Mandsaur Information: 15 साल पहले हुई थी पत्नी की मौत, जिला अस्पताल में आए ‘आत्मा’ लेने
सोमवार को भी गांव चांगली से एक व्यक्ति जिला अस्पताल में 15 साल पहले पत्नी की मौत के बाद उसकी आत्मा लेने आया। उसने और स्वजन ने जिला अस्पताल के गेट के समीप पेड़ के नीचे तंत्र-मंत्र किया और चले गए।
By Paras Pandey
Edited By: Paras Pandey
Publish Date: Mon, 10 Jun 2024 10:44:27 PM (IST)
Up to date Date: Mon, 10 Jun 2024 10:44:27 PM (IST)

HighLights
- अंधविश्वास से जुड़ी घटनाएं बढ़ीं
- छह सालों में 15 से अधिक परिवार आ चुके हैं पूजा-पाठ करने
- जिला अस्पताल में सुशीलादेवी की मृत्यु हो गई थी
नईदुनिया प्रतिनिधि, मंदसौर। जिला अस्पताल में अंधविश्वास से जुड़ी घटनाएं बढ़ रही हैं। लोग यहां आकर पूजा-पाठ करते हैं और अस्पताल में मृत हुए स्वजन की आत्मा को ले जाने का दावा करते हैं। ये मामले 2018 के आसपास से बढ़ गए हैं और छह साल में लगभग 15 परिवार यहां पूजा-पाठ करने आ चुके हैं।
सोमवार को भी गांव चांगली से एक व्यक्ति जिला अस्पताल में 15 साल पहले पत्नी की मौत के बाद उसकी आत्मा लेने आया। उसने और स्वजन ने जिला अस्पताल के गेट के समीप पेड़ के नीचे तंत्र-मंत्र किया और चले गए। शांतिलाल अहीरवार ने बताया कि 2009 में पत्नी संगीता देवी का निधन हो गया था। सपने में पूर्वज बाउजी ने कहा कि उसकी आत्मा अस्पताल में ही है, उसे घर लेकर आओ।
अब जिला अस्पताल में विधि-विधान से पूजा पाठ कर ले जा रहे हैं। हालांकि इस दौरान अस्पताल प्रशासन ने उन्हें रोका भी नहीं। सिविल सर्जन डॉ. डीके शर्मा ने कहा कि इस तरह के घटनाक्रम रोकने के लिए सुरक्षा गार्डों को निर्देश दे रखे हैं।
पहले भी आते रहे हैं परिवार
10 मई 2018 को नीमच जिले के कुंडालिया गांव का बारेठ परिवार और 13 मई 2018 को चित्तौड़गढ़ का जायसवाल परिवार भी पूर्वज की आत्मा लेने के लिए आया था। -25 मई 2018 को भी पिपलिया कराड़िया का एक परिवार अस्पताल पहुंचा था। सत्यनारायण बागरी की पत्नी चंदाबाई की मृत्यु 2008 में जिला अस्पताल में हो गई थी। कुछ समय बाद सत्यनारायण ने ममता से दूसरी शादी कर ली थी।
इस परिवार का दावा था कि चंदाबाई ने किसी के शरीर में आकर कहा था कि मुझे जिला अस्पताल से घर लेकर आओ। सत्यनारायण बागरी दूसरी पत्नी ममता और अन्य स्वजन के साथ जिला अस्पताल पहुंचा। कुछ देर तंत्र-मंत्र किया और फिर चले गए।
23 जनवरी 2023 को चित्तौड़गढ़ (राजस्थान) का एक परिवार जिला अस्पताल पहुंचा और अस्पताल के बाहर परिसर में तंत्र-मंत्र किया और चला गया। इस परिवार के सदस्यों का कहना था हमारे परिवार की सुशीलादेवी की आत्मा अस्पताल में ही थी। हम उसकी आत्मा को लेने आए है। जिला अस्पताल में सुशीलादेवी की मृत्यु हो गई थी।

