Uncommon Photographs of PM Modi: PM मोदी की दुर्लभ तस्‍वीरें जो आप बार-बार देखना चाहेंगे

Uncommon Photographs of PM Modi: राजनीतिक सफर के साथ ही उनकी निजी जिंदगी के अब तक के सफर से जुड़ी दुर्लभ तस्वीरों पर डालें एक नजर

By Neeraj Vyas

Publish Date: Wed, 29 Could 2019 04:47:11 PM (IST)

Up to date Date: Solar, 09 Jun 2024 10:45:46 AM (IST)

Rare Photos of PM Modi: PM मोदी की दुर्लभ तस्‍वीरें जो आप बार-बार देखना चाहेंगे
Oath Ceremony: नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेकर जवाहरलाल नेहरू की बराबरी कर लेंगे।

डिजिटल डेस्क, इंदौर (Modi 3.0 Oath Ceremony)। नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। राजनीति के शीर्ष पर पहुंचे मोदी के राजनीतिक जीवन के साथ ही निजी जिंदगी से जुड़े कई किस्से चर्चाओं में रह चुके हैं। संघ से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत करने वाले नरेंद्र मोदी पहली बार 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री बने। तब से लेकर अब तक मोदी सत्ता में हैं और जनसेवा के अपने मिशन में लगे हुए हैं।

2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार भाजपा ने पूर्ण बहुमत हासिल किया और केंद्र में सरकार बनाई। 2019 में भी यही हुआ। भाजपा ने 303 सीट जीतकर अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। ताकतवर प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी ने कई कड़े फैसले लिए। हालांकि इस बार हालात थोड़े अलग हैं। यह पहली बार है कि नरेंद्र मोदी को गठबंधन सरकार चलानी पड़ रही है।

राजनीतिक सफर के साथ ही उनकी निजी जिंदगी के अब तक के सफर से जुड़ी दुर्लभ तस्वीरों पर डालें एक नजर…

Sameera Reddy was suggested to endure breast surgical procedure | समीरा रेड्डी को मिली थी सर्जरी करवाने की सलाह: बोलीं-‘मैं बता नहीं सकती कि ब्रेस्ट सर्जरी का कितना प्रेशर था, लेकिन मैंने किसी की बात नहीं मानी’

2 घंटे पहले

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एक्ट्रेस समीरा रेड्डी ने हाल ही में फिल्म इंडस्ट्री में हावी ब्यूटी स्टैंडर्ड्स पर बात की है। उन्होंने बताया कि जब वो बॉलीवुड में पीक पर थीं तो लोगों ने उन्हें सर्जरी करवाने की सलाह दी थी। समीरा ने कहा कि उन्होंने इन सारी बातों को दरकिनार कर दिया और कभी सर्जरी नहीं करवाई।

मुझ पर ब्रेस्ट सर्जरी का दबाव बनाया गया

समीरा ने हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘मैं आपको बता नहीं सकती कि जब मैं करियर के पीक पर थी तो मुझ पर ब्रेस्ट सर्जरी करवाने का कितना दबाव बनाया गया। बहुत सारे लोग कहते थे कि समीरा सब लोग कर रहे हैं, आप क्यों नहीं? लेकिन मैं ऐसा बिल्कुल नहीं चाहती थी। मुझे लगता था कि आप ऐसा करके अपने अंदर की किसी कमी को छुपा रहे हैं जबकि ये कोई कमी नहीं थी, जिंदगी ऐसी ही है। मैं उन्हें बिल्कुल जज नहीं कर रही जो बोटॉक्स या प्लास्टिक सर्जरी करवाते हैं लेकिन मैं ऐसा नहीं करवाना चाहती थी।

सोशल मीडिया पर पॉपुलर हैं समीरा

फिल्में छोड़ने के बाद समीरा ने सोशल मीडिया पर अपनी दूसरी पारी शुरू की थी। वे सेल्फ लव और बॉडी पॉजिटिविटी से जुड़े वीडियो शेयर करती हैं। समीरा ने बताया कि शुरुआत में वो भी सुंदर दिखने के लिए सोशल मीडिया फिल्टर्स का इस्तेमाल करती थीं लेकिन बाद में उन्होंने ऐसा करना बंद कर दिया और इसी वजह से उनकी पॉपुलैरिटी बढ़ गई।

