PM मोदी ने खोला अपनी ऊर्जा का राज, PMO के अधिकारियों को बताया क्यों नहीं थकते
तीसरी बार प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएमओ के अधिकारियों को पहली बार संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने अपनी ऊर्जा का राज उनके सामने खोल दिया। उन्होंने बताया कि आखिर कैसे वह ऊर्जा भरे रहते हैं।
By Anurag Mishra
Publish Date: Mon, 10 Jun 2024 05:22:00 PM (IST)
Up to date Date: Mon, 10 Jun 2024 05:28:04 PM (IST)

एएनआइ, नई दिल्ली। तीसरी बार प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएमओ के अधिकारियों को पहली बार संबोधित किया। पीएम मोदी ने पीएमओ के अधिकारियों के सामने अपनी ऊर्जा का राज खोल दिया। उन्होंने बताया कि मेरे अंदर का विद्यार्थी हमेशा जीवित रहता है। यही मेरी ऊर्जा का कारण है।
पीएम मोदी ने कहा कि एक सफल व्यक्ति वह है जिसके अंदर का छात्र कभी नहीं मरता है। इस चुनाव में कई बार लोगों ने मुझसे एक सवाल पूछा। यह सवाल पिछले 30 वर्षों से मुझसे पूछा जाता है कि मुझे इतनी ऊर्जा कहां से मिलती है। मेरी ऊर्जा का रहस्य यह है कि मैं अपने अंदर के विद्यार्थी को हमेशा जीवित रखता हूं। जो व्यक्ति अपने अंदर के विद्यार्थी को जीवित रखता है वह कभी शक्तिहीन नहीं होता, कभी कमजोर नहीं होता और वह कभी आलसी नहीं होता। वह हमेशा ऊर्जा से भरा रहता है।
#WATCH | In his first handle to the officers of PMO, after assuming workplace of the Prime Minister for the third time, PM Modi says, “A profitable individual is the one whose internal scholar by no means dies. Many individuals have requested me this query on this election and for the final 30 years,… pic.twitter.com/bmgny03zYv
— ANI (@ANI) June 10, 2024
तीन बातों को ध्यान में रखकर मिलेगी सफलता
#WATCH | In his first handle to the officers of PMO, after assuming workplace of the Prime Minister for the third time, PM Modi says, “Once we work, 3 issues are very important, and if we now have these 3 issues, then I do not imagine that failure can be seen anyplace. And once I say… pic.twitter.com/IXAGzzkRcU
— ANI (@ANI) June 10, 2024
उन्होंने कहा कि विचारों में स्पष्टता होनी चाहिए। इस सरकार में कोई उलझन नहीं है। हमें पता है कि हमें कहां जाना है। दूसरा हमें अपने विश्वास पर दृड़ रहना चाहिए। मैं जो सुन रहा हूं, वह भले ही मेरे विचारों से मेल ना खाता हो, लेकिन मंजिल को पाने का तरीका यही है। ऐसे में हमें उस पर काम शुरू कर देना चाहिए। तीसरा मुझे अपने व्यक्तित्व को इस तरह से ढालना होगा कि मुझे उस काम को प्राथमिकता देनी होगी। अपना अधिकतम समय उस काम में लगाना होगा।

