Modi Cupboard 2024: मोदी कैबिनेट में मध्य प्रदेश में तैयार होते नए आदिवासी नेतृत्व की झलक

मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार ने पंचायत अधिनियम के अंतर्गत नियम बनाकर पूरे लागू किए थे। जिसका लाभ विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिला था। 2018 के विधानसभा चुनाव में आदिवासी बहुल क्षेत्रों में भाजपा को जो नुकसान हुआ था, उसकी पूर्ति 2023 के चुनाव में की गई। आदिवासियों के लिए सुरक्षित 47 सीटों में भी भाजपा ने 24, कांग्रेस ने 22 और एक भारत आदिवासी पार्टी ने जीती है।

By Prashant Pandey

Publish Date: Mon, 10 Jun 2024 03:30:40 PM (IST)

Up to date Date: Mon, 10 Jun 2024 03:36:28 PM (IST)

HighLights

  1. बैतूल से सांसद दुर्गादास उइके और धार से सांसद सावित्री ठाकुर को आगे बढ़ाया।
  2. इनके पहले डा. सुमेर सिंह सोलंकी को राज्य सभा भेजकर आगे बढ़ाया गया था।
  3. मोदी कैबिनेट में इस बार फग्गन सिंह कुलस्ते को नहीं मिला मौका।

Modi Cupboard 2024: राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। भारतीय जनता पार्टी मध्य प्रदेश में नया आदिवासी नेतृत्व तैयार कर रही है। मोदी मंत्रिमंडल में इसकी झलक भी नजर आई। बैतूल से सांसद दुर्गादास उइके और धार से सांसद सावित्री ठाकुर को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। दोनों पहली बार मंत्री बनाए गए हैं।

अभी तक मोदी मंत्रिमंडल में प्रदेश के आदिवासियों का प्रतिनिधित्व फग्गन सिंह कुलस्ते करते थे। वह मंडला संसदीय क्षेत्र से चुनाव तो जीत गए पर उन्हें मंत्रिमंडल में स्थान नहीं दिया गया। दरअसल, पार्टी ने उन्हें भरपूर अवसर दिया पर वह आदिवासी वर्ग में अपनी पकड़ सिद्ध नहीं कर पाए। नवंबर 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में मंडला जिले की निवास सीट से वह पराजित हो गए थे।

कांग्रेस के परंपरागत वोटर रहे आदिवासियों को साधने के लिए भारतीय जनता पार्टी लगातार काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्य प्रदेश आकर बिरसा मुंडा की जयंती देशभर में जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की तो जनजातीय नायकों की स्मृति को संजोकर रखने के लिए कदम उठाए जो हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर रानी कमलापति स्टेशन किया।

शिवराज सरकार ने पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तार) अधिनियम के अंतर्गत नियम बनाकर पूरे प्रदेश में लागू किए। इसका लाभ विधानसभा चुनाव में मिला। 2018 के विधानसभा चुनाव में आदिवासी बहुल क्षेत्रों में भाजपा को जो नुकसान हुआ था, उसकी पूर्ति 2023 के चुनाव में की गई। आदिवासियों के लिए सुरक्षित 47 सीटों में भी भाजपा ने 24, कांग्रेस ने 22 और एक भारत आदिवासी पार्टी ने जीती।

मालवा और निमाड़ अंचल में आदिवासी सीटों पर हुए नुकसान को चुनौती के रूप में लेते हुए भाजपा ने मैदानी जमावट की और इसका परिणाम यह रहा कि धार, खरगोन और रतलाम लोकसभा सीट जीतीं। इसे देखते हुए पार्टी ने धार से सांसद सावित्री ठाकुर को केंद्रीय मंत्री बनाकर अंचल के आदिवासियों को संदेश देने का काम किया है।

इसी तरह बैतूल से सांसद दुर्गादास उइके को मंत्रिमंडल में लिया गया है। दोनों नए चेहरे हैं और पहली बार मंत्री बनाए गए हैं। इसके पहले तक आदिवासी वर्ग से फग्गन सिंह कुलस्ते केंद्रीय मंत्रिमंडल में लिए जाते रहे हैं पर इस बार उन्हें मौका नहीं दिया गया।

पार्टी ने उन्हें लोकसभा से पहले विधानसभा का चुनाव उनके गृह क्षेत्र निवास से लड़ाया था पर वे चुनाव हार गए। पार्टी ने इसे गंभीरता से लिया और नए नेतृत्व को आगे बढ़ाने का काम किया है। उल्लेखनीय है कि इसके पहले डा. सुमेर सिंह सोलंकी को राज्य सभा भेजकर आगे बढ़ाया गया था।