गुरुवार को कई जिलों में वर्षा होने की संभावना है। विशेषकर भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, जबलपुर संभाग के जिलों में कई स्थानों पर झमाझम वर्षा होने के आसार हैं।
प्रदेश में इन शहरों में बारिश
मध्यप्रदेश में बुधवार को सुबह साढ़े 8 बजे से शाम साढ़े 5 बजे तक ग्वालियर में 43, धार में 21, सीधी में 6, रतलाम में 5, गुना में 3, उमरिया 2 और उज्जैन में 1 मिलीमीटर वर्षा हुई। प्रदेश में सबसे अधिक 40.1 डिग्री सेल्सियस तापमान ग्वालियर में में दर्ज किया गया। दमोह में लू चली।
मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक, वर्तमान में एक नया पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान के आसपास द्रोणिका के रूप में बना हुआ है। गुजरात के मध्य में हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। इस चक्रवात से लेकर पूर्वी विदर्भ तक एक द्रोणिका बनी हुई है। दक्षिण-पश्चिमी मध्य प्रदेश पर भी हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है।
इस चक्रवात से लेकर मणिपुर तक एक द्रोणिका बनी है, जो दक्षिणी उत्तर प्रदेश से होकर जा रही है। इसके अतिरिक्त महाराष्ट्र से लेकर केरल तक एक द्रोणिका बनी हुई है।
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि मानसून की शुरुआत से ही अरब सागर से लगातार ऊर्जा मिल रही है, लेकिन बंगाल की खाड़ी में मानसूनी गतिविधियां सुस्त हैं। इस वजह से मध्य प्रदेश में भले ही मानसून आधे से अधिक हिस्से में आ चुका है, लेकिन लगातार वर्षा का सिलसिला अभी शुरू नहीं हो सका है।
वर्तमान में भी अलग-अलग स्थानों पर बनी मौसम प्रणालियों के प्रभाव से आ रही नमी के कारण अलग-अलग क्षेत्रों में बौछारें पड़ रही हैं। गुरुवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, जबलपुर संभाग के जिलों में कई स्थानों पर वर्षा होने के आसार हैं।