समीरा ने कहा, ‘मैंने तय किया कि मैं जैसी हूं, वैसी ही दिखूंगी। अगर मेरी स्किन खराब है तो वो खराब ही दिखाऊंगी, मुझे अपना बढ़ा हुआ वजन भी दिखाने में कोई दिक्कत नहीं थी क्योंकि यही मेरी सच्चाई है। मैं रियल लगना चाहती थी जो कि मैं बतौर एक्टर कभी नहीं कर पाई।’

समीरा के इंस्टाग्राम पर 1.7 मिलियन फॉलोवर्स हैं।

समीरा के इंस्टाग्राम पर 1.7 मिलियन फॉलोवर्स हैं।

समीरा ने कहा, ‘ऑडियंस और हमारे बीच फिल्मों में हमेशा पर्दा रहा। हम हमेशा वो दिखाना या सुनाना चाहते हैं जो लोगों को पसंद है लेकिन ये एंजाइटी देता है। मैं 45 साल की होने के बावजूद अच्छी दिख सकती हूं। जब आप अपने सफेद बाल, बैली फैट और स्ट्रेच मार्क्स दिखाते हैं तो लोगों को लगता है कि कोई है जो हमारे जैसा दिखता है तो उन्हें आपसे जुड़ने में अच्छा लगता है और इससे मेरा प्रेशर भी कम होता है।

समीरा ने 2002 में फिल्म 'मैंने दिल तुझको दिया' से डेब्यू किया था।

समीरा ने 2002 में फिल्म ‘मैंने दिल तुझको दिया’ से डेब्यू किया था।

2012 में की थी आखिरी फिल्म

समीरा ‘नो एंट्री’, ‘रेस’ और ‘दे दना दन’ जैसी फिल्मों में काम कर चुकीं हैं। आखिरी बार फिल्म ‘तेज’ (2012) में दिखीं समीरा ने 2014 में बिजनेसमैन अक्षय वर्दे से शादी की थी और अब वो दो बच्चों की परवरिश में बिजी हैं।

Modi Cupboard 2024: मोदी कैबिनेट में मध्य प्रदेश में तैयार होते नए आदिवासी नेतृत्व की झलक

मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार ने पंचायत अधिनियम के अंतर्गत नियम बनाकर पूरे लागू किए थे। जिसका लाभ विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिला था। 2018 के विधानसभा चुनाव में आदिवासी बहुल क्षेत्रों में भाजपा को जो नुकसान हुआ था, उसकी पूर्ति 2023 के चुनाव में की गई। आदिवासियों के लिए सुरक्षित 47 सीटों में भी भाजपा ने 24, कांग्रेस ने 22 और एक भारत आदिवासी पार्टी ने जीती है।

By Prashant Pandey

Publish Date: Mon, 10 Jun 2024 03:30:40 PM (IST)

Up to date Date: Mon, 10 Jun 2024 03:36:28 PM (IST)

HighLights

  1. बैतूल से सांसद दुर्गादास उइके और धार से सांसद सावित्री ठाकुर को आगे बढ़ाया।
  2. इनके पहले डा. सुमेर सिंह सोलंकी को राज्य सभा भेजकर आगे बढ़ाया गया था।
  3. मोदी कैबिनेट में इस बार फग्गन सिंह कुलस्ते को नहीं मिला मौका।

Modi Cupboard 2024: राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। भारतीय जनता पार्टी मध्य प्रदेश में नया आदिवासी नेतृत्व तैयार कर रही है। मोदी मंत्रिमंडल में इसकी झलक भी नजर आई। बैतूल से सांसद दुर्गादास उइके और धार से सांसद सावित्री ठाकुर को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। दोनों पहली बार मंत्री बनाए गए हैं।

अभी तक मोदी मंत्रिमंडल में प्रदेश के आदिवासियों का प्रतिनिधित्व फग्गन सिंह कुलस्ते करते थे। वह मंडला संसदीय क्षेत्र से चुनाव तो जीत गए पर उन्हें मंत्रिमंडल में स्थान नहीं दिया गया। दरअसल, पार्टी ने उन्हें भरपूर अवसर दिया पर वह आदिवासी वर्ग में अपनी पकड़ सिद्ध नहीं कर पाए। नवंबर 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में मंडला जिले की निवास सीट से वह पराजित हो गए थे।

