Rewa Information : नौ सेना प्रमुख दिनेश त्रिपाठी के बाद सेना प्रमुख बने उपेंद्र द्विवेदी भी रीवा सैनिक स्कूल के छात्र रहे

Rewa Information : जनरल उपेंद्र द्विवेदी को दिसंबर 1984 में जम्मू और कश्मीर राइफल्स की 18वीं बटालियन में कमीशन दिया गया था। बाद में उन्होंने उसी यूनिट की कमान भी संभाली। 39 साल से अधिक के अपने सैन्य करियर में जनरल द्विवेदी ने उत्तरी सेना कमांडर, महानिदेशक (डीजी) इन्फैंट्री और सेना में कई अन्य कमांड नियुक्तियों सहित विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है।

By Dheeraj kumar Bajpai

Publish Date: Wed, 12 Jun 2024 07:34:27 AM (IST)

Up to date Date: Wed, 12 Jun 2024 02:45:56 PM (IST)

HighLights

  1. उपेंद्र द्विवेदी का जन्म एक जुलाई, 1964 को रीवा के गढ़ गांव में हुआ था।
  2. दिसंबर 1984 में जम्मू और कश्मीर राइफल्स की 18वीं बटालियन में कमीशन दिया था।
  3. रीवा के दिनेश त्रिपाठी संभाल रहे भारतीय नौसेना प्रमुख की कमान।

Rewa Information : नईदुनिया प्रतिनिधि, रीवा/जबलपुर। रीवा जिले का नाम एक बार फिर देश में रोशन हुआ है। जिले के गढ़ गांव में जन्मे उपेंद्र द्विवेदी नए सेना प्रमुख होंगे। सैनिक स्कूल रीवा के 1973 से 1981 बैच के छात्र रहे जनरल उपेंद्र द्विवेदी अति विशिष्ठ सेवा मैडल, जनरल आफिसर कमांडिंग इन चीफ उत्तरी कमान रहे हैं।देश में आतंकवाद विरोधी अभियानों में विशेष महारत रखते हैं। उपेंद्र द्विवेदी का जन्म एक जुलाई, 1964 को रीवा में हुआ था।

मध्यप्रदेश सहित सम्पूर्ण देश के लिए गौरवमयी क्षण…

विंध्य की पावन धरा रीवा के लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी जी को सेना प्रमुख नियुक्त किए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।

निश्चित ही आपके नेतृत्व में भारतीय थल सेना और अधिक सशक्त होगी।

अभिनंदन!@adgpi pic.twitter.com/FYujRyUNh0

— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) June 12, 2024

रीवा के दिनेश त्रिपाठी संभाल रहे भारतीय नौसेना प्रमुख की कमान

रीवा में जन्मे दिनेश त्रिपाठी वर्तमान में भारतीय नौसेना प्रमुख हैं। वे 30 अप्रैल 2024 से इस पद को सुशोभित कर रहे हैं। एडमिरल त्रिपाठी इस जिम्मेदारी से पहले नौसेना के उपप्रमुख थे। त्रिपाठी का 15 मई 1964 को रीवा में जन्म हुआ था। दिनेश कुमार त्रिपाठी सैनिक स्कूल रीवा के छात्र रहे हैं। एक जुलाई, 1985 को वह भारतीय नौसेना में शामिल हुए थे। संचार और इलेक्ट्रानिक युद्ध विशेषज्ञ एडमिरल त्रिपाठी का करीब 40 वर्ष का लंबा करियर रहा है।

बच्‍चों को मोबाइल चलाने की आदत पड़ सकती है भारी, भुगतने पड़ सकते हैं गंभीर परिणाम, जानें क्‍या कैसे करें बचाव

अधिक स्क्रीन टाइम न सिर्फ बच्चों को मानसिक रूप से नुकसान पहुंचाता है। बल्कि उनके शारीरिक विकास को भी प्रभावित करता है।

By Bharat Mandhanya

Publish Date: Fri, 07 Jun 2024 12:11:39 PM (IST)

Up to date Date: Fri, 07 Jun 2024 12:11:39 PM (IST)

बच्‍चों को मोबाइल चलाने की आदत पड़ सकती है भारी, भुगतने पड़ सकते हैं गंभीर परिणाम, जानें क्‍या कैसे करें बचाव
बच्‍चों में मोबाइल की लत

