शाहजहांपुर में शो खत्म होने के 15 मिनट बाद मल्टीप्लेक्स में लगी आग, घनी आबादी में मची अफरातफरी

शाहजहांपुर में अंबा सिनेप्लेक्स में आग लग गई। अग्निकांड से 15 मिनट पहले ही अंतिम शो समाप्त हुआ था, जिसके कारण कोई दर्शक नहीं था। करीब डेढ़ घंटे बाद दमकल टीम ने आग पर काबू पाया।

By Neeraj Pandey

Publish Date: Mon, 17 Jun 2024 01:26:54 AM (IST)

Up to date Date: Mon, 17 Jun 2024 01:26:54 AM (IST)

शाहजहांपुर में शो खत्म होने के 15 मिनट बाद मल्टीप्लेक्स में लगी आग, घनी आबादी में मची अफरातफरी
सिनेप्लेक्स में कोई दर्शक नहीं था।

HighLights

  1. सिनेप्लेक्स में रविवार देर रात लगी आग
  2. 15 मिनट पहले ही समाप्त हुआ था अंतिम शो
  3. घनी आबादी के बीच दुर्घटना से मची अफरातफरी

जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर : शाहजहांपुर में अंबा सिनेप्लेक्स में रविवार देर रात आग लग गई। करीब डेढ़ घंटे तक जूझने के बाद दमकल ने आग पर काबू पाया। एसी के आउटडोर में शार्ट सर्किट आग लगने की आशंका जताई जा रही है। अग्निकांड से 15 मिनट पहले ही अंतिम शो समाप्त हुआ था, जिसके कारण कोई दर्शक नहीं था।

दरअसल रविवार को वीकेंड के कारण सिनेमाहाल में अंतिम शो में बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे थे। रात करीब 11.30 शो समाप्त हुआ, जिसके बाद रात 11.45 बजे अचानक छत की ओर लपटें दिखीं। इसके 10 मिनट पहले ही हाल खाली हो चुका था। चंद मिनट में तारों से निकली लपटें फर्नीचर तक पहुंच गईं। रात 12.15 बजे दमकल की पहली गाड़ी पहुंची मगर, स्थिति बिगड़ती देखकर तीन अन्य गाड़ियां भी मंगवाई गईं। रात 12.45 बजे ऊंची लपटों पर काबू पा लिया।

दमकल टीम का कहना था कि जांच के बाद आग का कारण स्पष्ट हो सकेगा। प्रथम दृष्टया शार्ट सर्किट प्रतीत हो रहा। अग्निकांड के समय सिनेमाघर के आसपास रहने वाले लोग भी घबराकर घरों से बाहर निकल आए। भीषण गर्मी में रात 10 के बाद यह तीसरी घटना थी। इससे पहले रात 10 बजे कच्चा कटरा मोड़ पर ट्रांसफार्मर में आग लगी। कुछ देर बाद घंटाघर के पास कचरी-सोया लदा ट्रक अचानक जल गया।

What’s the connection of the movie Maharaj with PM Modi? | क्या है फिल्म महाराज का पीएम मोदी से कनेक्शन?: विवादों में फंसी आमिर के बेटे जुनैद की फिल्म, गुजरात HC ने लगाई रोक

18 घंटे पहले

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आमिर खान के बेटे जुनैद खान की डेब्यू फिल्म ‘महाराज’ पर गुजरात हाई कोर्ट ने रोक लगा दी है। इस फिल्म में जुनैद के अलावा जयदीप अहलावत भी हैं। फिल्म 14 जून को नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होने वाली थी। सोशल मीडिया पर इस फिल्म को बायकॉट किया जा रहा है। इतना ही नहीं फिल्म को बैन करने की मांग भी की जा रही है। लोगों का कहना है कि ये फिल्म हिंदू धर्म को आहत करती है। इन सबके बीच पीएम मोदी का एक पुराना ब्लॉग सामने आया है, जिसमें उन्होंने करसनदास मुलजी के बारे में बात की है। फिल्म महाराज में जुनैद खान ने करसनदास मुलजी का किरदार निभाया है। आइए जानते हैं कि जुनैद की फिल्म महाराज को लेकर क्यों बवाल मचा हुआ है।

फिल्म महाराज क्यों विवादों में है?