कांग्रेस के परंपरागत वोटर रहे आदिवासियों को साधने के लिए भारतीय जनता पार्टी लगातार काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्य प्रदेश आकर बिरसा मुंडा की जयंती देशभर में जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की तो जनजातीय नायकों की स्मृति को संजोकर रखने के लिए कदम उठाए जो हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर रानी कमलापति स्टेशन किया।

शिवराज सरकार ने पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तार) अधिनियम के अंतर्गत नियम बनाकर पूरे प्रदेश में लागू किए। इसका लाभ विधानसभा चुनाव में मिला। 2018 के विधानसभा चुनाव में आदिवासी बहुल क्षेत्रों में भाजपा को जो नुकसान हुआ था, उसकी पूर्ति 2023 के चुनाव में की गई। आदिवासियों के लिए सुरक्षित 47 सीटों में भी भाजपा ने 24, कांग्रेस ने 22 और एक भारत आदिवासी पार्टी ने जीती।

मालवा और निमाड़ अंचल में आदिवासी सीटों पर हुए नुकसान को चुनौती के रूप में लेते हुए भाजपा ने मैदानी जमावट की और इसका परिणाम यह रहा कि धार, खरगोन और रतलाम लोकसभा सीट जीतीं। इसे देखते हुए पार्टी ने धार से सांसद सावित्री ठाकुर को केंद्रीय मंत्री बनाकर अंचल के आदिवासियों को संदेश देने का काम किया है।

इसी तरह बैतूल से सांसद दुर्गादास उइके को मंत्रिमंडल में लिया गया है। दोनों नए चेहरे हैं और पहली बार मंत्री बनाए गए हैं। इसके पहले तक आदिवासी वर्ग से फग्गन सिंह कुलस्ते केंद्रीय मंत्रिमंडल में लिए जाते रहे हैं पर इस बार उन्हें मौका नहीं दिया गया।

पार्टी ने उन्हें लोकसभा से पहले विधानसभा का चुनाव उनके गृह क्षेत्र निवास से लड़ाया था पर वे चुनाव हार गए। पार्टी ने इसे गंभीरता से लिया और नए नेतृत्व को आगे बढ़ाने का काम किया है। उल्लेखनीय है कि इसके पहले डा. सुमेर सिंह सोलंकी को राज्य सभा भेजकर आगे बढ़ाया गया था।

Nerves Ache: नसों के दर्द को न करें नजरअंदाज, इन घरेलू उपचार से मिलेगी राहत

नसों के दबाव में आने और एक ही पोजीशन में लगातार काम करते रहने से इसमें दर्द उठना शुरू हो जाता है। हालांकि घरेलू उपचार से दर्द में राहत मिल सकती है, लेकिन इसमें लापरवाही न बरतते हुए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

By Bharat Mandhanya

Publish Date: Mon, 10 Jun 2024 03:13:47 PM (IST)

Up to date Date: Mon, 10 Jun 2024 03:13:47 PM (IST)

Nerves Pain: नसों के दर्द को न करें नजरअंदाज, इन घरेलू उपचार से मिलेगी राहत
हाथ की नसों में दर्द

HighLights

  1. कई कारणों से नसों में हो सकता है दर्द
  2. घरेलू उपचार से दर्द से मिल सकती है राहत
  3. दर्द ज्यादा होने पर डॉक्टर से करें संपर्क

Ache in Nerves हेल्‍थ डेस्‍क, इंदौर। कई बार एक ही काम करने और एक ही पोजीशन में बैठने से हाथ की मांसपेशी, हड्डियों अथवा कलाई में दर्द की समस्या हो सकती है। कई लोग इसे सामान्‍य समस्‍या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं और बाद में यह दर्द और अधिक बढ़ जाता है। बता दें कि विभिन्न नसों के दर्द से राहत पाने के उपचार भी अलग-अलग होते हैं। न्यूरोलॉजिस्ट और स्ट्रोक स्पेशलिस्ट डॉ. विशाल सावले से जानते हैं कि आखिर नसों में दर्द क्यों होता है और इसका कैसे उपचार किया जा सकता है।

क्यों होता है नसों में दर्द?