HighLights

  1. अधिक स्क्रीन टाइम न सिर्फ बच्चों के लिए नुकसानदेह
  2. शारीरिक विकास को भी प्रभावित करता है
  3. मानसिक रूप से पहुंचाता है नुकसान

Cellular Dependancy in Kids हेल्‍थ डेस्क, इंदौर। आजकल छोटे-छोटे बच्चों के हाथ में भी मोबाइल नजर आने लगा है। इसके अलावा वे टीवी भी खूब देखने लगे हैं। जिसके चलते बच्‍चों का स्क्रीन टाइम भी बहुत बढ़ गया है। हालांकि विशेषज्ञों का यही मानना है कि बच्चों के हाथ में मोबाइल या टैबलेट नहीं दिया जाना चाहिए, लेकिन बावजूद इसके पेरेंट्स बच्चों के हाथ में मोबाइल पकड़ा देते हैं, जो कि उनकी सेहत के लिए काफी हानिकारक है। इसके अलावा बच्चों का अधिकतर समय टीवी देखने में भी गुजरता है। बच्चों की स्पेशलिस्ट डॉ. सईद मुजाहिद अंसारी से समझते हैं बच्चों के लिए अधिक स्क्रीन टाइम कितना घातक है।

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बच्चों के लिए कितना नुकसानदेह है स्क्रीन टाइम

  • बच्चों का स्‍क्रीन टाइम अधिक होने से उनका शारीरिक और मानसिक विकास रुक जाता है। जिससे उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ता है इसके अलावा बच्चों के पर्सनालिटी डेवलपमेंट में भी बाधा आती है।
  • बच्चों को थकान कमजोरी जैसी समस्याएं भी होने लगती है। इसके अलावा अधिक मोबाइल चलाने से बच्चों की याददाश्त भी कमजोर हो जाती है
  • स्क्रीन टाइम अधिक होने से बच्चे सामाजिक गतिविधियों में शामिल नहीं हो पाते जिससे उनका सोशल सर्कल सीमित हो जाता है और उनके अधिक दोस्त भी नहीं बनते।
  • अधिक स्क्रीन टाइम बच्चों की सोचने एवं समझने की क्षमता को भी काम करता है। ऐसे में बच्चों से जितना हो सके उन्हें स्क्रीन से दूर ही रखना चाहिए।
  • स्क्रीन टाइम बच्चों के दिमागी स्वास्थ्य पर भी असर डालता है और उनके दिमाग की क्षमता कम हो जाती है।
  • अधिक स्क्रीन टाइम से बच्चों की आंखों पर भी बुरा असर पड़ता है और उन्हें नजर की समस्या हो सकती है।
  • बच्चों को थकान कमजोरी जैसी समस्याएं भी होने लगती है। इसके अलावा अधिक मोबाइल चलाने से बच्चों की याददाश्त भी कमजोर हो जाती है
  • कैसे छुड़ाएं मोबाइल की लत?

    बच्चों की स्क्रीन टाइम को घटाने के लिए उन्हें हमेशा मोबाइल और टीवी से दूर ही रखना चाहिए और बच्चों को इसके बारे में समझाइए भी देते रहना चाहिए। शुरुआत में आप बच्चों के स्क्रीन टाइम के समय को सीमित कर सकते हैं।

    IND vs USA: मैच से पहले रोहित-विराट को लेकर क्या बोले अमेरिकी खिलाड़ी? एक ने कहा- आग से आग का सामना होगा…

    नई दिल्ली. टी20 वर्ल्ड कप (T20 World Cup 2024) की शुरुआत हुए 10 दिन से ज्यादा का समय हो चुका है. भारतीय टीम ने भी 2 मुकाबले खेले हैं जिसमें उन्होंने जीत दर्ज की है. आज 12 जून को भारत का सामना अमेरिका से होना है. इसके लिए दोनों टीमें तैयार है. मैच से पहले अमेरिकी प्लेयर्स ने भारतीय प्लेयर्स की जमकर तारीफ की. अमेरिका के कप्तान मोनांक पटेल ने कहा है कि रोहित शर्मा के साथ टॉस करना मेरे लिए सपने जैसा है.