जुनैद खान और एक्टर जयदीप अहलवात की फिल्म महाराज की कहानी 1862 के मानहानि मामले की कहानी पर बेस्ड है। भारतीय कानून के इतिहास में इस केस का गहरा प्रभाव है। फिल्म में जुनैद रिपोर्टर और समाज सुधारक रहे करसनदास मुलजी का किरदार निभा रहे हैं। जिन्होंने महिलाओं के अधिकार और समाजिक सुधार के लिए आवाज उठाई थी।

एक हिंदू धर्म गुरू की कहानी को लेकर फिल्म महाराज पर विवाद चल रहा है। मानहानि मामले में हिंदू महाराज ने करसनदास पर मानहानि का केस दर्ज किया था कि वो उनकी और भक्तों की इमेज को बिगाड़ रहा है।

विवाद का दूसरा कारण

फिल्म का पोस्टर भी विवाद का एक कारण रहा है। दरअसल, पोस्टर में जुनैद के माथे पर कोई टीका लगा दिखाई नहीं दे रहा है। जबकि लोगों का कहना है कि करसनदास अपने माथे पर तिलक लगाए रहते थे।

फिल्म महाराज का पीएम मोदी से कनेक्शन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, उस समय के एक ब्लॉग में उन्होंने करसनदास मुलजी की खूब तारीफ की थी। महिला अधिकार और समाज सुधारक के तौर पर मुलजी के कार्यों को पीएम मोदी ने खूब सराहा था। अब इस बीच पीएम मोदी का वो वीडियो भी चर्चा में है।

फिल्म को सोशल मीडिया पर बायकॉट किया जा रहा है

सोशल मीडिया पर यूजर्स का दावा है कि फिल्म महाराज धार्मिक भावनाओं को आहत पहुंचाती है। इसको लेकर गुजरात हाई कोर्ट में फिल्म की रिलीज पर रोक के लिए याचिका दायर की गई। कोर्ट ने सुनवाई की और फिल्म की रिलीज को टाल दिया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 18 जून को होनी है।

खबरें और भी हैं…
INDW vs SAW: आशा शोभना ने तोड़ी साउथ अफ्रीका की कमर, टीम इंडिया ने 143 रनों से दी करारी शिकस्त

साउथ अफ्रीका महिला टीम इन दिनों भारत के दौरे पर तीन मैचों की सीरीज खेलने आई है। भारत ने तीन मैचों की सीरीज में साउथ अफ्रीका को पहले मैच में करारी शिकस्त दी है। भारत ने 143 रनों से साउथ अफ्रीका को रौंदा दिया। भारतीय गेंदबाज आशा शोभना साउथ अफ्रीका की टीम पर कहर बनकर टूटीं। उन्होंने साउथ अफ्रीका के 4 बल्लेबाजों को पवैलियन भेजा।

By Anurag Mishra

Publish Date: Solar, 16 Jun 2024 08:49:46 PM (IST)

Up to date Date: Solar, 16 Jun 2024 08:49:46 PM (IST)

INDW vs SAW: आशा शोभना ने तोड़ी साउथ अफ्रीका की कमर, टीम इंडिया ने 143 रनों से दी करारी शिकस्त
टीम इंडिया ने साउथ अफ्रीका का रौंदा

खेल डेस्क, इंदौर। भारतीय वीमेंस क्रिकेट टीम ने साउथ अफ्रीका को 143 रनों से करारी शिकस्त दी है। 3 वनडे मैचों की सीरीज में भारत ने 1-0 से बढ़त हासिल कर ली है। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए स्मृति मंधाना के शतक के दम पर 50 ओवर में 8 विकेट खोकर 265 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी साउथ अफ्रीका की टीम के सामने आशा शोभना काल बनकर उतरीं। उन्होंने 4 विकेट झटके। साउथ अफ्रीका की टीम 37.4 ओवर में 122 रन ही बनाकर ऑल आउट हो गई।

साउथ अफ्रीका के बल्लेबाज रहे फेल

साउथ अफ्रीका भारत के 265 रनों का पीछा करने उतरी, लेकिन उसके बल्लेबाज एक के बाद एक आउट होते चले गए। लौटा वूलमार्ट ने सिर्फ 4 रन बनाकर पवैलियन चलती बनीं। उसके बाद तजमिन ब्रिट्स 31 गेंदों का सामना कर 18 रन ही बना सकीं। सुने लुस ने तो 58 गेंदों का सामना किया, लेकिन सिर्फ 33 रन ही बनाए। उनका विकेट दीप्ति शर्मा ने झटका। अनेके बोस्च्ज भी कुछ खास नहीं कर पाईं और 5 रन पर आउट हो गईं। पूरी साउथ अफ्रीका की टीम लय में नजर नहीं आई। ऐसा लग रहा था कि सभी बल्लेबाजों को पवैलियन जाने की जल्दी थी।

भारतीय गेंदबाजों ने किया कमाल

भारतीय गेंदबाजों में आशा शोभना ने पूरी साउथ अफ्रीका के बल्लेबाजों की कमर तोड़ दी। आशा शोभना ने 8.4 ओवर में केवल 21 रन देकर ही 4 विकेट ले लिए। दीप्ति शर्मा ने 2 विकेट झटके। रेणुका सिंह ठाकुर, पूजा वस्त्राकर और राधा यादव को 1-1 विकेट मिला।

Korba Crime Information : ट्रक चालक से लूटपाट करने वाले बबली गैंग के दो सदस्य गिरफ्तार

