Reasi Terror Assault: ‘India-Pakistan की बातचीत से घाटी में लौटेगी शांति’…, रियासी आतंकी घटना पर बोले उमर अब्दुल्ला

रियासी बस आतंकी हमले पर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि आतंकी हमला हुआ है। दुर्भाग्य से जिन इलाकों को हमने आतंकवाद से मुक्त कराया था, इस नेतृत्व में उन इलाकों में उग्रवाद देखा जा सकता है।

By Anurag Mishra

Publish Date: Mon, 10 Jun 2024 04:50:48 PM (IST)

Up to date Date: Mon, 10 Jun 2024 04:50:48 PM (IST)

Reasi Terror Attack: 'India-Pakistan की बातचीत से घाटी में लौटेगी शांति'..., रियासी आतंकी घटना पर बोले उमर अब्दुल्ला
उमर अब्दुल्ला का रियासी आतंकी हमले पर बयान।

एएनआई, नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने रियासी आतंकी हमले पर सरकार को पाकिस्तान से बातचीत की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि घाटी में हिंसा धारा 370 की वजह से नहीं थी। भाजपा के यह दावे अब झूठे साबित हो रहे हैं। घाटी में हिंसा को रोकने के लिए दोनों देशों को बैठकर बातचीत करनी होगी।

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि हमें धोखे में रखकर जम्मू-कश्मीर से राज्य का दर्जा छीन लिया गया था। अब हम उम्मीद करते हैं कि सरकार इसमें सुधार करेगी। हमारी मांग है कि राज्य का दर्जा बहाल किया जाना चाहिए। विधानसभा चुनाव कराए जाने चाहिए।

#WATCH | Jammu and Kashmir Nationwide Convention vice-president Omar Abdullah says, “…We hope that the way in which we have been betrayed is corrected. Statehood must be restored and Meeting Elections must be performed…”

On the Reasi bus terror assault, he says, “This isn’t… pic.twitter.com/8il9xHpeSN

— ANI (@ANI) June 10, 2024

रियासी में आतंकी हमला दुर्भाग्यपूर्ण

रियासी बस आतंकी हमले पर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि आतंकी हमला हुआ है। दुर्भाग्य से जिन इलाकों को हमने आतंकवाद से मुक्त कराया था, इस नेतृत्व में उन इलाकों में उग्रवाद देखा जा सकता है।

दोनों देशों को बात कर रोकनी होगी घटनाएं

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जिन लोगों ने यह दावा किया था कि यहां हालात सामान्य हैं, उनको सामने आकर जवाब देना चाहिए। हमने हमेशा से कहा कि यहां हालात सामान्य नहीं हैं। हमने हमेशा कहा कि अनुच्छेद 370 की वजह से घाटी में बंदूकें नहीं उठायी जाती हैं। बीजेपी वालों के दावे यह थे कि धारा 370 की वजह से यहां हिंसक घटनाएं हो रही हैं। इन घटनाओं पर रोक लगाने के लिए बातचीत का माहौल बनाना होगा। दोनों देशों को इसके लिए भूमिका निभानी होगी।

Panchayat Actor Faisal Malik Mumbai Battle Story | Gangs of Wasseypur | पंचायत के ‘प्रहलाद चा’ कभी स्टेशन पर सोते थे: खाने में खूब मिर्ची डालते थे ताकि जल्दी पेट भरे; कोविड में पिता की मौत से टूटे

मुंबई1 दिन पहलेलेखक: आशीष तिवारी/अरुणिमा शुक्ला

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इस बार की स्ट्रगल स्टोरी में कहानी पंचायत के प्रहलाद चा यानी फैसल मलिक की। - Dainik Bhaskar

इस बार की स्ट्रगल स्टोरी में कहानी पंचायत के प्रहलाद चा यानी फैसल मलिक की।

‘पंचायत’ के प्रहलाद चा यानी फैसल मलिक। यह नाम पिछले कुछ दिनों से काफी चर्चा में है। हो भी क्यों न, ‘पंचायत’ के तीसरे सीजन में अपनी संजीदा अदाकारी से इन्होंने सबका दिल जीत लिया है। ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ जैसी फिल्म में चंद मिनट का रोल करने वाले फैसल मलिक आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। हालांकि सफलता की सीढ़ी इन्होंने आसानी से नहीं चढ़ी है। इसके लिए इन्हें काफी स्ट्रगल भी करना पड़ा है।

उनकी संघर्ष की कहानी जानने के लिए हम मुंबई के अंधेरी वेस्ट के यारी रोड स्थित उनके घर पहुंचे। हमने रिंग बजाई तो दरवाजा भी उन्होंने ही खोला। हाय-हैलो हुआ, उन्होंने कहा कि पहले नाश्ता करिए फिर इंटरव्यू करेंगे। नाश्ते के बाद हमने इंटरव्यू शुरू कर दिया।

फैसल ने कहा कि मुंबई आने के बाद उन्हें रहने-खाने की सबसे ज्यादा दिक्कत हुई थी। खाने को पैसे नहीं होते थे। किसी तरह एक टाइम के खाने का जुगाड़ हो जाता था। खाने में खूब मिर्ची भर देते थे और कई गिलास पानी पी लेते थे, जिससे कि कम खाने में ही पेट भर जाए।

फैसल ने बताया कि फिल्मों में आने से पहले वे एक टीवी चैनल में बतौर वीडियो एडिटर कार्यरत थे। उनसे 20-20 घंटे काम कराया जाता था। एक बार पैर टूटने के बावजूद वे काम करते रहे थे।