  • कई बार हाथ की नस दब जाने से में ब्लड सर्कुलेशन रुक जाता है। साथ ही यदि आप एक ही पोजीशन में काम करते रहें तो भी यह दिक्कत हो सकती है। कई बार कोई भारी चीज के दबाव में आने से हाथ सुन्न हो जाता हैं।
  • अगर आपकी बॉडी का ब्लड सर्कुलेशन सही नहीं है, तब भी नसों में दर्द हो सकता है, क्योंकि ब्लड फ्लो रूकने से नसों में ब्लॉकेज होने लगता है और नसें डैमेज तक हो जाती है।
  • डॉ. विशाल की मानें तो नसों में दर्द होने पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसका उपचार नॉन सर्जिकल और सर्जिकल दोनों ही प्रकार से किया जा सकता है। इसमें, मरीजों का दवाईयां और फिजियोथेरेपी से दी जाती है।

    क्‍या हो सकते हैं घरेलू उपचार?

    • नसों में अगर ब्लड सर्कुलेशन सही नहीं है तो गर्म पानी में सेंधा नमक डालकर उसमें हाथ डुबोकर रखें। इससे दर्द में राहत मिलेगी।
    • हाथ सुन्न पड़ने पर इसे रगड़ें और गर्म सरसों के तेल से मालिश करें।
    • हाथों की समय-समय पर एक्‍सरसाइज करें और इसे स्‍ट्रेच करते रहें।
    • जिस क्षेत्र में दर्द हो रहा है उसकी सिकाई करें
    • अगर दर्द में राहत नहीं मिल रही है तो डॉक्टर से संपर्क करें, अपने मन से कोई दर्द-निवारक और एंटीबायोटिक दवाई न लें।
    T20 World Cup: पाकिस्तान को हराया, अब किस टीम से होगा भारत का अगला मैच? प्वाइंट टेबल में दे रही टक्कर

    नई दिल्ली. भारत ने टी20 विश्व कप 2024 (T20 World cup 2024) में पाकिस्तान को रोमांचक मुकाबले में हराया. एक समय ऐसा था कि वे आसानी से जीत जाएंगे. लेकिन जसप्रीत बुमराह ने शानदार गेंदबाजी के कारण ऐसा नहीं हुआ. भारत ने उनके जबड़े से जीत छीन ली. ऋषभ पंत ने भी बल्ले से महत्वपूर्ण पारी खेली थी. भारत ने अब तक 2 मैच जीत लिए हैं. अब सवाल ये है कि भारतीय टीम का अगला मैच कब और किस टीम से है. भारत का अगला मैच यूएसए से है.

    भारतीय टीम अपना अगला मैच अमेरिका के खिलाफ खेलेगी. यह मैच 12 जून को न्यूयॉर्क के नासाउ काउंटी इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा. ये दोनों टीमें ग्रुप ए में है. दोनों टीमों ने अपने दोनों मुकाबले जीते हैं. भारत के खाते में भी 4 प्वाइंट हैं और अमेरिका के खाते में भी 4. हालांकि, भारत का नेट रन रेट अच्छा है. इस कारण वे पहले नंबर पर है. वहीं, अमेरिका का नेट रन रेट भी अच्छा है लेकिन भारत से कम होने के कारण वे दूसरे स्थान पर हैं.

    IND vs PAK T20 World Cup: 3-13, 19 में उलझा पाकिस्तान, नहीं देखा होगा ऐसा गजब का संयोग

    पहली बार भिड़ंगें भारत-अमेरिका

    भारत और अमेरिका की टीमें पहली बार टी20 विश्व कप में भिड़ेगी. सिर्फ वर्ल्ड कप में ही बल्कि भारत और अमेरिका ने आज तक टी20 का कोई भी मैच नहीं खेला है. ये दोनों टीमें पहली बार आमने सामने आएंगी. भारत और अमेरिका टी20 के अलावा टेस्ट या वनडे फॉर्मेट में भी कभी आमने सामने नहीं आई है. देखना दिलचस्प होगा कि पहली भिड़ंत में कौन सी टीम बाजी मारती है.