पुलिस ने आरोपितों के पास से घटना में प्रयुक्त बाइक तथा चाकू और लूटे गए मोबाइल, नकदी रकम को जब्त किया।

By Pradeep Barmaiya

Publish Date: Mon, 17 Jun 2024 12:20:34 AM (IST)

Up to date Date: Mon, 17 Jun 2024 12:20:34 AM (IST)

HighLights

  1. आरोपितों को गिरफ़्तार कर न्यायिक रिमांड में जेल भेज दिया।
  2. मुखबिर को सतर्क करने के साथ ही पुलिस भी आरोपितों की पतासाजी में जुट गई।
  3. पूछताछ करने पर दोनों ने अपराध करना स्वीकार किया।

नईदुनिया प्रतिनिधि, कोरबा : ट्रक चालक को हथियार दिखा कर लूटपाट करने वाले बबली गैंग के दो सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। 15 जून की शाम 5.30 बजे सदगुरु ट्रांसपोर्ट ट्रक चालक मनीष कुमार यादव 23 वर्ष को अज्ञात लोगों ने चाकू दिखाकर उससे मोबाइल व नकदी रकम लूट कर फरार हो गए।पुलिस ने धारा 392, 34 व 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला कायम कर विवेचना शुरू की। मुखबिर को सतर्क करने के साथ ही पुलिस भी आरोपितों की पतासाजी में जुट गई। इस दौरान मुखबिर से सूचना मिलने पर चौकी प्रभारी मानिकपुर प्रेमचंद साहू की अगुवाई में बबली गैंग के आरोपित शिवम दास उर्फ़ बबली 20 वर्ष तथा उसका साथी ⁠सूरज यादव 21 वर्ष दोनों निवासी इमलीडुग्गू थाना कोतवाली को पकड़ा। पूछताछ करने पर दोनों ने अपराध करना स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपितों के पास से घटना में प्रयुक्त बाइक तथा चाकू और लूटे गए मोबाइल, नकदी रकम को जब्त किया। आरोपितों को गिरफ़्तार कर न्यायिक रिमांड में जेल भेज दिया।

रेस्क्यू टीम ने सोफे में घुसे सांप को निकाल कर छोड़ा जंगल में

नईदुनिया न्यूज कोरबा: बांकीमोंगरा क्षेत्र में रहने वाले एक परिवार उस समय दहशत में आ गया जब सात फीट का साप घर के सोफे में आकर घुस गया। परिवार के लोगों में भय छा गया। स्वजनों ने कालोनी के आस पास के लोगों की मदद से निकालने का प्रयास भी किया पर सफलता नहीं मिली।

आखिकार थक हार के इसकी सूचना वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम कोरबा के प्रमुख जितेंद्र सारथी को दिया गया। सारथी ने थोड़ी देर में अपने टीम को भेजने की बात कही। इस दौरान सोफे की निगरानी की जाती है। रेस्क्यू के लिए राकेश मानिकपुरी पहुंचे। सोफे को घर से बाहर निकालकर उसे फाड़ा गया तभी अचानक एक तरफ से वो साप बाहर आया। टीम ने बताया यह धमना सांप हैं जो की जहरीला नहीं होता पर लोग अक्सर इसके आकार और रंग को देख कर डर जाते हैं। सांप को बोरे में भरकर सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया। जितेंद्र ने कहा कि मौसम तेजी से परिवर्तन हो रहा है। सांप बिल से निकलकर बाहर आ रहे हैं। अब सभी लोगो को सतर्क रहने की आवश्कता है। उन्होने कहा कि जब भी कोई सांप दिखे तो सर्प मित्र जानकारी दें। साथ ही सर्प दंश होने पर बिना देरी किए जिला अस्पताल जाएं।

बिलासपुर स्टेशन में भ्रमित हो रहे यात्री, चलती ट्रेन में उतरते समय हो रही दुर्घटना

टोकने के लिए सुरक्षा अमला तैनात नहीं रहता। बिलासपुर जोन मुख्यालय का रेलवे स्टेशन हैं। लेकिन, इसके चारों तरफ सुरक्षा का भारी अभाव है। सुरक्षा अमला न तो गेट पर नजर आता है और न प्लेटफार्म पर तैनातगी रहती है। इस कमी के कारण कहीं न कहीं स्टेशन में अव्यवस्था फैल गई।

By Shiv Soni

Publish Date: Mon, 17 Jun 2024 12:01:41 AM (IST)

Up to date Date: Mon, 17 Jun 2024 12:01:41 AM (IST)

बिलासपुर स्टेशन में भ्रमित हो रहे यात्री, चलती ट्रेन में उतरते समय हो रही दुर्घटना
स्टेशन में उन्हें रोकने या टोकने के लिए सुरक्षा अमला तैनात नहीं रहता।