तो चलिए फैसल की संघर्ष की कहानी, उन्हीं की जुबानी सुनते हैं…

फिल्म देखने पर घरवालों से मार पड़ती थी
फैसल मलिक का जन्म इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश में हुआ था। बचपन के दिनों के बारे में फैसल ने बताया, ‘आम बच्चों की तरह मेरा बचपन भी सामान्य बीता। कभी नहीं सोचा था कि बड़ा होकर एक्टर ही बनूंगा।

हां, फिल्में देखना बहुत पसंद था, लेकिन परिवार वालों को मेरी यह आदत बिल्कुल रास नहीं आती थी। इस कारण मैं छिप-छिप कर फिल्में देखता था। कई बार तो मेरी यह चोरी पकड़ी भी गई, मार भी बहुत पड़ी। कई दफा मार खाने के बाद भी फिल्में देखना बंद नहीं किया।’

फैसल ग्रेजुएशन (B.Sc) पूरी करने से पहले ही मुंबई जाकर एक्टर बनना चाहते थे, लेकिन घरवाले उनके फैसले के खिलाफ थे। इस बात को लेकर घरवालों से बहुत ज्यादा बहस भी हुई। तब इस कंडीशन में बड़े भाई ने उनका साथ दिया और मुंबई स्थित अपने दोस्त के यहां फैसल को भेज दिया। बाद में मां और पिता भी उन्हें सपोर्ट करने लगे।

संघर्ष क्या होता है, मुंबई पहुंचकर पता चला
इस सफर के बारे में फैसल कहते हैं, ‘मैं 22 साल की उम्र में मुंबई आया। यहां BKC (मुंबई का एक एरिया) में भाई के दोस्त के घर में रहता था। शुरुआत में तो सबको लगता है कि मुंबई आने पर महानायक अमिताभ बच्चन ही बन जाएंगे। हालांकि यहां रहने के बाद असलियत पता चलती है।

मुंबई पहुंचने के बाद मैं किशोर नमित कपूर एक्टिंग इंस्टीट्यूट में एक्टिंग कोर्स करने लगा। हालांकि 3 महीने बाद ही एहसास हो गया कि ये आसान दिखने वाला काम बिल्कुल भी आसान नहीं है। फीस से लेकर रहने और खाने का भी इंतजाम करना था। घर से ज्यादा पैसे मांगना सही नहीं लगा। इस वजह से मैंने कुछ काम करने का फैसला किया।’

पहली सैलरी महज 700 रुपए प्रति महीना थी
फैसल ने बताया कि जब वे मुंबई आए थे, तब अब्बू उन्हें हर महीने का खर्च भेजते थे, लेकिन इलाहाबाद की तुलना में मुंबई का खर्च बहुत ज्यादा था। वे लंबे समय तक अब्बू पर बोझ नहीं बनना चाहते थे, इसलिए उन्होंने कमाना शुरू कर दिया।

उन्होंने कहा, ‘सबसे पहले मैंने सहारा इंडिया में बतौर टेप लॉगिन करने का काम किया जिसे आमतौर पर इंटर्न करते हैं। यहां मुझे सबसे निचले स्तर का काम मिला था। इस काम के दौरान मुझे सैकड़ों वीडियो टेप से घंटों मेहनत करके कुछ खास तरीके के विजुअल निकालने होते थे। फिर कुछ समय बाद मैं रात में दोस्त की मदद से एडिटिंग सीखने लगा। 2-3 महीने में पूरा काम सीख लिया था। एक दिन खुद से प्रोमो कट किया, एडिट किया और सर को दिखाया। मेरा काम देख वो बहुत खुश हुए और टेप चिपकाने की जगह प्रोमो कट करने का काम मिल गया।

पहली सैलरी की बात करूं तो मुझे 700 रुपए प्रति महीना मिलते थे, फिर 1300 रुपए और बाद में 3200 रुपए प्रति महीना मिलने लगे। सहारा में काम करने के बाद जी सिनेमा और स्टार वन में भी काम किया था।’

जब 20 फीट से नीचे गिरने पर पैर टूट गया
फैसल ने बताया कि वे काम को लेकर बहुत जुनूनी थे। इतने कि 5-6 दिन लगातार ऑफिस में रहकर काम करते थे। उनका यही जुनून एक दिन उन पर भारी पड़ गया। ये बात उस वक्त की है, जब वे किसी प्रोजेक्ट में बतौर एसोसिएट प्रोड्यूसर काम कर रहे थे। यहां उन्हें 20-20 घंटे काम करना पड़ता था।

एक दिन वे लगातार कई घंटों से काम कर रहे थे। तभी 20 फीट की ऊंचाई पर जाकर कैमरे में सीन देखने लगे। उन्हें इतना भी ध्यान नहीं रहा कि वे 20 फीट ऊपर हैं और तभी अचानक नीचे गिर गए। इस हादसे में उनका पैर भी टूट गया। हालांकि इसका असर उन्होंने अपने काम पर नहीं पड़ने दिया। अस्पताल जाकर प्लास्टर लगवाने के बाद वे दोबारा रात में एडिटिंग करने पहुंच गए।

फैसल की खुद की प्रोडक्शन कंपनी भी है। इसके तहत उन्होंने रिवॉल्वर रानी, सात उचक्के जैसी फिल्मों का प्रोडक्शन किया है।

फैसल की खुद की प्रोडक्शन कंपनी भी है। इसके तहत उन्होंने रिवॉल्वर रानी, सात उचक्के जैसी फिल्मों का प्रोडक्शन किया है।

