Avika Gor was touched inappropriately by her bodyguard | अविका गौर को बॉडीगार्ड ने गलत तरीके से छुआ था: एक्ट्रेस बोलीं-‘उसने दो बार ऐसा किया, उस समय मुझे समझ नहीं आया कि क्या करना चाहिए’

30 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

बॉलीवुड और टीवी एक्ट्रेस अविका गौर सेक्सुअली हैरेस हो चुकी हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने इस बात का खुलासा किया और बताया कि ये घटना तब हुई थी जब वो एक इवेंट के सिलसिले में कजाखस्तान गई थीं। उन्होंने बताया कि उनके ही बॉडीगार्ड ने उन्हें गलत तरीके से छुआ था।

अविका ने कहा-‘दो बार बॉडीगार्ड ने गलत तरीके से छुआ’

अविका ने एक पुरानी घटना का जिक्र करते हुए कहा, ‘मुझे याद है कि किसी ने मुझे पीछे से छुआ था, जब मैं पीछे मुड़ी तो वहां केवल मेरा बॉडीगार्ड था। फिर एक बार मैं स्टेज पर जा रही थी, किसी ने मुझे पीछे से छूने की कोशिश की, जैसे ही मैं पीछे मुड़ी, मेरे बॉडीगार्ड के अलावा पीछे कोई नहीं खड़ा था। ये मेरे साथ दूसरी बार हो रहा था और अबकी बार मैंने आवाज उठाई।’

फिल्म ‘1920: हॉरर्स ऑफ द हार्ट’ से अविका गौर ने बॉलीवुड डेब्यू किया था

फिल्म ‘1920: हॉरर्स ऑफ द हार्ट’ से अविका गौर ने बॉलीवुड डेब्यू किया था

अविका आगे बोलीं, ‘ये बेहद शर्मनाक था। मैंने उस गार्ड का हाथ पकड़ लिया और उसकी तरफ देखा। फिर पूछा-क्या है? उसने तुरंत माफी मांग ली। इसके बाद मैं क्या करती? मैंने कुछ नहीं कहा।’

अविका ने कहा कि उस दौरान उन्हें समझ नहीं आया कि उन्हें क्या करना चाहिए था। लेकिन अब स्थिति बदल गई है, अब उन्हें पता है कि ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए।

अविका बोलीं, ‘अगर तब मेरे अंदर हिम्मत होती तो पीछे मुड़कर मैं उसे जोरदार जवाब देती। लेकिन अब मैं ऐसा कर सकती हूं मगर मैं नहीं चाहती कि ऐसा मौका कभी आए।’

अविका ने 11 साल की उम्र से एक्टिंग शुरू कर दी थी।

अविका ने 11 साल की उम्र से एक्टिंग शुरू कर दी थी।

‘बालिका वधू’ के नाम से फेमस हैं अविका

अविका ने 2008 में अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत टेलीविजन सीरियल ‘बालिका वधू’ से की थी जिसके लिए उन्हें बेहद लोकप्रियता मिली। इसके बाद वह ‘ससुराल सिमर का’, ‘लाडो: वीरपुर की मर्दानी’ और नॉन फिक्शन शो जैसे ‘झलक दिखला जा (सीजन 5)’, ‘बॉक्स क्रिकेट लीग (सीजन 2)’, ‘फियर फैक्टर: खतरों के खिलाड़ी 9’ में नजर आ चुकी हैं। 2013 में अविका ने फिल्मों का रुख भी किया। वह तेलुगु और कन्नड़ फिल्मों में नजर आ चुकी हैं।

भोपाल में शुरू होगी मप्र की पहली जीआइएस लैब, सैटेलाइट कैमरे से रखी जाएगी अतिक्रमण पर नजर

अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार लैब के आरंभ होने से मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों में होने वाले नए निर्माणों पर भोपाल से नजर रखा जाना संभव होगा। इसके माध्‍यम से नए निर्माण की जानकारी संबंधित शहर के निगमायुक्‍त को मोबाइल के माध्‍यम से मिल जाएगी। इसे जांच के बार कार्रवाई में भी आसानी हो जाएगी।

