Panchayat Damad Ji Aasif Khan Wrestle Story | Paatal Lok Jamtara | सैफ-करीना की शादी में बर्तन धोए, चॉल में भी रहे: लोग बोले- तुम हीरो मटेरियल नहीं, आज पंचायत के दामाद जी बन फेमस हुए आसिफ

1 दिन पहलेलेखक: आशीष तिवारी/अरुणिमा शुक्ला

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सीरीज पंचायत का यह कुर्सी वाला सीन आज भी लोगों के जेहन में है।

सीरीज पंचायत का यह कुर्सी वाला सीन आज भी लोगों के जेहन में है।

सीरीज पंचायत के पहले पार्ट में नाराज दामाद और उनकी चक्के वाली कुर्सी का किस्सा बहुत फेमस हुआ था। नाराज दामाद के इस किरदार को आसिफ खान ने निभाया था।

दोपहर 1 बजे आसिफ अपने संघर्ष की कहानी बताने मुंबई स्थित दैनिक भास्कर के ऑफिस पहुंचे। उनके स्वागत में हमने भी उन्हें चक्के वाली कुर्सी दी, जिसे देख वे हंस पड़े। आसिफ ने कहा कि उन्हें पता ही नहीं था कि यह छोटा सा किरदार इतना फेमस हो जाएगा। लुक टेस्ट के दौरान आसिफ चाहते थे कि वे इस रोल के लिए सिलेक्ट ही ना हों, लेकिन ऑडिशन में वे पास हो गए।

राजस्थान के एक छोटे से गांव में जन्मे आसिफ ने यहां तक पहुंचने के लिए ना जाने कितने संघर्ष की बेड़ियों को तोड़ा है। एक वक्त ऐसा था कि वे होटल में वेटर का काम करते थे। सैफ अली खान और करीना कपूर की शादी में भी उन्होंने वेटर का काम किया था।

आज स्ट्रगल स्टोरी में पढ़िए आसिफ खान के संघर्ष की कहानी, उन्हीं की जुबानी…

पिता जेपी सीमेंट में काम करते थे, पढ़ाई से बचने के लिए नाटक से जुड़े
आसिफ खान का जन्म 13 मार्च 1991 को राजस्थान के चित्तौड़गढ़ के छोटे से गांव निम्बाहेड़ा में हुआ था। पिता जेपी सीमेंट में काम करते थे और मां हाउस वाइफ हैं।

बचपन के बारे में उन्होंने कहा, ‘अब्बू जेपी सीमेंट में काम करते थे। यहां से जो पैसे आते थे, उसकी बदौलत मुझे एक इंग्लिश मीडियम स्कूल में एडमिशन मिल गया। हालांकि, मैं पढ़ाई में बिल्कुल अच्छा नहीं था। जैसे-तैसे करके बस पास हो जाता था।

इसी दौरान मुझे स्कूल में हो रहे एनुअल फंक्शन के बारे में पता चला। पढ़ाई से बचने के लिए मैंने भी एक नाटक में पार्टिसिपेट कर लिया। दोस्तों के साथ उन टीचर्स की भी तारीफ मिलने लगी, जो कभी पढ़ाई के लिए शाबाशी नहीं देते थे।

इस प्रोत्साहन की वजह से मैं दूसरे कई नाटक कॉम्पिटिशन में पार्टिसिपेट करने लगा। इसी की बदौलत चित्तौड़गढ़ के आस-पास पॉपुलर भी हो गया।’

इस तस्वीर में अब्बू के साथ आसिफ खान।

इस तस्वीर में अब्बू के साथ आसिफ खान।

अब्बू के निधन के बाद तंगी में डूबा परिवार, आसिफ को करने पड़े छोटे-मोटे काम
‘सब कुछ ठीक चल रहा था कि 2008 में अब्बू का इंतकाल हो गया। घर पर मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। बड़े भाई पढ़ने में अच्छे थे। ऐसे में हमने फैसला किया कि वे पढ़ाई पूरी करेंगे और घर की जरूरतों के लिए मैं कमाउंगा।

इस वक्त मैं 7वीं क्लास में था। अब्बू के जाने के बाद उस स्कूल की फीस भरने की हैसियत नहीं थी। इस कारण वहां से नाम कटा कर एक सरकारी स्कूल में दाखिला ले लिया। सबसे पहले मुझे एयरटेल ऑफिस में नौकरी मिली। सुबह से दोपहर वहां काम करता, फिर स्कूल जाता। वहां से छूटने के बाद वापस काम पर चला जाता। ये सिलसिला डेढ़-दो साल तक चला। इसी दौरान मैंने कई छोटी-मोटी नौकरियां कीं। कुछ समय मैंने मामा के साथ स्टील फर्नीचर का भी काम किया।’

मां को झूठ बोलकर मुंबई पहुंचे
‘अब्बू के PF के कुछ पैसे थे। अम्मी ने सोचा कि उन्हीं पैसों से मेरा दाखिला पास के एक कॉलेज में डिप्लोमा कोर्स में करा दिया जाए। ये सब सुन मैं परेशान हो गया। भले ही मैं दूसरे काम कर रहा था, लेकिन मेरा मन एक्टिंग में बसता था। एक दिन मौका देखते ही मैंने अम्मी को सच बता दिया कि मैं सिर्फ और सिर्फ एक्टर बनना चाहता हूं।

ये सुनते ही वो दंग रह गईं। उन्हें लगा कि एक्टिंग फील्ड से जुड़ कर मैं अपनी लाइफ बर्बाद कर लूंगा। उन्होंने मेरे इस फैसले का बहुत विरोध किया और ठान लिया कि डिप्लोमा में एडमिशन करवा कर ही मानेंगी। तब इससे बचने के लिए मैंने एक झूठ बोला।

मैंने अम्मी से कहा कि मुझे नाना के घर इंदौर जाना है। इसके लिए उन्होंने मंजूरी दे दी। स्टेशन पहुंचने पर इंदौर की ट्रेन में ना बैठकर मुंबई की ट्रेन में बैठ गया और मुंबई चला आया। यहां पहुंचने के बाद अम्मी को सच्चाई बताई। तब उन्होंने गुस्से में कहा- मुंबई क्या करने गया है?

जवाब में मैंने कहा- थोड़ा वक्त दो, पता चल जाएगा कि क्या करने आया हूं।’

अम्मी के साथ की यह तस्वीर आसिफ ने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर की थी।

अम्मी के साथ की यह तस्वीर आसिफ ने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर की थी।

मुंबई आने पर रिश्तेदार ने ही दिया धोखा
17 साल की उम्र में आसिफ मुंबई आए थे। जब बोरीवली स्टेशन पहुंच कर उन्होंने यहां रहने वाले रिश्तेदार को कॉल किया, तो सामने से उसका जवाब सुन उन्हें धक्का लगा। इसे बारे में आसिफ कहते हैं, ‘उस शख्स का नाम नहीं लूंगा। जब मैंने उन्हें बताया कि मुंबई आया हूं और उनके घर आना चाहता हूं तब उन्होंने कहा- आज के बाद मुझे कॉल मत करना। हमारा कोई रिश्ता नहीं है।

इसके बाद मैंने एक-दो और लोगों को कॉल किया, लेकिन किसी ने मदद नहीं की। तब एक दोस्त मसीहा बन कर आया और उसने अपने छोटे से घर में रहने की जगह दी।’

पहली नौकरी होटल में वेटर की मिली, 6-7 लोगों के साथ चॉल में रहने लगे
‘मुंबई आने के 4-5 दिन बाद काम की तलाश शुरू की। तब सतीश कौरव नाम के एक कोऑर्डिनेटर की मदद से वेस्टिन होटल में वेटर का काम मिला। यहां मुझे एक दिन का 225 रुपए और एक टाइम का खाना मिलना तय हुआ। बस रहने की व्यवस्था करनी बाकी थी।

सतीश जी ने ही होटल के पास की एक चॉल में रहने का इंतजाम भी करा दिया, जहां महीने का किराया 800 रुपए था। एक कमरे में हम 6-7 लोग रहते थे।