कई रातें बिना खाए गुजारीं, सड़क और स्टेशन पर भी सोना पड़ा
आम स्ट्रगलर्स की तरह फैसल को भी मुंबई में खाने-रहने की दिक्कत हुई। उन्होंने कहा, ‘जब पैसों की तंगी थी, तब पूरा दिन बिना खाए गुजार देता था ताकि बचत की जा सके। खाने में मिर्च डालकर खाता था और खूब पानी पीता था। ऐसा करने से कम खाने में ही पेट भर जाता था।

बहुत लंबे समय तक भाई के दोस्त के घर नहीं रह सकता था। हालात ऐसे भी बने कि कई रात सड़क पर गुजारनी पड़ी। स्टेशनों पर भी सोना पड़ा। खैर ये सारी चीजें एक्सपीरियंस के लिहाज से बहुत जरूरी होती हैं।’

‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ में लाइन प्रोड्यूसर थे, किस्मत से मिल गया रोल
एडिटिंग फील्ड से जुड़ने के बाद फैसल ने एक्टिंग में जाने के बारे में बिल्कुल नहीं सोचा था, लेकिन एक इत्तफाक ने उनका परिचय एक्टिंग से करा दिया। फैसल कहते हैं, ‘मैं अनुराग कश्यप की फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ में लाइन प्रोड्यूसर था। इलाहाबाद में सिर्फ 4 दिन की शूटिंग के लिए बहुत मुश्किल से एक लोकेशन फाइनल हुई थी।

फिल्म में इंस्पेक्टर गोपाल सिंह का किरदार जो शख्स निभा रहा था, वो शूटिंग के पहले दिन आया ही नहीं। तब मुझसे यह रोल करने के लिए कहा गया। पहले लगा कि 1-2 सीन का रोल होगा, इसलिए मैंने हामी भर दी। बाद में पता चला कि इस कैरेक्टर का लंबा स्क्रीन स्पेस है।

उस दिन एक दिलचस्प वाकया भी हुआ। जो शख्स पहले यह रोल करने वाला था, वो मुझसे थोड़ा दुबला-पतला था। प्रोडक्शन टीम ने उसी के हिसाब से वर्दी सिलवाई थी। तुरंत दूसरी वर्दी की व्यवस्था करने में शूटिंग बहुत लेट हो जाती। मजबूरी वश मैंने किसी तरह वो वर्दी पहनी, लेकिन पैंट फट गई। उसे दोबारा सिला गया, जिसके बाद मेरा शॉट कम्प्लीट हुआ।’

फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' में फैसल ने पुलिस ऑफिसर का रोल निभाया था। इस फिल्म में पंकज त्रिपाठी, राजकुमार राव और नवाजुद्दीन सिद्दीकी जैसे कलाकार भी दिखाई दिए थे।

फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ में फैसल ने पुलिस ऑफिसर का रोल निभाया था। इस फिल्म में पंकज त्रिपाठी, राजकुमार राव और नवाजुद्दीन सिद्दीकी जैसे कलाकार भी दिखाई दिए थे।

फैसल ने बताया कि फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ के बाद उनके पास सिर्फ पुलिस ऑफिसर के रोल आते थे। उन्होंने एक-दो ऑफर को स्वीकार भी कर लिया था, लेकिन खराब कहानी की वजह से अधिकतर को ठुकरा देते थे। इसके बाद फैसल को 2-3 फिल्म और 4-5 सीरीज में देखा गया।

‘पंचायत’ के प्रहलाद चा के किरदार के लिए बहुत वजन बढ़ाना पड़ा
फिर फैसल की झोली में ‘पंचायत’ सीरीज गिरी, जिससे वे घर-घर में प्रहलाद चा के नाम से फेमस हुए। ‘पंचायत’ के तीसरे सीजन में फैसल ने एक अलग छाप छोड़ी है। पिछले दो सीजन में मस्ती मजाक करने वाले प्रहलाद चा का किरदार इस सीजन में रुला देने वाला है।

फैसल ने बताया कि सीरीज के डायरेक्टर दीपक कुमार मिश्रा ने उन्हें ध्यान में रखकर ही प्रहलाद चा का किरदार लिखा था। इस तरह से वे ऐसे एक्टर रहे जिनकी कास्टिंग सीरीज के लिए सबसे पहले हुई। बाकी सभी की कास्टिंग बाद में हुई थी।

इस रोल में ढलने के लिए उन्होंने बॉडी ट्रांसफॉर्म भी किया है। इस बारे में उन्होंने कहा, ‘मेकअप वगैरह कुछ नहीं था। रोल के लिए मैंने काफी ज्यादा वजन बढ़ाया है। दिन भर में सिर्फ दो घंटे सोता था। स्लीप साइकल बदलने की वजह से मैंने काफी वजन बढ़ा लिया। मेकअप वगैरह करके भी देखा था, लेकिन उसमें वो फील नहीं आ रहा था।’

कोविड में पिता की मौत से टूट गए थे
‘पंचायत’ के तीसरे सीजन में फैसल का किरदार पहले की तुलना में थोड़ा संजीदा है। वजह यह है कि दूसरे सीजन में फैसल के ऑन-स्क्रीन बेटे का निधन हो जाता है। इसके बारे में वे कहते हैं, ‘मौत एक कड़वा सच है। यह कभी न कभी सबकी जिंदगी में घटित होना ही है। कोविड के दौरान मेरे पिता का निधन हो गया। मेरे करीबी दोस्त भी गुजर गए।