नईदुनिया न्यूज, बिलासपुर। ट्रेनों के परिचालन की स्थिति अभी सही नहीं है। रद व उद्घोषणा सुविधा ठीक ढंग से नहीं होने के कारण यात्री भ्रमित हो रहे हैं। इन्हीं भ्रम के कारण यात्री दूसरी-दूसरी ट्रेन में चढ़ जा रहे हैं। एकाएक पता चलने पर यात्री चलती ट्रेन से उतरने के प्रयास में दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। दो दिन में जोनल स्टेशन में तीन घटनाएं हुईं। सबसे विडंबना की बात यह है कि यात्री चलती ट्रेन में उतर रहे हैं। लेकिन, स्टेशन में उन्हें रोकने या टोकने के लिए सुरक्षा अमला तैनात नहीं रहता।

बिलासपुर जोन मुख्यालय का रेलवे स्टेशन हैं। लेकिन, इसके चारों तरफ सुरक्षा का भारी अभाव है। सुरक्षा अमला न तो गेट पर नजर आता है और न प्लेटफार्म पर तैनातगी रहती है। इस कमी के कारण कहीं न कहीं स्टेशन में अव्यवस्था फैल गई। दरअसल अभी अलग-अलग कार्यों के चलते रेलवे ने थोक में ट्रेनें रद कर दी हैं, जो चल रही हैं उनमें पैर रखने की जगह नहीं है। जनरल कोच की हालत तो यह है कि यात्रियों को गेट पर लटककर यात्रा करनी पड़ रही है। लेकिन, उन्हें मना करने वाला कोई नहीं है। यात्री प्रतीक्षालय से टिकट काउंटर सभी जगहों पर यात्रियों की भीड़ नजर आ रही है।

पहली घटना शुक्रवार को सामने आई। बिलासपुर-पटना एक्सप्रेस के कोच नंबर बी-6 से एक बुजुर्ग यात्री चलती ट्रेन में चढ़ते समय बाल – बाल बच गया। यात्रियों की तत्परता के कारण ट्रेन रोकी गई और बुजुर्ग यात्री को बड़ी दुर्घटना से बचा लिया। इस यात्री को बिलासपुर से चांपा जाना था। इस घटना के समय प्लेटफार्म पर आरपीएफ व जीआरपी दोनों के जवान तैनात नहीं थे। प्लेटफार्म ड्यूटी इसीलिए लगाई जाती है, ताकि कोई यात्री चलती ट्रेन से उतरने या चढ़ने का प्रयास न करें।

केस-2

शुक्रवार को ही बिलासपुर-रायगढ़ लोकल ट्रेन में एक यात्री की जान बच गई। वह यात्री चलती ट्रेन में उतरने का प्रयास कर रहा था। दरअसल यात्री इस ट्रेन को कोरबा जाने वाली ट्रेन मानकर चढ़ा था। जब ट्रेन रवाना हुई तो सहयात्रियों से पता चला कि यह कोरबा नहीं रायगढ़ जाएगी, तब वह उतरने का प्रयास करने लगा। दोपहर की इस घटना में यात्री बाल-बाल बच गया। यात्री कोरबा निवासी दिनेश प्रताप थे।

केस-3

तीसरी घटना शनिवार को उत्कल एक्सप्रेस में सामने आई। एक यात्री ट्रेन के रवाना होते समय चढ़ने का प्रयास कर रहा था। इसमें उसका शरीर अनियंत्रित हुआ और वह नीचे गिर गया। इस समय भी प्लेटफार्म ड्यूटी पर सुरक्षा अमला नहीं था। यात्रियों की तत्परता के कारण उसकी जान बची। जोन मुख्यालय के रेलवे स्टेशन में इस असुरक्षा का माहौल है। इसके बाद भी प्रशासन को व्यवस्था सुधारने की फुर्सत नहीं है।

T20 World Cup: पाकिस्तान बाल-बाल बचा, आयरलैंड के खिलाफ मुश्किल से मिली जीत, 107 रन बनाने में छूटे पसीने

नई दिल्ली. आईसीसी टी20 विश्व कप के आखिरी लीग मैच में आयरलैंड के खिलाफ खेलने उतरी पाकिस्तान की टीम को बल्लेबाजों ने निराश किया. टॉस जीतकर कप्तान बाबर आजम ने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया. शाहीन अफरीदी और इमाद वसीम की घातक गेंदबाजी के दम पर टीम ने आयरलैंड को महज 106 रन के स्कोर पर रोक दिया. बुरी तरह से लड़खडाने के बाद कप्तान बाबर आजम ने टीम को मुश्किल से जीत तक पहुंचाया.