मैंने इस नौकरी की खबर अम्मी तक पहुंचा दी, ताकि वे भी निश्चिंत हो जाएं कि उनका बेटा किसी गलत राह पर नहीं जा रहा है।’

सैफ और करीना की शादी के फंक्शन में बर्तन धोए
आसिफ ने सैफ अली खान और करीना कपूर की शादी में किचन की साफ-सफाई का काम किया है। इस दिन के बारे में वे कहते हैं, ‘वेस्टिन होटल में काम करने के बाद मैं मुंबई के एक दूसरे फेमस होटल में काम करने लगा। यहां मैं किचन डिपार्टमेंट में काम करता था।

एक दिन देखा कि उसी होटल में शाम को करीना कपूर और सैफ अली खान की शादी होनी है। ये देख मैं बहुत खुश हुआ कि आज कई नामचीन सेलिब्रिटी से मुलाकात हो जाएगी। हालांकि, ऐसा नहीं हुआ।

शाम को फंक्शन शुरू हुआ। मैंने देखा कि फंक्शन में अमिताभ बच्चन और दीपिका पादुकोण जैसे बड़े सेलेब्स आए हैं। मैं किचन से ही उन्हें निहार रहा था, अंदर से उनसे मिलने के लिए बेचैन हो रहा था। मैंने मैनेजर से कहा कि आज मुझे वेटर का काम दे दो, लेकिन वो नहीं माना। मैंने बहुत मिन्नतें कीं, पर उसका दिल नहीं पिघला। मैनेजर की जिद की वजह से कुछ ही दूरी पर बैठे उन लोगों से नहीं मिल पाया, जिनसे मिलना मेरा बहुत बड़ा सपना था।

भूखे पेट का सवाल था। ऐसे में चुप रहकर कड़वा घूंट पी लिया और बाथरूम में खुद को बंद करके खूब रोया।’

आसिफ को सीरीज पाताल लोक में देखा गया था। सीरीज में उनके किरदार का नाम कबीर था।

आसिफ को सीरीज पाताल लोक में देखा गया था। सीरीज में उनके किरदार का नाम कबीर था।

जब कास्टिंग कोऑर्डिनेटर ने कहा- तुम हीरो मटेरियल नहीं हो
आसिफ ने बताया कि होटल में काम करने के दौरान ही वे ऑडिशन देने भी जाते थे, लेकिन हर बार रिजेक्शन का सामना करना पड़ता। एक बार वे अनुराग कश्यप के ऑफिस भी गए थे, लेकिन गार्ड ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। इसी दौरान आसिफ के साथ ऐसी घटना घटी, जिससे वे बहुत आहत हुए।

आसिफ ने कहा, ‘एक दिन मेरी मुलाकात कास्टिंग कोऑर्डिनेटर शांति लाल मुखर्जी से हुई। जब मैंने ऑडिशन दिया तो उन्होंने कहा कि मैं मिमिक्री कर रहा हूं। फिर उन्होंने कहा- तुम हीरो मटेरियल नहीं हो, ना ही तुम्हें एक्टिंग आती है। ना ही तुम्हारे पापा करोड़पति हैं, जो पैसा लगा कर तुम्हें लॉन्च कर देंगे। बेहतर यही होगा कि तुम पहले एक्टिंग सीख कर आओ।

हालांकि, उनकी ये बात मुझे बुरी लगी, लेकिन कहीं न कहीं इसने मुझे आइना भी दिखाया। इस घटना के बाद मैं एक्टिंग सीखने के बारे में सोचने लगा।’

पैसे ना होने की वजह से एक्टिंग स्कूल में दाखिला नहीं मिला
‘बैरी जॉन को सबसे बढ़िया एक्टिंग गुरु माना जाता है। मैं भी उनके पास एडमिशन लेने के लिए गया, लेकिन वहां से भी खाली हाथ लौट आया। वजह यह थी कि मेरे पास फीस के लिए ज्यादा पैसे नहीं थे।

मैं थक हारकर वापस राजस्थान आ गया और वहां थिएटर करने लगा। 5-6 साल बाद काला घोड़ा फिल्म फेस्टिवल में हमारा एक प्ले हुआ। इसे बेस्ट प्ले का अवॉर्ड मिला। इसके लिए लोगों का प्यार देख मुझे फिर से हौसला मिला और 2016 में वापस मुंबई आ गया।’

दोबारा मुंबई वापसी पर भी निराशा ही हाथ लगी
आसिफ को लगा था कि थिएटर करने के बाद इंडस्ट्री में उन्हें काम आसानी से मिल जाएगा। हालांकि, ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने बताया, ‘मुंबई आने के बाद काम मांगने का सिलसिला फिर से शुरू हुआ, लेकिन उसके बदले में सिर्फ NOT FIT का टैग मिला। 2-3 महीने बीत गए, पैसे भी खत्म हो गए। तब सोचा कि थोड़े टाइम के लिए कुछ दूसरा काम कर लूं।

मैंने सोचा कि कास्टिंग कर लेता हूं। इसी के लिए मैंने एक्टर अभिषेक बनर्जी से मुलाकात की। फिर उन्हीं की बदौलत रेड, लुक्का-छिप्पी और अर्जुन पटियाला जैसी फिल्मों की कास्टिंग करने का मौका मिला।’

इतने स्ट्रगल के बाद आसिफ को पहली बार फिल्म इंडियाज मोस्ट वांटेड में काम मिला। इसके बाद उन्हें पाताल लोक, जामताड़ा, मिर्जापुर और पंचायत जैसी सीरीज में देखा गया।

सीरीज मिर्जापुर में आसिफ खान ने बाबर खान नाम के शख्स का रोल निभाया था।

सीरीज मिर्जापुर में आसिफ खान ने बाबर खान नाम के शख्स का रोल निभाया था।

पंचायत में काम नहीं करना चाहते थे
सीरीज पंचायत की बदौलत आसिफ को बहुत पॉपुलैरिटी मिली। हालांकि, खास बात यह है कि इस सीरीज में वे काम करना नहीं चाहते थे। उन्होंने कहा, ‘मैं मिर्जापुर और पाताल लोक की शूटिंग कर रहा था। एक दिन कास्टिंग डायरेक्टर नवनीत श्रीवास्तव का कॉल आया, जो मेरे बहुत अच्छे दोस्त भी हैं। उन्होंने कहा- एक सीरीज है, पंचायत। उसमें एक अक्खड़ दामाद का किरदार है। तुम इसके लिए परफेक्ट हो, आकर इसका ऑडिशन दे दो। हालांकि, स्क्रीन स्पेस बहुत छोटा है।

ये सुन कर मैंने मना कर दिया, क्योंकि पहले से दो प्रोजेक्ट के लिए काम कर रहा था, लेकिन उनकी जिद की वजह से ऑडिशन देने चला गया। तेज गर्मी में मुझे कोट और पुराना सा साफा पहना दिया गया। इस कारण दिमाग और खराब हुआ। उसी खराब मूड में ऑडिशन दिया। शायद इसी वजह से एक्टिंग काफी नेचुरल लगी और सभी को मेरा काम पसंद आया। ना चाहते हुए भी मैं सिलेक्ट हो गया।

फिर भोपाल आकर मैंने शूटिंग पूरी की और वापस मुंबई चला गया। कुछ दिनों बाद मुझे याद भी नहीं रहा कि मैंने पंचायत नाम की किसी सीरीज में काम किया है। सच कहूं तो मुझे यह भी नहीं पता था कि यह अमेजन प्राइम पर स्ट्रीम की जाएगी।

एक लंबे वक्त के बाद इस सीरीज को रिलीज किया गया। इसकी रिलीज के आस-पास ही मेरी भतीजी का जन्म हुआ था। हॉस्पिटल के काम में इतना मसरूफ था कि मुझे पता भी नहीं चला कि कब ये सीरीज स्ट्रीम कर दी गई।

एक दिन एक दोस्त का कॉल आया और उसने बताया कि मेरा यह किरदार बहुत फेमस हो गया है। मुझे तो यकीन ही नहीं हुआ। लोगों का ये प्यार देख आज बहुत खुशी मिलती है।

पंचायत सीरीज के पहले और तीसरे सीजन में आसिफ खान नजर आए थे। दूसरे सीजन में उनका रोल नहीं था।

