बेटी रहती थी बीमार, तो पिता ने जादू-टोने के शक में पड़ोसी महिला से की हैवानियत, बाल काटकर पिलाया मूत्र

जादू-टोने के शक में मारपीट की शिकार हुई पीड़िता ने अपनी आपबीती पुलिस को बताई। उसने बताया कि मारपीट कर उसके बाल काटे गए। उसके बाद आरोपियों ने जबरन को पेशाब पिलाई। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया है।पीड़िता का परिवार बिहार के पूर्णिया का रहने वाला है।

By Anurag Mishra

Publish Date: Sat, 22 Jun 2024 08:05:02 PM (IST)

Up to date Date: Sat, 22 Jun 2024 08:05:02 PM (IST)

बेटी रहती थी बीमार, तो पिता ने जादू-टोने के शक में पड़ोसी महिला से की हैवानियत, बाल काटकर पिलाया मूत्र
Noida में महिला के साथ हैवानियत (फाइल फोटो)

HighLights

  1. पिता ने जादू-टोने के शक में पीड़िता से बर्बरता।
  2. आरोपी ने पत्नी व बच्चों के साथ मिलकर पीड़िता को पीटा।
  3. आरोपी की बेटी अधिकांश समय बीमार रहती है।

एजेंसी, ग्रेटर नोएडा। एक पिता को शक था कि पड़ोस में रहने वाली महिला ने बीमार बेटी के ऊपर जादू-टोने किया है। आरोपी ने पीड़ित महिला के साथ हैवानियत की हदें पार कर दीं। उसने पहले पीड़िता के बार काटे उसके बाद जबरन अपनी पेशाब उसको पिलाई।

यह मामला सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र के खेड़ी गांव का है। आरोपी ननूवा ठेकेदार बिहार का रहने वाला है। पीड़िता भी बिहा के पूर्णिया की निवासी है। दोनों पक्ष एक-दूसरे को पहले से जानते हैं। ननूवा की बेटी काफी लंबे समय से बीमार है। उसको यह शक हुआ कि पीड़िता उसकी बेटी पर जादू टोना करती है।

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि मैं अपने घर पर थी, तभी अचानक से पड़ोसी ननुआ, उसकी पत्नी व बच्चे जबरन आ गए। उन्होंने मेरे साथ मारपीट करना शुरू कर दिया। वह लगातार कह रहे थे कि तू ने हमारी बेटी पर जादू-टोना किया है। मैं मना करती रही, लेकिन वह नहीं माने।

उन्होंने मुझे मारपीट के बाद मेरे सिर के बाल काट दिए। उसके बाद भी उनका गुस्सा शांत नहीं, तो उन्होंने मुझे जबरन अपना पेशाब पिला दिया। पीड़ित महिला ने आरोपित पक्ष के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। सभी को गिरफ्तार कर लिया है।

मारपीट कर वीडियो कर दिया वायरल

आरोपित जब महिला के साथ मारपीट कर रहे थे, तब इसका वीडियो भी अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर रहे थे। उसके बाद उन्होंने इसका वीडियो इंटरनेट पर वायरल भी किया। पीड़िता ने थाने जाकर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर कराई, जिसमें ननूवा ठेकेदार, उसकी पत्नी पिंकी, नाबालिग बेटा व बेटी नामजद हैं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ननुवा, पिटा व बेटी को गिरफ्तार कर लिया है।

Sara Ali Khan, discovered herself in scorching water, as she was subjected to a lawsuit demanding a hefty Rs. 5 crores! | कानूनी पचड़े में फंस गई थीं सारा अली खान: ‘केदारनाथ’ के मेकर्स ने ₹5 करोड़ हर्जाने की मांग की थी; डेट्स को लेकर हुआ था विवाद

16 मिनट पहले

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सारा अली खान फिल्म केदारनाथ की शूटिंग के वक्त कानूनी पचड़े में फंस गई थीं। उनके ऊपर 5 करोड़ का केस हो गया था। ये केस किसी और ने नहीं बल्कि केदारनाथ के मेकर्स ने किया था। दरअसल केदारनाथ की शूटिंग के समय ही सारा ने रोहित शेट्टी की फिल्म सिम्बा साइन कर ली थी। दोनों फिल्मों की शेड्यूलिंग में क्लैश हो गया था।

सारा का बीच में ही फिल्म सिम्बा साइन करना केदारनाथ के मेकर्स को रास नहीं आया। उन्होंने एक्ट्रेस के ऊपर 5 करोड़ के हर्जाने का केस कर दिया। सारा काफी परेशान हो गईं। उनकी परेशानी देख रोहित शेट्टी ने उन्हें शूटिंग के लिए तीन दिन दे दिए, जिससे एक्ट्रेस वापस केदारनाथ के शूट पर जा सकीं। सारा ने कहा कि वो समय उनके लिए बहुत टफ हो गया था।

