Balodabazar Violence: उपद्रवियों ने गांव-गांव मुनादी और पंपलेट बांटकर जुटाई थी भीड़, फिर भी घटना की भयावहता को भांप नहीं पाया प्रशासन
Baloda Bazar Violence: बलौदाबाजार में कलेक्टर-एसपी कार्यालय में तोड़फोड़ और आग लगाने की घटना में प्रशासन की लापरवाही भारी पड़ गई। जानकारी के मुताबिक मुंगेली में प्रदर्शन के बाद बलौदाबाजार में महाआंदोलन करने का ऐलान किया गया था। इसके बाद भी प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया।
By Sandeep Tiwari
Publish Date: Sat, 15 Jun 2024 07:57:03 AM (IST)
Up to date Date: Sat, 15 Jun 2024 07:58:04 AM (IST)

HighLights
- घटना को लेकर भाजपा-कांग्रेस के बीच सियासत तेज
- बलौदाबाजार हिंसा कांड: कांग्रेस ने भाजपा सरकार को घेरा
- भारी पड़ी एसपी-कलेक्टर की लापरवाही, अब सुधरने लगे हालात
Baloda Bazar Violence: राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। बलौदाबाजार में कलेक्टर-एसपी कार्यालय में तोड़फोड़ और आग लगाने की घटना में प्रशासन की लापरवाही भारी पड़ गई। जानकारी के मुताबिक मुंगेली में प्रदर्शन के बाद बलौदाबाजार में महाआंदोलन करने का ऐलान किया गया था। इसके बाद भी प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया। उपद्रवियों ने भीड़-जुटाने के लिए गांव-गांव मुनादी व पंपलेट भी बांटे थे। प्रशासन घटना की भयावहता को भांप नहीं पाया।
सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ही अब मामले में एसपी-कलेक्टर की लापरवाही को ही घटना के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। राज्य सरकार ने पहले जिले के तत्कालीन कलेक्टर केएल चौहान और एसपी सदानंद कुमार का तबादला किया और बाद में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एसपी-कलेक्टर दोनों को निलंबित कर दिया। इस मामले में सरकार सूक्ष्म स्तर पर जांच करा रही है साय ने शांति बनाए रखने की अपील की है।
समुदाय के गुस्से के बाद पुलिस ने तीन लोगों को किया था गिरफ्तार
गाैतलब है कि 15 मई की रात गिरौदपुरी धाम के करीब मानाकोनी बस्ती की बाघिन गुफा में लगे धार्मिक प्रतीक चिन्ह को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। समुदाय विशेष के आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। इस गिरफ्तारी को नाकाफी बताते हुए लोगों ने शासन से जांच की मांग की थी।
बाद में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने न्यायिक जांच की घोषणा की, लेकिन नाराजगी कम नहीं हई। लोगों ने सीबीआइ जांच की मांग को लेकर 10 जून को कलेक्ट्रेट-एसपी कार्याल्य घेराव, तोड़फोड़ और आगजनी कर दी, सैकड़ों वाहन भी फूंक डाले। मामले में अब तक 121 की गिरफ्तारी हो चुकी है। एसआइटी की 21 सदस्यीय टीम ने भी अलग-अलग बिंदुओं पर जांच शुरू कर दी है। मामले में सियासत भी गर्म हो गई है। कांग्रेस, भाजपा सरकार की नाकामी बताते हुए घेर रही है।
गृह मंत्री बोले- घटना के बाद कानून पर सवाल उठाना लाजिमी
हिंसा मामले में कलेक्टर केएल चौहान और एसपी सदानंद कुमार को निलंबित करने के बाद प्रदेश में सियासत भी गर्म हो गई है। प्रदेश में गरमाई सियासत के बीच उप मुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने माना है कि घटना के बाद कानून-व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है। कलेक्टर और एसपी को लापरवाही की वजह से निलंबित किया गया है।
गृहमंत्री विजय शर्मा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि इंटरनेट मीडिया में जितने वीडियो आए हैं, उससे बहुत सी बातें स्पष्ट हो गई हैं। कुछ और बातें भी सामने आई हैं, जिसमें जांच कर कार्रवाई की जा रही है। घटना के बाद से पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सजग और मुस्तैद है। प्रदेश के सभी जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर क्या स्टैंडर्ड प्रोसिजर होना चाहिए, इसपर काम किया जा रहा है। काम जल्द पूरा हो जाएगा, जिसके बाद प्रदेशभर में लागू किया जाएगा।