    सौरभ नेत्रवलकर ने कहा,” अगर हम अपना बेस्ट गेम खेलें तो हम बड़े क्रिकेटर्स के खिलाफ अच्छा खेल सकते हैं. हम एक समय पर एक ही गेम खेलेंगे इसलिए हमें दिग्गज क्रिकेटर्स से घबराने की जरूरत नहीं है.हम बस बल्लेबाजों को बॉलिंग कराने और गेंदबाजों को खेलने की कोशिश करेंगे. हम इसे सिंपल रखना चाहेंगे.”

    VIDEO: भारत के साथ हुई बेईमानी! खराब रेफरिंग की वजह से फीफा विश्व कप खेलने का सपना टूटा, जानें पूरा मामला

    BJP Nationwide President Election Course of: भाजपा में आज तक नहीं आई राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव के लिए वोटिंग की नौबत, जानिए क्यों और क्या है प्रोसेस

    लोकसभा चुनाव के बाद अब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर बदलाव की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। वैसे तो भाजपा के संविधान में अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए वोटिंग प्रक्रिया अपनाई जाती है, लेकिन पार्टी के गठन से लेकर अब तक हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनावों में वोटिंग की नौबत नहीं आई है और इसे सर्वसम्मति से ही चुन लिया गया है।

    By Bharat Mandhanya

    Publish Date: Wed, 12 Jun 2024 12:24:02 PM (IST)

    Up to date Date: Wed, 12 Jun 2024 12:55:35 PM (IST)

    BJP National President Election Process: भाजपा में आज तक नहीं आई राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव के लिए वोटिंग की नौबत, जानिए क्यों और क्या है प्रोसेस
    भाजपा में चुनाव प्रक्रिया के तहत चुना जाता है राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष

    HighLights

    1. अटल बिहारी वाजपेयी थे भाजपा के पहले अध्‍यक्ष
    2. भाजपा में अब तक 11 नेता बन चुके पार्टी प्रमुख
    3. वर्तमान में जेपी नड्डा हैं भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष

    BJP Nationwide President डिजिटल डेस्क, इंदौर। लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद मंत्रिपरिषद का गठन हो चुका है और नई सरकार ने काम करना शुरू भी कर दिया है। अब सभी की निगाहें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की ओर टिकी है। कुछ दिनों में नए अध्यक्ष की नियुक्ति की जाएगी।

    बता दे कि भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। भाजपा के नियम के अनुसार, कोई भी व्यक्ति दो पदों पर नहीं रह सकता, ऐसे में अब भाजपा का नया अध्यक्ष बनाया जाएगा। हालांकि, पार्टी नया अध्यक्ष किसे बनाएगी, यह फिलहाल साफ नहीं है, लेकिन यह स्पष्ट है कि भाजपा में राष्ट्रीय अध्यक्ष का बदलना तय है।

    लोकसभा चुनाव 2019 के बाद जेपी नड्डा भाजपा के अध्यक्ष बने थे। उनका कार्यकाल जनवरी 2024 में खत्म भी हो गया था, लेकिन लोकसभा चुनाव के कारण उनके कार्यकाल को बढ़ा दिया गया। वहीं आगामी माह में महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड में चुनाव भी होने हैं, ऐसे में इससे पहले भाजपा के नए अध्यक्ष की ताजपोशी हो जाएगी।

    वैसे तो भाजपा में वोटिंग के जरिए अध्यक्ष पद का चुनाव किया जाता है, लेकिन खास बात यह है कि जब से पार्टी बनी है, तब से अब तक अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए वोटिंग की नौबत नहीं आई और आपसी सहमति से ही अध्यक्ष का चयन कर लिया गया। आपको यहां बताते हैं कि कैसे वोटिंग के जरिए अथवा सर्वसम्‍मति के साथ अध्‍यक्ष का चुनाव किया जाता है।

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    ऐसे होता है राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव

    भाजपा के संविधान की धारा 19 के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव पार्टी के इन सदस्यों द्वारा किया जाता है

    • जिला इकाइयों द्वारा निर्वाचित सदस्य
    • राज्‍य में पार्टी विधायकों द्वारा अपने में से चुने गए 10 प्रतिशत सदस्य
    • राज्य के पार्टी के 10 प्रतिशत सांसद
    • प्रदेश परिषदों द्वारा निर्वाचित सदस्य
    • पार्टी के संसद सदस्यों द्वारा अपने में से चुए गए 10 प्रतिशत सदस्‍य