पाकिस्तान के बल्लेबाजों ने किया निराश
आयरलैंड से मिले 107 रन के छोटे से लक्ष्य को हासिल करने में भी पाकिस्तान की टीम के पसीने छूट गए. 62 रन के स्कोर पर टीम ने अपने 6 विकेट गंवा दिए थे. सैम अयूब और मोहम्मद रिजवान की जोड़ी महज 23 रन ही जोड़ पाई. दोनों ही 17-17 रन बनाकर आउट हुए. इसके बाद फखर जमां, उस्मान खान, शादाब खान और शादाब खान एक के बाद एक चलते बने. बाबर आजम ने एक छोर पर टिककर 34 बॉल पर नाबाद 32 रन की पारी खेली और पाकिस्तान की जीत तक पहुंचाया.

पाकिस्तान की घातक गेंदबाजी
पाकिस्तान के कप्तान के टॉस जीतकर गेंदबाजी करने के फैसले को शाहीन अफरीदी ने पहले ही ओवर में दो विकेट लेकर सही साबित कर दिया. उन्होंने दूसरी बॉल पर एंड्रयू बालबर्नी को क्लीन बोल्ड किया तो इसके बाद पांचवीं गेंद पर लोरकन टकर का विकेट हासिल किया. आयरलैंड के कप्तान पॉल स्टार्लिंग को मोहम्मद आमिर ने वापस भेज टीम पर दबाव बना दिया. इससे पहले टीम संभल पाती कि शाहीन ने हैरी टेक्टर का विकेट चटका दिया.

पाकिस्तान की गेंदबाजी के आगे आयरलैंड ने महज 32 रन पर 6 विकेट गंवा दिए. इमाद वसीम ने आखिर में आकर तीन विकेट लेकर टीम के बड़े स्कोर की उम्मीद तोड़ दी. गैरेथ डेलानी और जोशुआ लिटिल ने टीम को 100 रन के पार पहुंचाया. शाहीन अफरीदी ने 22 रन देकर 3 विकेट अपने नाम किए जबकि इमाद ने 4 ओवर में महज 8 रन देकर 3 विकेट चटकाए.

FIRST PUBLISHED : June 16, 2024, 23:40 IST

किताबों से हटेगा बाबरी मस्जिद और गुजरात दंगों का जिक्र, NCERT प्रमुख बोले- इनको पढ़कर बच्चे हो सकते हैं हिंसक

NCERT की किताबों से अब गुजरात दंगो और बाबरी मस्जिद का जिक्र हटा दिया जाएगा। इस बारे में परिषद के निदेशक दिनेश प्रसाद सकलानी ने जानकारी दी है। किताबों में किए गए संशोधन पर उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि स्कूलों में दंगों और तोड़फोड़ के बारे में पढ़ाना जरूरी नहीं है। यह उनको हिंसात्मक बना सकता है।

By Anurag Mishra

Publish Date: Solar, 16 Jun 2024 08:13:41 PM (IST)

Up to date Date: Solar, 16 Jun 2024 08:13:41 PM (IST)

किताबों से हटेगा बाबरी मस्जिद और गुजरात दंगों का जिक्र, NCERT प्रमुख बोले- इनको पढ़कर बच्चे हो सकते हैं हिंसक
एनसीआरटी की किताबों में होगा बदलाव।

HighLights

  1. एनसीईआरटी की किताब से बाबरी मस्जिद और गुजरात दंगों का जिक्र हटेगा।
  2. बाबरी मस्जिद व गुजरात दंगों को पढ़कर बच्चों के मन पर पड़ता है बुरा असर।
  3. पाठ्यपुस्तकों में बदलाव प्रक्रिया का हिस्सा- एनसीईआरटी के प्रमुख

एजेंसी, नई दिल्ली। एनसीईआरटी की किताब से अब बाबरी मस्जिद और गुजरात दंगों का जिक्र हटा दिया जाएगा। इस बारे में एनसीआरटी के प्रमुख दिनेश प्रसाद सकलानी से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि दंगों के बारे में पढ़कर बच्चों के मन पर बुरा असर पड़ता है। वह हिंसक भी हो सकते हैं।

समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत करते हुए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के निदेशक दिनेश प्रसाद सकलानी ने कहा कि हर साल पाठ्यपुस्तकों में बदलाव होता है। यह प्रक्रिया एक हिस्सा है। इस पर नकारात्मक माहौल नहीं बनाना चाहिए। गुजरात दंगों या बाबरी मस्जिद विध्वंस को किताबों से हटाने पर उन्होंने कहा कि यह हमारी पाठ्यपुस्तकों का हिस्सा नहीं होने चाहिए। हम चाहते हैं कि छात्र बड़े होकर एक सकारात्मक नागरिक बनें, जिनका देश के विकास में योगदान हो। वह इनको पढ़कर हिंसक और अवसादग्रस्त व्यक्ति बन जाएंगे।

एनसीईआरटी के निदेशक दिनेश प्रसाद सकलानी ने कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर, बाबरी मस्जिद या राम जन्मभूमि के पक्ष में फैसला दिया है, तो क्या इसे हमारी पाठ्यपुस्तकों में शामिल नहीं किया जाना चाहिए, इसमें क्या समस्या है? हमने नए अपडेट में इसको शामिल किया है। हमने नई संसद का निर्माण किया है, तो क्या हमारे छात्रों को इसके बारे में नहीं पता होना चाहिए। दिनेश प्रसाद सकलानी ने कहा कि प्राचीन विकास और हाल के विकास को शामिल करना हमारा कर्तव्य है।

