NEET के 1563 उम्मीदवारों की दोबारा परीक्षा का प्रस्ताव, शिक्षा मंत्री प्रधान ने कहा- पेपर लीक नहीं हुआ, सरकार जवाब देने को तैयार
NEET Paper Leak: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि नीट यूजी पेपर लीक नहीं हुआ है। केंद्र सरकार अदालत में जवाब देने के लिए तैयार है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि ग्रेस मार्क्स पाने वाले उम्मीदवारों के स्कोर कार्ड रद्द किए जाएंगे। उम्मीदवारों को फिर से परीक्षा में बैठने का मौका मिलेगा।
By Kushagra Valuskar
Publish Date: Thu, 13 Jun 2024 04:56:56 PM (IST)
Up to date Date: Thu, 13 Jun 2024 04:56:56 PM (IST)

एएनआई, नई दिल्ली। NEET-UG Examination Controversy: नीट परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर आज (गुरुवार) सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई हुई। केंद्र द्वारा प्रस्ताव रखा गया कि ग्रेस मार्क्स पाने वाले 1563 उम्मीदवारों के स्कोरकार्ड निरस्त होंगे। इसके बाद स्कोर कार्ड जारी किए जाएंगे।
एनटीए की कमेटी ने सुझाए प्रस्ताव
याचिकाकर्ताओं ने नीट परीक्षा में 1563 अभ्यर्थियों को दिए गए ग्रेस अंक पर आपत्ति जताई थी। इस मामले की जांच के लिए एनटीए ने एक कमेटी बनाई थी। इस कमेठी ने 10 से 12 जून को मीटिंग की। कमेटी ने सुझाव दिया कि 1563 छात्रों के स्कोरकार्ड रद्द किए जाने चाहिए। इनके लिए दोबारा एग्जाम कराया जाना चाहिए। एनटीए ने कहा कि परीक्षा 23 जून को आयोजित की जाएगी। रिजल्ट 30 जून से पहले घोषित किए जाएंगे।
सुप्रीम कोर्ट में इन याचिकाओं पर सुनवाई हुई
गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में नीट यूजी 2024 परिणाम को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई हुई। इनमें मांग की गई कि परीक्षा में शामिल 1563 उम्मीदवारों को ग्रेस मार्क्स दिए जो गलत है। रिजल्ट के बेस पर हो रही काउंसलिंग पर रोक लगाई जाएं। वहीं, परीक्षा रद्द कर दोबारा कराया जाए।
पेपर लीक के सबूत नहीं- शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि नीट यूजी पेपर लीक के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कोई पेपर लीक नहीं हुआ है। सरकार सुप्रीम कोर्ट को जवाब देने के लिए तैयार है। प्रधान ने कहा, ’24 लाख छात्रों ने सफलतापूर्वक नीट परीक्षा दी है। मैं स्टूडेंट्स और उनके अभिभावकों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि केंद्र सरकार और एनटीए उन्हें न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’ शिक्षा मंत्री ने कहा कि लगभग 1,560 छात्रों के लिए अदालत द्वारा सुझाया गया मॉडल अपनाया गया था। इसके लिए एक शिक्षाविदों का पैनल बनाया गया है।

