OBC Reservation Protest: महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण के विरोध में उतरे OBC, असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार से कर दी ये मांग
महाराष्ट्र की राजनीति में मराठा और ओबीसी आरक्षण के मुद्दे की गूंज सुनाई दे रही है। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। ऐसे में यह भाजपा के लिए कहीं से भी शुभ संकेत नहीं है। अब इस मुद्दे पर असदुद्दीन ओवैसी ने भी राजनीतिक बयानबाजी करना शुरू कर दिया है। उन्होंने भाजपा पर मराठाओं और ओबीसी को लड़ाने का आरोप लगाया।
By Anurag Mishra
Publish Date: Sat, 22 Jun 2024 05:26:33 PM (IST)
Up to date Date: Sat, 22 Jun 2024 05:26:33 PM (IST)

HighLights
- महाराष्ट्र में 2024 में होंगे विधानसभा चुनाव।
- शिंदे सरकार के लिए आरक्षण का मुद्दा बना गले की फांस।
- मराठा आरक्षण के खिलाफ ओबीसी समाज का प्रदर्शन।
डिजिटल डेस्क, इंदौर। महाराष्ट्र में आरक्षण का मुद्दे शिंदे सरकार के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। मराठा आरक्षण के विरोध में अब ओबीसी समाज सड़कों पर उतर आया है। केज-लातूर और अहमदनगर-अहमदपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर समाज के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया।
महाराष्ट्र में हो रही आरक्षण की राजनीति में एआईएमआईएम के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी की भी एंट्री हो गई है। उन्होंने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि चुनाव के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओबीसी, एससी, एसटी समाज के आरक्षण को मुसलमानों से खतरा बता रहे थे।
असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट कर कहा कि चुनाव के दौरान मोदी कहते थे कि ओबीसी, एससी, एसटी समाज के आरक्षण को मुसलमानों से खतरा है। ओबीसी और मराठा समाज के बीच आरक्षण को लेकर आज तनाव बन चुका है, क्योंकि आरक्षण की सीमा 50 फीसदी तक सीमित कर दी गई है।
आरक्षण की मलाई और का खा रहा है- ओवैसी
चुनाव के दौरान मोदी कहते थे कि OBC, SC, ST समाज के आरक्षण को मुसलमानों से ख़तरा है। OBC और मराठा समाज के बीच, आरक्षण को लेकर आज तनाव बन चुका है क्योंकि आरक्षण की सीमा 50% तक सीमित कर दी गई है। भारत के अल्पसंख्यक, पिछड़ों, अतिपिछड़ों को सूखी रोटी के लिए लड़ाया जा रहा है और मलाई…
— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) June 22, 2024
उन्होंने कहा कि भारत के अल्पसंख्यक, पिछड़ों, अतिपिछड़ों को सूखी रोटी के लिए लड़ाया जा रहा है और मलाई कोई और खा रहा है। आने वाले सेशन में 400-पार सरकार को संशोधन ला कर 50 फीसदी सीमा को खत्म करना चाहिए।
ओबीसी समाज की मांग
पटना हाईकोर्ट ने बिहार सरकार के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें आरक्षण की सीमा को बढ़ाकर 65 फीसदी कर दिया गया था। उसके बाद से ओबीसी समाज मराठा आरक्षण के खिलाफ उतर गया है। ओबीसी समाज की सरकार से मांग है कि वह मनोज जरांग की मसौदा अधिसूचना को अमल में ना लेकर आए।

