DAVV Indore End result: बीबीए और बीसीए का पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद भी सेकंड ईयर की अंकसूची नहीं
डीएवीवी इंदौर रिजल्ट : प्रथम वर्ष की अंकसूची भी विद्यार्थियों को कालेज से वितरित करवा दी, लेकिन द्वितीय वर्ष की अंकसूची नहीं मिली है। जबकि इन विद्यार्थियों का अंतिम वर्ष पूरा हो चुका है। बीबीए-बीसीए वाले विद्यार्थियों का परिणाम निकल चुका है। मगर उनके पास दूसरे वर्ष की अंकसूची तक नहीं है। पूछने पर विश्वविद्यालय में अंकसूची की कमी बताई जा रही है।
By Prashant Pandey
Publish Date: Mon, 10 Jun 2024 02:51:52 PM (IST)
Up to date Date: Mon, 10 Jun 2024 02:56:01 PM (IST)
HighLights
- बीबीए-बीसीए के विद्यार्थी हो रहे परेशान, विश्वविद्यालय में लगाई गुहार।
DAVV Indore End result: नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। बीबीए-बीसीए पाठ्यक्रम पूरा कर चुके छात्र-छात्राएं इन दिनों परेशान हैं। अंतिम वर्ष का परिणाम आ चुका है। मगर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की तरफ से इन्हें द्वितीय वर्ष की अंकसूची अभी तक जारी नहीं हुई है। इस वजह से इनके सामने स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी है।
कॉलेजों में पूछने पर विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय में अधिकारियों से मिलने का कहा जाता है। ऐसे में छात्र-छात्राओं ने अधिकारियों को जल्द अंकसूची जारी करने की गुहार लगाई है, क्योंकि अगले कुछ दिनों में डायरेक्टोरेट ऑफ टेक्नीकल एजुकेशन (डीटीई) एमबीए-एमसीए के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू करेंगे।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अंतर्गत जिन विद्यार्थियों ने सत्र 2020-21 में स्नातक पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया था। जो च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) के तहत अंकों की बजाए विद्यार्थियों को क्रेडिट दिए जाते हैं। इसके चलते विश्वविद्यालय को इनके लिए अंकसूची का प्रारूप बदलना पड़ा है। ये बनकर तैयार हो चुका है।
प्रथम वर्ष की अंकसूची भी विद्यार्थियों को कालेज से वितरित करवा दी, लेकिन द्वितीय वर्ष की अंकसूची नहीं मिली है। जबकि इन विद्यार्थियों का अंतिम वर्ष पूरा हो चुका है। बीबीए-बीसीए वाले विद्यार्थियों का परिणाम निकल चुका है। मगर उनके पास दूसरे वर्ष की अंकसूची तक नहीं है। पूछने पर विश्वविद्यालय में अंकसूची की कमी बताई जा रही है।
इसके लिए एजेंसी को जल्द ही खाली अंकसूची भेजने के निर्देश दिए हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि बिना अंकसूची के डीटीई की काउंसिलिंग में हिस्सा नहीं ले सकेंगे, क्योंकि पंजीयन के बाद दस्तावेज अपलोड करना होते हैं।
अशासकीय निजी महाविद्यालय प्राचार्य संघ के अध्यक्ष डा. राजीव झालानी का कहना है कि विद्यार्थियों को अंकसूची दिए जाने को लेकर अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं है। वहीं विश्वविद्यालय के मुताबिक एजेंसी को एक लाख अंकसूची भेजने के निर्देश दिए हैं। उप कुसचिव प्रज्वल खरे का कहना है कि एजेंसी से अंकसूची मिलते ही विद्यार्थियों को जारी करेंगे। पूरी प्रक्रिया में दस से पंद्रह दिनों का समय लगेगा।

