साय सरकार जुटी है हर वर्ग के हितार्थ : रत्नावली
भाजपा नेत्री एवं अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की पूर्व सदस्य रत्नावली कौशल ने प्रदेश कांग्रेस द्वारा विष्णु देव साय सरकार को विफल बताए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं उनकी सरकार ने महज छह माह में वो कर दिखाया, जिसकी कल्पना कांग्रेस के लोग कभी नहीं कर सकते हैं। जनता मुख्यमंत्री तथा उनकी सरकार के कामकाज को सराह रही है,इसे कांग्रेस के लोग
By Yogeshwar Sharma
Publish Date: Wed, 19 Jun 2024 12:29:05 AM (IST)
Up to date Date: Wed, 19 Jun 2024 12:29:05 AM (IST)

नईदुनिया न्यूज, मुंगेली : भाजपा नेत्री एवं अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की पूर्व सदस्य रत्नावली कौशल ने प्रदेश कांग्रेस द्वारा विष्णु देव साय सरकार को विफल बताए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं उनकी सरकार ने महज छह माह में वो कर दिखाया, जिसकी कल्पना कांग्रेस के लोग कभी नहीं कर सकते हैं। जनता मुख्यमंत्री तथा उनकी सरकार के कामकाज को सराह रही है,इसे कांग्रेस के लोग पचा नहीं पा रहे हैं।
उन्होंने एक बयान में कहा है कि कहते हैं पूत के पांव पालने में ही दिख जाते हैं, वैसे ही हमारे छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार अभी शैशवास्था में ही है, और उसके नेक कदम अब जग जाहिर है। उन्होंने कहा कि छह माह की ही अल्प अवधि में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उनके मंत्रिमंडल ने ऐसे ऐतिहासिक फैसले लिए हैं कि कांग्रेस नेताओं के पेट में दर्द होने लगा है। मुख्यमंत्री साय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटियों को पूरा करने की ओर तेजी से अग्रसर हैं। महतारी वंदन योजना ने माता बहनों को आर्थिक संबल प्रदान किया है,साय सरकार बिना भेदभाव के और बगैर जातपात के भेद किए सभी महिलाओं के बैंक खाते में हर माह एक हजार रुपये की सहायता राशि डाल रही है। किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद, बीज उपलब्ध करा रही है,उनके धान की खरीदी घोषणा के अनुरूप की है और उन्हें समय पर पूरी राशि का भुगतान भी सुनिश्चित किया है। दो दिन पहले ही मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने तेंदूपत्ता संग्राहकों के भुगतान के संदर्भ के लिए बड़ा ही ऐतिहासिक फैसला लिया है। कश्यप ने बस्तर संभाग के सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर और नारायणपुर जिलों के दूर दराज के गांवों के निवासी तेंदूपत्ता संग्राहकों को उनकी पारिश्रमिक राशि का नगद भुगतान कराने की व्यवस्था कराई है। पहले इन लोगों को अपने पसीने की कमाई के लिए 60 से 100 किमी दूर स्थित बैंक शाखाओं में जाना पड़ता था,अब तेंदूपत्ता संग्राहकों को उनके गांव के ही हाट बाजार में शिविर लगाकर राशि का भुगतान किया जाएगा। कौशल ने कहा है कि तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य ज्यादातर आदिवासी भाई बहन ही संलग्न हैं,सरकार के ताजा कदम से आदिवासी समुदाय को बड़ा लाभ होगा। नक्सल उन्मूलन अभियान और नक्सल पीड़ित आदिवासियों के पुनर्वास की दिशा मे भी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने जो कदम उठाए हैं,उनके आशातीत परिणाम भी सामने आने लगे हैं। मुठभेड़ में रोज अनेक नक्सली मारे जा रहे हैं तथा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीण तेजी से समाज की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। सैकड़ों नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं। यह हमारी सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति को दर्शाता है। कांग्रेस आदिवासियों को सिर्फ वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करती आई है। देश को पहली महिला आदिवासी राष्ट्रपति और छत्तीसगढ़ को पहला आदिवासी मुख्यमंत्री देने का काम भाजपा ने ही किया है।
दयालदास बघेल हैं संवेदनशील
भाजपा नेत्री रत्नावली कौशल ने कहा है कि भाजपा अनुसूचित जाति वर्ग को भी साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है। साय मंत्रिमंडल में दयालदास बघेल को फिर से प्रतिनिधित्व मिलना इस बात का बड़ा उदाहरण है। दयाल दास बघेल बड़े ही सुलझे हुए और संवेदनशील जननेता हैं, उनकी राजनीति और प्रशासन में अदभूत पकड़ है,उन्हें इसका दीर्घ अनुभव है। डा. रमन सिंह सरकार में लगातार मंत्री पद पर रहकर बघेल ने अपनी क्षमता का बेहतर प्रदर्शन किया था। अब साय सरकार में खाद्य मंत्री के रूप में भी दयालदास जी बघेल शानदार परफारमेंस दिखा रहे हैं। हर गरीब परिवार को समय पर और पर्याप्त राशन मुहैया कराया जा रहा है। बघेल पूरी संवेदनशीलता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं,उनके नेतृत्व में सार्वजनिक वितरण प्रणाली और भी मजबूत हुई है,भ्रष्टाचार खत्म हुआ है और गरीबों को उनके हिस्से का पूरा राशन मिल रहा है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता आई है और राशन माफिया पर लगाम लगा है।

