NEET-PG स्थगित करने पर DMK ने PM की चुप्पी पर उठाए सवाल, कहा- 50 लाख छात्र हुए प्रभावित
सरकार के नीट पीजी को स्थगित करने के फैसले की आलोचना हो रही है। डीएमके ने फैसले के खिलाफ केंद्र सरकार पर हमला बोला है। कई छात्र भी इस फैसले से नाखुश नजर आए। 22 जून को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने नीट पीजी को रद्द कर दिया। यह परीक्षा 23 जून यानी रविवार को होनी थी।
By Anurag Mishra
Publish Date: Solar, 23 Jun 2024 04:32:05 PM (IST)
Up to date Date: Solar, 23 Jun 2024 04:32:05 PM (IST)

HighLights
- शनिवार को केंद्र सरकार ने नीट-पीजी परीक्षा स्थगित करने का लिया फैसला।
- डीएमके ने पीएम मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं।
- डीएमके ने कहा- केंद्र सरकार के फैसले से 50 लाख छात्र प्रभावित।
एएनआई, चेन्नई। सरकार ने नीट-पीजी के पेपर लीक होने के बाद परीक्षा को स्थगित करने का फैसला किया। डीएमके ने रविवार को केंद्र सरकार के इस फैसले आलोचना की है।
डीएमके ने कहा कि केंद्र सरकार के इस फैसले से लगभग 50 लाख लोग प्रभावित हो गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस मामले में चुप्प रहना ठीक नहीं है।
डीएमके के प्रवक्ता अन्नादुरई ने कहा कि भाजपा सरकार ने 10 साल में देश के संस्थानों को बर्बाद कर दिया। उसने सिस्टम में संगठित गिरोह को घुसने का मौका दिया, जिससे पेपर लीक की समस्या हुई। भाजपा की इस लापरवाही की कीमत 50 लाख छात्रों ने चुकाई है, लेकिन पीएम मोदी शांत हैं।
शनिवार को स्थगित की थी परीक्षा
रविवार (23 जून,2024) को होने वाली नीट-पीजी प्रवेश परीक्षा स्थगित कर दिया था। स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस दौरान कहा था कि परीक्षा की नई तिथि जल्द ही अधिसूचित की जाएगी। नीट परीक्षा विवाद के बीच केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के महानिदेशक सुबोध कुमार को हटा दिया। प्रदीप सिंह खरोला को नया डीजी नियुक्त किया।
विद्यार्थियों ने की फैसले की अलोचना
छात्र सरकार के इस फैसले से खुश नजर नहीं आए। एक अभ्यर्थी सुनंदा पंसारी ने कहा कि सरकार का यह फैसला एकदम गलत है। मैं इस परीक्षा को देने के लिए 600 किलोमीटर दूर गई है। हमारी मेहनत खराब हो गई। छात्रा दीक्षा ने कहा कि देश में इस तरह का होना गलत है।
विपक्ष कर रहा NTA को भंग करने की मांग
परीक्षाओं में हुई धांधली के बाद से राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी निशाने पर आ गई है। नीट परीक्षा का भी आयोजन इसी एजेंसी ने किया था। अब विपक्षी व आंदोलनकारी यह मांग कर रहे हैं कि एनटीए को भंग किया जाए।