पंचायत सीरीज के पहले और तीसरे सीजन में आसिफ खान नजर आए थे। दूसरे सीजन में उनका रोल नहीं था।

आसिफ ने अपकमिंग प्रोजेक्ट्स के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा- मैं आने वाले दिनों में वैम्पायर ऑफ विजय नगर, द वर्जिन ट्री और नूरानी चेहरा जैसी फिल्मों में दिखाई दूंगा। इन फिल्मों में मुझे आयुष्मान खुराना, सामंथा रुथ प्रभु, संजय दत्त और नवाजुद्दीन सिद्दीकी जैसे कलाकारों के साथ काम करने का मौका मिलेगा। इसके अलावा भी 2-3 फिल्में हैं।

ग्राफिक्स- विपुल शर्मा

खबरें और भी हैं…
UP Politics: BJP से बगावत की खबरों से भड़के ओमप्रकाश राजभर, सफाई देते हुए कहा- ये हमारी मुंडी काटकर…

पिछले कुछ दिनों से ओम प्रकाश राजभर और भाजपा में खींचतान की खबरें मीडिया में चल रही थीं। राजभर ने उन सब खबरों को फेक न्यूज बताया है। राजभर ने भाजपा से बगावत पर कहा कि कुछ चैनल के लोग बदनाम करने के लिए अफवाह उड़ाते हैं। मेरी मुंडी काटकर आपमें और आपकी मुंडी काटकर मुझ पर लगाकर अपना धंधा चलाते हैं।

By Anurag Mishra

Publish Date: Sat, 15 Jun 2024 09:34:00 PM (IST)

Up to date Date: Sat, 15 Jun 2024 09:34:00 PM (IST)

ओमप्रकाश राजभर ने मीडिया पर निकाली भड़ास।

डिजिटल डेस्क, इंदौर। उत्तर प्रदेश के लोकसभा चुनाव में आए परिणाम में भाजपा की हार ने सबको हैरान कर दिया था। उसके बाद से यह खबर सामने आई कि सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर और भाजपा के बीच सबकुछ ठीक नहीं है। शनिवार को उन्होंने भाजपा से बगावत की खबर पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि चैनल के लोग फेक न्यूज को चलाकर बदनाम करते हैं। वह हमारी मुंडी को काटकर आप में, आपकी मुंडी को काटकर हमारे सिर पर लगाकर अपना धंधा चलाते हैं।

मंत्री विभागीय कार्यों के निरीक्षण करने के लिए पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए अपने चिरपरिचित अंदाज में ऐसा बोल दिया कि सब हैरान रह गए। उन्होंने कहा कि हम मंत्री होते हुए इतनी धूप में केंद्र और राज्य के कामों को देखने के लिए यहां आए हैं।

उन्होंने कहा कि बच्चों को पढ़ाना-लिखाना बहुत जरूरी है। आप सबको अपने बच्चों को स्कूल भेजना चाहिए और अगर, आपने बच्चों को नहीं भेजा तो आपको हम थाने भेज देंगे। उन्होंने दिलावलपुर गांव में कहा कि आपके यहां वृद्धा पेंशन आ रही है कि नहीं, दिव्यांग पेंशन मिल रही है कि नहीं। लोगों ने इसका जवाब देते हुए कहा कि हमको मिल रही है।

अपने साथ लाया हूं 25 गाड़ी

ओमप्रकाश राजभर समय से चार घंटे देर से उड़री ग्राम सभा के प्राथमिक विद्यालय में सभा को संबोधित करने पहुंचे। यहां सभा करने के बाद वह रुपईपुर में लगी एक चौपाल में गए। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैंने एक समय कहा था कि मैं आऊंगा तब अपने काफिले में 25 गाड़ियां साथ लाऊंगा। उस समय केवल एक गाड़ी के साथ आया था। आज वादा पूरा करते हुए 25 गाड़ियां साथ लाया हूं।

Anuppur Information: शंभू धरा में डूबने से अनूपपुर के युवक की मौत, नहाने के दौरान डूबने से हुई मौत

घटना के संबंध में मिली जानकारी अनुसार मृतक अपने परिचितों के साथ शनिवार की सुबह कार से अमरकंटक गया हुआ था। मृतक की अनूपपुर बस्ती रोड में टीवीएस हीरो होंडा शोरूम भी है। बताया गया शंभू धारा में सभी खाने-पीने का सामान लेकर गए हुए थे। मृतक गजेंद्र पटेल नहाने के लिए बांध स्थित गहरे पानी में कूदा लेकिन बाहर नहीं निकल सका।

By Paras Pandey

Edited By: Paras Pandey

Publish Date: Sat, 15 Jun 2024 09:32:35 PM (IST)

Up to date Date: Sat, 15 Jun 2024 09:32:35 PM (IST)

Anuppur News: शंभू धरा में डूबने से अनूपपुर के युवक की मौत, नहाने के दौरान डूबने से हुई मौत

HighLights

  1. अमरकंटक क्षेत्र का मामला

नईदुनिया प्रतिनिधि, अनूपपुर। अमरकंटक के वन विभाग अंतर्गत पर्यटन स्थल शंभू धारा में अनूपपुर से पिकनिक मनाने गए पांच युवकों में से एक युवक की नहाने के दौरान डूबने से मौत हो गई। मृतक का नाम गजेंद्र उर्फ गज्जू पिता रामचरण पटेल 26 वर्ष निवासी ग्राम धिरौल चौकी देवहरा थाना चचाई है।

यह घटना शनिवार दोपहर 1:30 बजे की है। देर शाम तक मृतक का शव गहरे पानी से बाहर नहीं निकाला जा सका था। जिला मुख्यालय से एनडीआरएफ की टीम भी शव तलाशने पहुंची हुई है।

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उसे समय दो लोग खाना बना रहे थे और दो लोग वहां पर नहाने की तैयारी में थे। जब गजेंद्र पानी से बाहर काफी देर तक नहीं आया तो सभी घबरा गए बचाने का प्रयास करने पानी में गए लेकिन लौट आए। इसके बाद अनूपपुर में सूचना दी गई फिर वन विभाग अमरकंटक को जानकारी हुई।

वन कर्मचारी के साथ ही हंड्रेड डायल पुलिस अमरकंटक की घटनास्थल पर पहुंची। स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी भी घटना की गंभीरता को समझ कर शंभू धारा पहुंचे लेकिन शव बाहर न आने के कारण देर शाम हो गई। अनूपपुर से आपदा प्रबंधन की टीम भी शव खोजने के लिए भेजी गई है। बताया कि हम मृतक के साथ मनीष, पवन, राजेश और आलोक पटेल साथ में थे।

PAK vs IRE: बल्लेबाजी से आएगा तूफान या गेंदबाज करेंगे कमाल, जानिए पाकिस्तान-आयरलैंड मैच की पिच रिपोर्ट व वेदर अपडेट

PAK vs IRE Climate Report: पाकिस्तान टीम को टी20 विश्व कप के अपने आखिरी लीग मैच में आयरलैंड का सामना करना है। दोनों टीमों के बीच मुकाबला फ्लोरिडा के लॉडरहिल में खेला जाएगा। पाक टीम सुपर-8 में जगह नहीं बना पाई है।

By Kushagra Valuskar

Publish Date: Sat, 15 Jun 2024 09:16:33 PM (IST)

Up to date Date: Sat, 15 Jun 2024 09:16:33 PM (IST)

PAK vs IRE: बल्लेबाजी से आएगा तूफान या गेंदबाज करेंगे कमाल, जानिए पाकिस्तान-आयरलैंड मैच की पिच रिपोर्ट व वेदर अपडेट

खेल डेस्क, नई दिल्ली। PAK vs IRE Climate Report: टी20 विश्व कप 2024 से पाकिस्तान और आयरलैंड टीम बाहर हो चुकी हैं। दोनों टीमें रविवार को अपना आखिरी लीग मैच खेलेगी और जीत के साथ टूर्नामेंट का अंत करना चाहेगी। दोनों टीमों को अमेरिका और भारत के हाथों हार का सामना करना पड़ा है। आखिरी मैच में जो भी टीम जीत जाती है। उसकी टूर्नामेंट में दूसरी जीत होगी।

पाकिस्तान और आयरलैंड के बीच मैच फ्लोरिडा के लॉडरहिल में खेला जाएगा। ये मैदान न्यूयॉर्क के नसाउ स्टेडियम से अलग है। यहां पहले काफी मुकाबले खेले जा चुके हैं।

पाकिस्तान बनाम आयरलैंड पिच रिपोर्ट?