    ऐसी है मतदान प्रक्रिया

    • भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए केन्द्रीय चुनाव अधिकारी द्वारा समय सारिणी जारी की जाती है।
    • अध्यक्ष का निर्वाचन गुप्त मतदान प्रक्रिया के माध्यम से होता है।
    • प्रदेश के कम से कम 50 प्रतिशत जिलों से प्रदेश परिषद सदस्यों का निर्वाचन हो जाने के बाद ही प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय परिषद सदस्यों के चुनाव की प्रक्रिया प्रारंभ की जाती है।
    • 50 प्रतिशत राज्यों में राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों के निर्वाचन के बाद ही अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू की जाती है।

    ये बन सकेंगे राष्ट्रीय अध्यक्ष

    राष्ट्रीय अध्यक्ष उसी व्यक्ति को बनाया जाएगा जो कम से कम चार अवधियों तक सक्रिय सदस्य और कम से कम 15 वर्ष तक प्राथमिक सदस्य रहा हो।

    भाजपा के संविधान के अनुसार निर्वाचक मंडल में से कोई भी बीस सदस्य राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव की अर्हता रखने वाले व्यक्ति के नाम का संयुक्त रूप से प्रस्ताव कर सकते हैं। यह संयुक्त प्रस्ताव कम से कम ऐसे पांच प्रदेशों से आना जरूरी है, जहां राष्ट्रीय परिषद के चुनाव संपन्न हो चुके हो।

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    निर्विरोध कैसे होता है चुनाव

    भाजपा के संविधान के अनुसार निर्वाचक मंडल में से कोई भी बीस सदस्य राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव की अर्हता रखने वाले व्यक्ति के नाम का संयुक्त रूप से प्रस्ताव करते हैं। हालांकि इसके बाद भी चुनाव की तिथि घोषित की जाती है। प्रस्‍तावित नाम के बाद अगर कोई चुनाव लड़ना चाहे तो नामांकन दाखिल कर सकता है। वहीं सर्वसम्मत चुनाव की संभावना बनती है तो परिणाम की घोषणा दूसरे दिन मतदान के लिए निर्धारित समय पर की जाती है।

    अब तक के भाजपा अध्‍यक्ष

    कार्यकाल अध्‍यक्ष
    1980-1986 अटल बिहारी वाजपेयी
    1986-1991 लालकृष्ण आडवाणी
    1991-1993 मुरली मनोहर जोशी
    1993-1998 लालकृष्ण आडवाणी
    1998-2000 कुशाभाऊ ठाकरे
    2000-2001 बंगारू लक्ष्मण
    2001-2002 जना कृष्णमूर्ति
    2002-2004 वेंकैया नायडू
    2004-2005 लालकृष्ण आडवाणी
    2005-2009 राजनाथ सिंह
    2009-2013 नितिन गडकरी
    2013-2014 राजनाथ सिंह
    2014-2020 अमित शाह
    वर्तमान जेपी नड्डा
    YRKKH fame Daddaji is dealing with monetary disaster | YRKKH फेम दद्दाजी तंगी से जूझ रहे हैं: हालात नहीं सुधरे तो घर गिरवी रखना पड़ेगा, बोले- ना काम है और ना पैसा है

    1 मिनट पहले

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    ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ के दद्दाजी यानी संजय गांधी इन दिनों तंगी के दौर से गुजर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके पास बिल्कुल भी पैसे नहीं हैं। नौबत ये आ गई है कि दोस्तों से उधार मांग कर घर का किराया भरना पड़ रहा है।

    संजय का कहना है कि उनके पास कोई काम भी नहीं है। वे कई दिनों से काम की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं।

    रनिंग शो से निकाल दिया गया, मेकर्स ने बताया भी नहीं
    ई-टाइम्स को दिए इंटरव्यू में संजय ने कहा- एक कलाकार का जीवन ऐसा ही होता है। जब वे काम कर रहे होते हैं, तो सब कुछ बेहतर होता है। लेकिन जब कोई काम नहीं होता तो अचानक से सब खत्म हो जाता है।

    मैं एक रनिंग शो का हिस्सा था, इसके बावजूद आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा। जब मैं स्टार प्लस के शो झनक का हिस्सा बना था, तब मुझे बताया गया कि मैं शुरुआत से लगभग 20 दिनों तक शूटिंग करूंगा। उसके बाद दो महीने का ब्रेक रहेगा, जिसके बाद कहानी में मेरा मेजर रोल होगा।

