Indore Information: विदेशी जानवरों की तस्करी करने वाले व्यापारियों के खंगाले जाएंगे बैंक ट्रांसजेक्शन

STSF ने 13 प्रजातियों के 50 से ज्यादा जानवरों को जब्त किया है और भोपाल स्थित वन विहार में भेज दिया है। छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में भी जानवरों की तस्करी और अवैध कारोबार की जानकारी सामने आई है। अगले दो से तीन दिनों में टीम भेजी जाएगी और बैंक लेनदेन की जानकारी खंगालेगी।

By Sandeep Chourey

Publish Date: Fri, 14 Jun 2024 09:46:07 PM (IST)

Up to date Date: Fri, 14 Jun 2024 09:46:07 PM (IST)

HighLights

  1. विदेशी जानवरों का अवैध व्यापार
  2. अंतरराष्ट्रीय गिरोह से जुड़े तार
  3. व्यापारी पर SRSF की भी नजर

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। विदेशी जानवरों का अवैध व्यापार करने वाले व्यापारियों पर स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (STSF) अपना शिकंजा कसने लगा है। दिल्ली, बुलंदशहर और हैदराबाद में कार्रवाई करने के बाद अब प्रदेशभर के व्यापारियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। इसके लिए STSF की एक टीम द्वारा परिवेश पोर्टल पर पंजीयन करवाने वाले व्यापारियों के दस्तावेज और बैंक ट्रांजेक्शन खंगाले जा रहे हैं। जानवरों को कहां से लाया व मंगवाया गया है, यह भी पता लगाया जा रहा है।

3 सप्ताह से चल रही कार्रवाई

गड़बड़ी मिलने पर टीम को जांच करने के लिए भेजा जाएगा। इगुआना, येलो मानीटर, सावनाह लिजार्ड सहित अन्य विदेशी जानवरों के अवैध व्यापार को लेकर पिछले तीन सप्ताह से एसटीएसएफ की कार्रवाई चल रही है, जिसमें सुमित मित्रा (देवास), कार्तिक गोयल (दिल्ली), दीपक (बुलंदशहर) को गिरफ्तार किया गया है। जबकि उत्कर्ष अग्रवाल (बुलंदशहर) और मोइनुद्दीन शहजाद (हैदराबाद) फरार हैं।

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13 प्रजातियों के 50 से ज्यादा जानवर जब्त

STSF ने करीब 13 प्रजातियों के 50 से ज्यादा जानवरों को जब्त किया है। इन्हें वन विहार भोपाल में भेज दिया है। अब भोपाल एसटीएसएफ की टीम कार्तिक से पूछताछ करेगी। वह शुक्रवार को उसे लेकर भोपाल रवाना हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में भी जानवरों की तस्करी और अवैध कारोबार को लेकर कुछ जानकारी मिली है। वहां अगले दो से तीन दिनों में टीम भेजी जाएगी।

बैंक लेनदेन की होगी जांच

अधिकारियों के मुताबिक, अब व्यापारियों के जानवरों की खरीद-फरोख्त को लेकर बैंक ट्रांजेक्शन पर नजर रखी जा रही है। इसके माध्यम से यह पता लग सकेगा कि व्यापारी कहां से और किससे जानवर मंगवा रहे हैं। वहीं, विदेशी जानवर रखने और पालने वालों को परिवेश पोर्टल पर पंजीयन करवाने का नियम है। 31 अगस्त तक जानवरों से जुड़ी जानकारी पोर्टल पर अपलोड करनी है, मगर व्यापारियों और लोगों को पंजीयन करवाने में दिक्कत आ रही है। इस संबंध में शनिवार को वन विभाग नवरत्न बाग स्थित कार्यालय में कार्यशाला रखी है।