फ्लोरिडा की पिच नसाउ क्रिकेट स्टेडियम से अलग है। न्यूयॉर्क में बल्लेबाजी करना मुश्किल था, लेकिन ये पिच बल्लेबाजों को मदद देगी। यहां की पिच धीमी है। इसलिए बैट्समैन को संभल कर खेलना होगा। इस मैदान पर स्पिनरों का रोल अहम होगा। न्यूयॉर्क में 120 रन कठिन था, लेकिन यहां 150 से 180 रन आसानी से बन सकते हैं।

पाकिस्तान बनाम आयरलैंड मौसम रिपोर्ट

फ्लोरिडा में जिस मैदान पर मैचा खेला जाएगा। उसी मैदान पर यूएएस और आयरलैंड के बीच मुकाबला होना था, बारिश के कारण मैच कैंसिल हो गया। फ्लोरिडा में लगातार बारिश हो रही है और बाढ़ जैसे हालात हैं। लॉडरहिल की ब्रोवार्ड काउंटी में गर्वनर ने इमरजेंसी घोषित कर दी है। मैच वाले दिन भी बरसात की आशंका है। रविवार को 20 प्रतिशत वर्षा की संभावना है।

Gulshan kumar nepali cticket  – News18 हिंदी

रांची. टी20 वर्ल्ड कप में नेपाल एक बड़ा उलटपेर करने से चूक गया. इसके बाद से नेपाली क्रिकेटर और मिथिला के पंडी जी गुलशन झा चर्चा में आ गए हैं. नेपाल को आखिरी 2 गेंदों में 2 रन की जरूरत थी लेकिन आखिरी गेंद पर गुलशन झा रन आउट हो गए. महज 18 साल के गुलशन झा पहली बार एशिया कप 2023 के दौरान चर्चा में आए थे जब भारत और नेपाल के बीच में पहली बार वनडे मैच खेला गया.

इस मुकाबले में गुलशन झा ने जबरदस्त पारी खेलते हुए भारतीय गेंदबाजों के छक्के छुड़ा दिए. उन्होंने मोहम्मद सिराज के गेंद में तीन चौके लगाए और 23 रनों की छोटी सी पारी में अपनी दमदार बैटिंग का छाप छोड़ने में कामयाब रहे. खास बात यह है कि गुलशन झा ने झारखंड की राजधानी रांची से ही क्रिकेट की एबीसीडी सीखी है.

रांची विधानसभा के समीप स्थित अरुणोदय क्रिकेट अकादमी में उन्होंने क्रिकेट की बारीकी सीखी है. 2006 में जन्मे गुलशन उस समय नौवीं क्लास में थे और अपने पिताजी के साथ क्रिकेट अकादमी में आए थे. एकेडमिक के संचालक व मुख्य कोच अरुण विद्यार्थी ने लोकल 18 को बताया गुलशन अपने पिताजी के साथ आए थे और इनका एक ही लक्ष्य था कि इन्हें एक बढ़िया क्रिकेटर बनना है, वह काफी फोकस्ड इंसान थे.

लगाते थे अपना एक्स्ट्रा एफर्ट
कोच अरुण बताते हैं हर दिन सुबह 6 घंटे की प्रैक्टिस तो होती थी. गुलशन काफी मन लगाकर करते थे, समय पर आना समय पर जाना. सिंगल फोकस्ड माइंड और काफी डिसिप्लिन थे. उनमें एक चीज खास थी. वह नॉर्मल प्रैक्टिस के बाद भी तीन से चार घंटे बाद एक्स्ट्रा प्रैक्टिस करते थे. इसके अलावा वह लोगों से अपने खेल को लेकर डिस्कस करते थे.

उनके हार्ड वर्किंग और मेहनत में कोई कमी नहीं थी. यह उनमें आठवीं क्लास और बचपन से ही कूट-कूट कर भरा था.

खाने के थे जबरदस्त शौकीन
कोच अरुण बताते हैं कि वह खाने के जबरदस्त शौकीन है. उन्हें तरह-तरह के वेज आइटम और नॉनवेज में खाना पसंद था. इसके अलावा गुलशन बेहद शरारती थी. वह अकादमी के हॉस्टल में रहते थे और हॉस्टल में दूसरे बच्चों का खाना छुपा देते थे. शरारत में कोई कमी नहीं रहती थी, लेकिन जब बात प्रैक्टिस की आती थी तब वह पूरी तरह फोकस्ड हो जाते थे.

गुलशन का इंटरनेशनल करियर
नेपाल की तरफ से गुलशन ने अब तक 27 वनडे और 31 टी20 मुकाबले खेले हैं. दाएं हाथ के तेज गेंदबाज गुलशन ने क्रमश: 21 और 19 विकेट चटकाया है. उनके नाम वनडे क्रिकेट में तीन अर्धशतक की बदौलत 514 रन है और टी20 में 382 रन दर्ज है. टी20 क्रिकेट में उन्होंने ये रन 136 के स्ट्राइक रेट से बनाए हैं.

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West Bengal: पश्चिम बंगाल में ममता और राज्यपाल में फिर शुरू हुई तनातनी, दो विधायकों की शपथ को लेकर विवाद

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्यपाल सीवी आनंद बोस के बीच फिर एक बाद विवाद खड़ा हो गया है। दोनों के बीच विवाद नवनिर्वाचित दो विधायकों का शपथ ग्रहण समारोह न होने की वजह से शुरू हुआ है। दोनों विधायकों को जीते हुए 10 दिन हो गए हैं, लेकिन अभी शपथ ग्रहण समारोह नहीं हो पाया है।

By Anurag Mishra

Publish Date: Sat, 15 Jun 2024 07:32:23 PM (IST)

Up to date Date: Sat, 15 Jun 2024 07:32:23 PM (IST)

West Bengal: पश्चिम बंगाल में ममता और राज्यपाल में फिर शुरू हुई तनातनी, दो विधायकों की शपथ को लेकर विवाद
पश्चिम बंगाल में ममता वर्सेज राज्यपाल।

डिजिटल डेस्क, इंदौर। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्यपाल सीवी आनंद बोस के बीच तनातनी फिर एक बार शुरू हो गई है। दरअसल, राज्यपाल और सरकार के बीच चल रहे विवाद की वजह से नवनिर्वाचित दो विधायकों का शपथ ग्रहण समारोह अटक गया है।

दोनों नवर्निवाचित विधायकों के जीते हुए 10 दिन बीत गए हैं, लेकिन अभी तक शपथ ग्रहण नहीं हुआ है। पहले यह जानकारी सामने आई थी कि संसदीय कार्य मामलों के कार्यालय की तरफ से राजभवन से संपर्क साधा गया था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला था।

यह परंपरा है कि राज्यपाल को संसदीय कार्य मामले के कार्यालय से लिखित पत्र भेजा जाता है। राज्यपाल को संविधान का अनुच्छेद 188 यह अधिकार देता है कि वह इस पत्र पर निर्णय ले सके। खबर यह है कि बारानगर और भागवानगोला से निर्वाचित दोनों विधायकों के शपथ ग्रहण समारोह के लिए कोई पत्राचार संसदीय कार्य मामले के कार्यालय की तरफ से नहीं किया गया है। पत्र विधानसभा सचिवालय ने भेजा है।

संसदीय परंपरा में राज्यपाल उपचुनाव के मामले में शपथ समारोह के लिए अपनी ओर से किसी भी व्यक्ति को नियुक्त कर सकता है। जगदीप धनखड़ ने राज्यपाल रहते हुए ममता सरकार से तनातनी के कारण इस नियम को बदलाव कर दिया था। उनका स्पीकर के साथ विवाद था, इसलिए डिप्टी स्पीकर को यह जिम्मेदारी दी थी।

