Bhopal Information: ऐशबाग में आठ महीने में सिर्फ खड़े हुए पिलर के बीम, न जाने कब बनेगा एफओबी
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने दावा किया था कि आठ महीने में यह ब्रिज बनकर तैयार हो जाएगा, लेकिन यह ब्रिज नौ महीने में भी बन नहीं पाया। इसके चलते ऐशबाग से बनखेड़ी की ओर रोजाना आने-जाने वाले करीब 25 हजार से अधिक राहगीरों को डेढ़ किलोमीटर घूमकर आवाजाही करनी पड़ रही है।
By PANKAJ SHRIVASTAVA
Publish Date: Mon, 10 Jun 2024 08:15:55 AM (IST)
Up to date Date: Mon, 10 Jun 2024 01:51:49 PM (IST)

HighLights
- एफओबी के नहीं बनने से रोजाना 25 हजार से अधिक राहगीर होते परेशान
- डेढ़ किलोमीटर चक्कर घूम कर पहुंचते हैं बरखेड़ी
- रेलवे से नहीं मिल रहे सहयोग के कारण अटका काम
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। ऐशबाग फुटओवर ब्रिज (एफओबी) प्रोजेक्ट का काम पिछले नौ महीने से ठंडे बस्ते में है । इस एफओबी का निर्माण तीन करोड़ की लागत से किया जाना था। पिछले साल सितंबर माह में इस एफओबी का काम बड़े जोर-शोर से शुरू किया गया था। तब लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने दावा किया था कि आठ महीने में यह ब्रिज बनकर तैयार हो जाएगा, लेकिन यह ब्रिज नौ महीने में भी बन नहीं पाया। इसके चलते ऐशबाग से बनखेड़ी की ओर रोजाना आने-जाने वाले करीब 25 हजार से अधिक राहगीरों को डेढ़ किलोमीटर घूमकर आवाजाही करनी पड़ रही है।
स्थानीय रहवासियों का कहना है कि जब से बरखेड़ी रेलवे फाटक बंद हुआ है, तब से राहगीर परेशान हैं । आपको जानकर हैरत होगी कि पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने बीते नौ महीने में एफओबी निर्माण के लिए रेलवे क्रासिंग के दोनों तरफ चार-चार पिलर के बीम भर खड़े किए हैं।
रेलवे से नहीं मिल रहे सहयोग के कारण अटका काम
रेलवे क्रासिंग पर बनाए जाने वाले एफओबी का निर्माण रेलवे के नहीं मिल रहे सहयोग की वजह से लंबे समय से अटका हुआ है। पीडब्ल्यूडी के जिम्मेदार अधिकारी बताते हैं कि ट्रेनों की आवाजाही जब इस रूट पर बंद होगी, तब ही एफओबी का काम हो पाएगा। एफओबी का स्ट्रक्चर तैयार है । उस सिर्फ फिट करना है । चूंकि रेलवे पटरी पर ट्रेनों की आवाजाही जारी है। इस कारण यह काम नहीं हो पा रहा, जैसे ही रूट क्लियर मिलेगा, तुरंत एफओबी के स्ट्रक्चर को फिट कर दिया जाएगा।
जान जोखिम में डालकर निकल रहे राहगीर
ऐशबाग से बरखेड़ी की तरफ जाने वाले राहगीर रोजाना अपनी जान को जोखिम में डालकर पटरी क्रास करते हैं। दरअसल जिस स्थान पर ब्रिज बनाया जाना है। उधर रेलवे द्वारा दीवार पटरी के दोनों तरफ दीवार बनाई गई थी, ताकि कोई निकल ना सके। चूंकि वहां एफओबी का काम शुरू हुआ तो प्रोजेक्ट स्थल पर बनाई दीवार को तोड़ दिया गया। इसके चलते अधिकांश राहगीर लंबा चक्कर लगाने से बचने के लिए उक्त स्थल से अपनी जान को जोखिम में डालकर पटरी पार करते हैं। इससे यहां हमेशा हादसे की आशंका बनी रहती है।
फैक्ट फाइल
2023 को शुरू हुआ था प्रोजेक्ट पर काम
03 करोड़ की लागत से बनाया जाना है एफओबी
08 महीने रखी गई थी प्रोजेक्ट की समय सीमा
17.0 लंबी और 1.80 मीटर सीढ़ियों की चौड़ाई
10 फीट एफओबी की चौड़ाई
60 मीटर एफओबी की लंबाई
36.20 मीटर और 30 मीटर पुल के डेक स्लैब की लंबाई
इनका कहना है
एफओबी का स्ट्रक्चर बनकर तैयार है। जैसे ही रेलवे रूट क्लियर करके देगा। एफओबी के स्ट्रक्चर को फिट कर दिया जाएगा। सिविल वर्क के तहत पिलर के बीम खड़े किए जा चुके हैं।
रवि शुक्ला, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी भोपाल