‘पंचायत’ में इमोशनल सीन्स की शूटिंग के वक्त मुझे उनका ख्याल आता था। शायद इस वजह से एक्टिंग काफी नेचुरल लगी है। मैंने जो भी किया है, वो सब खुद से ही किया है। जो मेरे अंदर से निकल रहा था, वही स्क्रीन पर भी दिख रहा था।’

ये बात बताते हुए फैसल थोड़े भावुक भी हो गए। उनकी आंखों में मैंने नमी भी देखी।

तस्वीर में पत्नी के साथ फैसल। फैसल ने बताया कि जब वे एडिटर का काम करते थे, तभी उनकी मुलाकात कुमुद शाही से हुई थी, जो बाद में उनकी पत्नी बनीं। कुमुद उनकी बॉस थीं। कुछ समय की दोस्ती के बाद दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन अलग धर्म की वजह से उनके परिवार वाले इस रिश्ते के खिलाफ थे। हालांकि बाद में सब ठीक हो गया।

तस्वीर में पत्नी के साथ फैसल। फैसल ने बताया कि जब वे एडिटर का काम करते थे, तभी उनकी मुलाकात कुमुद शाही से हुई थी, जो बाद में उनकी पत्नी बनीं। कुमुद उनकी बॉस थीं। कुछ समय की दोस्ती के बाद दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन अलग धर्म की वजह से उनके परिवार वाले इस रिश्ते के खिलाफ थे। हालांकि बाद में सब ठीक हो गया।

आने वाले प्रोजेक्ट्स के बारे में फैसल ने कहा कि वे 3-4 फिल्मों और 2-3 वेब सीरीज में दिखाई देंगे। इस लिस्ट में जो तेरा है वो मेरा, सब फर्स्ट क्लास जैसी फिल्मों का नाम शामिल है।

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Rewa Information: बारहवीं की छात्रा को घर में घुसकर युवक ने मारी गोली, अस्‍पताल में भर्ती

पुलिस मौके पर पहुंची है। यह घटना सिविल लाइन थाने की है। छात्रा की पहचान वंशिका सिंह के रूप में की गई है जबकि गोली मारने वाले युवक का नाम अभिषेक पांडे है।

By Navodit Saktawat

Publish Date: Mon, 10 Jun 2024 05:29:18 PM (IST)

Up to date Date: Mon, 10 Jun 2024 05:34:46 PM (IST)

छात्रा की पहचान वंशिका सिंह के रूप में की गई है जबकि गोली मारने वाले युवक का नाम अभिषेक पांडे है।

नईदुनिया प्रतिनिधि, रीवा। यहां अपने भाई के साथ घर में मौजूद कक्षा बारहवीं की छात्रा को घर में घुसकर युवक ने गोली मार दी। उसे गंभीर हालत में संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस मौके पर पहुंची है। यह घटना सिविल लाइन थाने की है। छात्रा की पहचान वंशिका सिंह के रूप में की गई है जबकि गोली मारने वाले युवक का नाम अभिषेक पांडे है।

भारत-पाकिस्तान का अगला मैच कब? क्या T20 वर्ल्ड कप में फिर होगी भिड़ंत, चैंपियंस ट्रॉफी के लिए लाहौर भी तैयार

नई दिल्ली. भारत-पाकिस्तान का मुकाबला हुए अभी चंद घंटे ही हुए हैं कि क्रिकेटप्रेमी इन दोनों टीमों के अगले मैच के बारे में सर्च करने लगे हैं. कई क्रिकेटप्रेमी जानना चाह रहे हैं कि क्या ये दोनों टीमें टी20 वर्ल्ड कप 2024 में दोबारा भिड़ सकती हैं. अगर हां तो कब और अगर नहीं तो वह कौन सा टूर्नामेंट होगा, जब भारत और पाकिस्तान फिर टकराएंगे. आइए इन सवालों के जवाब जानने की कोशिश करते हैं.

भारत और पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप 2024 में एक ही ग्रुप ए में हैं. दोनों टीमों का मुकाबला हो चुका है, जिसमें भारत ने 6 रन से जीत दर्ज की. टी20 वर्ल्ड कप के फॉर्मेट के मुताबिक हर ग्रुप से टॉप-2 टीमें सुपर-8 राउंड में प्रवेश करेंगी. सुपर-8 में हर टीम 3 मैच खेलेगी, लेकिन वह अपने ग्रुप की टीम से नहीं भिड़ेगी. इसे यूं समझें कि अगर भारत और पाकिस्तान दोनों सुपर-8 ग्रुप में जाते हैं, तो इन दोनों टीमों का मुकाबला इस स्टेज पर नहीं होगा.

T20 World Cup: भारत ने पाकिस्तान की ताबूत में ठोक दी कील, सुपर-8 का सपना किया मुश्किल, जीत से भी नहीं बनेगी बात!

इसका मतलब यह है कि भारत और पाकिस्तान की इस टूर्नामेंट में दोबारा भिड़ंत सेमीफाइनल या फाइनल में तो हो सकती है, लेकिन सुपर-8 स्टेज पर नहीं. टूर्नामेंट के दोनों सेमीफाइनल 27 जून को खेले जाएंगे. इसके बाद 29 जून को फाइनल होगा. स्पष्ट है कि भारत और पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप में दोबारा भिड़ सकते हैं, लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब ये दोनों टीमें सुपर-8 स्टेज से आगे बढ़ें.