कोई भी काम में नहीं देता है धकल

उन्होंने कहा कि इसका निर्णय विशेषज्ञों के जरिए लिया जा रहा है। यह प्रक्रिया जारी है। एनसीईआरटी का निदेशक होने के नाते मैं निर्देश नहीं दे सकता, इसलिए हम सैकड़ों लोगों के साथ काम कर रहे हैं। वे काम करने के लिए स्वतंत्र हैं। मैं इस प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं करता हूं और ना ही ऊपर से कोई प्रक्रिया में धकल देता है। उन्हें राष्ट्रीय शिक्षा नीति के बारे में जानकारी है। वे जानते हैं कि किताबें कैसे विकसित की जाएंगी।

Jacqueline Fernandez’s assertion recorded in betting app case | बेटिंग एप मामले में जैकलीन फर्नांडिस, बादशाह का नाम आया: संजय दत्त को प्रमोशन के लिए मिले थे 25 लाख, ED ने मैनेजर के बयान लिए

6 घंटे पहले

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200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुकेश चंद्रशेखर से नाम जुड़ने के मामले में पहले ही कानूनी पचड़ों में फंसी जैकलीन फर्नांडिस का नाम बेटिंग एप मामले में सामने आया है। 12 जून को एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट और साइबर पुलिस ने मुंबई बेस्ड इवेंट मैनेजमेंट कंपनी में फेयरप्ले बेटिंग एप के मामले में रेड की थी, जो महादेव बेटिंग एप की सहायक कंपनी है। रेड में पुलिस को कुछ दस्तावेज मिले हैं, जिनमें जैकलीन फर्नांडिस, संजय दत्त और सिंगर-रैपर बादशाह का नाम मिला है। अब इस मामले में ईडी और साइबर पुलिस ने बादशाह के अलावा जैकलीन और संजय के मैनेजर्स का बयान रिकॉर्ड किया है।

हाल ही में आई फ्री प्रेस जरनल की रिपोर्ट के अनुसार, एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट ने जांच शुरू करने से पहले मामले से जुड़े लोगों के स्टेटमेंट्स रिकॉर्ड किए हैं। इन्फोर्समेंट डायरेक्ट्रेट ने रेड में मिले डॉक्यूमेंट्स की जांच की थी, जिसमें सामने आया है कि जैकलीन फर्नांडिस, संजय दत्त और बादशाह का कंपनी के साथ लेन-देन रहा है। ये स्टार्स, सट्टेबाजी करने वाली फोरप्ले बेटिंग एप के प्रमोशन में इन्वॉल्व रहे हैं। सभी के बयान जांच के लिए भेजे गए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो जैकलीन फर्नांडिस को दुबई बेस्ड कंपनी ट्रिम जनरल ट्रेडिंग एलसीसी से एप एंडोर्स करने के लिए पैसे मिले थे। वहीं दूसरी तरफ बादशाह को मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया के ल्यूकोस ग्रुफ एफजेडएफ की तरफ से पैसों का भुगतान हुआ था। महाराष्ट्र साइबर सेल ने बादशाह से उनके डॉक्यूमेंट्स, कॉन्ट्रैक्ट और पैसों के लेन-देन के दस्तावेजों पर सवाल किए हैं। बादशाह का मुंबई बेस्ड टेलेंट मैनेजमेंट फर्म, टीएम वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड और आफ्टरआर्स प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड से बेटिंग एप प्रमोट करने का एग्रीमेंट भी मिला है।

संजय दत्त को एप प्रमोट करने के लिए मिले 25 लाख रुपए

इन्फोर्समेंट डायरेक्ट्रेट और साइबर सेल के अनुसार, संजय दत्त को इंस्टाग्राम और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में बेटिंग एप प्रमोट करने के लिए सिंगापुर की गेमिंग कंपनी की तरफ से 25 लाख रुपए का भुगतान किया गया था।

रणबीर कपूर से भी की गई थी पूछताछ

बताते चलें कि महादेव बेटिंग एप का केस बीते एक साल से चल रहा है। बीते साल अक्टूबर में इस एप का प्रमोशन करने के मामले में रणबीर कपूर से छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट के ऑफिस में पूछताछ की गई थी। उन पर कोई आरोप नहीं थे। क्योंकि रणबीर ने एप का प्रमोशन किया था, ऐसे में उन्हें बेटिंग एप से लेन-देन समझने के लिए समन किया गया था।

क्या है पूरा मामला?

