Casting sofa was tried with Shilpa Shinde | शिल्पा शिंदे के साथ हुई थी कास्टिंग काउच की कोशिश: बोलीं- काम मांगने पर प्रोड्यूसर पूछते थे- हीरोइन बनने के लिए क्या-क्या कर सकती हो?

15 घंटे पहलेलेखक: किरण जैन

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‘मेरे साथ कंट्रोवर्सी हमेशा जुड़ी रहती है। ‘बिग बॉस’ के मेकर्स ने भी यही सोचा था कि मेरी कंट्रोवर्शियल पर्सनालिटी उनके लिए फायदेमंद साबित होगी। उन्हें ज्यादा से ज्यादा कंटेंट मिलेगा। हालांकि, रियल लाइफ में मैं झगड़ालू नहीं बल्कि मैच्योर और सुलझी हुई हूं।

जीवन में मैंने कई उतार-चढ़ाव का सामना किया है। करियर के शुरुआत में, टैलेंटेड होने के बावजूद, प्रोड्यूसर गलत चीजों की डिमांड करते थे। फिर सही होने के बावजूद, कई एसोसिएशन ने मुझे बॉयकॉट कर दिया था। यहां तक कि घरवालों के सामने भी अपनी बात रखना मुश्किल हो जाता था। लोगों को लगता है कि मैं जानबूझकर नाटक करती हूं। मुझ पर टैंट्रम क्वीन जैसे टैग भी लगे।’

ये कहना है एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे का, जो इस साल ‘खतरों के खिलाड़ी 14’ में बतौर कंटेस्टेंट नजर आ रही हैं। इससे पहले वो ‘बिग बॉस 11’, ‘भाबी जी घर पर हैं’, ‘मायका’, ‘चिड़ियाघर’ जैसे कई शोज कर चुकी हैं।

'बिग बॉस 11' की विजेता रह चुकी शिल्पा शिंदे टेलीविजन की लोकप्रिय अभिनेत्रियों में से एक हैं।

‘बिग बॉस 11’ की विजेता रह चुकी शिल्पा शिंदे टेलीविजन की लोकप्रिय अभिनेत्रियों में से एक हैं।

मेरे दोस्त भी कहते हैं कि तू नाटक करती है

दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में शिल्पा शिंदे कहती हैं, ‘मेरे साथ कंट्रोवर्सी हमेशा जुड़ी रहती है। जब मैंने अपना पहला शो ‘आम्रपाली’ किया था। उस वक्त भी मैंने 25 एपिसोड शूट किए और फिर कुछ निजी वजह से बीच में उसे छोड़ना पड़ा था। दुर्भाग्यवश, शो को बीच में छोड़ने का सिलसिला मेरे पिछले शो ‘झलक दिखला जा’ तक चलता रहा। इस बार मैंने ठान ली है कि ‘खतरों के खिलाड़ी’ को बीच में नहीं छोडूंगी। यकीन मानिए, मैं जानबूझकर ऐसा नहीं करती हूं। इंडस्ट्री वाले ही नहीं बल्कि मेरे दोस्त भी कहते हैं कि तू नाटक करती है। ‘झलक…’ के वक्त, मैं वाकई में बीमार थी। मुझे तेज बुखार था और इसीलिए शो को बीच में छोड़ा था।’

शिल्पा शिंदे साउथ की फिल्मों के लिए भी खूब लोकप्रिय रही हैं।

शिल्पा शिंदे साउथ की फिल्मों के लिए भी खूब लोकप्रिय रही हैं।

फैमिली वालों से भी कभी-कभार मनमुटाव हो जाता है

एक्ट्रेस आगे कहती हैं, ‘मेरी फैमिली वालों से भी कभी-कभार मनमुटाव हो जाता है। जहां बाहर की दुनिया आपको गलत ठहराती है, वहीं घरवाले भी आप पर डाउट करना शुरू कर देते है। वे कहते हैं कि तुम्हारे साथ ही ऐसा क्यों होता है? तुम ही गलत हो। उनका कहना है कि वह लोग बाहर वालों को क्या जवाब देंगे? हालांकि, मैं काफी मैच्योर तरीके से सिचुएशन को हैंडल करना सीख गई हूं।’