मौजूदा समय में भारतीय टीम अपने दोनों मैच जीतकर सुपर-8 की रेस में सबसे आगे है. पाकिस्तान अपने दो मैच हार चुका है, लेकिन इसके बावजूद वह सुपर-8 में पहुंच सकता है. ऐसा तब होगा जब वह अपने दोनों मैच जीते और अमेरिका की टीम अपने दोनों मैच हार जाए.

अगर टी20 वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान की भिड़ंत दोबारा नहीं होती है तो फिर इसके लिए अगले साल मार्च तक इंतजार करना होगा. मार्च 2025 में पाकिस्तान की मेजबानी में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी होनी है. इस टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान का मुकाबला संभव है. क्रिकबज के मुताबिक पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी ) भारत-पाक का मुकाबला लाहौर में कराना चाहता है. इसके लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं. भारतीय टीम लंबे समय से पाकिस्तान दौरे पर नहीं गई है.

Tags: Champions Trophy, Icc T20 world cup, India Vs Pakistan, Pakistan cricket, T20 World Cup, Crew india

PM मोदी ने खोला अपनी ऊर्जा का राज, PMO के अधिकारियों को बताया क्यों नहीं थकते

तीसरी बार प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएमओ के अधिकारियों को पहली बार संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने अपनी ऊर्जा का राज उनके सामने खोल दिया। उन्होंने बताया कि आखिर कैसे वह ऊर्जा भरे रहते हैं।

By Anurag Mishra

Publish Date: Mon, 10 Jun 2024 05:22:00 PM (IST)

Up to date Date: Mon, 10 Jun 2024 05:28:04 PM (IST)

PM मोदी ने खोला अपनी ऊर्जा का राज, PMO के अधिकारियों को बताया क्यों नहीं थकते
पीएम मोदी ने पीएमओ अधिकारियों को किया संबोधित।

एएनआइ, नई दिल्ली। तीसरी बार प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएमओ के अधिकारियों को पहली बार संबोधित किया। पीएम मोदी ने पीएमओ के अधिकारियों के सामने अपनी ऊर्जा का राज खोल दिया। उन्होंने बताया कि मेरे अंदर का विद्यार्थी हमेशा जीवित रहता है। यही मेरी ऊर्जा का कारण है।

पीएम मोदी ने कहा कि एक सफल व्यक्ति वह है जिसके अंदर का छात्र कभी नहीं मरता है। इस चुनाव में कई बार लोगों ने मुझसे एक सवाल पूछा। यह सवाल पिछले 30 वर्षों से मुझसे पूछा जाता है कि मुझे इतनी ऊर्जा कहां से मिलती है। मेरी ऊर्जा का रहस्य यह है कि मैं अपने अंदर के विद्यार्थी को हमेशा जीवित रखता हूं। जो व्यक्ति अपने अंदर के विद्यार्थी को जीवित रखता है वह कभी शक्तिहीन नहीं होता, कभी कमजोर नहीं होता और वह कभी आलसी नहीं होता। वह हमेशा ऊर्जा से भरा रहता है।

#WATCH | In his first handle to the officers of PMO, after assuming workplace of the Prime Minister for the third time, PM Modi says, “A profitable individual is the one whose internal scholar by no means dies. Many individuals have requested me this query on this election and for the final 30 years,… pic.twitter.com/bmgny03zYv

— ANI (@ANI) June 10, 2024

तीन बातों को ध्यान में रखकर मिलेगी सफलता

उन्होंने कहा कि विचारों में स्पष्टता होनी चाहिए। इस सरकार में कोई उलझन नहीं है। हमें पता है कि हमें कहां जाना है। दूसरा हमें अपने विश्वास पर दृड़ रहना चाहिए। मैं जो सुन रहा हूं, वह भले ही मेरे विचारों से मेल ना खाता हो, लेकिन मंजिल को पाने का तरीका यही है। ऐसे में हमें उस पर काम शुरू कर देना चाहिए। तीसरा मुझे अपने व्यक्तित्व को इस तरह से ढालना होगा कि मुझे उस काम को प्राथमिकता देनी होगी। अपना अधिकतम समय उस काम में लगाना होगा।

Imran Khan Divorce; Speaks About Coping With Separation | Avantika Malik | इमरान खान ने किया था खुद को कमरे में बंद: डिवोर्स के बाद टूट गए थे एक्टर, सिर्फ बेटी को देखकर मिलती थी ताकत

12 घंटे पहले

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बॉलीवुड एक्टर इमरान खान ने हाल ही में अपने डिवोर्स पर बात की है। उन्होंने बताया कि 5 साल पहले उनकी लाइफ में आए इस बदलाव का उन पर गहरा असर हुआ था।

ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे को दिए एक इंटरव्यू में इमरान ने कहा कि 2019 में जब उनका तलाक हुआ तब वो इमोशनली और फिजिकली बहुत कमजोर महसूस कर रहे थे। उन्हें बिस्तर से उठकर ब्रश करना और नहाना भी बहुत बड़ा टास्क लगता था। वो नहीं जानते थे कि वो ऐसा कर पाएंगे या नहीं।

एक्स वाइफ अवंतिका के साथ इमरान।

एक्स वाइफ अवंतिका के साथ इमरान।

डोरबेल ऑफ करके खुद को रूम में लॉक कर लिया था
इमरान ने आगे कहा, ‘मैं अपने बिस्तर से भी नहीं उठता था। दिनभर पजामे में पड़ा रहता था। मैंने डाेरबेल ऑफ कर दी थी, खुद को रूम में लॉक कर लिया था और उदासी में जिंदगी जीता था।’