    हालांकि अब नौ महीने बीत गए हैं, मैंने बस 20 दिनों की शूटिंग की है। तब से दोबारा शूटिंग के लिए नहीं बुलाया गया। अगर मेकर्स को मेरी जरूरत नहीं थी, तो मुझे बताना तो चाहिए था। मैं किसी दूसरी जगह काम के लिए कोशिश करता।

    ‘दोस्तों से उधारी लेना पड़ रहा है, घर को गिरवी रखने की नौबत आ गई है’
    संजय ने आर्थिक तंगी के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा- इस शहर में रहने के लिए मुझे पैसे की सख्त जरूरत है। इस समय मेरे पास कमाई का कोई जरिया नहीं है। कई एक्टर्स ने कोविड महामारी के दौरान संघर्ष किया है। उस वक्त मेरी भी पूरी सेविंग्स खत्म हो गई थीं।

    मैं अंधेरी के एक किराए के घर में रहता हूं। अपना किराया चुकाने के लिए दोस्तों से उधार ले रहा हूं। मैं मीरा रोड स्थित अपने घर को गिरवी रखने की कगार पर हूं। पैसों की सख्त जरूरत है।

    मैंने कुछ समय पहले शो झनक छोड़ दिया है। नए प्रोजेक्ट मिलने की जद्दोजहद कर रहा हूं। उम्मीद है कि जल्द ही कुछ अच्छा होगा।

    Ujjain Crime Information: पैसों के विवाद में चिकन दुकान संचालक ने युवक को चाकू मारे, इंदौर रैफर

    माधव नगर टीआइ राकेश भारती ने बताया कि धर्मेंद्र परमार निवासी मोहनपुरा की मक्सी रोड स्थित शराब दुकान के पास चिकन की दुकान है। परमार का मुकेश निवासी जयसिंहपुरा से लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा है। मंगलवार शाम को मुकेश अपने दोस्त रवि के साथ परमार की दुकान पर रुपये लेने के लिए पहुंचा था।

    Indore Crime Information: नाम बदलकर दोस्ती की फिर कर ली शादी, नशीला पदार्थ पिलाकर दोस्तों से करवाया सामूहिक दुष्कर्म

    इंदौर में काल सेंटर में नौकरी के दौरान युवती की आरोपित से दोस्ती हुई थी, उसने खुद को हिंदू बताया था। इस दौरान उसने शारीरिक संबंध भी बना लिए फिर शादी के बाद मतांतरण का दबाव बनाने लगा। बच्चे को मारने की धमकी देकर पति के दोस्तों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।

    By Prashant Pandey

    Publish Date: Wed, 12 Jun 2024 01:15:31 PM (IST)

    Up to date Date: Wed, 12 Jun 2024 01:33:37 PM (IST)

    Indore Crime News: नाम बदलकर दोस्ती की फिर कर ली शादी, नशीला पदार्थ पिलाकर दोस्तों से करवाया सामूहिक दुष्कर्म
    इंदौर में फिर सामने आया हिंदू नाम बताकर युवती को अपने प्रेमजाल में फंसाने का मामला।

    HighLights

    1. कनाड़‍िया पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपितों को किया गिरफ्तार।
    2. बेटा होने पर आरोपित ने कहा कि तुम्हें इस्लाम स्वीकार करना होगा।
    3. बार-बार बच्चे को मारने की देता था धमकी।

    Indore Crime Information: नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। 24 वर्षीय युवती ने पति सहित छह लोगों के विरुद्ध दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म और मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज करवाया है। युवती का आरोप है कि खजराना निवासी शाहिद ने राज (हिंदू) के नाम से दोस्ती की और शारीरिक संबंध बना लिए। इसके बाद उन्होंने शादी कर ली। बेटा होने पर आरोपित ने कहा कि तुम्हें मतांतरण करना होगा। उसने नशीला पदार्थ पिलाकर दोस्तों से भी दुष्कर्म करवाया है।

    शादी के बाद हिंदू बनने का कहता था

    मामले में तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। कनाड़िया पुलिस के मुताबिक, युवती वर्ष 2019 में एक कॉल सेंटर में नौकरी करती थी। आरोपित शाहिद से इसी दौरान परिचय हुआ था। उसने पहचान छुपाई और युवती के साथ संबंध बना लिए। असलियत सामने आने पर शाहिद ने कहा कि शादी के बाद वह हिंदू बनेगा। शादी के बाद वह पीड़िता पर ही मतांतरण का दबाव बनाने लगा।