सारा ने बीच में ही साइन कर ली सिम्बा
सारा अली खान ने मिड डे से बात करते हुए कहा- केदारनाथ मेरी साइन की हुई पहली फिल्म थी। मैं इसकी शूटिंग कर रही थी। तभी इसके को-प्रोड्यूसर पीछे हट गए जिससे कि शूटिंग बीच में रुक गई। अब इसी बीच मैंने रोहित शेट्टी की फिल्म सिम्बा साइन कर ली। केदारनाथ की शूटिंग वापस शुरू हुई तो डेट्स का क्लैश हो गया। मुझे केदारनाथ के मेकर्स की तरफ से 5 करोड़ का नोटिस आ गया।

‘मेरे पास नहीं थे 5 करोड़ रुपए’
सारा ने आगे कहा- जिस वक्त यह सब हो रहा था, मैं घर पर अकेली थी। मेरे पास 5 करोड़ रुपए भी नहीं थे। मेरी मां दिल्ली में थीं, उनके पिता यानी मेरे नाना की हेल्थ बड़ी खराब थी। इब्राहिम भी उस वक्त स्कूल में था। जब कुछ विपरीत था। घर पर कोर्ट की तरफ से पेपर्स आ गए थे। समझ में नहीं आ रहा था कि करूं क्या।

रोहित शेट्टी और अभिषेक कपूर ने मीटिंग कर निकाला हल
सारा ने कहा कि इन सब परेशानियों के बीच एक दिन रोहित शेट्टी और केदारनाथ के डायरेक्टर अभिषेक कपूर ने मीटिंग की। रोहित शेट्टी ने सारा के शूटिंग के तीन दिन की डेट्स अभिषेक कपूर को दे दी। इसके बाद मामला शांत हो गया।

फिल्म केदारनाथ सारा अली खान की डेब्यू फिल्म थी। इस फिल्म में उनके साथ लीड रोल में दिवंगत एक्टर सुशांत सिंह राजपूत थे। यह फिल्म थिएटर्स में कुछ खास कमाल नहीं दिखा सकी। वहीं, सिम्बा की बात करें तो इसे ऑडियंस ने पसंद किया था। फिल्म सुपरहिट हुई थी।

देहरादून के जॉली ग्रांट एयरपोर्ट पर खुला Balenzia का नया आउटलेट

भारत के अग्रणी मोजे ब्रांड Balenzia सॉक्स ने देहरादून के जॉली ग्रांट एयरपोर्ट पर अपना नया स्टोर शुरू किया है।जॉली ग्रांट पर नया बैलेन्जिया स्टोर प्रीमियम मोजों की श्रृंखला पेश करेगा। जिसमें कैजुअल वियर, फॉर्मल वियर और एथलेटिक वियर शामिल हैं।

By Kushagra Valuskar

Publish Date: Sat, 22 Jun 2024 08:01:25 PM (IST)

Up to date Date: Sat, 22 Jun 2024 08:01:25 PM (IST)

देहरादून में Balenzia Socks का नया स्टोर खुला।

बिजनेस डेस्क, देहरादून। भारत के अग्रणी मोजे ब्रांड Balenzia Socks ने देहरादून के जॉली ग्रांट एयरपोर्ट पर अपना नया स्टोर शुरू किया है। इस स्टोर के जरिए यात्री अपनी जरूरत का सामान खरीद पाएंगे।

देहरादून में बैलेन्जिया स्टोर बेहतर प्रदर्शन करेगा

जॉली ग्रांट एयरपोर्ट, उत्तराखंड के सुंदर हिल स्टेशनों और आध्यात्मिक स्थलों के लिए महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करता है। बड़ी संख्या में पर्यटक और व्यापारिक यात्री इस हवाई अड्डे पर यात्रा करते हैं।

साथ ही शहर में कई प्रसिद्ध शिक्षण संस्थान है, जिससे यहां छात्रों की संख्या काफी ज्यादा है। ऐसे में देहरादून में Balenzia का स्टोर एक आदर्श अवसर प्रस्तुत करता है।

कंपनी हेड ऑफ स्ट्रेटजी श्रुति गुप्ता ने कहा

Balenzia की हेड ऑफ स्ट्रेटजी श्रुति गुप्ता कहा कि जॉली ग्रांट हवाई अड्डे पर हमारे स्टोर का उद्घाटन हमारे ब्रांड के उद्देश्यों के साथ मेल खाता है, जो दृश्यता बढ़ाने और नए ग्राहक वर्गों से जुड़ने के लिए है। देहरादून में स्टोर खोलने को लेकर बम काफी उत्साहित हैं।

जॉली ग्रांट पर नया Balenzia स्टोर प्रीमियम मोजों की श्रृंखला पेश करेगा। जिसमें कैजुअल वियर, फॉर्मल वियर और एथलेटिक वियर शामिल हैं। इस नवीनतम विस्तार के साथ Balenzia पूरे भारत में ग्राहकों को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद और असाधारण ग्राहक सेवा प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।