जब बेटी साथ होती थी, बस तब सबकुछ करता था
इंटरव्यू में इमरान ने आगे बताया, ‘मेरे ऊपर अपनी बेटी की जिम्मेदारी थी। हम दोनों ने बेटी की कस्टडी बांट रखी थी। गुरुवार से रविवार तक वो मेरे साथ रहती थी। जब वो साथ रहती थी तब मुझे इससे फर्क नहीं पड़ता था कि मेरी लाइफ में क्या चल रहा है और मैं कितना वीक फील कर रहा हूं। बस तब लगता था कि सबकुछ करना है।’

बेटी इमारा के साथ इमरान।

बेटी इमारा के साथ इमरान।

10 साल की हैं इमरान की बेटी
बताते चलें कि इमरान का 2019 में एक्स वाइफ अवंतिका मलिक से डिवोर्स हुआ था। दोनों ने 2011 में शादी की थी। जून 2014 में अवंतिका ने बेटी इमारा को जन्म दिया था। सितंबर 2019 में कपल अलग हो गए थे। इमरान की बेटी अब 10 साल की हैं।

लेखा वॉशिंगटन के साथ इमरान।

लेखा वॉशिंगटन के साथ इमरान।

लॉकडाउन में इमरान को मिला दूसरा प्यार
पर्सनल फ्रंट पर इमरान इन दिनों साउथ की एक्ट्रेस लेखा वॉशिंगटन को डेट कर रहे हैं। मार्च में दिए एक इंटरव्यू में इमरान ने अपने रिलेशनशिप की बात कबूली थी। दोनों लॉकडाउन में एक दूसरे के करीब आए थे।

वर्कफ्रंट पर इमरान जल्द ही कुछ फिल्मों में नजर आने वाले हैं। हालांकि, अभी तक उन्होंने किसी फिल्म की ऑफिशियल अनाउंसमेंट नहीं की है।

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CG Information: दशहरा मैदान में हो रहा उग्र प्रदर्शन, हजारों की संख्या में लोगों ने की तोड़फोड़

बीते दिनों अमर गुफा में तोड़फोड़ और जैतखाम को तोड़ने के विरोध में प्रदर्शन चल रहा था।

By Paras Pandey

Edited By: Paras Pandey

Publish Date: Mon, 10 Jun 2024 05:15:51 PM (IST)

Up to date Date: Mon, 10 Jun 2024 05:15:51 PM (IST)

बलौदाबाजार, नईदुनिया। बीते दिनों अमर गुफा में तोड़फोड़ और जैतखाम को तोड़ने के विरोध में प्रदर्शन चल रहा था।

Dewas Information: चुनौतियों के बीच बढ़ रहा बाघों का कुनबा, अब घर बड़ा करने की तैयारी

वन विभाग अभयारण्य की सीमा बढ़ाने की कवायद में जुटा है। इसकी सीमा में 50 किलोमीटर का विस्तार करने के साथ ही यहां पर्यटक गतिविधि बढ़ाने के लिए भी नई सुविधाएं जुटाने का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है।

By Paras Pandey

Edited By: Paras Pandey

Publish Date: Mon, 10 Jun 2024 04:59:38 PM (IST)

Up to date Date: Mon, 10 Jun 2024 04:59:38 PM (IST)

Dewas News:  चुनौतियों के बीच बढ़ रहा बाघों का कुनबा, अब घर बड़ा करने की तैयारी

HighLights

  1. बढ़ रहा है बाघों का कुनबा
  2. खिवनी अभयारण्य का दायरा 50 वर्ग किमी बढ़ाने की तैयारी
  3. चार शावकों सहित आठ बाघों की मौजूदगी खिवनी में

दीपक विश्वकर्मा, नईदुनिया। देवास खिवनी अभयारण्य इन दिनों बाघों के नए घर के रूप में पहचान बना रहा है। 134 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैले इस छोटे से अभयारण्य में आठ बाघ और उनके शावक विचरते हैं। बाघों को अब यह घर छोटा लगने लगा है। इस वजह से वह अभयारण्य की सीमा लांघकर रहवासी क्षेत्रों तक भी पहुंच जाते हैं।

इसको देखते हुए वन विभाग अभयारण्य की सीमा बढ़ाने की कवायद में जुटा है। इसकी सीमा में 50 किलोमीटर का विस्तार करने के साथ ही यहां पर्यटक गतिविधि बढ़ाने के लिए भी नई सुविधाएं जुटाने का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। केंद्र से मंजूरी मिलते ही यहां काम शुरू कर दिया जाएगा।

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उल्लेखनीय है कि खिवनी वन्य प्राणी अभयारण्य अपने बाघों के अलावा 125 से ज्यादा प्रकार के पक्षियों की प्रजातियां हैं। बाघों की बढ़ती गतिविधि के कारण पर्यटकों की संख्या भी यहां बढ़ने लगी है। पिछले वर्ष यहां बाघ युवराज और बाघिन मीरा के चार शावकों ने जन्म लिया था। चारों शावक अब करीब आठ से नौ माह के हो चुके हैं।

युवराज, मीरा और इनके शावकों के अलावा भी यहां दो अन्य बाघ भी हैं। 134 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल के हिसाब से बाघों की संख्या अधिक हो चुकी है। अभयारण्य में बाघों के साथ अन्य प्रजातियों के जानवरों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अभयारण्य में 50 वर्ग किलोमीटर का इजाफा करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। 1956 में खिवनी अभयारण्य की स्थापना हुई थी।

