Korba Crime Information: घर जाने से रोकती थी प्रेमिका, तो गला दबाकर हत्या कर दी

पुलिस ने आरोपित मनबोध के खिलाफ हत्या करने व साक्ष्य छिपाने का मामला धारा 302, 201 के तहत अपराध पंजीबद्ध उसे गिरफ्तार कर लिया है।

By Pradeep Barmaiya

Publish Date: Fri, 14 Jun 2024 12:31:14 AM (IST)

Up to date Date: Fri, 14 Jun 2024 12:31:14 AM (IST)

Korba Crime News: घर जाने से रोकती थी प्रेमिका, तो गला दबाकर हत्या कर दी

HighLights

  1. कुसमुंडा खदान के पास मिली अर्द्धजली लाश का मामला सुलझा
  2. धोखे से घटनास्थल लाया था प्रेमी, शराब पिलाने के बाद दिया घटना को अंजाम
  3. शव की पहचान न हो सके, इस नीयत से उसने बाइक से पेट्रोल निकाल कर आग लगा दी,

नईदुनिया प्रतिनिधि, कोरबा : कुसमुंडा खदान के पास एक महिला की हत्या कर शव को जलाने के प्रयास के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। मृतका बोकरामुड़ा निवासी निकली है और उसके प्रेमी ने ही धोेखे से उसे घटनास्थल तक लाया और शराब पिलाने के बाद गमछे से गला घोंट कर हत्या कर दी। शव की पहचान न हो सके, इस नीयत से उसने बाइक से पेट्रोल निकाल कर आग लगा दी, पर मृतका का चेहरा नहीं जला और उसकी पहचान हो गई। दोनों लीव इन रिलेशनशिप में रहते थे।

कुसमुंडा थाना अंतर्गत सोनदरहा नाला के पास गत नौ जून को एक महिला की लाश ग्रामीणों ने सुबह देखी। हत्या करने केबाद शव को जलाने की कोशिश की गई थी। प्रथम दृष्टया हत्या का मामला पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की। मृतका की पहचान करना पुलिस के लिए चुनौती साबित हो रही थी। शव को जलाने की कोशिश किए जाने के बावजूद चेहरा स्पष्ट नजर आ रहा था। पुलिस ने तस्वीर के माध्यम से पहचान का अथक प्रयास किया और मृतका के भाई ग्राम सेमरा के तेरस राम कश्यप एवं दशरथ कश्यप तक पहुंच गई। उन्होंने उसकी पहचान राम कुमारी कश्यप 37 वर्ष के रूप में की। उन्होंने बताया कि राम कुमारी का पति रामगोपाल कश्यप का निधन हो चुका है। मूलत: वे ग्राम सेमरा थाना नवागढ़ जिला जांजगीर- चांपा के रहने वाले हैं। पूछताछ के दौरान पुलिस को यह पता चला कि राजकुमारी का प्रेम संबंध मनबोध भारद्वाज 42 वर्ष निवासी बोकरा मुड़ा के साथ था। मनबोध की पत्नी का निधन हो चुका है। दोनों एक साथ रहते थे। इस जानकारी के बाद पुलिस ने प्रेमी मनबोध के हिरासत में लेकर पूछताछ की। पहले तो वह गोलमोल जवाब के पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया। पुलिस ने थोड़ी सख्ती बरती तो अपना गुनाह करते हुए हत्या करने का गुनाह स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि पत्नी का निधन हो चुका पर उसके बच्चे हैं। राजकुमारी उसे दबाव बना पर रही थी कि वह उसके साथ घर पर पूरी तरह रहे और घर आना जाा बंद कर दे। उसने राजकुमारी को काफी समझाने की कोशिश की, पर वह अपनी जिद पर अड़ी रही। इसलिए उसने उसे रास्ते से हवाना की ठान ली। योजना बना कर वह आठ जून 2024 की शाम को राजकुमारी को धोखे से किसी तरह बाइक में बैठा कर कुसमुंडा खदान के सोनदहरा नाला के पास ले आया। वह पहले से जानता था कि यहां शाम होते ही सन्नाटा पड़ जाता है और कोई भी आता- जाता नही है। यहां उसने पहले राजकुमारी के साथ बैठ कर शराब पिया और जैसे ही उसे नशा चढ़ा, वह मदहोशी की अवस्था में ही अपने गमछे से उसका गलां घोंट कर हत्या कर दिया। पुलिस ने आरोपित मनबोध के खिलाफ हत्या करने व साक्ष्य छिपाने का मामला धारा 302, 201 के तहत अपराध पंजीबद्ध उसे गिरफ्तार कर लिया है।

रास्ते में सर्वमंगला के पास खरीदा था शराब

आरोपित ने पुलिस को बताया कि काफी दिनों से वह इस ताक में था कि मौका मिलते ही वह हत्या की घटना को अंजाम दे कटघोरा घूमने जाने की भूमिका वह पिछले एक- दो दिन से बा रहा था।आठ जू को बाइक मे बैठ कर घर से निकला और रास्ते में ही शराब पीने के लिए उसे तैयार कर लिया। सर्वमंगला शराब खरीदा और घटना स्थल पर पहुंचा। पिछले चार साल से दोनों के बीच प्रेम संबंध चल रहा था।

आभूषण निकाल बाइक का पेट्रोल छिड़क लगाई आग

हत्या करने के बाद आरोपित ने राजकुमारी के पहने हुए सोने चांदी के आभूषण व मोबाइल निकाल कर अपने पास रख लिया। भागने से पहले बाइक से पेट्रोल निकाल कर शव को आग के हवाले किया। उसे लगा की शव पूरी तरह जल जाएगा और राजकुमारी की पहचान नहीं हो पाएगी। लेकिन उसकी यह मंशा पूरी नहीं हो सकी। पुलिस ने मृतका के जेवर, मोबाइल, बाइक वह गमछा जिससे उसने गला घोंटा था, जब्त कर लिया है। विवेचना के बाद आरोपित मनबोध को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश कर जेल भेज दिया।

मड़वा पावर प्लांट से आरोपित को लिया हिरासत में

घटना के बाद मनबोध यहां वहां भागे फिर रहा था। जैसे ही पुलिस को यह पता चला कि मनबोध के साथ महिला का प्रेम संबंध था, तो पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। घर पर नहीं मिला। पुलिस ने उसे ढूंढने पूरी ताकत लगा दी।इस बीच पता चला कि वह मड़वा पावर प्लांट में है। इसकी सूचना मिलने पर मौके पर पहुंच कर पुलिस ने हिरासत में लिया। इस मामले को सुलझाने में निरीक्षक रुपक शर्मा, सहायक उपनिरीक्षक रफीक खान, सहायक उपनिरीक्षक राकेश गुप्ता, प्रधान आरक्षक झाडूराम साहू, महिला प्रधान आरक्षक किरण केरकेट्टा, आरक्षक अमर दिवाकर, महेन्द्र चन्द्रा, धीरज पटेल, लेखराम धीरहे व खगेश्वर साहू की मुख्य भूमिका रही।