Bhopal Information: बैरागढ़ में नए-पुराने किसी भी पार्क की नहीं हो रही देखरेख, नेहरू उद्यान का अस्तित्व ही खत्म

बैरागढ़ में विसर्जन घाट के पास बने पार्क की फिसलपट्टियां खराब। बच्चे भी इस पार्क में आकर होते हैं मायूस। गिदवानी पार्क की हालत भी खस्ता।

By dilip mangtani

Publish Date: Sat, 15 Jun 2024 01:45:23 PM (IST)

Up to date Date: Sat, 15 Jun 2024 01:45:23 PM (IST)

Bhopal News: बैरागढ़ में नए-पुराने किसी भी पार्क की नहीं हो रही देखरेख, नेहरू उद्यान का अस्तित्व ही खत्म
सीहोर नाका स्थित पार्क में फिसलपट्टियां टूट गई हैं। -नवदुनिया

नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) में नागरिकों की सुविधा के लिए विकसित उद्यानों की हालत खराब है। नगर निगम नए और पुराने किसी भी पार्क की देखरेख नहीं कर रहा है। नेहरू पार्क तो पूरी तरह उजड़ चुका है।

दस साल पहले बनाया था पार्क

सीहोर नाके पर स्थित झूलेलाल विसर्जन घाट के पास में ही नागरिकों की सुविधा के लिए 10 साल पहले नया पार्क विकसित किया गया था। प्रारंभ में इसका अच्छी तरह रखरखाव किया जाता था, जिससे यहां लोगों को आकर सुकून महसूस होता था। अब तो इसकी देखरेख भी बंद कर दी गई है। यहां लगी फिसलपट्टियां टूट चुकी हैं। इससे बच्चे भी यहां आकर निराश होते हैं। विसर्जन घाट धार्मिक आस्था का केंद्र है। यहां बड़ी संख्या में लोग पूजा-अर्चना करने एवं पूजन सामग्री प्रवाहित करने पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ही पार्क भी साथ में विकसित हुआ लेकिन अब इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। झूलेलाल चालीहा उत्सव समिति के अध्यक्ष पुरषोत्तम हरचंदानी का कहना है कि घाट एवं पार्क दोनों का नियमित रूप से रखरखाव किया जाना चाहिए।

दोनों पुराने उद्यान भी उजड़ रहे

बैरागढ़ में सबसे पुराने गिदवानी उद्यान की देखरेख नहीं होने यह उजड़ता जा रहा है। नगर की सघन आबादी के मध्य स्थित इस उद्यान में पिछले दिनों सुंदरीकरण योजना के तहत बरसों से खराब रंगीन फव्वारे को बदला गया था। अब यह फिर से खराब हो गया है। यहां वर्षा का पानी जमा हो गया था। पानी की निकासी का प्रबंध नहीं होने के कारण हर साल यह स्थिति बनती है। समुचित रखरखाव के अभाव में पानी बाहर नहीं निकल पाता, इससे पार्क के चारों हिस्सों में लगी घांस सड़ गई। नेहरू पार्क में ओवरहेड टैंक बनने के बाद यह केवल नाम का पार्क ही बचा है। यहां असामाजिक तत्वों का डेरा लगा रहता है।