Bhopal Information: सरकारी अस्पतालाें में हेल्पलाइन नंबर से मिलेगा अपाइंटमेंट, लाइन व पर्चे से मिलेगी मुक्ति
। प्रदेश में यह हेल्पलाइन अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की पत्नी हिलेरी क्लिंटन के क्लिंटन फाउंडेशन के माध्यम से शुरू की जा रही है। दो जिलों में सफल होने के बाद इसे प्रदेश के अन्य अस्पतालों के लिए लागू किया जाएगा।
By mukesh vishwakarma
Publish Date: Fri, 14 Jun 2024 04:23:51 PM (IST)
Up to date Date: Fri, 14 Jun 2024 04:23:51 PM (IST)
HighLights
- भोपाल और सीहोर से शुरू होगी व्यवस्था
- जिले के 150 से अधिक सरकारी अस्पताल शामिल
- फोन करते ही मिल जाएगा अपाइंटमेंट
मुकेश विश्वकर्मा, भोपाल। आने वाले समय में प्रदेश के सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में डाक्टरों की जानकारी और अपाइंटमेंट, रोगियों को मोबाइल पर ही मिल जाएगा। तकनीक के उपयोग से इस सुविधा की शुरु करने के पूर्व पायलेट प्रोजेक्ट राजधानी के जयप्रकाश अस्पताल और सीहोर में किया गया है। रोगियों को यह सुविधा आयुष्मान भारत निरामय हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से मिलेगी। प्रदेश में यह हेल्पलाइन अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की पत्नी हिलेरी क्लिंटन के क्लिंटन फाउंडेशन के माध्यम से शुरू की जा रही है। दो जिलों में सफल होने के बाद इसे प्रदेश के अन्य अस्पतालों के लिए लागू किया जाएगा।
फोन करते ही मिल जाएगा अपाइंटमेंट
इसके योजना के तहत रोगी को फोन करते ही डाक्टर का अपाइंटमेंट मिल जाएगा। उसे अस्पताल में मरीजों के साथ लाइन में नहीं लगना पड़ेगा।हेल्पलाइन नंबर 18002332085 पर फोन करते ही रोगी का स्वास्थ्य खाता एवं आभा आईडी पंजीयन भी कराया जाएगा। उनके डिजिटल स्वास्थ्य का रिकार्ड तैयार होगा। ऐसा करने के बाद फोन करते ही नजदीकी एवं उचित डाक्टर्स से परामर्श के लिए अपाइंटमेंट तत्काल मिल जाएगा। राजधानी के जिला अस्पताल जयप्रकाश में सुबह आठ से रात आठ बजे तक यह सेवाएं संचालित की जा रही हैं। आयुष्मान निरामयन हेल्पलाइन पर काल करते समय आधार कार्ड एवं उससे जुड़ा मोबाइल नंबर साथ में रखना होगा।
आयुष्मान भारत करेगा अस्पताल बुकिंग
इस सुविधा के अंतर्गत जब रोगी हेल्पलाइन नंबर पर फोन लगाएगा तो उसके घर का पता पूछा जाएगा। फिर उसे नजदीकी सरकारी अस्पताल में ही डाक्टर का अपाइंटमेंट मिल जाएगा, ताकि उसे भटकना नहीं पड़े। अस्पताल पहुंचते ही सबसे पहले इसी रोगी को उपचार किया जाएगा। जेपी अस्पताल में इस योजना के अंतर्गत उपचार का काम शुरू हो गया है।
इसलिए पड़ी जरूरत
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार अस्पतालों में मरीजों की भीड़ रहती है, लेकिन उन्हें समय पर उपचार नहीं मिल पाता। अस्पतालों में पर्चा काउंटरों पर भीड़ कम करने के लिए यह नया प्रयोग किया गया है। इससे अन्य फायदे भी होंगे। हर व्यक्ति को अपनी आभा आईडी बनवानी होगी। अभी भी लोगों में इसके प्रति जागरुकता नहीं है। इस हेल्पलाइन नंबर से जब रोगी उपचार कराने आएंगे। तब उनका इलाज कराने के पूर्व यह आईडी तैयार हो जाएगी, उनका पूरा स्वास्थ्य रिकार्ड डिजिटल हो जाएगा।
इनका कहना है
भोपाल और सीहोर जिले के 150 से अधिक सरकारी अस्पतालाें में पायलट प्रोजेक्ट के तहत आयुष्मान भारत निरामय हेल्पलाइन नंबर सेवा शुरू की गई है। इस सुविधा से मरीजों को अपांइटमेंट के साथ आभा आईडी का निर्माण किया जाएगा। मरीजों की तकलीफ से संबंधित उसके घर के आसपास मौजूद डाक्टर और अस्पतालों की जानकारी भी दी जाएगी। फिलहाल सरकारी अस्पतालों के बारे में बताया जाएगा। बाद में इससे निजी अस्पतालों की जानकारी और अपांइंटमेंट भी ले सकेंगे।
डा. राकेश श्रीवास्तव अधीक्षक, जेपी अस्पताल

