Dhar Bhojshala Survey: भोजशाला में भगवान नारायण की मूर्ति और तीन पुरावशेष मिले
भोजशाला में सर्वे पूरा होने में सिर्फ 3 दिन का बचे हैं। 2 जुलाई को मप्र हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में एएसआई सर्वे की रिपोर्ट पेश होगी। इस बीच यहां खुदाई में भगवान चतुर्भुज नारायण की छोटी मूर्ति मिली है। यह सफेद पाषाण की है। बाकी 3 अवशेष भोजशाला की दीवारों और स्तंभों के हैं।
By Sandeep Chourey
Publish Date: Mon, 24 Jun 2024 08:40:47 PM (IST)
Up to date Date: Mon, 24 Jun 2024 08:40:47 PM (IST)
HighLights
- एएसआई ने सर्वे के 95 वें दिन भी कराई खुदाई
- 27 जून तक है भोजशाला में सर्वे की समयसीमा
- भोजशाला में मानवों की हड्डियां मिलने का दावा
नईदुनिया प्रतिनिधि, धार। मध्य प्रदेश में धार स्थित भोजशाला में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने सोमवार को 95वें दिन का सर्वे उत्तरी भाग में किया। इसमें 4 पुरावशेष मिले हैं। इनमें भगवान नारायण की मूर्ति और भोजशाला की दीवारों व स्तंभों के तीन अवशेष हैं। अब सर्वे पूरा होने में सिर्फ तीन दिन का समय बाकी है। 27 जून को सर्वे समाप्त हो जाएगा।
दो जुलाई को पेश होगी एएसआई की रिपोर्ट
इसके बाद दो जुलाई को मप्र उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ में ASI को सर्वे की रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है। सोमवार को सुबह 8 से शाम 5 बजे तक उत्तरी दिशा में सर्वे कार्य किया गया।
भोजशाला मुक्ति यज्ञ के संयोजक गोपाल शर्मा ने बताया कि खुदाई में भगवान चतुर्भुज नारायण की छोटी मूर्ति मिली है। यह सफेद पाषाण की है। बाकी 3 अवशेष भोजशाला की दीवारों और स्तंभों के हैं। गर्भगृह में अवशेषों की वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी का कार्य किया गया।
मानव हड्डियों को वापस जमीन में गाड़ा
वहीं कमाल मौलाना वेलफेयर सोसाइटी के सदर अब्दुल समद ने बताया कि पिछले 2 दिनों की खुदाई में मानवों की हड्डियां मिली थीं। इनको लेकर हमने जो मांग रखी थी, उसके तहत ASI ने हड्डियों को वापस जमीन में गाड़ दिया है। विभाग ने पूरी प्रक्रिया करते हुए यह कार्य किया।
153 पुरावशेषों को रखने के लिए बनाए जा रहे स्टैंड
इस सर्वे से कई वर्ष पहले उत्तरी भाग में ASI को फर्श की सफाई और मलबा हटाने पर जो अवशेष मिले, उनको उत्तरी भाग में रखा गया था। इनको करीब 10 दिन पहले सर्वे के दौरान दूसरी जगह रखना पड़ा, लेकिन अब इनको कंक्रीट की दीवार के पास पुरा संग्रहालय की तर्ज पर ही रखने का कार्य किया जा रहा है। 153 पुरावशेषों रखने के लिए स्टैंड बनाए जा रहे हैं।