राज्यपाल पर लगाए थे गंभीर आरोप

ममता बनर्जी ने लोकसभा चुनावों के दौरान रैलियों में राज्यपाल पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने एक महिला का शोषण किया है। उन्होंने दावा किया कि उसका वीडियो फुटेज भी उनके पास है। इस दौरान उन्होंने कहा था कि वह राज्यपाल की बैठक में शामिल होने के लिए राजभवन नहीं जाएं

Bollywood Actress Laila Khan Homicide Thriller | Lashkar-e-Taiba | राजेश खन्ना की हीरोइन, जो परिवार के साथ लापता हुईं: सालभर बाद मिला लैला का कंकाल, सौतेले पिता को सजा-ए-मौत

3 घंटे पहलेलेखक: ईफत कुरैशी

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आज अनसुनी दास्तान में कहानी एक्ट्रेस लैला खान की। हत्या और साजिश की ये कहानी सिहरन पैदा करने वाली है। देखने में बेहद खूबसूरत लैला खान, राजेश खन्ना के साथ फिल्म वफा में नजर आई थीं। इस एक फिल्म की बदौलत लैला को कई दूसरी फिल्में भी मिलीं, लेकिन अफसोस वो इन्हें करने के लिए जिंदा नहीं रहीं।

साल 2011 में लैला खान अपने परिवार के साथ छुट्टियां मनाने इगतपुरी, महाराष्ट्र गई थीं, लेकिन उसके बाद उनकी कोई खबर नहीं मिली। जिन प्रोड्यूसर्स ने लैला को मोटी रकम देकर फिल्म में साइन किया था, वो लैला की गुमशुदगी से परेशान रहने लगे। शुरुआत में आरोप लगाए गए कि लैला खान प्रोड्यूसर्स के पैसे लेकर फरार हैं, लेकिन जब तफ्तीश शुरू हुई तो कई चौंका देने वाले खुलासे हुए। सिर्फ लैला ही नहीं बल्कि वेकेशन पर गया उनका पूरा परिवार लापता था।

लैला खान की स्याह कहानी का हर पहलू में अपने आप में एक सवाल था। पारिवारिक उथल-पुथल, मां की 3 शादियां और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े होने जैसी कई थ्योरी के बीच एक साल बाद लैला का कंकाल मिला, वो भी 3 भाई-बहनों, मां और कजिन के साथ। पालतू कुत्तों के कंकाल भी उन्हीं के साथ दफन किए गए थे।

लैला की गुमशुदगी की जांच शुरू करवाने के लिए पत्रकार निशात शमसी ने कई महीनों तक जद्दोजहद की। ऐसे में लैला की कहानी को गहराई से जानने के लिए दैनिक भास्कर ने पत्रकार निशात से परत-दर-परत कहानी समझी।

आज 5 चैप्टर्स में पढ़िए लैला खान की फिल्मी चकाचौंध, गुमशुदगी, साजिश और तफ्तीश की कहानी-

लैला खान का असली नाम रेशमा पटेल था। उनका जन्म 1978 में मुंबई में हुआ था। हालांकि, जन्म की असल तारीख क्या है, इस बात का जिक्र कहीं नहीं मिलता। पुलिस ने जांच में लैला को पाकिस्तानी करार दिया था, हालांकि ये बेबुनियाद है।

लैला खान की मां का नाम अथिया पटेल था, हालांकि हर कोई उन्हें सेलिना नाम से बुलाता था। उन्होंने सबसे पहले नादिर पटेल से शादी की थी, जिससे उन्हें 4 बच्चे हुए थे। चार भाई-बहनों में लैला खान की एक बड़ी बहन और दो जुड़वां छोटे भाई-बहन थे। लैला का हमेशा से ही ग्लैमर वर्ल्ड की तरफ झुकाव रहा। यही वजह थी कि वो मॉडलिंग करने लगीं।

कन्नड़ फिल्म से किया एक्टिंग डेब्यू, पहली फिल्म रही फ्लॉप
लंबे संघर्ष के बाद लैला खान को 2002 की बिग बजट कन्नड़ फिल्म ‘मेकअप’ में काम मिला। 30 नवंबर 2002 को रिलीज हुई फिल्म को क्रिटिक्स की तो सराहना मिली, लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह पिट गई। इस फिल्म से मेकर्स को 75 लाख रुपए का नुकसान हुआ था।

पहली फिल्म फ्लॉप होने का गम और दूसरी तरफ मां सेलिना ने पिता नादिर को तलाक दे दिया। नादिर सीधे-सादे व्यक्ति थे। उन्होंने सेलिना से अलग होने के बाद दूसरी शादी कर ली। वहीं सेलिना ने चारों बच्चों को अपने ही साथ रखा और मीरा रोड में रहने वाले आसिफ से दूसरी शादी कर ली। हालांकि, ये शादी भी ज्यादा सालों तक नहीं चली और सेलिना ने परवेज नाम के शख्स से तीसरी शादी कर ली।

राजेश खन्ना की कमबैक फिल्म में नजर आईं लैला खान
पहली फिल्म फ्लॉप रही तो लैला खान को कई सालों तक कोई काम नहीं मिला। लेकिन कहते हैं न सब्र का फल मीठा होता है। लैला खान को भारत के पहले सुपरस्टार रहे राजेश खन्ना की कमबैक फिल्म ‘वफाः ए डेडली लव स्टोरी’ में उनके अपोजिट कास्ट किया गया। फिल्म में लैला खान को एक बेवफा पत्नी के रूप में दिखाया गया था। फिल्म को राखी सावंत के भाई राकेश सावंत ने डायरेक्ट किया था।

19 दिसंबर 2008 को रिलीज हुई फिल्म वफा बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल नहीं कर सकी और सी-ग्रेड फिल्म करने पर राजेश खन्ना की भी जमकर आलोचना हुई।

राखी सावंत के भाई ने लैला को किया था कास्ट
ये फिल्म भी लैला को नाम और शोहरत नहीं दिला सकी। कुछ समय बीता ही था कि लैला खान को वफा फिल्म के डायरेक्टर राकेश सावंत ने अपनी दूसरी फिल्म में साइन कर लिया। फिल्म का नाम था जिन्नात, जिसके लिए राकेश ने लैला को बतौर साइनिंग अमाउंट एक बड़ी रकम दी थी।

इस फिल्म में राखी सावंत भी अहम किरदार में थीं। फिल्म की शूटिंग शुरू कर दी गई और एक शेड्यूल पूरा हो गया। अगला शूटिंग शेड्यूल शुरू होने में कुछ समय था तो लैला खान ने अपने परिवार के साथ इगतपुरी में एक वैकेशन प्लान कर लिया।

30 जनवरी 2011, लैला खान अपनी मां सेलिना, बड़ी बहन हाशिमा, जुड़वां भाई-बहन इमरान-जारा और एक कजन रेशमा के साथ इगतपुरी के फार्महाउस के लिए निकली थीं। रेशमा, लैला के परिवार के साथ ही रहती थीं। इस वैकेशन में लैला अपने पालतू कुत्तों को भी ले गई थीं। पूरा परिवार मुंबई से 126 किलोमीटर के सफर पर 3 कारों से गया था।

इगतपुरी का फार्महाउस जहां लैला खान अपने परिवार के साथ छुट्टियां मनाने गई थीं।

इगतपुरी का फार्महाउस जहां लैला खान अपने परिवार के साथ छुट्टियां मनाने गई थीं।

करीब 9 दिन ही बीते थे। 9 फरवरी 2011 को सेलिना के पास उनकी बहन अलबाना पटेल का कॉल आया। जब अलबाना ने पूछा वो कहां हैं, तो सेलिना ने जवाब दिया कि वो अपने तीसरे पति परवेज टाक के साथ चंडीगढ़ में हैं। सेलिना ने झूठ कहा था, क्योंकि वो उस समय इगतपुरी में थीं। ये वो आखिरी दिन था जब किसी शख्स की छुट्टी पर गए परिवार से कोई बात हुई थी।