Balenzia के बारे में

Balenzia भारत का सबसे पसंदीदा सॉक्स ब्रांड है। ब्रांड के पास हाई क्वालिटी वाले और स्टाइलिश सॉक्स की कई सीरीज उपलब्ध हैं। ब्रांड अपने ग्राहकों को लेटेस्ट डिजाइन, स्टायल और ट्रेंडिंग कलर वाले प्रोडक्ट उपलब्ध करवाता है। साल 2023 में बैलेन्जिया को बेस्ट लाइफस्टाइल प्रोडक्ट फैशन एक्सेसरीज का अवार्ड मिला था।

Bilaspur Courtroom Information: हाई कोर्ट के आदेश के दो महीने विलंब से याचिकाकर्ता को मिली राहत

कोर्ट ने अफसरों के खिलाफ जुर्माना करने से इन्कार कर दिया है।आरएन सनमानी ने अपनी याचिका में कहा है कि जिला-कोरिया से 31 जुलाई 2017 को डिप्टी कलेक्टर पद से रिटायर हुआ। रिटायरमेंट के पश्चात उनके विरुद्ध लंबित विभागीय जांच का हवाला देकर उनके अधिकांश सेवानिवृत्ति देयक को रोक दिया।

By Yogeshwar Sharma

Publish Date: Solar, 23 Jun 2024 12:43:30 AM (IST)

Up to date Date: Solar, 23 Jun 2024 12:45:11 AM (IST)

अधिकारियों के जवाब के बाद कोर्ट ने अवमानना याचिका को निराकृत कर दिया है।

नईदुनिया न्यूज, बिलासपुर। अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान राज्य शासन के अधिकारियों ने कोर्ट को बताया कि आदेश के तकरीबन दो महीने विलंब से याचिकाकर्ता के प्रकरण का निराकरण कर दिया गया है।

अधिकारियों के जवाब के बाद कोर्ट ने अवमानना याचिका को निराकृत कर दिया है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने न्यायालयीन आदेश की अवहेलना करने के आरोप में सचिव राजस्व विभाग, कमिश्नर एवं कलेक्टर सरगुजा के खिलाफ जुर्माना लगाने की मांग की थी।

कोर्ट ने अफसरों के खिलाफ जुर्माना करने से इन्कार कर दिया है।आरएन सनमानी ने अपनी याचिका में कहा है कि जिला-कोरिया से 31 जुलाई 2017 को डिप्टी कलेक्टर पद से रिटायर हुआ। रिटायरमेंट के पश्चात उनके विरुद्ध लंबित विभागीय जांच का हवाला देकर उनके अधिकांश सेवानिवृत्ति देयक को रोक दिया।

20 जुलाई 2022 को विभागीय जांच में दोषमुक्त कर दिया गया। दोषमुक्ति के एक वर्ष तीन माह पश्चात् भी सेवानिवृत्ति देयक का भुगतान नहीं किया गया। मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने 60 दिनों के भीतर प्रकरण का निराकरण करने के निर्देश राज्य शासन को दिए थे।

निर्धारित समयावधि में हाई कोर्ट के आदेश का पालन ना होने पर याचिकाकर्ता ने अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं दुर्गा मेहर के माध्यम से अवमानना याचिका दायर की। अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय ने पैरवी करते हुए कहा कि वर्तमान में याचिकाकर्ता की उम्र 68 वर्ष है।

छत्तीसगढ़ राज्य में पदस्थ वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा हाई कोर्ट के आदेशों का निर्धारित समयावधि में पालन ना कर लगातार कोर्ट के आदेशों की अवमानना की जा रही है। अधिकांश सीनियर सिटीजन को उनके जीवनकाल में न्याय नहीं मिल पा रहा है। हाई कोर्ट में लगातार अवमानना याचिका पेश कर न्याय की गुहार लगा रहे हैं।

अधिवक्ता पांडेय ने न्यायालयीन आदेश की अवहेलना करने के आरोप में नीलम नामदेव एक्का (सचिव, राजस्व विभाग), महावीर राम (डिप्टी कमिश्नर, सरगुजा) एवं विनय कुमार लांगे (कलेक्टर, कोरिया) के विरुद्ध जुर्माना लगाने एवं कार्रवाई की मांग की। मामले की सुनवाई एनके चंद्रवंशी के सिंगल बेंच में हुई। कोर्ट ने वरिष्ठ अफसरों के खिलाफ जुर्माना से इन्कार कर दिया। कोर्ट के निर्देश के चार महीने बाद राज्य शासन ने प्रकरण का निराकरण कर दिया था। मामले की सुनवाई के बाद सिंगल बेंच ने याचिका को निराकृत कर दिया है।