    दोनों टीमों का स्क्वॉड:

    भारतीय टीम: रोहित शर्मा, यशस्वी जायसवाल, विराट कोहली, सूर्यकुमार यादव, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), संजू सैमसन (विकेटकीपर), हार्दिक पांड्या (उपकप्तान), शिवम दुबे, रवींद्र जडेजा, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज

    यूएसए की टीम: मोनांक पटेल (कप्तान), एरोन जोन्स (उप-कप्तान), एंड्रीज़ गौस, कोरी एंडरसन, अली खान, हरमीत सिंह, जेसी सिंह, मिलिंद कुमार, निसर्ग पटेल, नितीश कुमार, नोशतुश केनजिगे, सौरभ नेथ्रालवकर, शैडली वान शल्कविक , स्टीवन टेलर, शायन जहांगीर

    Tags: Icc T20 world cup, T20 World Cup, Staff india, United States of America

    ‘YRF didn’t honor its guarantees’ | ‘YRF ने अपने किए वादों का सम्मान नहीं किया’: फरीदा जलाल बोलीं- मैंने रिश्ता निभाने की पूरी कोशिश की, यश चोपड़ा ने तोड़ दिया वादा

    1 घंटे पहले

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    बीते जमाने की दिग्गज एक्ट्रेस फरीदा जलाल हाल ही में संजय लीला भंसाली की सीरीज ‘हीरामंडी’ में नजर आई हैं। सीरीज में कुदसिया बेगम के किरदार को मिल रहे प्यार से फरीदा जलाल बहुत भावुक हैं। इसी दौरान एक इंटरव्यू के दौरान एक्ट्रेस ने यश चोपड़ा के बारे में बात करते हुए कहा कि उन्होंने अपना वादा तोड़ दिया था। एक्ट्रेस ने इस बात का भी खुलासा कि वो ‘हीरामंडी 2’ में नजर नहीं आएंगी। उन्होंने बताया कि पहले सीजन में उनका एक सीन काट दिया गया है।

    यश चोपड़ा की फिल्म ‘दिल वाले दुल्हनियां ले जाएंगे’ में फरीदा जलाल ने काजोल की मां लाजवंती का किरदार निभाया था। इस फिल्म के बाद यश चोपड़ा ‘दिल तो पागल है’ में भी फरीदा जलाल को कास्ट करना चाह रहे थे। एक्ट्रेस ने कहा- ‘दिल वाले दुल्हनियां ले जाएंगे’ के बाद एक दिन मुझे यश जी का फोन ‘दिल तो पागल है’ के लिए आया। इस फिल्म में रोल छोटा था। उन्होंने कहा कि मेरे पास तुम्हारे लिए रोल है, लेकिन आदित्य को लगता है कि तुम वह नहीं करोगी। मुझे या आदित्य को कभी ना मत कहना। मैं चाहता हूं कि यह सिलसिला चलता रहा। मुझे उनकी बात अच्छी लगी।

    फिल्म ‘दिल तो पागल है’ में फरीदा जलाल ने अक्षय कुमार की मां की छोटी सी भूमिका निभाई थी। एक्ट्रेस ने कहा- मुझे बहुत खुशी हुई थी जब यश जी ने कहा था कि वो चाहते हैं कि हमारा रिश्ता कभी खत्म न हो। मैंने उस फिल्म में एक सीन किया, मैंने रिश्ता निभाने की पूरी कोशिश की। लेकिन उस फिल्म के बाद YRF से किसी और फिल्म के लिए कॉल नहीं आया। YRF ने अपने किए वादों का सम्मान नहीं किया । मैं रिश्ता जारी रखने के लिए तैयार थी, लेकिन अगर आप मेरी जगह किसी और को कास्ट करते हैं, तो दुख होता है।

    हाल ही में ‘हीरामंडी’ का सीजन 2 भी अनाउंस किया गया है। फरीदा से जब पूछा गया कि सीजन 2 में उनका किरदार क्या होगा? एक्ट्रेस ने कहा- सीजन 1 में आलमजेब और कुदसिया बेगम का बेड वाला सीन काट दिया गया था। ऑरिजिनल सीन के अनुसार आलमजेब की प्रेग्नेंसी की बात सुनकर मैं दवाइयां मांगती हूं, जिससे मेरी जीने की इच्छा दिखती है। वह सीन क्यों काट दिया गया, मुझे नहीं पता।

    Reasi Terror Assault: रियासी आतंकी हमले से गुस्से में केंद्रीय मंत्री, कहा- पाकिस्तान के साथ युद्ध करना होगा

    रियासी आतंकी हमले पर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि मेरा मानना है कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद खत्म हो गया है। यह हमला जानबूझकर सिर्फ डर पैदा करने के लिए किया था, क्योंकि पीएम नरेंद्र मोदी तीसरी बार सरकार बना रहे हैं।

    By Anurag Mishra

    Publish Date: Mon, 10 Jun 2024 03:24:23 PM (IST)

    Up to date Date: Mon, 10 Jun 2024 03:24:23 PM (IST)