By Hemant Kumar Upadhyay

Publish Date: Wed, 19 Jun 2024 06:36:06 AM (IST)

Up to date Date: Wed, 19 Jun 2024 06:36:06 AM (IST)

लैब के शुरू होते ही नए निर्माणों पर भोपाल से नजर रखी जाएगी। – सांकेतिक चित्र।

HighLights

  1. जीआइएस लैब के लिए टेंडर हुए जारी, जल्द शुरू होगा काम।
  2. नगरीय निकायों में जीआइएस संपत्तियों की मैपिंग करवाई जा रही।
  3. इसमें पंजीयन और राजस्व विभाग के अधिकारी मदद करेंगे।

मदनमोहन मालवीय, भोपाल। मध्‍य प्रदेश की पहली जीआइएस लैब भोपाल में शुरू होगी। इसके लिए सभी तरह की प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा टेंडर भी जारी कर दिए गए हैं। अब काम शुरू किया जाना है।

इस लैब के शुरू होते ही मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों में होने वाले नए निर्माणों पर भोपाल से नजर रखी जाएगी। दरअसल, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा राजस्व और पंजीयन विभाग की मदद से नगरीय निकायों में जियोग्राफिकल इंफार्मेशन सिस्टम (जीआइएस) संपत्तियों की मैपिंग करवाई जा रही है।

naidunia_image

इस मैपिंग के बाद शहरों में जहां भी नया निर्माण होगा, उसकी जानकारी भोपाल में बनाई जा रही लैब से संबंधित शहर के निगमायुक्त के मोबाइल पर पहुंच जाएगी। इसके आधार पर वह जांच करवाकर कार्रवाई कर सकेंगे।

इसमें पंजीयन और राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा मदद की जाएगी। अब तक भोपाल, इंदौर, सागर, मुरैना, ग्वालियर सहित अन्य शहरों में संपत्तियों की जीआइएस मैपिंग की जा चुकी है जबकि शेष जिलों में अभी जारी है।

इस तरह काम करेगी जीआइएस लैब

सैटेलाइट के साथ-साथ रिमोट सेंसिंग एजेंसी से मैप डाटा और लाइव फीड लेंगे। इसके लिए एजेंसी से टाइअप होगा। यहां 15 एक्सपर्ट की टीम होगी। लैब शुरू होने पर रिमोट सेंसिंग एजेंसी जैसे ही डाटा देगी, उस आधार पर संबंधित नगर निगम को सूचना भेजकर कार्रवाई करवाई जाएगी। लैब द्वारा ली गई फोटो प्रत्येक 15 से 30 दिन में अपडेट होगी। इस दौरान यदि अवैध निर्माण होता दिखा, तो निगम की टीम मौके पर पहुंचेगी। इसके बाद भी यदि लापरवाही की गई तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।

अभी खाली प्लाट पर दिखते हैं निर्माण

भोपाल में वर्ष 2016-17 में प्राॅपर्टी टैक्स के लिए जीआइएस सर्वे शुरू हुआ था, जो अब भी आधा-अधूरा है। सर्वे के बाद मकानों बिल्डिंगों का क्षेत्र बढ़ा हुआ दिखाई देता है और खाली भूखंड पर भी निर्माण नजर आते हैं। वर्ष 2016-17 के बाद से कई इमारतें बनी हैं, ऐसे में दोबारा से सर्वे किया जाना जरूरी है।

करवाई जा रही है मैपिंग

नगरीय प्रशासन एवं विकस विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रथम चरण में डेढ़ दर्जन नगर निगमों के भवनों की जीआइएस मैपिंग कराई गई है। भोपाल, इंदौर, मुरैना, सागर सहित कुछ जिलों में काम पूरा हो चुका है। इस लैब से यह पता चल सकेगा कि निर्माण अवैध या वैध। इसके बाद आगे की कार्रवाई करने में आसानी होगी ।

इनका कहना है

जीआइएस लैब शुरू करने को लेकर प्रक्रिया जारी है। जिलों में मैपिंग का काम भी कराया जा रहा है। इसके लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। जल्द ही काम शुरू कर दिया जाएगा।