मां को मीटिंग के लिए ले जाती थी

शिल्पा ने अपने करियर की शुरुआत साउथ सिनेमा से की थी। शुरूआती दौर में, एक्ट्रेस के साथ कास्टिंग काउच की भी कोशिश हुई। इस बारे में वह कहती हैं, ‘मुझे याद है, मैं अपनी मां को मीटिंग के लिए ले जाती थी। मुझे एहसास हुआ कि मां को साथ ले जाने पर सिर्फ ऑफिस के चक्कर लग रहे थे। लोग मुझसे बात करने से कतराते थे। मैं समझ गई कि ये लोग क्यों बात नहीं कर रहे थे।

1999 में शिल्पा शिंदे ने डेब्यू किया था। उन्होंने कभी आए न जुदाई, संजीवनी, मेहर जैसे कई शोज में काम किया।

1999 में शिल्पा शिंदे ने डेब्यू किया था। उन्होंने कभी आए न जुदाई, संजीवनी, मेहर जैसे कई शोज में काम किया।

प्रोड्यूसर पूछते – हीरोइन बनने के लिए आप क्या कर सकती हो?

फिर मैंने अपनी मां को मीटिंग में न ले जाने का फैसला किया। मैं यह देखना चाहती थी कि प्रोड्यूसर क्या कहते हैं। जब गई तो उन्होंने कहा- ‘अरे आपकी मां के सामने ज्यादा बात नहीं कर सकता था, इसलिए इधर-उधर की बात करता था। बताओ, हीरोइन बनने के लिए आप क्या कर सकती हो? बदले में क्या दे सकती हो?’ जवाब में मैंने उन्हें आश्वासन दिया कि मैं मेहनत करूंगी, रिहर्सल, स्क्रिप्ट रीडिंग वगैरह सब करूंगी। कम पैसों में काम करने के लिए भी तैयार हूं। इससे ज्यादा कुछ नहीं कर सकती हूं। पलटवार में उन्होंने टॉपिक बदला और घुमाकर गलत बात कहीं। उन्होंने कहा- यह आम बात है, सभी लोग करते है। मैंने कहा कि जो भी करता है, आप उन्हीं के साथ काम करिए। जवाब में उन्होंने कहा- आप जाओ इंडस्ट्री में धक्का खाओ, ऐसे काम नहीं मिलेगा। मैंने अपने ऊपर भरोसा किया और आगे बढ़ी।’

शिल्पा शिंदे को 'भाबी जी घर पर हैं' ने खूब शोहरत दी।

शिल्पा शिंदे को ‘भाबी जी घर पर हैं’ ने खूब शोहरत दी।

टीवी सीरियल ‘भाबी जी घर पर हैं’ में अंगूरी भाभी के रोल से लोकप्रियता पाने वालीं शिल्पा शिंदे ने प्रोड्यूसर बेनाफर कोहली से मतभेदों के चलते शो छोड़ दिया था। हालांकि, शिल्पा की मानें तो यह शो उनके लिए हमेशा स्पेशल रहेगा। उन्होंने कहा, ‘भाबी जी… ने मुझे बहुत कुछ दिया है। सच कहूं तो मेरे लिए इस शो का अंत कभी हुआ ही नहीं था और न कभी होगा। आज भी लोग मुझे अंगूरी भाभी कहकर पुकारते है। जैसे करीना कपूर खान ने कई फिल्में की लेकिन ‘जब वी मेट’ स्पेशल है, शाहरुख खान की ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’, अक्षय कुमार की ‘खिलाड़ी’, वैसे ही शिल्पा शिंदे के लिए ‘भाबीजी…’ स्पेशल रहेंगी।’