    Reasi Terror Attack: रियासी आतंकी हमले से गुस्से में केंद्रीय मंत्री, कहा- पाकिस्तान के साथ युद्ध करना होगा
    रियासी आतंकी हमले पर केंद्रीय मंत्री का बड़ा बयान।

    एएनआइ, नई दिल्ली। रियासी आतंकी हमले पर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि मेरा मानना ​​है कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद खत्म हो गया है। यह हमला जानबूझकर सिर्फ डर पैदा करने के लिए किया था, क्योंकि पीएम नरेंद्र मोदी तीसरी बार सरकार बना रहे हैं। इस तरह घटनाएं होती रहीं, तो हमें पाकिस्तान के साथ युद्ध शुरू करना होगा। आतंकवादी पीओके के रास्ते भारत में प्रवेश करते हैं।

    CG Information: मनमानी फीस को लेकर आयोग सख्त, निजी स्कूलों को बाहर बोर्ड लगाकर बतानी होगी फीस, आदेश जारी

    Chhattisgarh Information: अब निजी स्कूल मनमानी तरीके से फीस वसूल नहीं कर सकेंगे। उन्हें स्कूलों के बाहर 4×8 फीट का बोर्ड लगाकर फीस की जानकारी प्रदर्शित करनी होगी। इसके अलावा वेबसाइट पर भी जानकारी अपलोड करनी होगी। इसे लेकर बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने आदेश जारी कर दिया है।

    By Ashish Kumar Gupta

    Publish Date: Mon, 10 Jun 2024 03:24:48 PM (IST)

    Up to date Date: Mon, 10 Jun 2024 03:24:48 PM (IST)

    HighLights

    1. निजी स्कूल अब मनमानी तरीके से फीस वसूल नहीं कर सकेंगेl
    2. निजी स्कूलों में मनमानी फीस को लेकर आयोग हुआ सख्त l
    3. सार्वजनिक करनी होगी जानकारी वेबसाइट पर अपलोड करना जरूरीl

    नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। अब निजी स्कूल मनमानी तरीके से फीस वसूल नहीं कर सकेंगे। उन्हें स्कूलों के बाहर 4×8 फीट का बोर्ड लगाकर फीस की जानकारी प्रदर्शित करनी होगी। इसके अलावा वेबसाइट पर भी जानकारी अपलोड करनी होगी। इसे लेकर बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने आदेश जारी कर दिया है। आयोग ने सख्त रवैया अपनाते हुए सभी कलेक्टरों को पत्र लिखकर कहा है कि निजी स्कूलों की फीस की जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए।

    गौरतलब है कि प्रदेश में निजी स्कूलों की फीस को लेकर कई तरीके की शिकायत हर साल आती है। किसी न किसी बहाने से कई निजी स्कूल के संचालक मनमानी फीस लागू कर देते हैं। इससे विवाद की स्थिति भी निर्मित हो जाती है। अब जारी आदेश में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ अशासकीय फीस विनियमन और शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अनुसार फीस तय होगी। उसी के मुताबिक स्कूल अपनी फीस बढ़ा सकते हैं।

    20 जून तक मांगी गई है जानकारी

    राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने प्राइवेट स्कूलों को 20 जून तक फीस की सूची मांगी है। इसमें यह भी कहा गया है कि तय मानक के अनुसार ही फीस की बढ़ोतरी करनी होगी। तय की गई कक्षावार फीस में प्रबंधन द्वारा मनमाने तरीके से छूट देने और अन्य नाम से फीस लेने का अधिकार नहीं होगा। प्रवेश या बच्चों के शाला ट्रांसफर करने की प्रक्रिया में भी पालकों से मनमाने फीस वसूली न की जाए।

    इस कारण से फीस को लेकर है दिक्कत

    आयोग के पत्र के अनुसार छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूलों में फीस विनियमन कानून के अनुसार स्कूल फीस समिति में जागरूक और निष्पक्ष अभिभावकों को शामिल नहीं करने, आय-व्यय से संबंधित जानकारी सार्वजनिक नहीं करने और जिला फीस समिति की नियमित बैठक नहीं करने की वजह से प्रथम बार की उपयुक्त फीस का निर्धारण नहीं हो पाया है।

    MP Information: प्रदेश में खुलेंगे ड्राइविंग स्कूल, टेस्ट में पास होने पर ही बनेंगे लाइसेंस