– भरत यादव, आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग

MP Information: गुना, शिवपुरी और अशोकनगर जिले के तीन गांव बनेंगे ‘5जी इंटेलिजेंट विलेज’

केंद्रीय दूरसंचार मंत्रालय ने 5जी इंटेलिजेंट विलेज और क्वांटम एन्क्रिप्शन एल्गोरिदम श्रेणियों के तहत इस आशय की घोषणा की है। देश भर के 10 गांवों का इसके लिए चयन किया गया है। इनमें अशोकनगर का रांवसर, गुना जिले का आरी और शिवपुरी का बांसखेड़ी गांव शामि‍ल है। इसका मकसद 5जी टेक्नोलाजी की मदद से ग्रामीण इलाकों में अभूतपूर्व बदलाव लाना है।

By Hemant Kumar Upadhyay

Publish Date: Wed, 19 Jun 2024 06:20:10 AM (IST)

Up to date Date: Wed, 19 Jun 2024 06:25:12 AM (IST)

MP News: गुना, शिवपुरी और अशोकनगर जिले के तीन गांव बनेंगे ‘5जी इंटेलिजेंट विलेज’
इंटेलिजेंट विलेज का उद्देश्य ग्रामीण जीवन में बदलाव और डिजिटल समावेशन। – सांकेतिक चित्र

HighLights

  1. केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने केंद्रीय दूरसंचार मंत्रालय का दायित्‍व संभाला है।
  2. 5जी इंटेलिजेंट विलेज और क्वांटम एन्क्रिप्शन एल्गोरिदम श्रेणियों के तहत प्रस्ताव।
  3. आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए 5जी प्रौद्योगिकी का उपयोग लक्ष्‍य रखा गया।

नईदुनिया प्रतिनिधि, गुना। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दूरसंचार मंत्रालय का पदभार संभालने के एक सप्ताह बाद ही देश के ग्रामीण इलाकों की नई पहल में शिवपुरी, गुना और अशोकनगर जिले के तीन गांव को लाभांवित किया है।

यह है लक्ष्‍य

दूरसंचार मंत्रालय द्वारा 5जी इंटेलिजेंट विलेज और क्वांटम एन्क्रिप्शन एल्गोरिदम श्रेणियों के तहत प्रस्ताव की घोषणा की है। इस 5जी इंटेलिजेंट विलेज के उद्देश्य के तहत ग्रामीण जीवन में बदलाव लाने और डिजिटल समावेशन व आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए 5जी प्रौद्योगिकी का उपयोग करना है।

देशभर से चुने 10 गांव

देश भर की इन 10 गांवों की सूची में गुना लोकसभा के अंतर्गत तीन गांवों को शामिल किया गया है। इनमें अशोकनगर के रांवसर, गुना जिले के आरी और शिवपुरी के बांसखेड़ी गांव का चयन किया गया है।

naidunia_image

इन गांवों का भी हुआ चयन

इनके अलावा गुजरात के आनंद जिले के धर्मज, उत्तरप्रदेश के गोरखपुर जिले के रामगढ़, हरयाणा के अंबाला जिले के आनंदपुर जलबेरा, महाराष्ट के नागपुर जिले का बजरगांव, राजस्थान भीलवाड़ा जिले का भगवानपुरा, असम के नागौन जिले का दबलोंग, आंध्रप्रदेश के गुंटुर जिले के बर्रीपलेम गांव का चयन किया गया है।

प्रस्ताव आमंत्रित

इन चयनित गांवों को 5जी के अल्ट्रा रिलायबल लो लेटेंसी कम्युनिकेशन और मैसिव मशीन टाइप कम्युनिकेशन तकनीकों का प्रभावी तौर पर उपयोग में समर्थ बनाने के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं, जो 5जी कनेक्टिविटी के फायदों को प्रदर्शित करते हैं।