मां सेलिना के साथ लैला खान।

मां सेलिना के साथ लैला खान।

कुछ दिन बीते और फिल्म जिन्नात के दूसरे शेड्यूल की तारीखें नजदीक आने लगीं। जब फिल्ममेकर्स ने लैला से संपर्क करने की कोशिश की, तो उनका नंबर बंद मिला। फिल्ममेकर्स, लैला की खबर न मिलने से परेशान रहने लगे, क्योंकि वो उन्हें फीस दे चुके थे। पहले दिन, फिर महीने बीते, लेकिन लैला और उनके परिवार की कोई खबर नहीं मिली।

एक पत्रकार की जद्दोजहद से रोशनी में आया मामला
फिल्म जिन्नात के डायरेक्टर राकेश सावंत ने इस मामले पर उस समय टीवी पत्रकार रहे निशात शमसी से बात की। राकेश सावंत ने उन्हें बताया कि एक्ट्रेस लैला खान ने उनसे फिल्म की फीस ली और पैसे लेकर भाग गईं। निशात शमसी ने खबर छापने के बजाय मामले को गंभीरता से लेते हुए तहकीकात शुरू कर दी।

इस मामले को करीब से समझने के लिए दैनिक भास्कर ने पत्रकार निशात शमसी से बात की तो उन्होंने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। निशात शमसी ने बताया, ‘मैं उस समय टीवी रिपोर्टर हुआ करता था। उस समय मेरे पास एक स्टोरी आई थी। एक फिल्म प्रोड्यूसर थे, उन्होंने मुझे कॉल कर बताया कि एक फिल्म एक्ट्रेस है, हमने उसे कास्ट किया था, उसे फीस दी गई थी, लेकिन अब न वो पैसे लौटा रही हैं, न सामने आ रही है। जब मैंने इस स्टोरी पर काम करना शुरू किया, तब ये धोखाधड़ी का मामला था, लेकिन जब मैंने जांच शुरू की तो सामने आया कि लैला खान कई महीनों से लापता हैं और साथ ही उनकी गाड़ी भी कई महीनों से नहीं दिखी है। सिर्फ एक्ट्रेस ही नहीं, उनकी पूरी फैमिली लापता है’।

जब निशात शमसी मामले की शिकायत दर्ज करवाने गए तो पुलिस ने शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया। पुलिस ने उनसे कहा कि जब तक लैला के असल रिश्तेदार आकर रिपोर्ट दर्ज नहीं करवाते, वो जांच नहीं करेंगे।

यहां से निशात शमसी की लैला के परिवार को ढूंढने की असल जद्दोजहद शुरू हुई। इस बारे में वे कहते हैं, ‘लैला की मां सेलिना ने पहले ही उनके बायोलॉजिकल पिता नादिर पटेल को तलाक दे दिया था। उन्होंने आसिफ शेख नाम के शख्स से दूसरी शादी कर ली थी। मैंने बहुत मशक्कत के बाद आसिफ शेख का पता लगाया। आसिफ ने मुझे लैला के बायोलॉजिकल पिता नादिर का नंबर दिया। जब मैंने उन्हें कॉल किया तो पता चला कि वो अफ्रीका के इथोपिया में नौकरी करते हैं’।

आर्थिक तंगी के चलते शुरुआत में नादिर ने भारत आने से साफ इनकार कर दिया था। ऐसे में जर्नलिस्ट निशात शमसी ने उन्हें 11 हजार रुपए देकर उनके भारत आने का इंतजाम किया।

आगे निशात शमसी बताते हैं, ‘ये सब करते-करते 4 महीने बीत चुके थे। नादिर के साथ जाकर मैंने लैला और उनके परिवार की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। इसी दौरान अपनी तहकीकात से मुझे पता चला कि लैला की मां सेलिना ने दूसरे पति आसिफ शेख को भी तलाक दे दिया था और किसी तीसरे शख्स से शादी कर ली थी। हालांकि, वो शख्स कौन है, इसकी किसी को कोई जानकारी नहीं थी’।

पुलिस ने नहीं की मामले की जांच, कहा-पाकिस्तानी एक्ट्रेस है
पुलिस में शिकायत दर्ज होने के बावजूद मुंबई पुलिस ने मामले की जांच शुरू नहीं की। निशात शमसी ने इस बारे में बताया, ‘मुंबई पुलिस ने ये कहते हुए मामले को टाल दिया कि एक्ट्रेस लैला खान पाकिस्तानी हैं। उस समय पाकिस्तानी एक्ट्रेस वीणा मलिक भी बिग बॉस में आई थीं और मिस्टीरियस तरीके से करीब 3-4 दिन के लिए लापता हो गई थीं। पुलिस वालों ने मीडिया को भी यही कहानी बताई कि लैला खान पाकिस्तानी हैं। काफी समय तक इंटरनेट पर भी उनकी बर्थ प्लेस की जगह पाकिस्तान लिखा गया था। इस बात पर लैला के पिता नादिर ने काफी हंगामा मचाया था। उनका कहना था कि पुलिस उन्हें पाकिस्तानी कैसे बता सकती है। उनके पिता नादिर भरूच के थे, जबकि उनकी मां सेलिना लखनऊ की थीं। उनका पाकिस्तान से दूर-दूर तक कोई रिश्ता नहीं था, लेकिन पुलिस ने यही कहते हुए मामले में बहुत लापरवाही कर दी। पहले तो शिकायत दर्ज करने में समय लगाया और फिर जांच नहीं की’।

पिता ने की मामला NIA को सौंपने की अपील
मामले में पुलिस की लापरवाही देखते हुए 17 जुलाई 2012 को लैला खान के पिता नादिर ने बॉम्बे हाईकोर्ट में पिटिशन दायर कर मामला NIA (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) को सौंपने की अपील की थी।

कश्मीर में हुए आतंकी हमले से सामने आई मामले की सच्चाई
लैला खान की गुमशुदगी के एक साल बाद जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में एक आतंकी हमला हुआ था। जांच में आतंकी हमले की लोकेशन के पास लैला खान की कार मिली थी। उस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा ने ली। मीडिया में खबर फैली कि लैला खान और उनकी मां सेलिना लश्कर-ए-तैयबा के साथ मिलकर काम करती थीं।

आतंकी हमले के मामले में 21 जून 2012 को परवेज इकबाल टाक की गिरफ्तारी हुई। वही परवेज टाक, जिनसे लैला खान की मां सेलिना ने तीसरी शादी की थी। परवेज की गिरफ्तारी लैला खान की गुमशुदगी के मामले में अहम कड़ी साबित हुई।

लैला खान का सौतेला पिता परवेज इकबाल टाक।

लैला खान का सौतेला पिता परवेज इकबाल टाक।

परवेज टाक वो इकलौता शख्स था जिसे आखिरी बार लैला के परिवार के साथ इगतपुरी में देखा गया था। ऐसे में शक सीधा उस पर था। परवेज टाक ने मुंबई पुलिस को दिए बयान में हैरान कर देने वाला खुलासा किया। उसने कहा कि लैला और उसके परिवार की फरवरी 2011 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। गुमशुदगी का मामला अब हत्या के मामले में तब्दील हो गया।

लैला अपने ट्विन भाई-बहन, इमरान-जारा के साथ।

लैला अपने ट्विन भाई-बहन, इमरान-जारा के साथ।

इस बयान के अगले ही दिन परवेज टाक मुकर गया। उसने कहा कि लैला खान और उनका परिवार जिंदा है। इस पर मामले की किडनैपिंग के एंगल से जांच करने के लिए पुलिस परवेज टाक को लेकर मुंबई आई।

परवेज टाक को 10 जुलाई 2012 को सदर्न मुंबई स्थित कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 19 जुलाई तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया। क्राइम ब्रांच की सख्ती पर परवेज टाक ने तीसरी बार अपना बयान बदल लिया, लेकिन इस बार उसने जो बताया वो हैरान कर देने वाला था।

