Bhopal Information: अब जिलों से होगा छात्रवृत्ति का वितरण, व्यवस्था में हुआ ये बड़ा बदलाव

अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को वर्ष 2021-22 की छात्रवृत्ति दो वर्ष तक नहीं मिली थी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्य सचिव वीरा राणा को समीक्षा करके व्यवस्था में सुधार करने के निर्देश दिए।

By Paras Pandey

Edited By: Paras Pandey

Publish Date: Tue, 18 Jun 2024 04:48:06 PM (IST)

Up to date Date: Tue, 18 Jun 2024 04:48:06 PM (IST)

विभाग अपना स्वतंत्र पोर्टल भी तैयार कराएगा

HighLights

  1. व्यवस्था में कुछ बड़े बदलाव हुए है
  2. पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने बीते छह माह में 618 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति बांटी
  3. दो वर्ष की लंबित छात्रवृत्ति का किया भुगतान

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश में अब अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति मुख्यालय यानी भोपाल से नहीं बल्कि जिलों से मिलेगी। छात्रवृत्ति वितरण में होने वाले विलंब को दूर करने के लिए सरकार ने व्यवस्था में परिवर्तन किया है। अब केंद्रीयकृत व्यवस्था के स्थान पर जिलों से ही छात्रवृत्ति का भुगतान होगा। आवेदन का परीक्षण कर सत्यापित करने का काम शासकीय नोडल संस्था यानी कालेज करेगा।

जबकि, इसे स्वीकृत और वितरित जिले में पदस्थ अन्य पिछड़ा वर्ग विभाग के सहायक संचालक द्वारा कलेक्टर के माध्यम से किया जाएगा। इस व्यवस्था को लागू करने से दिसंबर से अब तक पांच लाख से अधिक विद्यार्थियों को 618 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति दी जा चुकी है। साथ ही लंबित छात्रवृत्ति का भुगतान भी किया जा चुका है। छात्रवृत्ति नहीं बंटने का मामला विधानसभा में कई बार उठ चुका है।

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अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को वर्ष 2021-22 की छात्रवृत्ति दो वर्ष तक नहीं मिली थी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्य सचिव वीरा राणा को समीक्षा करके व्यवस्था में सुधार करने के निर्देश दिए। इसके बाद उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा और छात्रवृत्ति से जुड़े अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मुख्य सचिव ने बैठक की तो यह बात सामने आई कि सभी विभागों की अलग-अलग व्यवस्था है। इसमें एकरूपता लाने के निर्देश दिए। इसके बाद पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने व्यवस्था में केंद्रीयकृत के स्थान पर विक्रेंदीकृत व्यवस्था लागू कर दी।

विभाग के अपर मुख्य सचिव अजीत केसरी ने बताया कि अभी तक छात्रवृत्ति की स्वीकृति नोडल शासकीय महाविद्यालयों द्वारा की जाती थी तथा भुगतान केंद्रीयकृत व्यवस्था अनुसार संचालनालय स्तर से किया जाता था। इसमें आने वाली कठिनाइयों एवं छात्रवृत्ति वितरण में विलंब को दूर करने के साथ व्यवस्था को अधिक उत्तरदायी बनाने के लिए अब छात्रवृत्ति के आवेदनों का परीक्षण कर सत्यापित करने का दायित्व शासकीय नोडल संस्थाओं को दिया है। छात्रवृत्ति स्वीकृत करने और वितरण का कार्य जिला स्तर पर पदस्थ सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण द्वारा कलेक्टर के माध्यम से होगा।

अभी तक एपीटास पोर्टल के माध्यम से छात्रवृत्ति का वितरण होता था। इससे वित्तीय वर्ष 2022-23 में जहां केवल 256.16 करोड़ रुपये व वर्ष 2023-24 में दिसंबर तक पूर्व व्यवस्था अंतर्गत 282.2 करोड़ रुपये का वितरण किया गया। वहीं, नई व्यवस्था में दिसंबर 2023 के बाद से छह माह में ही 6.27 लाख विद्यार्थियों को 618.21 करोड़ रुपये छात्रवृत्ति का भुगतान किया जा चुका है। शैक्षणिक सत्र 2021-22 की लगभग 97 प्रतिशत एवं 2022-23 की 86 प्रतिशत से अधिक छात्रवृत्ति का वितरण कर लंबित दायित्वों का निपटारा किया जा चुका है।

अलग पोर्टल बनाएगा विभाग

अभी पिछड़ा वर्ग छात्रवृत्ति का वितरण आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा विकसित एवं संधारित एमपीटास पोर्टल द्वारा किया जा रहा है। दोंनो विभाग की छात्रवृत्ति योजनाओं के प्रविधान और प्रक्रिया में भी अंतर है इसलिए विभाग अपना स्वतंत्र पोर्टल भी तैयार कराएगा