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    पति और उसके दोस्तों ने किया दुष्कर्म

    आरोपित नौकरी के लिए कतर चला गया। सास और ननद द्वारा प्रताड़ित करने पर युवती कनाड़िया रोड पर रहने लगी। आरोप है कि एक वर्ष पूर्व शाहिद दोस्त फैजल, नौमान के साथ आया और तीनों ने दुष्कर्म किया। आरोपितों ने बच्चे को छीनकर ले जाने की कोशिश भी की।

    टीआइ केपी यादव के मुताबिक, 28 मई को सास और ननद मिलने के बहाने आई और बच्चे को कब्जे में कर परिचित वसीम के साथ रूम में बंद कर दिया। वसीम ने भी दुष्कर्म किया। सोमवार को पीड़िता ने हिंदू संगठन की मदद ली और कनाड़िया थाने में केस दर्ज करवाया।

    AUS vs NAM T20 World Cup: ऑस्ट्रेलिया सुपर-8 में पहुंचा, छोटी टीम पर रिकॉर्ड जीत, 34 गेंद में फतह किया लक्ष्य

    नई दिल्ली. ऑस्ट्रेलिया ने टी20 वर्ल्ड कप में लगातार तीसरी जीत के साथ सुपर-8 में जगह पक्की कर ली है. ऑस्ट्रेलिया ने बुधवार को नामीबिया को पर 9 विकेट से शानदार जीत दर्ज की. ऑस्ट्रेलियन टीम ने नामीबिया को पहले सस्ते में समेटा और फिर महज 5.4 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया. ऑस्ट्रेलिया टी20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 में पहुंचने वाली दूसरी टीम है. दक्षिण अफ्रीका इस स्टेज पर पहले ही पहुंच चुका है.

    ऑस्ट्रेलिया की टीम टी20 वर्ल्ड कप के ग्रुप बी में है. इस ग्रुप में ऑस्ट्रेलिया के अलावा, इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, नामीबिया और ओमान की टीमें हैं. ऑस्ट्रेलिया अपने तीनों मैच जीतकर 6 पॉइंट के साथ ग्रुप में पहले नंबर पर है. स्कॉटलैंड के 5 अंक है और वह दूसरे नंबर पर है. इसके बाद नामीबिया (2), इंग्लैंड (1) और ओमान (0) क्रमश: तीसरे, चौथे और पांचवें नंबर पर हैं.

    FIRST PUBLISHED : June 12, 2024, 08:18 IST

    LIVE JK Terror Assault: कठुआ में आतंकी से मुठभेड़ जारी, थोड़ी-थोड़ी देर में कर रहा फायरिंग, CRPF जवान शहीद

    जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर आतंकी हमले तेज हो गए हैं। रियासी में बस में सवार श्रद्धालुओं को निशाना बनाने के लगभग 50 घंटे बाद मंगलवार रात आतंकियों ने दो जगहों पर फिर दुस्साहस दिखाया। कठुआ के एक गांव में अंधाधुंध फायरिंग की। इसके बाद डोडा जिले के भद्रवाह में सेना के कैंप पर हमला कर दिया।

    By Arvind Dubey

    Publish Date: Wed, 12 Jun 2024 08:29:21 AM (IST)

    Up to date Date: Wed, 12 Jun 2024 12:20:09 PM (IST)

    LIVE JK Terror Attack: कठुआ में आतंकी से मुठभेड़ जारी, थोड़ी-थोड़ी देर में कर रहा फायरिंग, CRPF जवान शहीद
    रियासी में तीर्थ यात्रियों की बस पर हमला करने के बाद आतंकी जंगल में भाग गए थे।

    HighLights

    1. डोडा के भद्रवाह में सैन्य शिविर से 100 मीटर पहले पुलिस चेकपोस्ट को बनाया निशाना, एक जवान घायल
    2. इससे साढ़े 3 घंटे पहले कठुआ के एक गांव में आतंकियों ने की थी गोलीबारी, एक आतंकी ढेर
    3. रियासी में श्रद्धालुओं की बस को बनाया था निशाना, हमले में 10 लोगों की हुई थी मौत