उसके बाद से यह पहला मौका है जब यहां बाघों की संख्या बढ़ रही है। क्षेत्रफल विस्तार के लिए प्रस्ताव भेजा खिवनी अभयारण्य के अधीक्षक विकास माहौरे ने बताया कि हमने क्षेत्रफल विस्तार के लिए प्रस्ताव भेजा है। इसके बाद यहां बाघों के लिए ओर अधिक जंगल आरक्षित हो जाएगा। आसपास के गांवों में रहने वाले आदिवासियों की हस्तकला को प्रोत्साहित करने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। पर्यटक सुविधाएं बढ़ाने की दिशा में भी काम हो रहा है।

एक नजर में

1 – 8 बाघ और 10 से अधिक तेंदुए।

2 – 125 पक्षियों की प्रजातियां।

3 – 100 से अधिक प्रकार की वनस्पति।

4 – कई प्रकार के सर्प यहां पाए जाते हैं।

5 – काला हिरण, चीतल, सांभर, नील गाय आदि भी बड़ी संख्या में मौजूद।

टी20 वर्ल्‍डकप में देश बदलते ही छुई ‘ऊंचाई’, रनों-विकेटों की लगाई झड़ी, 39 की उम्र में बने प्लेयर ऑफ द मैच

नई दिल्‍ली. टी20 वर्ल्‍डकप (T20 World Cup) में कुछ खिलाड़ी दो देशों की टीमों का प्रतिन‍िधित्‍व कर चुके हैं इनमें कोरी एंडरसन और डेविड विसे प्रमुख हैं. दो टी20 वर्ल्‍डकप में न्‍यूजीलैंड की टीम के सदस्‍य रहे एंडरसन मौजूदा टी20 वर्ल्‍डकप में अमेरिका की ओर से खेल रहे हैं. इसी तरह 2016 के वर्ल्‍डकप में दक्षिण अफ्रीका की ओर से खेल चुके डेविड विसे (David Wiese) 2021 के वर्ल्‍डकप से नामीबियाई टीम के सदस्‍य हैं और अच्‍छा प्रदर्शन कर रहे हैं.

टी20 वर्ल्‍डकप 2024 में विसे ने अब तक दो मैच में 3 विकेट हासिल किए और 23 रन बनाए थे. नामीबिया का पहला मैच ओमान (Namibia vs Oman) के खिलाफ टाई रहा था और फैसला सुपर ओवर के जरिये हुआ था. सुपर ओवर में विसे ने बैट और बॉल से अच्‍छा प्रदर्शन कर टीम की जीत तय की थी. सुपर ओवर में जहां उन्‍होंने तीन गेंदों पर 12 रन (एक छक्‍का और एक चौका) बनाकर टीम को 21 रन तक पहुंचाया था, वहीं बॉलिंग में एक विकेट लेकर ओमान को 10 रन के स्‍कोर पर सीमित किया और टीम की जीत तय की थी.

टी20 WC में प्‍लेयर ऑफ द मैच बने चौथे सबसे उम्रदराज क्रिकेटर
टी20 वर्ल्‍डकप में प्‍लेयर ऑफ द मैच बने विसे चौथे सबसे उम्रदराज क्रिकेटर हैं. उन्‍होंने 39 वर्ष 16 दिन की उम्र में यह श्रेय हासिल किया. श्रीलंका के सनथ जयसूर्या ने इस मामले में पहले स्‍थान पर हैं. उन्‍होंने 39 वर्ष 345 दिन की उम्र में टी20 वर्ल्‍डकप में प्‍लेयर ऑफ द मैच अवार्ड हासिल किया था. पाकिस्‍तान के शोएब मलिक 39 वर्ष 276 दिन और श्रीलंका के तिलकरत्‍ने दिलशान 39 साल 153 दिन की उम्र में टी20 वर्ल्‍डकप में प्‍लेयर ऑफ द मैच बन चुके हैं. वैसे किसी एसोसिएट कंट्री की ओर से 39 साल की उम्र में यह उपलब्धि हासिल करने वाले वाले विसे पहले प्‍लेयर हैं.

दक्षिण अफ्रीका की ओर से टूर्नामेंट में प्रदर्शन रहा साधारण

39 साल के विसे की बात करें तो ‘देश बदलना’ उनके लिए कामयाबी का सौदा साबित हुआ है. दक्षिण अफ्रीका की ओर से खेलते हुए 2016 का टी20 वर्ल्‍डकप उनके लिए साधारण ही रहा था. दक्षिण अफ्रीका जैसी दिग्‍गज टीम से खेलते हुए उन्‍हें कम मैचों में ही प्‍लेइंग XI में स्‍थान मिल पाया. भारत में हुए 2016 के टी20 वर्ल्‍डकप के 3 मैचों में ही उन्‍हें खेलने का मौका मिलाा जिसमें उनके खाते में 28 के औसत से 28 रन और 74 के खराब औसत से एक विकेट ही दर्ज है.