2023 में सौरभ चंद्राकर नाम के शख्स ने दुबई में 200 करोड़ रुपए के खर्च में शादी की थी। लैविश शादी करने पर वो एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट की रडार पर आया था। क्योंकि सौरभ चंद्राकर चंद सालों पहले छत्तीसगढ़ के भिलाई में जूस बेचा करता था। जांच में सामने आया कि सौरभ चंद्राकर अपने साथी रवि उप्पल के साथ मिलकर ऑनलाइन स्पोर्ट्स सट्टेबाजी एप (महादेव एप) के जरिए नए यूजर्स को जोड़कर मनी लॉन्ड्रिंग करता है।

मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जांच के दौरान सामने आया कि इस बेटिंग एप और सौरभ चंद्राकर से कई बॉलीवुड सेलेब्स भी जुड़े हुए हैं। सौरभ की शादी में बॉलीवुड के करीब 14-15 सेलेब्स ने परफॉर्म करने के लिए मोटी फीस ली थी।

वरिष्ठ नागरिक धारा 80टीटीबी का ले सकते हैं फायदा, आय पर इतनी कटौती का कर सकते हैं दावा

धारा 80टीटीबी करदाताओं को सावधि जमा सहित किसी भी बैंक जमा से अर्जित ब्याज आय से कटौती की अनुमति देती है। बैंक जमा पर ब्याज जैसी आय प्राप्त करने वाले वरिष्ठ नागरिक को आयकर अधिनियम की धारा 80टीटीबी के तहत कटौती का दावा करने की अनुमति है।

By Anurag Mishra

Publish Date: Solar, 16 Jun 2024 10:12:31 PM (IST)

Up to date Date: Solar, 16 Jun 2024 10:19:15 PM (IST)

वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगा फायदा।

बिजनेस डेस्क, इंदौर। धारा 80टीटीबी करदाताओं को सावधि जमा सहित किसी भी बैंक जमा से अर्जित ब्याज आय से कटौती की अनुमति देती है। बैंक जमा पर ब्याज जैसी आय प्राप्त करने वाले वरिष्ठ नागरिक को आयकर अधिनियम की धारा 80टीटीबी के तहत कटौती का दावा करने की अनुमति है। अभिषेक शर्मा, चार्टर्ड एकाउंटेंट ने धारा 80टीटीबी के बारे में पूरी जानकारी दी है।

वरिष्ठ नागरिक का अर्थ है एक निवासी व्यक्ति, जिसकी आयु पिछले वर्ष के दौरान किसी भी समय 60 वर्ष या उससे अधिक हो। यह कटौती केवल उन वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपलब्ध है, जो भारत के निवासी हैं। भारत में निवासी व्यक्ति के रूप में कोई भी वरिष्ठ नागरिक संबंधित वित्तीय वर्ष के दौरान जमा (बचत या सावधि) पर अर्जित ब्याज आय से 50 हजार रुपये तक की कटौती का दावा कर सकता है। हालांकि, इस खंड में कुछ सीमाएं और अपवाद हैं।

एक करदाता निम्नलिखित के पास रखी गई जमाराशियों (सावधि जमाओं सहित) पर अर्जित ब्याज के संबंध में धारा 80टीटीबी के तहत कटौती का दावा कर सकता है। इनमें किसी भी बैंक या बैंकिंग संस्थान सहित एक बैंकिंग कंपनी, बैंकिंग व्यवसाय में लगी एक सहकारी समिति (सहकारी भूमि बंधक बैंक या सहकारी भूमि विकास बैंक सहित), डाकघर शामिल हैं।

80टीटीबी के तहत कटौती का कर सकते हैं दावा

आपने पुरानी आयकर व्यवस्था को चुना है, तो आप धारा 80टीटीबी के तहत कटौती का दावा कर सकते हैं। यह कटौती नई आयकर व्यवस्था या धारा 115बीएसी के तहत वैकल्पिक कर व्यवस्था के तहत उपलब्ध नहीं है। आप कर-बचत उत्पादों में सोच-समझकर निवेश करके अपनी कर देयता को कम कर सकते हैं और भरपूर बचत के साथ एक सुरक्षित वित्तीय भविष्य बना सकते हैं। आपके वित्तीय उद्देश्य, जोखिम सहनशीलता और तरलता की जरूरतें, सभी कर बचाने के लिए आपके द्वारा चुने गए बैंकिंग साधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

Raisen Information: यूं ही नहीं पड़ा नाम, वाकई “रायल” था रायसेन का टाइगर

लंबे समय से इस बाघ की तलाश थी, आखिर अब वह पूरी हो गई। इंदौर के पास महू से चलकर जंगल-जंगल घूमते हुए वह रायसेन तक पहुंचा, काफी भटकने के बाद उसने रायसेन के आसपास अपने अनुकूल क्षेत्र को टेरेटरी बनाया। इस संघर्ष के दौरान तार के बाड़े में फंसने से उसी पीठ पर गंभीर घाव भी हुआ, जिसे महीने भर में उसने ठीक किया।