    एजेंसी, जम्मू (terrorist assault in Jammu)। जम्मू में एक के बाद एक आतंकी हमले सामने आ रहे हैं। रियासी में श्रद्धालुओं की बस पर आतंकी हमला हुआ। इसके बाद रात करीब आठ बजे कठुआ के एक गांव में अंधाधुंध फायरिग की और इसके करीब साढ़े तीन घंटे बाद 11ः30 बजे डोडा जिले के भद्रवाह में सेना के कैंप पर हमला कर दिया। ताजा खबर यह है कि कठुआ और डोडा में ऑपरेशन जारी है।

    कठुआ के हीरानगर क्षेत्र में एकबार फिर मुठभेड़ शुरू हो गई है। मंगलवार रात हुए आतंकी हमले में एक आतंकी मारा गया था और सीआरपीएफ जवान बलिदान हुआ था। दूसरे आतंकी की तलाश जारी थी। यह आतंकी रुक-रुक कर फायरिंग कर रहा है।

    बुधवार सुबह खबर आई कि डोडा मुठभेड़ में पांच सैन्यकर्मी और एक एसपीओ घायल हुआ है। वहीं कठुआ के हीरानगर में हुई मुठभेड़ में सीआरपीएफ का एक जवान बलिदानी हुआ है। बलिदानी का नाम कबीर दास बताया जा रहा है

    कठुआ के हीरानगर में जिंदा बचे आतंकी ने बुधवार सुबह एक बार फिर फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें जम्मू कठुआ रेंज के डीआईजी और एसएसपी बाल-बाल बचे।

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    रियासी बस हमला: स्केच जारी किया, 20 लाख का इनाम

    इस बीच, जम्मू पुलिस ने रियासी बस हमले को अंजाम देने वाले आतंकवादी का स्केच जारी किया है। साथ ही जानकारी देने वाले को 20 लाख का इनाम देने की घोषणा की है। बता दें, 9 जून, रविवार की शाम को कटरा लौट रही तीर्थ यात्रियों की बस को आतंकियों ने निशाना बनाया था। हमले में 10 यात्रियों की जान चली गई थी और 30 से अधिक घायल हो गए थे।

    Director Shreyans talked about Gullak 4 sequence | गुल्लक-4 सीरीज पर डायरेक्टर श्रेयांस ने की बात: कहा- सीरीज में मिडिल क्लास को नायक के रूप में दिखाया, इससे दर्शकों को अपनापन महसूस होगा

    4 घंटे पहलेलेखक: रौनक केसवानी

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    ‘गुल्लक मिडिल क्लास परिवार की कहानी है। ज्यादातर दर्शक इस कहानी में खुद को पाते हैं। हमने मिडिल क्लास को हीरो के रूप में कम देखा है, गुल्लक में हमने परिवार और समाज के नायक को दिखाया है। यही वजह है कि लोग इसे पसंद कर रहे हैं।’ यह कहना है गुल्लक सीरीज के डायरेक्टर श्रेयांश पांडे का। गुल्लक का चौथा सीजन 7 जून को सोनी लिव पर रिलीज हुआ है। डायरेक्टर श्रेयांश पांडे ने गुल्लक की मेकिंग पर दैनिक भास्कर से बात की। पढ़िए इसके रोचक किस्से-

    गुल्लक इकलौता ओटीटी शो, जिसके 4 सीजन आ चुके

    गुल्लक इकलौता ऐसा ओटीटी शो बनने जा रहा है, जिसका चौथा सीजन रिलीज हो रहा है। कोई भी अन्य शो इस मुकाम तक अभी नहीं पहुंचा है। 2018 में जब गुल्लक शुरू हुआ था, उस समय में सीरियल में लेखक के रूप में जुड़ा था। निखिल विजय और अमित राज गुप्ता ने इसे डायरेक्ट किया था। हमारा लक्ष्य था एक फैमिली शो बनाना। ऐसा नहीं था कि तब टीवीएस के अन्य फैमिली शो नहीं थे, टीवीएफ तब पहले ही ट्रिपलिंग और यह मेरी फैमिली बना चुका था। ये भी फैमिली शो ही थे। उस समय भी हमसे सवाल पूछा गया कि पहले ही हम दो फैमिली शो बना चुके हैं तो तुम्हे एक और फैमिली शो क्यों बनाना है? तब मैंने यही कहा था कि अभी भी टियर-2 या टियर-3 शहरों की कहानी लोगों तक पहुंचाना बाकी है। वहीं से गुल्लक की नींव रखी गई।

