Dhar Crime: SDOP बनी गर्लफ्रेंड… थाना प्रभारी ने भेष बदलकर कचरा उठाया, ढाबे में बर्तन धोए और लूट के आरोपियों को ऐसे धर दबोचा
लूट के तीनों आरोपी पीथमपुर में छुपे हुए थे। एसडीओपी धामनोद मोनिका सिंह ने योजना बनाई और पुलिस टीम ने भेष बदलकर आरोपियों को धर दबोचा। SDOP मोनिका सिंह से आरोपियों से गर्लफ्रेंड बनकर बात की और पीथमपुर चौपाटी पर मिलने के लिए बुलाया।
By Sandeep Chourey
Publish Date: Fri, 21 Jun 2024 07:02:44 PM (IST)
Up to date Date: Fri, 21 Jun 2024 07:02:44 PM (IST)

HighLights
- शातिर बदमाशों को पकड़ने के लिए पुलिस ने बदला भेष
- बगड़ी फाटे पर बैंककर्मी के साथ दिनदहाड़े हुई थी लूट
- पीथमपुर चौपाटी से लूट के आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
नईदुनिया न्यूज, नालछा, धार। जिले के बगड़ी फाटे के पास 18 जून की दोपहर में भारत फाइनेंस कंपनी के बैंक कर्मी के साथ 3 अज्ञात बदमाशों ने लूट की वारदात की थी और 55 हजार रुपए नकद और एक टैबलेट लूटकर भाग गए थे। पुलिस ने लूट की इस वारदात का पर्दाफाश करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस को बदलना पड़ा अंदाज
शातिर बदमाशों को पकड़ने के लिए पुलिस को भी अपना अंदाज बदलना पड़ा। पुलिस ने नया तरीका अपनाया। इसमें SDOP महिला मित्र बनी तो टीआई ने मुस्लिम वेशभूषा में आरोपियों को पीथमपुर चौपाटी से गिरफ्तार किया। आरोपियों को पकड़ने के लिए थाना प्रभारी ने गन्ने का कचरा साफ किया तो पुलिसकर्मियों ने ढाबे पर बर्तन भी धोए।
एसडीओपी मोनिका सिंह और थाना प्रभारी ईश्वर सिंह चौहान ने लूट की घटना का पर्दाफाश करते हुए बताया कि घटना के बाद से ही अज्ञात आरोपी फरार थे। आरोपियों को पकड़ना पुलिस के लिए चुनौती हो गई थी।
बाइक नंबर के आधार पर मिली सफलता
एसपी मनोज सिंह के निर्देशन में गठित की गई टीम ने घटना पर काम करना शुरू किया। घटनास्थल पर बैंक कर्मी ने आरोपियों की बाइक के नंबर लिखकर पुलिस को बताए थे। इसी आधार पर पुलिस बाइक मालिक तक पहुंची और घटना के दूसरे दिन ही बाइक के मालिक एवं अन्य सहयोगी आरोपियों को गिरफ्तार किया था। हालांकि बाइक का मालिक लूट की वारदात में शामिल नहीं था, लेकिन योजना बनाने में जरूर शामिल था।
वर्षीय संजय पुत्र दितिया भाभर और 21 वर्षीय रवि पुत्र सुखराम सुरताने दोनों निवासी नीलकंठ मांडू को गिरफ्तार किया गया। इन दोनों से लूट में शामिल तीन अन्य आरोपियों के पीथमपुर में होने की जानकारी और उनके मोबाइल नंबर मिले। बगड़ी फाटे के समीप लूट की घटना को अंजाम देने के बाद तीनों ही आरोपी उमरबन पहुंच गए थे, जहां से बाद में तीनों आरोपी पीथमपुर आ गए।
आरोपियों ने 2 दिन मोबाइल बंद रखे
पीथमपुर में तीनों आरोपी छुपे हुए थे। इस पर एसडीओपी धामनोद मोनिका सिंह ने योजना बनाई और एक आरोपी, जिसका दो दिन बाद मोबाइल चालू हुआ था, उससे महिला बनकर चर्चा की और उसे जाल में फंसाया। उससे मिलने के लिए समय ले लिया।
महिला होने के पुष्टि करते हुए आरोपियों ने SDOP मोनिका सिंह से मोबाइल पर वीडियो कॉल कर बात की और इसके बाद मिलने का स्थान पीथमपुर चौपाटी बताया। इसी के बाद आरोपियों को पकड़ने की आगे की योजना बनाई। इसके तहत नालछा थाना प्रभारी ईश्वर सिंह चौहान मुस्लिम युवक की वेशभूषा में तैयार हुए और एबी रोड स्थित पलाश चौराहे से बस में बैठकर आरोपी के बताए स्थान पर रवाना हुए।
नालछा थाने से आरक्षक राहुल, नवीन राठौर, थाना सेक्टर पीथमपुर एक से आरक्षक सचिन सोनेर, सूरज तिवारी व शैलेंद्र भदौरिया की तय स्थान पर तैनात की। इसी बीच आरोपित से एसडीओपी सिंह लगातार संपर्क में रहीं और उन्हें बुलाने का प्रयास किया।
टीआई ने कचरा साफ किया तो पुलिसकर्मियों ने होटल में बर्तन धोए
महिला मित्र से मिलने में आरोपियों द्वारा ज्यादा समय लगाया जा रहा था। किसी को शंका न हो, इसलिए नालछा टीआई चौहान ने गन्ने के रस का कचरा साफ किया, जबकि बस के इंतजार में खड़े पुलिस स्टाफ ने कुछ ढाबे पर बर्तन धोए। इस दौरान सभी सतर्क थे।
इसी बीच तीनों आरोपित 22 वर्षीय योगेश पुत्र प्रकाश निवासी ग्राम भोपावर थाना सरदारपुर, 24 वर्षीय जीवन पुत्र जगदीश निवासी ग्राम मेहंदी खेड़ा थाना मांडू और 21 वर्षीय संजय पुत्र भेरूसिंह निवासी मांडू बाइक पर आए। इन लोगों ने महिला मित्र से बात करने का प्रयास किया। पहले से ही सतर्क पुलिस बल ने SDOP मोनिका सिंह का इशारा पाते ही तीनों आरोपियों को धर दबोचा।
नकदी राशि व वाहन जब्त
एसडीओपी सिंह ने बताया कि पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटी गई कुल राशि 55 हजार 779 रुपये में से 28 हजार 300 रुपए एवं घटना में प्रयुक्त दो बाइक, फरियादी से छीना टैबलेट बरामद किया है। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर दिया है।