By Chetan Rai

Publish Date: Solar, 16 Jun 2024 07:28:33 PM (IST)

Up to date Date: Solar, 16 Jun 2024 09:31:31 PM (IST)

रायसेन में रेस्क्यू हुआ रॉयल टाइगर।

HighLights

  1. संघर्षों ने बनाया सशक्त, सामान्य बाघों से अलग हो गया बर्ताव
  2. उसे रेस्क्यू के बाद सतपुड़ा टाइगर रिजर्व भेज दिया गया है
  3. बाघ को पकड़ने में 10 दिन लग गए थे

चेतन राय, रायसेन। रेस्क्यू किए गए बाघ को रायसेन में रायल टाइगर की पहचान मिली थी। एक बार बाघ को शहर के सांची रोड स्थित “रायल” नाम के एक शादी गार्डन में घुसकर बेखौफ घूमते देखा गया था। उसके बेखौफ अंदाज और रायल गार्डन में घुसने के इत्तेफाक से उसे यह नाम मिला, लेकिन कहा जाता है कि इत्तेफाक भी यूं ही नहीं होते। रायसेन का बाघ वाकई रायल था, यह हम नहीं कह रहे। वो पूरी टीम कह रही है, जो बीते तीस दिन से बाघ को पकड़ने जंगल-जंगल भटक रही थी। रायल टाइगर कई मायनों में अलग और अनूठा था, उसका व्यवहार सामान्य बाघों की तरह नहीं था। उसे रेस्क्यू के बाद सतपुड़ा टाइगर रिजर्व भेज दिया गया है, वाइल्ड लाइफ प्रेमी इस बात को जान पा रहे हैं कि एक शानदार बाघ रायसेन से चला गया है।

“रायल” जिसका अर्थ होता है राजशी, शाही अथवा नबावी। इसे जीवन जीने के अंदाज के तौर पर देखा जाता है। यही नाम रायसेन में रेस्क्यू किए गए बाघ को यहां के लोगों ने दिया था। एक घटना के बाद जब उसे पकड़ने अभियान चलाया गया तो पहले उसके व्यवहार का आंकलन किया गया।

करीब 20 दिन स्थानीय टीम ने बाघ का सर्वे किया, इतने समय में टीम ये जान गई कि बाघ सामान्य से कुछ अलग है। टीम को समझ आ गया कि रॉयल टाइगर को पकड़ पाना उनके वश की बात नहीं। इसके बाद कान्हा, पन्ना, वन विहार और सतपुड़ा से विशेषज्ञों की टीम व पांच हाथी बुलाए गए।

इतने बड़े तामझाम के बाद भी बाघ को पकड़ने में 10 दिन लग गए। टीम लीडर डीएफओ विजय कुमार इस बात को पूरी ईमानदारी से स्वीकारते हैं कि बाघ की इंटेंलीजेंसी काफी बेहतर थी और कई मौकों पर वह हमारी सोच से एकदम अलग बर्ताव करता था, इसलिए उसे पकड़ना चुनौतीपूर्ण हो गया था।

हमारे द्वारा जंगल में लगाए गए कैमरों से बचने में भी वह माहिर था। एक बार यदि किसी कैमरे की फ्लैश चमक जाए तो दोबारा वह उसके सामने कभी नहीं आया। वह अपनी उम्र के हिसाब से शारीरिक और मानसिक रूप से काफी अधिक परिपक्व था।

तीन गुना बड़ी टेरेटरी बनाई

डीएफओ विजय कुमार के अनुसार एकमात्र घटना को छोड़ दिया जाए तो बाघ ने कभी भी इंसानों के साथ असामान्य व्यवहार नहीं किया। बस सामान्य टाइगरों से वह इसलिए अलग था कि इंसानों से नजदीकी उसे डराती नहीं थी। बेखौफ होकर शहर, गांव, सड़क और खेत से गुजरता था।

ऐसा अमूमन दूसरे बाघ नहीं करते और यहां के अन्य बाघों का भी ऐसा व्यवहार कभी सामने नहीं आया। सामान्यता बाघ इंसानों से दूर ही रहते हैं। 50 से 60 वर्ग किमी की सामान्य टेरेटरी की तुलना में उसने डेढ़ सौ वर्ग किमी में टेरेटरी बनाई थी, जिसमें लगातार घूमता रहता था। शारीरिक रूप से काफी सक्रिय था। एक बार किए शिकार को उसने कभी दोबारा नहीं खाया।

संघर्षों ने बना दिया मजबूत

रॉयल टाइगर का सामान्य से अलग व्यवहार होने के पीछे का कारण है कि वह समय से पहले अपनी मां से बिछड़ गया। इसके बाद उसने अकेले जंगल में संघर्ष करते हुए खुद को बड़ा किया। इन्हीं संघर्ष और चुनौतियों ने उसे समय से पहले शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत कर दिया।