    इसमें ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बनेगा। इसमें सीसीटीवी लगाए जाएंगे। एक यार्ड में आधुनिक मशीनें भी लगेंगे। साथ ही वाहनों की पार्किंग की सुविधा सहित बैठने व पीने के पानी की व्यवस्था होगी। नियमों के दिशा-निर्देश भी अंकित किए जाएंगे। इसमें मोटर सइकिल, मोपैड, भारी वाहन, व्यवसायिक वाहन भी रहेंगे। इन वाहनों से लोगों का टेस्ट लिया जाएगा।

    By Brajendra verma

    Publish Date: Mon, 10 Jun 2024 03:00:59 PM (IST)

    Up to date Date: Mon, 10 Jun 2024 03:21:01 PM (IST)

    MP News: प्रदेश में खुलेंगे ड्राइविंग स्कूल, टेस्ट में पास होने पर ही बनेंगे लाइसेंस

    HighLights

    1. -छतरपुर में प्रदेश का पहला ड्राइविंग स्कूल होगा
    2. 35 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है
    3. एक-एक करके प्रदेश के हर जिले में बनेंगे ड्राइविंग स्कूल

    ब्रजेंद्र वर्मा। परिवहन विभाग की देखरेख में प्रदेश के अलग-अलग जिलों में ड्राइविंग स्कूल खोले जा रहे हैं। केंद्र सरकार के सड़क परिवहन और राज्यमार्ग मंत्रालय की कार्ययोजना के अनुसार प्रदेश के पांच राज्यों में छतरपुर, भोपाल, इंदौर, बैतूल, सिंगरौली में ड्राइविंग स्कूल खुलेंगे। इनमें सार्वजनिक निजी-भागीदारी(पीपीपी)मोड पर छतरपुर में प्रदेश का सबसे पहला ड्राइविंग स्कूल शुरू होगा। अब तक 35 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।

    बाकी 65 प्रतिशत काम नवंबर-दिसंबर तक पूरा किया जाएगा। एक ड्राइविंग स्कूल को विकसित करने में पांच करोड़ रुपये का खर्च है। ड्राइविंग स्कूल खुलने के बाद यहां पर तैनात विशेषज्ञ आवेदकों का ड्राइविंग का टेस्ट लिया करेंगे। इस दौरान ट्रैफिक नियमों को भी बताएंगे।

    दाएं,बांए,अंधा मोड़ों पर कैसे गाड़ियां चलाने सहित अन्य बारीकियों को भी समझाएंगे। टेस्ट में पास होने पर ही ड्राइविंग स्कूल से प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे। इस आधार पर आरटीओ-डीटीओ में फोटो खींचने व डिजिटल हस्ताक्षर की प्रक्रिया पूरी करने के बाद आवेदक परमानेंट ड्राइविंंग लाइसेंस बनवा सकेंगे।

    गौरतलब है कि अभी ऐसा कोई ड्राइविंग स्कूल नहीं है, जिसमें ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने से पहले टेस्ट लिया जाता है और पास होने पर प्रमाण पत्र दिया जा रहा हो। अभी कार, व्यवसायिक, भारी वाहन चलाना सीखाने के लिए ड्राइविंग स्कूल हैं, जिनमें लोग 1500 से 2000 रुपये देकर कार चलाना सीखते हैं। प्रदेश भर में एक दिन में सात से आठ हजार तक परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जाते हैं।

    ऐसे होंगे स्कूल

    जिला स्तर पर 3.5 एकड़ जमीन और संभागीय स्तर पर 5.5 एकड़ जमीन पर ड्राइविंग स्कूल बनाए जाने के कार्ययोजना है। इसमें ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बनेगा। इसमें सीसीटीवी लगाए जाएंगे। एक यार्ड में आधुनिक मशीनें भी लगेंगे। साथ ही वाहनों की पार्किंग की सुविधा सहित बैठने व पीने के पानी की व्यवस्था होगी। नियमों के दिशा-निर्देश भी अंकित किए जाएंगे। इसमें मोटर सइकिल, मोपैड, भारी वाहन, व्यवसायिक वाहन भी रहेंगे। इन वाहनों से लोगों का टेस्ट लिया जाएगा।