गृहमंत्री ने कहा कि घटना के सभी पहलुओं पर भाजपा की गठित कमेटी जांच करेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से प्रतिदन समाज के लोग पहुंच कर कह रहे हैं कि राज्य सरकार की कार्रवाई से संतुष्ट हैं। असामाजिक लोगों ने घटना को अंजाम दिया है। बलौदाबाजार हिंसा को लेकर राजनीति करना अच्छा नही है। इसमें बहुत से जनप्रतिनिधि भी शामिल हैं, जिसकी जांच हो रही है।
भाजपा पर विफलता को छिपाने के कांग्रेस के आरोप पर गृहमंत्री ने कहा कि सरकार ने पहले ही समाज के लोगों से बात करनी शुरू कर दी थी। 10 जून से पहले ही मामले में न्यायिक जांच की घोषणा की गई थी। समाज के लोगों की जो मांग थी, वह पूरी हो गई थी। समाज का कोई मामला नहीं रह गया था। गृहमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक ढंग से जो होना था और उसमें जो दोषी हैं, उनपर कार्रवाई जारी है। हिंसा की जांच आगे भी जारी रहेगी।
प्रदेश में बिगड़ी कानून व्यवस्था, सरकार दे इस्तीफा : बघेल
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बलौदाबाजार हिंसा को राज्य सरकार की नाकामी बताते हुए त्यागपत्र की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि नाकामी को छिपाने के लिए असली दोषियों को छोड़कर निर्दोषों पर कार्रवाई हो रही है। ऐसी सरकार को एक दिन भी सत्ता में नहीं रहना चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री बघेल बलौदाबाजार में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत, प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज, विधायक और अन्य जनप्रतनिधि बलौदाबाजार पहुंचे थे। कांग्रेस के नेताओं ने सबसे पहले कलेक्ट्रेट परिसर में कंपोजिट बिल्डिंग और एसपी कार्यालय को देखा। इसके बाद सर्किट हाउस में स्थानीय लोगो से मिलकर घटना की जानकारी ली और जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय पहुंचकर पत्रकारों से बातचीत की।
उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों ने बताया कि बड़ी संख्या में महाराष्ट्र की गाड़ियां आई थीं। उपद्रवी लोग लाठी-डंडे और पत्थर लेकर आए थे। यह सरकार के इंटेलिजेंस की बड़ी विफलता है। उन्होंने कहा कि भाजपा को बताना चाहिए कि सभा के लिए पंडाल किसने लगवाया था। दस हजार से अधिक लोगों के भोजन व्यवस्था किसने कराई थी।
भाजपा की जांच समिति गठन होने को लेकर उन्होंने कहा कि यह भी अपने तरह का पहला मामला है। भाजपा को अपनी ही सरकार की जांच पर भरोसा नही है। ठेकेदार जिसके श्रमिकों ने घटना को अंजाम दिया है, वो इन्ही की पार्टी का सदस्य है। आयोजक मंडल में भाजपा के कुछ लोग हैं।
उन्होंने पुलिस की कार्यवाही पर प्रश्न उठाते हुए कहा कि सतनामी समाज के बहुत से लोग इस घटना के बाद लापता है। उनके घरवाले भी नही जानते हैं कि वो कहां हैं। प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज और नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने निष्पक्ष जांच की मांग की।
अब बना शांति का वातावरण
बलौदाबाजार के कलेक्टोरेट और एसपी कार्यालय में अब शांति का वातावरण है। कलेक्टर दीपक सोनी के मार्गदर्शन में जिला कार्यालयों में अब दैनिक व शासकीय कार्यों का संचालन सुचारू रूप से होने लगा है। जिले के ग्रामीणों द्वारा भी अब जिला कार्यालयों में आकर अपनी समस्याओं व शासकीय कार्यों के आवेदन जमा किए जा रहे हैं। कलेक्टर सोनी के निर्देश पर शुक्रवार को 11 हितग्राहियों को उनकी मांग पर तत्काल राशनकार्ड जारी कर किया गया। दो दिनों में लोकसेवा केंद्रों के माध्यम से 389 प्रकरणों का त्वरित निराकरण किया गया है।