यह कार्य हैं शामि‍ल

बता दें कि इन प्रस्तावों में भागीदारी के लिए उद्योग, एमएसएमई, स्टार्टअप, शिक्षा जगत और उन सरकारी विभागों को आमंत्रित किया गया है, जो दूरसंचार उत्पादों एवं समाधानों के प्रौद्योगिकी डिजाइन, विकास एवं वाणिज्यिकरण जैसे कार्यों में शामिल हैं।

ग्रामीण इलाकों में अभूतपूर्व बदलाव का लक्ष्‍य

मंत्रालय का लक्ष्य है कि 5जी टेक्नोलाजी की मदद से ग्रामीण इलाकों में अभूतपूर्व बदलाव लाया जा सके। यह पहल कृषि, शिक्षा, स्वास्थ, शासन और सस्टेनेबिलिटी जैसे क्षेत्रों पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और इससे रोजगार सृजन में भी मदद मिलेगी।

इस पहल का उद्देश्य 5जी के संभावित फायदों का पता लगाने और उनका दोहन करने के लिए दूरसंचार सेवा प्रदाताओं, सेंसर विनिर्माताओं, सीसीटीवी आपूर्तिकर्ताओं और आईओटी सेवा प्रदाताओं को एक ही प्लेटफार्म पर जुटाना है।

इस प्रकार यह प्लेटफार्म इस क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास के एक प्रमुख केंद्र के रूप में कार्य करेगा। इसकी घोषणा केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने अपने एक्स-हैंडल पर की है।

T20 World Cup: सुपर-8 के मुकाबले हो रहे हैं शुरू, 1 टीम खेलेगी कितने मैच, पहली टक्कर किन टीमों में, भारत कब खेलेगा

नई दिल्ली. आईसीसी टी20 विश्व कप के सारे लीग मैच खत्म हो चुके हैं. 20 टीमों के साथ शुरू हुए टू्र्नामेंट से 12 टीमें बाहर हो चुकी है. सुपर 8 में पहुंची टीमों के बीच मुकाबला शुरू होने वाला है. पाकिस्तान, न्यूजीलैंड और श्रीलंका जैसी बड़ी टीमों पहले दौर से बाहर हो गई जबकि अमेरिका और अफगानिस्तान की टीमों ने सुपर 8 में पहुंचकर सबको चौंकाया. बुधवार 19 जून से टी20 विश्व कप के अगले दौर की शुरुआत होने जा रही है. सभी टीमों को सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए तीन-तीन मैच खेलने का मौका मिलेगा.

20 टीमों को आईसीसी टी20 विश्व कप में 5-5 के चार ग्रुप में बांटा गया था. हर ग्रुप में टॉप पर रहने वाली चार टीमों को अगले दौर में पहुंचने का मौका मिली. भारत और अमेरिका ने ग्रुप ए, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड ने ग्रुप बी, वेस्टइंडीज और अफगानिस्तान ने ग्रुप सी से जबकि साउथ अफ्रीका और बांग्लादेश ने ग्रुप डी से सुपर 8 में जगह पक्की की.

सुपर-8 की टीमें और ग्रुप
लीग स्टेज में अपने अपने ग्रुप में टॉप दो पर रहने वाली टीमों को सुपर 8 में जगह दी गई है. इन 8 टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया है. भारत, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश और अफगानिस्तान को ग्रुप 1 में रखा गया है. इंग्लैंड, साउथ अफ्रीका के अलावा मेजबान अमेरिका और वेस्टइंडीज को रखा गया है. सभी टीमें अपने ग्रुप की तीन टीमों के खिलाफ मुकाबला खेलेगी. सुपर 8 का पहला मैच साउथ अफ्रीका और अमेरिका के बीच खेला जाना है.

भारत का मुकाबला किन टीमों से
भारतीय टीम सुपर-8 में पहला मैच 20 जून को अफगानिस्तान के खिलाफ खेलेगी. 22 जून को टीम इंडिया बांग्लादेश के खिलाफ खेलने उतरेगी. सुपर 8 के आखिरी मैच में भारत का सामना 24 जून को ऑस्ट्रेलिया से होगा.

Tags: Rohit sharma, T20 World Cup