Gwalior Information: घुमावदार है महापौर कार्यालय की सीढ़ियां, अब यहां लगेगी लिफ्ट
स्टेट टाइम की तीन ऐतिहासिक इमारतों को आधुनिक लिफ्ट सिस्टम से लैस किया जाएगा। इसके लिए जलविहार स्थित परिषद भवन, महाराज बाड़ा पर बने पुराने निगम मुख्यालय व शासकीय प्रेस बिल्डिंग को चुना गया है। जलविहार में वर्तमान में निगम परिषद का संचालन होता है।यहां पहली मंजिल पर परिषद सचिव सहित सभापति व महापौर के कक्ष बने हुए हैं।
By Priyank Sharma
Publish Date: Fri, 14 Jun 2024 10:33:20 AM (IST)
Up to date Date: Fri, 14 Jun 2024 10:33:20 AM (IST)
HighLights
- स्टेट टाइम की तीन ऐतिहासिक इमारतों को आधुनिक लिफ्ट सिस्टम से लैस किया जाएगा
- पुराने निगम मुख्यालय और शासकीय प्रेस बिल्डिंग में किया जा रहा है प्रविधान
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। स्टेट टाइम की तीन ऐतिहासिक इमारतों को आधुनिक लिफ्ट सिस्टम से लैस किया जाएगा। इसके लिए जलविहार स्थित परिषद भवन, महाराज बाड़ा पर बने पुराने निगम मुख्यालय व शासकीय प्रेस बिल्डिंग को चुना गया है। जलविहार में वर्तमान में निगम परिषद का संचालन होता है। यहां पहली मंजिल पर परिषद सचिव सहित सभापति व महापौर के कक्ष बने हुए हैं। जनप्रतिनिधियों से मिलने आने वाले लोगों को चढ़ने-उतरने में खासी परेशानी होती है।
सभापति मनोज सिंह तोमर ने इस बिल्डिंग में लिफ्ट की व्यवस्था के लिए निगमायुक्त को पत्र लिखा था, जिसके बाद यहां लिफ्ट लगाने के लिए टेंडर जारी किए गए हैं। पुराने निगम मुख्यालय व शासकीय प्रेस बिल्डिंग को संवारने का काम स्मार्ट सिटी द्वारा किया जा रहा है। तीनों ही इमारतों में कैप्सूल लिफ्ट का प्रविधान किया जा रहा है, ताकि उसका स्ट्रक्चर अलग से इमारत के बाहर फिट हो सके। दरअसल, ये इमारतें पुराने आर्किटेक्चर की बनी हुई हैं। इन तीनों ही इमारतों में बनी सीढ़ियों में काफी फासला है। ऐसे में लोगों को चढ़ने-उतरने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
हालांकि जलविहार में फिर भी लोगों का आवागमन होता है, लेकिन पुराना निगम मुख्यालय और शासकीय प्रेस बिल्डिंग काफी समय से जनता के लिए बंद थे। अब इनके सुंदरीकरण का कार्य कराया जा रहा है और इन्हें लोगों के लिए खोला भी जाएगा। दोनों स्थानों पर रूफटाप रेस्टोरेंट बनाने की भी योजना है। ऐसे में अब यहां लोगों की सहूलियत के लिए लिफ्ट का प्रविधान किया गया है। पूर्व में कार्पोरेशन द्वारा किए गए टेंडर में इसका उल्लेख नहीं था, लेकिन अब अलग से प्रविधान किया जा रहा है। नगर निगम के पीआइयू सेल प्रभारी पवन सिंघल के अनुसार जलविहार में लिफ्ट लगाने के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं।
ये है इमारतों का इतिहास
जय विलास पैलेस के पास ग्वालियर का सबसे पुराना उद्यान अपने आप में अलग पहचान रखता है। इसे महापौर कार्यालय और इटालियन गार्डन के नाम से जाना जाता है। ग्वालियर के तत्कालीन महाराज जीवाजीराव सिंधिया द्वारा निर्मित इस इमारत और सुंदर उद्यान में कुछ साल पहले तक राजपरिवार के कार्यक्रम हुआ करते थे। यहां संगीत के कार्यक्रमों के लिए पानी के बीच में घिरा सुंदर मंच भी बनाया गया है। पानी का पर्दा भी नजर आता था। इस प्रकार का आर्किटेक्चर ग्वालियर या उसके आसपास के इलाकों में एक भी नहीं है। इसी प्रकार शासकीय प्रेस बिल्डिंग और पुराना निगम मुख्यालय भी अलग-अलग आर्किटेक्चर से बने हैं।
इमारत में नहीं होगी तोड़फोड़
ये तीनों इमारतें ऐतिहासिक महत्व की हैं। ऐसे में इनके पुराने स्वरूप से छेड़छाड़ करना संभव नहीं है। किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ करने पर इमारत के आर्किटेक्चर को नुकसान पहुंचने की संभावना है। ऐसे में यहां मशीन रूमलेस लिफ्ट लगाई जाएगी। इस प्रकार की लिफ्टों में अलग से मशीन रूम का प्रविधान नहीं करना पड़ता। लिफ्ट के सबसे ऊपर मौजूद मोटर ही इसे खींचने और नीचे भेजने का काम करती है, जबकि अन्य लिफ्ट में अलग से वजन लगाया जाता है, जो नीचे जाकर लिफ्ट को ऊपर पहुंचाता है।
लिफ्ट का प्रविधान कर रहे हैं
पुराने निगम मुख्यालय और शासकीय प्रेस बिल्डिंग में रूफटाप पर ओपन रेस्टोरेंट तैयार करने का प्लान है। ये पब्लिक प्लेस के रूप में विकसित होंगे। ऐसे में लोगों को चढ़ने और उतरने में परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए लिफ्ट का प्रविधान किया जा रहा है।
नीतू माथुर, सीईओ स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन

