PM Modi Swearing-in Ceremony: ये हैं भारत में प्रधानमंत्री की शक्तियां और उनके अधिकार
भारत में प्रधानमंत्री को कई अधिकार और शक्तियां मिले हैं, जिनकी मदद से वह शासन करते है।
By Yogendra Sharma
Edited By: Yogendra Sharma
Publish Date: Wed, 29 Might 2019 07:46:18 PM (IST)
Up to date Date: Solar, 09 Jun 2024 10:53:29 AM (IST)
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इलेक्शन डेस्क, इंदौर (PM Modi Swearing-in Ceremony)। भारत में प्रधानमंत्री का चयन सत्ता पक्ष के सांसदों द्वारा किया जाता है। जिस पार्टी या गठबंधन का बहुमत लोकसभा में होता है, उसका नेता देश का प्रधानमंत्री होता है। प्रधानमंत्री मंत्री परिषद का नेता होता है। दुनिया के इस सबसे बड़े लोकतंत्र में राष्ट्रपति सिर्फ नाममात्र का शासक होता है। सभी प्रमुख कार्यकारी शक्तियां प्रधानमंत्री के पास होती हैं। यानी राष्ट्रपति राष्ट्र का प्रमुख होता है, जबकि प्रधानमंत्री सरकार का प्रमुख होता है। आइए अब जानते हैं प्रधानमंत्री के कामकाज और उनको मिली शक्तियों के बारे में।
प्रधानमंत्री इन मामलों में राष्ट्रपति को देते हैं सलाह
प्रधानमंत्री शपथ लेने के साथ मंत्री नियुक्त करने हेतु अपने दल के सदस्यों के नाम राष्ट्रपति के पास भेजता है। राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की सलाह पर मंत्रियों की नियुक्ति करता है। मंत्रियों के विभागों का आवंटन और उनमें फेरबदल प्रधानमंत्री करता है। पीएम किसी मंत्री को त्यागपत्र देने या उसे बर्खास्त करने की सलाह राष्ट्रपति को दे सकता है।
वह सभी मंत्रियों की गतिविधियों को नियंत्रित और निर्देशित भी करता है। प्रधानमंत्री अपने पद से त्यागपत्र देकर पूरे मंत्रिमंडल को बर्खास्त करने की सलाह भी राष्ट्रपति को दे सकता है। अर्थात वह राष्ट्रपति को लोकसभा भंग कर नये सिरे से चुनाव करवाने की सलाह भी दे सकता है।
नियुक्तियों के संबंध में प्रधानमंत्री के अधिकार
राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री की सलाह पर भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक, भारत के महान्यायवादी, भारत के महाधिवक्ता, संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष एवं उसके सदस्य, चुनाव आयुक्तों, वित्त आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति करते है।
संसद के संबंध में प्रधानमंत्री के अधिकार
प्रधानमंत्री निचले सदन का नेता होता है और संसद के संबंध में भी उसके पास कुछ विशेष अधिकार होते हैं। प्रधानमंत्री राष्ट्रपति को संसद का सत्र बुलाने और उसका सत्रवसान करने का परामर्श देता है। पीएम लोक सभा को किसी भी समय भंग करने की सलाह राष्ट्रपति को दे सकता है। वह सभा पटल पर सरकार की नीतियों की घोषणा करता है।
प्रधानमंत्री की अन्य प्रमुख शक्तियां
प्रधानमंत्री राष्ट्र की विदेश नीति को अमलीजामा पहनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पीएम केंद्र सरकार का मुख्य प्रवक्ता होता है। सत्ताधारी दल का नेता होने के साथ योजना आयोग, राष्ट्रीय विकास परिषद, राष्ट्रीय एकता परिषद, अंतर्राज्यी य परिषद और राष्ट्रीय जल संसाधन परिषद का अध्यक्ष होता है। आपातकाल के दौरान राजनीतिक स्तर पर आपदा प्रबंधन का मुखिया होता है। साथ ही तीनों सेनाओं का राजनीतिक प्रमुख भी वही होता है।
प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के संबंध
प्रधानमंत्री सरकार और देश-विदेश में चल रही गतिविधियों की जानकारी राष्ट्रपति को देता है। पीएम मंत्रीपरिषद् के सभी कार्यों की रिपोर्ट राष्ट्रपति को सौंपता है। देश में आपातकाल या इस तरह के किसी अन्य मामले की पूरी जानकारी राष्ट्रपति को देता है।
संविधान के अनुच्छेद 74 के अनुसार राष्ट्रपति को सहायता एवं सलाह देने के लिए एक मंत्रिपरिषद होगी जिसका प्रमुख प्रधानमंत्री होगा। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री की सलाह के मुताबिक कार्य करेगा हालांकि राष्ट्रपति मंत्रिपरिषद से उसकी सलाह पर पुनर्विचार करने के लिए कह सकता है और राष्ट्रपति इस पुनर्विचार के बाद दी गयी सलाह पर कार्य करने के लिए बाध्य होगा।





















