Bhopal Information: वर्षा से पहले हटाया जाए नालों और पुलों पर पसरा अतिक्रमण
संभागायुक्त ने कहा कि बाढ़ राहत और बचाव के लिए आवश्यकतानुसार अलग-अलग दल बनाकर हर जिले में वाट्सएप समूह भी बनाने के लिए कहा है। उन्होंने बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य अमले, खाद्यान्न आदि की व्यवस्था के साथ अस्थायी आश्रय स्थलों का अभी से चयन करने के लिए कहा है। उन्होंने प्रत्येक टीम के आपसी समन्वय और प्रशिक्षण के निर्देश दिए हैं।
By Madanmohan malviya
Publish Date: Tue, 11 Jun 2024 05:40:34 PM (IST)
Up to date Date: Tue, 11 Jun 2024 05:40:34 PM (IST)

HighLights
- संभागायुक्त डा. पवन कुमार शर्मा ने दिए अधिकारियों को निर्देश
- बाढ़ से निपटने की गई तैयारियों को लेकर की समीक्षा
- भोपाल जिले में बाढ़ नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर दिया गया है
नवदुनिया प्रतिनिधि,भोपाल। संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर नदी-नालों और जल भराव वाले सभी क्षेत्रों सहित पुल-पुलियों और बसाहट में हुए अतिक्रमण की पहचान कर उसे हटाने की कार्रवाई शुरू करें। इसके साथ ही नालों और नालियों की साफ-सफाई प्रमुखता से की जाए। सभी जिलों में बाढ़ नियंत्रण कक्ष सक्रिय रहें और प्रत्येक कार्य के लिए अलग-अलग नोडल अधिकारी नियुक्त करते हुए त्वरित कार्रवाई के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
यह निर्देश संभागायुक्त डा. पवन कुमार शर्मा ने मंगलवार को भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के सभी जिलों के कलेक्टरों को दिए हैं। वह बाढ़ से निपटने के लिए की गई तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि जिले में बाढ़ नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर दिया गया है साथ ही संभावित जलभराव वाले स्थानों को चिह्नित कर लिया गया है। नालों की सफाई का कार्य पूर्व से ही चल रहा है। जलभराव की समस्या से निपटने सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
संभागायुक्त ने कहा कि बाढ़ राहत और बचाव के लिए आवश्यकतानुसार अलग-अलग दल बनाकर हर जिले में वाट्सएप समूह भी बनाने के लिए कहा है। उन्होंने बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य अमले, खाद्यान्न आदि की व्यवस्था के साथ अस्थायी आश्रय स्थलों का अभी से चयन करने के लिए कहा है। उन्होंने प्रत्येक टीम के आपसी समन्वय और प्रशिक्षण के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पुलिस, राजस्व, नगर निगम और नगर पालिका,जल संसाधन, लोक निर्माण, आपदा प्रबंधन आदि विभागों को तत्काल प्लान बनाकर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।सभी कलेक्टर अपने-अपने जिलों के जलाशयों की स्थिति का आकलन कर लें और अतिवर्षा की स्थिति में जलाशयों से पानी छोड़ने की विस्तृत और समयबद्ध रणनीति बनाएं। अचानक पानी छोड़ने की स्थिति नहीं आना चाहिए और डेम की लगातार मानीटरिंग कर ऐसी प्लानिंग होना चाहिए कि बाढ़ की स्थिति ही पैदा नहीं हो। उन्होंने हर डेम के लिए अलग-अलग नोडल अधिकारी बनाने के लिए भी कहा है।

