Kidney Most cancers Signs: लगातार बढ़ रहे हैं किडनी कैंसर के मामले, इन लक्षणों को बिल्कुल न करें अनदेखा

Kidney Most cancers Signs: किडनी कैंसर के शुरुआती चरणों में कोई लक्षण नहीं दिखता है, जिससे इस बीमारी की शुरुआत में ही पहचान कर पाना काफी ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो जाता है। आमतौर पर सोनोग्राफी या सीटी स्कैन के दौरान कुछ परीक्षण के द्वारा ही किडनी कैंसर का पता चलता है।

By Kushagra Valuskar

Publish Date: Tue, 25 Jun 2024 08:37:20 PM (IST)

Up to date Date: Tue, 25 Jun 2024 08:37:20 PM (IST)

Kidney Cancer Symptoms: लगातार बढ़ रहे हैं किडनी कैंसर के मामले, इन लक्षणों को बिल्कुल न करें अनदेखा
किडनी कैंसर के लक्षणों को पहचानकर बचा सकते हैं जान।

HighLights

  1. हर साल जाती है लाखों लोगों की किडनी कैंसर से जान।
  2. धूम्रपान, मोटापा और रक्तचाप से युवा हो रहे शिकार।
  3. ये लक्षण दिखने पर आप भी जो जाएं सावधान।

डिजिटल डेस्क, इंदौर। Kidney Most cancers: देश में हर साल किडनी कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं। ग्लोबल कैंसर ऑब्जर्वेटरी (GLOBOCAN) 2020 के आंकड़ों के अनुसार, भारत में हर साल किडनी कैंसर के लगभग 15,000 नए मामले सामने आते हैं, जिसमें महिलाओं की तुलना में पुरुषों में किडनी कैंसर के मामले ज्यादा निकलते हैं। दरअसल बढ़ते शहरीकरण, जीवनशैली में बदलाव और दिनचर्या में लापरवाही किडनी कैंसर का एक प्रमुख कारण है। किडनी कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए इंदौर स्थित कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल के डॉ. विकास सिंह, कन्सल्टेन्ट, यूरोलॉजी, जेनिटो यूरो-ऑन्कोलॉजी एंड किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी दे रहे हैं खास जानकारियां-

क्यों होता है किडनी कैंसर?

किडनी कैंसर, किडनी की कोशिकाओं में होने वाला कैंसर है। ये कैंसर तब होता है, जब किडनी में स्वस्थ कोशिकाएं तेजी से बढ़ने लगती है या विभाजित होने लगती है, जिससे किडनी में ट्यूमर बन जाता है। 90 फीसदी किडनी कैंसर के मामलों में यह कैंसर रीनल ट्यूब्यूल की परत में बनता है। रीनल ट्यूब्यूल किडनी में छोटी नलिकाएं होती हैं, जो रक्त से अपशिष्ट उत्पादों को छानती हैं। इस कैंसर को रीनल सेल कार्सिनोमा (RCC) कहते हैं। आमतौर पर इससे केवल एक ही किडनी प्रभावित होती है, लेकिन दुर्लभ मामलों में यह कैंसर दोनों किडनी में भी हो सकता है।

किडनी कैंसर को रोकने के उपाय

  • किडनी कैंसर के जोखिम को कम करने के लिए अपनी लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करना बेहद जरूरी है। ऐसा करने के किडनी कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है। इन बातों की सावधानी जरूर रखना चाहिए।
  • धूम्रपान करने वालों को किडनी कैंसर होने का जोखिम काफी ज्यादा होता है, इसलिए धूम्रपान करने से बचना चाहिए
  • मोटापा बढ़ने से भी शरीर में कई तरह के विकार पैदा हो सकते हैं। शरीर का वजन ज्यादा होने से किडनी कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
  • यदि आपका ब्लड प्रेशर लेवल भी ज्यादा रहता है तो अलर्ट रहना चाहिए। ऐसी स्थिति में भी किडनी कैंसर का जोखिम बढ़ जाता है।
  • यदि परिवार में किसी व्यक्ति को किडनी कैंसर हुआ है तो भी किडनी कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। इसके प्रति ज्यादा सतर्क रहना चाहिए।
  • कुछ ऐसे व्यवसाय, जिसमें एस्बेस्टस और कैडमियम जैसे हानिकारक पदार्थों का उपयोग ज्यादा होता है तो ऐसे पदार्थों के संपर्क में आने से भी किडनी कैंसर का जोखिम बढ़ जाता है।

किडनी कैंसर के प्रमुख लक्षण

  • मूत्र के दौरान रक्त आना।
  • पीठ के निचले हिस्से में लगातार दर्द बने रहना।
  • अचानक शरीर का वजन कम होना।
  • पर्याप्त आराम व नींद के बाद भी थकान होना।

यदि इनमें से किसी भी तरह के गंभीर लक्षण नजर आते हैं तो तुरंत चेकअप कराएं जिसके लिए चौबीस घंटे विशेषज्ञों की सुविधा प्रदान करने वाले अस्पताल का चुनाव करें ताकि समय पर उचित इलाज मिल सके।

किडनी कैंसर का इलाज

यदि किसी मरीज को सोनोग्राफी में किडनी कैंसर का संदेह है तो यूरोलॉजिस्ट की सलाह से सीटी स्कैन या एमआरआई जैसे टेस्ट भी कराना चाहिए। किडनी कैंसर का इलाज कैंसर के प्रकार और स्टेज पर निर्भर करता है। इसमें लेप्रोस्कोपिक और रोबोटिक सर्जरी के अलावा इम्यूनो थेरेपी और कीमोथेरेपी के जरिए भी इलाज किया जाता है। इलाज की ये सभी पद्धतियां मरीज की स्थिति पर निर्भर करती है।