2021 के टी 20 वर्ल्‍डकप में रहे नामीबिया के स्‍टार परफॉर्मर

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दाएं हाथ के तेज गेंदबाज और उपयोगी बैटर विसे ने इसके बाद नामीबिया की ओर से खेलने का फैसला किया. 2021 का उनका पहला टी20 वर्ल्‍डकप ही शानदार प्रदर्शन वाला रहा. इस दौरान 8 मैचों में 45.40 के औसत से 227 रन (सर्वोच्‍च 66*) बनाने के अलावा 6 विकेट (सर्वश्रेष्‍ठ 2/22) भी उन्‍होंने हासिल किए. नीदरलैंड्स के खिलाफ उन्‍होंने नाबाद 66 और पाकिस्‍तान के खिलाफ नाबाद 43 रन की पारी खेली. उनके इस प्रदर्शन ने टीम को सुपर 12 तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया था. ऑस्‍ट्रेलिया में हुए 2022 के वर्ल्‍डकप में उन्‍होंने 3 मैचों में 33 के औसत से 66 रन बनाए और 21.66 के औसत से तीन विकेट हासिल किए.

टी 20 वर्ल्‍डकप 2022 में श्रीलंका को हरा चुका नामीबिया
आईसीसी का एसोसिएट मेंबर नामीबिया 2024 में तीसरी बार टी20 वर्ल्‍डकप में हिस्‍सा ले रहा है. नामीबियाई टीम ने 2021 और 2021 के टूर्नामेंट में कुल 12 मैच खेले हैं, इसमें से टीम को चार में जीत मिली है जबकि 7 में हार. एक मैच टाई रहा है जिसमें बाद में टीम ने जीत हासिल की थी. नामीबियाई टीम एक बार की वर्ल्‍ड चैंपियन श्रीलंका को 55 रन से हराकर 2022 में धमाका कर चुकी है. इस मैच में नामीबिया ने 20 ओवर्स में 7 विकेट पर 163 रन बनाने के बाद श्रीलंका टीम को 19 ओवर्स में 108 रन पर ढेर कर दिया था. मैच में डेविड विसे, बेरनार्ड शुल्‍ट्ज और बेन शिकोंगो ने दो-दो विकेट हासिल किए थे.

टी20 के अच्‍छे ऑलराउंडर में होती है गिनती

दक्षिण अफ्रीका के गुटांग प्रोविंस के रुडपोर्ट में जन्‍मे विसे को शॉर्टर फॉर्मेट के बेहतरीन प्‍लेयर में शुमार किया जाता है. उन्‍होंने अब तक 15 वनडे और 51 टी20I मैच खेले हैं. ODI में उन्‍होंने एक अर्धशतक की मदद से 330 रन बनाने के अलावा 15 विकेट लिए हैं जबकि टी20I में तीन अर्धशतक की मदद से 582 रन बनाने के अलावा 57 विकेट हासिल कर चुके हैं. टी20 इंटरनेशनल में वे एक बार पारी में 4 और एक बार पारी में 5 विकेट ले चुके हैं.अपने 15 वनडे में से उन्‍होंने 6 दक्षिण अफ्रीका व 9 नामीबिया की ओर से और 51 टी20I में से 20 दक्षिण अफ्रीका व 31 नामीबिया की ओर से खेले हैं.

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Bengal Politics: ममता बनर्जी ने BJP को बताया असंवैधानिक पार्टी, कहा- मैं नहीं दूंगी सरकार बनाने की शुभकामनाएं

ममता बनर्जी ने कहा कि मुझे खेद है, लेकिन मैं सरकार बनाने के लिए एक असंवैधानिक, अवैध पार्टी को शुभकामनाएं नहीं दे सकती। मेरी शुभकामनाएं देश के लिए होंगी। मैं सभी सांसदों से कहूंगी कि वे अपनी पार्टी को मजबूत करें।

By Anurag Mishra

Publish Date: Sat, 08 Jun 2024 06:20:03 PM (IST)

Up to date Date: Sat, 08 Jun 2024 06:20:03 PM (IST)

Bengal Politics: ममता बनर्जी ने BJP को बताया असंवैधानिक पार्टी, कहा- मैं नहीं दूंगी सरकार बनाने की शुभकामनाएं
ममता बनर्जी का भाजपा पर हमला।

एएनआई, कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस संसदीय दल के अध्यक्ष के रूप में चुना गया है। उन्होंने इस दौरान भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि भाजपा एक असंवैधानिक पार्टी है। मैं उनको सरकार बनाने की शुभकामनाएं नहीं दूंगी।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि मुझे अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस संसदीय दल के अध्यक्ष के रूप में चुना गया है। पार्टी सांसद सुदीप बंदोपाध्याय को लोकसभा में पार्टी के नेता के रूप में, डॉ काकोली घोष दस्तीदार को लोकसभा में उपनेता के रूप में चुना गया है। कल्याण बनर्जी मुख्य सचेतक चुने गए हैं। टीएमसी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन को राज्यसभा में पार्टी का नेता, सागरिका घोष को उपनेता और नदीमुल हक को मुख्य सचेतक चुना गया है।

ममता का दावा भाजपा में है फूट

#WATCH | West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee says, “I’m sorry, however I can not want nicely to an unconstitutional, unlawful get together for forming the federal government. My greatest needs might be for the nation. I’ll inform all of the MPs to strengthen their get together…We is not going to break your get together… pic.twitter.com/M90jtXZ6AQ

— ANI (@ANI) June 8, 2024

ममता बनर्जी ने कहा कि मुझे खेद है, लेकिन मैं सरकार बनाने के लिए एक असंवैधानिक, अवैध पार्टी को शुभकामनाएं नहीं दे सकती। मेरी शुभकामनाएं देश के लिए होंगी। मैं सभी सांसदों से कहूंगी कि वे अपनी पार्टी को मजबूत करें। हम आपकी पार्टी नहीं तोड़ेंगे, लेकिन अंदर से आपकी पार्टी में फूट है। आपकी पार्टी में लोग खुश नहीं हैं।