Cupboard Formation Guidelines: जानें केंद्र में अधिकतम कितने हो सकते हैं मंत्री, मंत्रिमंडल के गठन को लेकर क्या है नियम, संविधान में कहां है प्रावधान
लोकसभा के कुल सदस्यों में से 15 प्रतिशत सांसदों को मंत्री बनाया जाता है। इनमें से कैबिनेट, राज्य और स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री बनाए जाते हैं।
By Bharat Mandhanya
Publish Date: Solar, 09 Jun 2024 11:36:57 AM (IST)
Up to date Date: Solar, 09 Jun 2024 11:36:57 AM (IST)

HighLights
- कुल सदस्यों में से 15 प्रतिशत बन सकते हैं मंत्री
- कैबिनेट, राज्य और स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री बनाए जाते हैं
- संविधान के 91 वें संशोधन अधिनियम में है नियम
Cupboard Formation Guidelines डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी आज प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे शाम 7:15 बजे राष्ट्रपति भवन में शपथ ग्रहण समारोह होना है। इसके साथ ही मंत्रिमंडल गठन को लेकर भी अटकलें का दौर शुरू हो गया है। पीएम मोदी के साथ मंत्रिपरिषद के सदस्य भी शपथ लेंगे। यहां आपको बताते हैं लोकसभा के सदस्यों में से अधिकतम कितनों को मंत्री बनाया जा सकता है और किन्हें कैबिनेट, राज्य मंत्री अथवा स्वतंत्र प्रभार के साथ राज्य मंत्री बनाया जाता है।
संविधान में है ये नियम
केंद्र में मंत्रियों की संख्या का निर्धारण कुल लोकसभा सीटों की संख्या को देखते हुए किया जाता है। संविधान के 91 वें संशोधन अधिनियम के तहत प्रधानमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या कुल सांसदों के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। लोकसभा में 543 सदस्य है, यानी कैबिनेट में 81-82 सांसदों को मंत्री बनाया जा सकता है। जबकि न्यूनतम 12 सांसदों को मंत्री बनाया जा सकता है।
संविधान में है ये प्रावधान
संविधान के अनुच्छेद 74] 75 और 77 में केंद्रीय मंत्रिमंडल के गठन का प्रावधान किया गया है। अनुच्छेद 74 के अनुसार प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति मंत्रिमंडल का गठन करते हैं। मंत्रिपरिषद का सर्वोच्च पद प्रधानमंत्री के पास होता है। प्रधानमंत्री को सलाह देने के लिए मंत्रिमंडल का गठन किया जाता है।
तीन तरह के होते हैं मंत्री
केंद्र में तीन तरह के मंत्री बनाए जाते हैं। जिसमें कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री और स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री शामिल होते हैं।
कैबिनेट मंत्री
कैबिनेट मंत्रियों के पास महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी होती है। यह मंत्री कैबिनेट बैठक में शामिल होते हैं। साथ ही प्रधानमंत्री को सीधे रिपोर्ट करते हैं। कैबिनेट मंत्रियों के पास एक से अधिक विभाग भी हो सकते हैं।
राज्य मंत्री
कैबिनेट मंत्रियों की सहायता के लिए राज्य मंत्री मनाया जाता है। यह मंत्रालय में कैबिनेट मंत्री के जूनियर के तौर पर कार्य करते हैं और प्रधानमंत्री के बजाए कैबिनेट मंत्री को रिपोर्ट करते हैं। राज्य मंत्री कैबिनेट बैठक में शामिल नहीं होता
स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री
ऐसे विभाग जिन पर काम की जिम्मेदारियां होती है। यहां स्वतंत्र प्रभार के राज्य मंत्रियों की नियुक्ति की जाती है। यह मंत्री भी सीधे प्रधानमंत्री को रिपोर्ट करते हैं, लेकिन कैबिनेट बैठक में शामिल नहीं होते।
देश में हैं इतने मंत्रालय
- कृषि एवं किसान कल्याण
- पशुपालन, डेयरी और मत्स्यपालन
- आयुष
- रसायन एवं उर्वरक
- नागरिक उड्डयन
- कोयला
- वाणिज्य और उद्योग
- संचार
- उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण
- निगमित मामलों
- संस्कृति
- रक्षा
- पूर्वोत्तर क्षेत्र का विकास
- पृथ्वी विज्ञान
- शिक्षा
- इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी
- पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन
- विदेशी मामले
- वित्त
- खाद्य प्रसंस्करण उद्योग
- स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण
- भारी उद्योग
- गृह मंत्रालय
- आवास एवं शहरी मामले
- सूचना एवं प्रसारण
- जल शक्ति
- श्रम एवं रोजगार
- कानून और न्याय
- सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम
- खान
- अल्पसंख्यक मामले
- नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा
- पंचायती राज
- संसदीय मामले
- कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन
- पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस
- योजना
- बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग
- शक्ति
- प्रधान मंत्री कार्यालय
- ग्रामीण विकास
- सड़क परिवहन और राजमार्ग
- रेलवे
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी
- कौशल विकास और उद्यमिता
- सामाजिक न्याय और अधिकारिता/
- सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन
- इस्पात
- वस्त्र
- पर्यटन
- जनजातीय मामले
- महिला बाल विकास
- युवा मामले और खेल

