Damoh Information : दमोह कलेक्टर बोले-हर हाल में लागू होगा एप, विधायक ने कहा-जरूरत नहीं, यह है विवाद की जड़

Damoh Information : मंगलवार से प्रारंभ हुए नए शिक्षण सत्र को लेकर दमोह जिले में विवाद खड़ा हो गया। कलेक्टर सुधीर कोचर ने शिक्षकों की स्कूल में उपस्थिति को लेकर स्पष्ट किया है कि सार्थक एप हर हाल में लागू होगा। वहीं हटा विधानसभा क्षेत्र से विधायक उमादेवी खटीक ने विरोध दर्ज कराते हुए कलेक्टर को पत्र लिखा है कि एप को लागू करने की आवश्यकता प्रतीत नहीं हो रही।

By Dheeraj kumar Bajpai

Publish Date: Wed, 19 Jun 2024 10:46:53 AM (IST)

Up to date Date: Wed, 19 Jun 2024 10:46:53 AM (IST)

Damoh News : दमोह कलेक्टर बोले-हर हाल में लागू होगा एप, विधायक ने कहा-जरूरत नहीं, यह है विवाद की जड़

HighLights

  1. सार्थक एप को लेकर कलेक्टर कोचर और विधायक खटीक आमने-सामने।
  2. स्कूलों में शत-प्रतिशत उपस्थिति एप पर हाजिरी दर्ज कराने को अनिवार्य किया।
  3. शिक्षकों को स्कूल से गायब रहने का मौका नहीं मिलेगा, शिक्षा का स्तर भी बढ़ेगा।

Damoh Information : सुनील गौतम, नईदुनिया, दमोह। शासन ने शिक्षकों की स्कूलों में शत-प्रतिशत उपस्थिति को लेकर सार्थक एप पर हाजिरी दर्ज कराने को अनिवार्य किया है। शिक्षक इस व्यवस्था का विरोध कर रहे हैं। स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति शत-प्रतिशत सुनिश्चित हो इसके लिए कलेक्टर ने सार्थक एप का उपयोग करने के निर्देश शिक्षकों को दिए हैं। विधायक के पत्र का स्थानीय लोगों ने भी विरोध करते हुए कहा कि नई व्यवस्था को सुचारू रूप से व्यवस्थित ढंग से लागू किया जाना चाहिए।

इसलिए जरूरी है एप

सार्थक एप से समस्त शिक्षकों को स्कूल पहुंचकर अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करनी है। इस एप से जहां शिक्षकों को स्कूल से गायब रहने का मौका नहीं मिलेगा। वहीं बिना किसी निरीक्षण के भी स्कूलों की शिक्षकों की उपस्थिति भी सुनिश्चित होगी। शिक्षकों की उपस्थिति होने से छात्र-छात्राओं को अध्ययन सुचारू रूप से कराया जाएगा। साथ ही स्कूलों में भी सुधार के साथ-साथ शिक्षा का स्तर भी बढ़ेगा। जिले में कई बार ऐसे मामले भी सामने आए हैं जब शिक्षकों ने स्वयं स्कूल नहीं जाकर दूसरे से शिक्षण कार्य करा लिया। इस एप से ऐसा संभव नहीं हो सकेगा। वहीं शासन ने अटैचमेंट की व्यवस्था समाप्त कर दी है।

ऐसा है विधायक के पत्र का मजमून

हटा विधायक द्वारा कलेक्टर को लिखे पत्र में उल्लेख किया गया है कि हटा विधानसभा क्षेत्र के अनेक शिक्षकों ने ज्ञापन देकर एप लागू करने पर आपत्ति जताई है। विधायक ने जिले के परीक्षा परिणाम 90 प्रतिशत से अधिक रहने और राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगी परीक्षाओं में जिले को प्रदेश व देश में उत्कृष्ट स्थान मिलने की बात कही है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया है कि संयोगवश 2024 में परीक्षा परिणाम न्यूनतम रहा है। जिसके कारण जिला प्रशासन द्वारा शिक्षकों की अकर्मण्यता प्रदर्शित की जा रही है।

समस्त शिक्षकों में निराश व भय का वातावरण

दमोह जिले में शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर जो सार्थक एप लागू किया जा रहा है, इससे समस्त शिक्षकों में निराश व भय का वातावरण बना हुआ है, क्योंकि प्रदेश के किसी भी जिले में शिक्षकों की उपस्थिति के लिए सार्थक एप या अन्य किसी भी आनलाइन एप का प्रयोग नहीं किया जा रहा है। अकेले दमोह जिले के शिक्षकों के लिए सार्थक एप की आवश्यकता प्रतीत नहीं हो रही है। इस प्रक्रिया को बंद किया जाना चाहिए।

सख्ती रही है न्यूनतम परीक्षा परिणाम का कारण

इस वर्ष की संपूर्ण परीक्षा केंद्रों पर सतत व कठोर निगरानी के साथ-साथ औचक निरीक्षण किया गया, उससे ठेका या नकल प्रक्रिया पर अंकुश लगना भी माना जा रहा है। पिछले वर्ष तेंदूखेड़ा में बोर्ड परीक्षा के प्रश्न पत्र के लीक होने का मामला आने के बाद तत्कालीन कलेक्टर एस चैतन्य कुमार द्वारा इस मामले में जिम्मेदारों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध करने की कार्रवाई की गई। उसके बाद ही इस वर्ष की परीक्षा में कठोर निगरानी किए जाने के कारण परीक्षा परिणाम पिछले वर्षों की तुलना में गिरावट आई है।

शिक्षकों को शत प्रतिशत सार्थक एप पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य ही है और इस पर किसी भी प्रकार का कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

सुधीर कुमार कोचर, कलेक्टर।

शिक्षकों ने अवगत कराया तो मुझे महसूस हुआ कि दमोह जिले में सार्थक एप की किसी भी प्रकार की कोई आवश्यकता नहीं है। इसे लागू नहीं किया जाना चाहिए।

उमादेवी खटीक, विधायक हटा।