    ऐसे काम करेंगे

    छतरपुर में ड्राइविंग स्कूल विकसित कराने वाले निजी एजेंसी के संचालक डा. आरके चतुर्वेदी ने बताया कि ड्राइविंग स्कूल में वाहन चलाने वाले आवेदकों की रिकार्डिंग होगी। तीन महीने तक रिकार्डिंग रखी जाएगी। ड्राइिंवग संबंधी नियमों को को पूछा जाएगा। नहीं बताने वाले आवेदकों को नियम बताए भी जाएंगे। इसमें दो, चार पहिया, भारी वाहन, व्यवसायिक वाहन और बिना गेयर वाले वाहनों का टेस्ट कराया जाएगा। टेस्ट का शुल्क परिवहन विभाग के समन्वय से शुल्क तय किया जाएगा।

    अभी यह व्यवस्था

    एनआइसी के पोर्टल सारथी परिवहन से आनलाइन आवेदन किया जाता है। लर्निंग लाइसेंस स्वयं आधार कार्ड के जरिए पोर्टल से बना सकते हैं या फिर कियोस्क से बनवा सकते हैं। इसके लिए आरटीओ व डीटीओ नहीं जाना होता है। वहीं परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए पोर्टल पर आनलाइन आवेदन किया जाता है। इसके बाद समय मिलने पर आरटीओ-डीटीओ जाकर फोटो खींचाने व डिजिटल हस्ताक्षर करने की प्रक्रिया करानी होती है। अभी हर संभागीय व जिला स्तर पर आटौमेटिक ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक नहीं बने हैं। इससे कई बार बिना टेस्ट के ही लाइसेंस जारी कर दिए जाते हैं। इससे सड़क हादसे बढ़ रहे हैं।

    इनका कहना है

    सबसे पहले छतरपुर में ड्राइविंग स्कूल शुरू होगा। इसके बाद बैतूल, इंदौर, भोपाल, सिंगरौली में ड्राइविंग स्कूलों का काम पूरा किया जाएगा। निजी एजेंसियां ड्राइविंग स्कूल तैयार करने का काम कर रही हैं। इस नई व्यवस्था से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया में पारदर्शित आएगी।

    उमेश जोगा, अपर परिवहन आयुक्त

    VIDEO: पाकिस्तान क्रिकेट में भूचाल, पूर्व कप्तान का आरोप- वह गेंद बर्बाद करने के लिए खेल रहा था

    नई दिल्ली. टी20 वर्ल्ड कप में भारत पर जीत के लिए जब पाकिस्तान को तकरीबन छह के रनरेट से रन बनाने थे, तब उसका एक बैटर 60-65 की स्ट्राइक रेट से बैटिंग कर रहा था. 13वें ओवर में बैटिंग करने आए इस बैटर ने 23 गेंदें खेलीं और सिर्फ 15 रन बनाए. और जब बारी आई आखिरी ओवर की जिसमें पाकिस्तान को 6 गेंद पर 18 रन चाहिए थे, तो वह पहली ही बॉल पर आउट हो गया. इमाद वसीम अपने इस प्रदर्शन के चलते निशाने पर आ गए हैं. पाकिस्तान के कप्तान रह सलीम मलिक ने इमाद वसीम के खेल पर सवाल उठाए हैं. सलीम मलिक फिक्सिंग के आरोप में बैन हो चुके हैं. इस कारण सलीम मलिक

    पाकिस्तान की टीम रविवार को भारत के खिलाफ 120 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 7 विकेट पर 113 रन ही बना पाई. इस बीच उसने 59 गेंद डॉट खेलीं यानी इन पर कोई रन नहीं बनाया. भारत ने यह मैच छह रन से जीता. पाकिस्तान की यह दूसरी हार थी. वह अमेरिका से पहले ही हार चुका है. भारत से हारने के बाद उसके सुपर-8 में पहुंचने की उम्मीद बेहद कम हो गई है.

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    पाकिस्तानी ऑलराउंडर इमाद वसीम ने 23 गेंद पर 15 रन बनाए. इमाद जब बैटिंग करने के लिए क्रीज पर उतरे तो पाकिस्तान को 46 गेंद पर 47 रन की जरूरत थी. पूर्व कप्तान सलीम मलिक ने कहा,‘आप उसकी (वसीम) पारी पर गौर करो तो ऐसा लगता है कि वह रन बनाने के बजाय गेंद बर्बाद कर रहा है और लक्ष्य का पीछा करते हुए चीजों को मुश्किल बना रहा है.’