लैला खान के सौतेले पिता परवेज टाक ने इकबाल-ए-जुर्म कर बताया कि वो लैला की मां सेलिना की हत्या करना चाहता था। सेलिना उसके साथ नौकरों जैसा सलूक करती थीं और उनके दूसरे मर्दों से संबंध थे। अपनी बेइज्जती का बदला लेने के लिए परवेज ने अपने दोस्त साजिद के साथ हत्या की साजिश रची। वो दुबई जाने वाला था। ऐसे में मौका देखकर उसने लैला की मां से कहा कि वो दुबई जाने से पहले परिवार के साथ वैकेशन पर इगतपुरी जाना चाहता है।

लैला और उनके परिवार के इगतपुरी पहुंचने से पहले ही परवेज टाक अपने दोस्त को बुला चुका था। एक दिन मौका पाते ही उसने दोस्त साजिद को फार्महाउस पर बुला लिया। एक बहस के बाद साजिद ने सेलिना के हाथ पकड़े और परवेज टाक ने रॉड से उन पर हमला कर दिया। जिस वक्त सेलिना की हत्या की जा रही थी, ठीक उसी वक्त लैला खान वहां पहुंच गईं। साजिद और परवेज ने लैला की भी हत्या कर दी। फंसने के डर से परवेज और साजिद ने लैला और सेलिना के बाद फार्महाउस पर मौजूद हर शख्स की हत्या कर दी। जो पालतू कुत्ते वो लोग साथ ले गए थे, उनको भी खत्म कर दिया गया।

लाशों की तलाश और चौंकाने वाले खुलासे
परवेज टाक लगातार अपने बयान बदल रहा था। ऐसे में मुंबई पुलिस उसे इगतपुरी के फार्महाउस ले गई। फार्महाउस की दीवारों को देखकर पुलिस को लगा कि दीवारों को जलाने की कोशिश की गई है। फिर परवेज की निशानदेही पर पुलिस ने फार्महाउस के पीछे वाले हिस्से में खुदाई शुरू की। खुदाई में पुलिस को लैला खान समेत परिवार के 6 लोगों के कंकाल मिले।

लश्कर-ए-तैयबा के जरिए की थी मामले से बचने की कोशिश
परवेज ने पुलिस को बताया कि उसने हत्या के बाद सभी के शव दफना दिए थे। पुलिस को चकमा देने के लिए उसने तीनों कार को ठिकाने लगाने के लिए अपने दोस्तों जॉली गिल्डर और महबूब की मदद ली। पहली कार को इंदौर भेजा गया और दूसरी कार को दिल्ली। वहीं तीसरी कार को किश्तवाड़ ले जाया गया, जिसके जरिए किश्तवाड़ में आतंकी हमला किया गया था।

हत्या करने के बाद परवेज टाक लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों की मदद से नेपाल भागने की तैयारी में था। हालांकि, इससे पहले ही वहां किश्तवाड़ में आतंकी हमला हुआ, जिसमें परवेज की गिरफ्तारी हो गई।

जल्द ही बनेगी लैला खान और जर्नलिस्ट पर फिल्म
जर्नलिस्ट निशात शमसी ने इंटरव्यू के दौरान बताया कि ‘टॉयलेटःएक प्रेम कथा’ फिल्म डायरेक्ट करने वाले श्रीनारायण सिंह जल्द ही लैला खान हत्याकांड और इसमें जर्नलिस्ट निशात शमसी के योगदान पर एक फिल्म बनाने वाले हैं। फिल्म की स्क्रिप्ट पूरी हो चुकी है।

अगले शनिवार, 22 जून को पढ़िए कहानी कल्ट क्लासिक फिल्म ए क्लॉकवर्क ऑरेंज की। फिल्म रिलीज के बाद ही कई ऐसे मामले सामने आए, जिसमें इस फिल्म को प्रेरणा मानते हुए हत्या की गई थी। लगातार आते हत्या के मामलों को देखते हुए फिल्म को कई देशों में बैन कर दिया था। हालांकि 44वीं ऑस्कर सेरेमनी में फिल्म को बेस्ट पिक्चर कैटेगरी में नॉमिनेशन मिला था।

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Betul Information: कॉलेज में घुसकर सहायक प्राध्यापक पर जानलेवा हमला, आंखों में डाली मिर्ची, गंभीर हालत में भोपाल रेफर

मुख्य आरोपित कालेज का पूर्व छात्र है। एक छात्र की छात्रवृत्ति को लेकर उसका सहायक प्राध्यापक से हुआ था विवाद। पुलिस आरोपितों की तलाश में जुटी।

By Vinay Verma

Edited By: Vinay Verma

Publish Date: Fri, 14 Jun 2024 09:36:26 PM (IST)

Up to date Date: Sat, 15 Jun 2024 08:20:34 PM (IST)

नवदुनिया प्रतिनिधि, बैतूल। नवदुनिया प्रतिनिधि, बैतूल। नगर के जयवंती हाक्सर शासकीय कालेज में शुक्रवार को कुछ बदमाशों ने एक सहायक प्राध्यापक पर आधा दर्जन से अधिक बदमाशो ने हाकी, लाठी और राड से हमला कर दिया। गंभीर चोट आने पर उन्हें जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद देर रात भोपाल रेफर कर दिया गया। इस जानलेवा हमले में सहायक प्राध्यापक के दोनों हाथ, कमर, पैर, सर और आंख के पास साइनस में फ्रैक्चर आया है। मारपीट का वीडियो भी इंटरनेट मीडिया में प्रसारित हो रहा है।

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बेरहमी से पीटा

प्राप्त जानकारी के अनुसार जेएच कालेज में पदस्थ संस्कृत विषय के सहायक प्राध्यापक नीरज धाकड़ शुक्रवार सुबह करीब 10.30 बजे अपने विभाग में कार्य कर रहे थे। इसी दौरान पूर्व छात्र अनिकेत उर्फ अन्नू ठाकुर नाम का युवक अपने कुछ साथियों के साथ आया और उनकी आंखों में मिर्च पाउडर डाल दिया। इसके बाद उन्होंने सहायक प्राध्यापक को डंडे, राड से पीटना शुरू कर दिया। गंभीर चोट पहुंचाने के बाद वे सभी भाग निकले। घायल होने से वे अचेत हो गए।

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पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी फुटेज

सहयोगियों ने घायल सहायक प्राध्यापक को तत्काल जिला अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया। कालेज प्राचार्य डॉ. विजेता चौबे ने बताया कि सहायक प्राध्यापक और पूर्व छात्र अन्नू ठाकुर का कोई विवाद है। शुक्रवार को जब वे अपने विभाग में काम कर रहे थे, तभी उन पर हमला कर दिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। एसडीओपी शालिनी परस्ते ने बताया कि शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपितों की पहचान कर तलाश की जा रही है।

इसलिए किया हमला

बताया जा रहा है कि अनिकेत कालेज में अक्सर घूमता रहता है। सहायक प्राध्यापक के पास वह किसी छात्र की छात्रवृत्ति के संबंध में चर्चा करने गया था। उसे बाद में आने का कहा गया तो वह सील लेकर भागने लगा था। इस पर प्राध्यापक ने उसे डांटा था। संभवत: इसी का बदला लेने के लिए वह कालेज में अपने साथियों के साथ घुसा और मारपीट की।

पुलिसकर्मी तैनात करने की मांग

इस घटना के बाद कालेज प्रबंधन द्वारा एसपी से कालेज में पुलिसकर्मी तैनात करने की मांग की जाएगी। प्राचार्य ने बताया कि अभी परीक्षा चल रही है। अब सुरक्षा की दृष्टि से कालेज स्टाफ के वाहन ही परिसर में आ पाएंगे। घायल प्राध्यापक ने पुलिस को बताया है कि आरोपित हत्या करना चाहते थे। मेरे सिर पर डंडे मारे, दोनों हाथों में फ्रेक्चर आ गया है। कालेज की जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष घनश्याम मदान ने हमला करने वालों पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।

Farmers Subsidy: उद्यानिकी विभाग की लापरवाही से लाखों किसानों की सब्सिडी पर संकट

पोर्टल में किसानों का पंजीयन 7 जून से शुरू था और 11 जून को पोर्टल बंद हो गया था। किसानों बोवनी की शुरुआत करीब 20 जून से करते हैं, इसके बावजूद पोर्टल में पंजीयन चालू करने के कोई कोशिश नहीं हुई है। 20 जून तक किसानों का चयन लाटरी के माध्यम से किया जाना है, लेकिन पोर्टल बंद है।