    शूटिंग भले 15 दिन में हुई, लेकिन इसके लेखन पर साल भर काम चला

    मैं पूर्वांचल से आता हूं, मैंने देखा है कि हमारे घर के अंदर कितना ज्यादा मजाक और व्यंग होता है। वो किस्से तब तक ओटीटी से मिसिंग थे। तब हमने सोचा कि क्यों न कोई मिडिल क्लास फैमिली ड्रामा बनाया जाए। सबसे जरूरी बात है कि हमने बहुत कम 15 से 16 दिन में उसे शूट किया। लेकिन इसकी राइटिंग पर हमने एक साल का समय लगाया था। जब सीजन 1 बनाया था तब कभी नहीं सोचा था कि हम ऐसे बैठकर सीजन 4 की बात करेंगे। स्क्रिप्ट में 5 एपिसोड ही हैं, लेकिन इतने एपिसोड की भी 150 से 200 पन्ने के अंदर की ही स्क्रिप्ट होती है।

    5 साल बाद अब गुल्लक की कहानी में नए किस्से दिखेंगे

    गुल्लक को 5 साल हो गए हैं। पहले सीजन में स्टोरी अलग थी। बड़ा बेटा नाकारा था, छोटे बेटे के बोर्ड्स चल रहे थे। मिश्रा जी इकलौते कमाने वाले थे। लेकिन जैसे मिडिल-क्लास फैमिली के जीवन में बदलाव आता है, वैसे ही गुल्लक के मिश्रा परिवार का जीवन बदला है। अब बड़ा बेटा नौकरी करता है, छोटा बेटा बड़ा हो रहा है। इसीलिए इस सीजन में नई चुनौतियां और नए किस्से हैं।

    पैरेंटिंग की थीम पर है गुल्लक का यह सीजन

    गुल्लक में हमने कोशिश की है कि एक पैरेंटिंग का भी उदाहरण दें। आज के दौर में पैरेंट्स बच्चों से कुछ कहने में कतराते हैं क्योंकि उन्हें डर होता है कि बच्चा कुछ गलत कदम न उठा ले। सुसाइड न कर ले या फिर डिप्रेशन में न चला जाए। मेरा यह मानना है कि यह परंपरा ठीक नहीं है। बचपन से हम उस माहौल में रहे हैं जहां मेरे पिता जी मुझे खुलकर डांट सकते थे। लेकिन आज मां-बाप के मन में भी डर होता है। ऐसे में आप गुल्लक में पाएंगे कि हमने पैरेंटिंग का अच्छा उदाहरण दिखाया है, जहां पिता अपने बेटे से कुछ भी कह सकता है। मां-बाप और बच्चों के बीच संवाद जरूरी है, तभी घर का माहौल भी मजाकिया होता है।

    गुल्लक जैसी सीरीज लोगों को तनाव से मुक्त करती है, गुदगदाती है

    गुल्लक की सफलता का राज सिर्फ इतना है कि आज के दौर में तनाव बहुत बढ़ गया है। लोगों को लाइट कंटेंट पसंद आ रहे हैं। ऐसे कंटेंट जो फैमिली के साथ बैठकर देख सकें। गुल्लक जैसी सीरीज हमें गुदगुदाती है। अंदर से खुश करती है और सबसे जरूरी यह हमें बचपन में ले जाती है। एक दूसरी बात यह भी है कि भारत हिन्दी हार्टलैंड में बसता है। लेकिन मुझे लगता है कि इन शहरों की कहानी हमने कम देखी है। हमने बहुत सारे मिडिल क्लास हीरो नहीं देखे हैं। लेकिन गुल्लक में एक मिडिल क्लास व्यक्ति नायक की भूमिका में है। ऐसे में दर्शक खुद को इसमें देखते हैं।

    भोपाल में 30 दिन तक शूट किया

    30 दिन से ज्यादा शूट किया हमने, भोपाल में ही शूट किया है। लोकेलिटी का नाम इब्राहिमपुरा है। उसके बाद हमने प्रोफेसर्स कॉलोनी के संकट मोचन हनुमान मंदिर में शूट किया है और फिर हमने पुलिस स्टेशन दिखाया है। पहली बार इस सीजन में गुल्लक को ठंड में शूट किया गया है, तो मिडिल क्लास ठंड में कैसे जीवन जीता है वो इस सीजन देखने मिलेगा।