आज भी उन्हें ‘सही पकड़े हैं’ डायलॉग को मशहूर करने के लिए जाना जाता है।

आज भी उन्हें ‘सही पकड़े हैं’ डायलॉग को मशहूर करने के लिए जाना जाता है।

जब शिल्पा को CINTAA ने 2 सालों के लिए बैन किया

साल 2016 में शिल्पा पर आरोप लगाया गया था कि वो अनप्रोफेशनल हैं। मेकर्स से कोऑर्डिनेट नहीं करती हैं। ये आरोप लगने के बाद शिल्पा को CINTAA (सिने एंड टीवी आर्टिस्ट एसोसिएशन) ने 2 सालों के लिए बैन कर दिया था, जिसके चलते उन्हें दो साल तक कोई काम नहीं मिला था। शिल्पा की मानें तो उस वक्त वे बहुत निराशा हुई थी।

उन्होंने कहा, ‘एक वक्त ऐसा आया जब कई सारे एसोसिएशन खिलाफ हो गए थे। कुछ लोगों को सच्चाई पता नहीं होती है। वे लोग एकतरफा बात सुनकर उस पर रिएक्ट कर देते हैं। उस वक्त मुझे बहुत निराशा हुई थी। लेकिन मैंने इस सिचुएशन को मैच्योरिटी से संभाला। झुंड में चलने की बजाए, अकेले चलने का फैसला लिया। मेरे केस में मैंने कुछ गलत नहीं किया था। इसके बावजूद मुझ पर टैंट्रम क्वीन के टैग लगे थे। ‘बिग बॉस’ के मेकर्स ने भी यही सोचा था कि मेरी कंट्रोवर्शियल पर्सनालिटी उनके लिए फायदेमंद साबित होगी। उन्हें ज्यादा से ज्यादा कंटेंट मिलेगा। हालांकि, ऑडियंस ने मेरा रियल स्वभाव देखा। उनके प्यार की वजह से ही मैं उस शो की विनर बनी थी। यह मेरे लिए गर्व की बात है।’

गोविंदा के मेकअप आर्टिस्ट का जताया आभार

बातचीत के दौरान, शिल्पा शिंदे ने एक्टर गोविंदा के मेकअप आर्टिस्ट को आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ‘1998 में गोविंदा के मेकअप आर्टिस्ट रमेश दादा ने मेरा एक फोटोशूट किया था। उस वक्त हैदराबाद में कई फिल्में शूट हुआ करती थीं। रमेश दादा ने ही मुझे साउथ फिल्म के एक ऑफर के बारे में बताया था। साउथ के प्रोडूयसर दसरी नारायण राव अपने बेटे को लॉन्च कर रहे थे। मुझे वह फिल्म मिल गई और उसके बाद कभी पीछे मुड़कर देखने की जरुरत नहीं पड़ी। मैं दादा की हमेशा आभार रहूंगी।’

शिल्पा शिंदे के पिता हाई कोर्ट में जज थे, उन्होंने पीएचडी की हुई थी। वो हमेशा चाहते थे कि शिल्पा लॉ की डिग्री करें।

शिल्पा शिंदे के पिता हाई कोर्ट में जज थे, उन्होंने पीएचडी की हुई थी। वो हमेशा चाहते थे कि शिल्पा लॉ की डिग्री करें।

पिता के निधन से गहरा सदमा लगा था

बता दें, शिल्पा के पिता पेशे से वकील थे। शुरूआत में वह शिल्पा के एक्टर बनने के फैसले से खुश नहीं थे। खुद को प्रूफ करने के लिए, उन्होंने शिल्पा को डेढ़ साल की मोहलत दी थी। एक्ट्रेस ने कम समय में ही खुद को साबित कर दिया था। 2013 में उनके पिता का निधन हो गया था। बातों-ही-बातों में शिल्पा ने बताया कि वह अपने पिता के बहुत करीब थीं। पिता के निधन से उन्हें गहरा सदमा लगा था। वह उनके लाइफ का बुरा फेज था।

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