By Sandeep Chourey

Publish Date: Sat, 15 Jun 2024 08:39:21 PM (IST)

Up to date Date: Sat, 15 Jun 2024 08:39:21 PM (IST)

Farmers Subsidy: उद्यानिकी विभाग की लापरवाही से लाखों किसानों की सब्सिडी पर संकट
पोर्टल में किसानों का पंजीयन 7 जून से शुरू हुआ और 11 जून को पोर्टल बंद हो गया।

HighLights

  1. मप्र फार्मर सब्सिडी ट्रैकिंग सिस्टम चार दिन से बंद
  2. सब्सिडी का लाभ लेने किसान नहीं कर पा रहे पंजीयन
  3. किसानों का पंजीयन 11 जून से पोर्टल पर बंद हो गया

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। उद्यानिकी फसलों की खेती करने वाले किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं में सब्सिडी दिलाने वाला पोर्टल पिछले 4 दिनों से बंद है। उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग में किसानों की योजनाओं का क्रियान्वयन मप्र फॉर्मर सब्सिडी ट्रैकिंग सिस्टम (एमपीएफएसटीएस) पोर्टल में पंजीयन के माध्यम से होता है।

किसान सब्सिडी के लिए पंजीयन से वंचित

पोर्टल में किसानों का पंजीयन 7 जून से शुरू हुआ और 11 जून को पोर्टल बंद हो गया। जिससे किसान सब्सिडी के लिए पंजीयन से वंचित हो गए हैं। वहीं किसानों की फसल लेने की (बोवनी) की शुरुआत 20 जून से होती है, इसके बावजूद पोर्टल में पंजीयन चालू करने के कोई प्रयास नहीं किए गए हैं। 20 जून तक किसानों का चयन लाटरी के माध्यम से किया जाना है, लेकिन पोर्टल बंद होने से यह प्रक्रिया भी प्रभावित होगी।

कई जिलों से मिल रही शिकायतें

जून माह निकलने के बाद किसान अपने स्तर पर फसल की तैयारी कर लेता है, इसमें योजना के लाभ से किसान वंचित हो जाएगा और योजना का क्रियान्वयन, फसल अवधि खत्म होने के बाद खरीफ (नवंबर) के बाद ही सब्सिडी का लाभ ले पाएगा। प्रदेश में कई जिलों से यह शिकायतें मिली है। इस पोर्टल के माध्यम से किसानों को उत्पादन, प्रसंस्करण, पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट, सिंचाई, यांत्रिकरण, क्षेत्र विस्तार के कार्य में उपयोग होने वाले उपकरणों पर डेढ़ से पौने दो लाख रुपये तक की सब्सिडी मिलती है।

उद्यानिकी फसलों का क्षेत्रफल 36 लाख हेक्टेयर

बता दें कि मप्र में उद्यानिकी फसलों का क्षेत्रफल 36 लाख हेक्टेयर है, इस पोर्टल के बंद होने से इन क्षेत्र में कृषि और किसानों हर स्तर पर शत-प्रतिशत प्रभावित होंगे। वहीं सरकार की किसान हितैषी विभिन्न योजना के तहत इस पोर्टल के माध्यम से कोल्ड स्टोरेज, ड्रिप, ड्रिप स्प्रिंकलर, पाली हाउस, शेडनेट हाउस, वाक इन टनल, ट्रैक्टर,जैसे कृषि उपकरणों के लिए सब्सिडी दी जाती है।

क्या है सब्सिडी ट्रैकिंग सिस्टम

सब्सिडी ट्रैकिंग सिस्टम (एमपीएफएसटीएस) के अंतर्गत किसान विभिन्न योजना में पंजीयन कराकर सब्सिडी का लाभ लेते हैं। इसके तहत मध्य प्रदेश सरकार का लक्ष्य कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने एवं किसानों को विभिन्न प्रकार की योजना के लाभ प्रदान करना है। इसके तहत कृषि उपकरण और सिंचाई उपकरण के माध्यम से किसान अपनी फसल को बेहतरीन कर सकते हैं। विभिन्न प्रकार के कृषि उपकरणों पर इस योजना के तहत सरकार द्वारा 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाती है।

पोर्टल बंद होने की शिकायतें मिली हैं। मैंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जल्द से जल्द पोर्टल को चालू कराकर किसानों का पंजीयन कराएं। – नारायण सिंह कुशवाह, मंत्री, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण, मप्र

मैंने पोर्टल बंद होने के बारे में अधिकारियों से कहा है कि वे इसकी पड़ताल करें और शीघ्र पोर्टल चालू कराएं। – एसएन मिश्रा, कृषि उत्पादन आयुक्त, मप्र शासन

T20 World Cup में हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में हड़कंप, सैलरी कटने से लेकर छीना जा सकता है खिलाड़ियों का सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट

Pakistan Cricket Crew: पाकिस्तान खिलाड़ियों की मुसीबतें बढ़ सकती हैं। पाक टी20 विश्व कप के सुपर-8 में जगह नहीं बना सकी। इसे लेकर पाकिस्तान में गुस्सा और पीसीबी ठोस कदम उठा सकता है। निराशाजनक प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान क्रिकेटरों की जेब कट सकती है।

By Kushagra Valuskar

Publish Date: Sat, 15 Jun 2024 08:18:00 PM (IST)

Up to date Date: Sat, 15 Jun 2024 08:18:00 PM (IST)

T20 World Cup में हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में हड़कंप, सैलरी कटने से लेकर छीना जा सकता है खिलाड़ियों का सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट
पाकिस्तान टीम टी20 विश्व कप से बाहर।

HighLights

  1. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड कार्रवाई की तैयारी में है।
  2. पीसीबी खिलाड़ियों के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का रिव्यू करेगी।

खेल डेस्क, नई दिल्ली। Pakistan Cricket Crew: टी20 विश्व कप 2024 के पहले दौर से बाहर होने पर पाकिस्तान टीम का बुरा हाल है। फैंस से लेकर सीनियर खिलाड़ी उनका सपोर्ट नहीं कर रहे हैं। टीम ने टूर्नामेंट में बेहद घटिया प्रदर्शन किया। बाबर की सेना को अपना आखिरी ग्रुप मैच खेलना है। जिसके बाद टीम वापस अपने देश लौट जाएगी। इन सबके बीच पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड खिलाड़ियों पर कड़े फैसले ले सकती है। जिसमें सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट, सैलरी और एनओसी शामिल हैं।

सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का किया जाएगा रिव्यू

पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान खिलाड़ियों को टी20 वर्ल्ड कप से बाहर होने के बाद पीसीबी सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का रिव्यू और वेतन कटौती कर सकती है। पाकिस्तान को अमेरिका और भारत के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। वहीं, शुक्रवार को यूएएस और कनाडा का मैच बारिश के कारण रद्द होने के कारण पाक का पत्ता कट गया।

मोहसिन नकवी फैसला लेंगे

रिपोर्ट के अनुसार, कुछ अधिकारियों और पूर्व खिलाड़ियों ने पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी को सलाह दी है कि ने खिलाड़ियों के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का रिव्यू करें। ऐसे में अगर नकवी टीम के हालिया प्रदर्शन पर कार्रवाई करते हैं तो खिलाड़ियों की जेब कट सकती है।

बोनस देने का किया था एलान

बाबर आजम की कप्तानी में पाकिस्तान ने एशिया कप और वनडे वर्ल्ड कप में खराब प्रदर्शन किया था। टी20 विश्व कप से उनके उम्मीद थी, लेकिन टीम ने निराश किया। बता दें कि पिछले साल जका अशरफ ने खिलाड़ियों के वेतन में इजाफा किया था। इसके अलावा आईसीसी से पाक बोर्ड को मिलने वाली रकम का कुछ हिस्सा देने का एलान किया था। मोहसिन नकवी ने कहा था कि टी20 वर्ल्ड कप जीतने पर प्रत्येक खिलाड़ी को बोनस मिलेगा, लेकिन टीम पहले ही दौर से बाहर हो गई।