बेलगहना चौकी क्षेत्र के टेंगनमाड़ा करवा निवासी धनंजय कुमार साहू किसान हैं। उन्होंने आइजी कार्यालय में लिखित शिकायत की है। किसान ने अपनी शिकायत में बताया कि वे अपने मकान में बाउंड्रीवाल बनाने के लिए स्वयं के ट्रैक्टर से रेत लेकर जा रहे थे।
By sarfraj memon
Publish Date: Fri, 07 Jun 2024 01:47:36 AM (IST)
Up to date Date: Fri, 07 Jun 2024 01:47:36 AM (IST)
नईदुनिया न्यूज,बिलासपुर। बेलगहना क्षेत्र में नदी से रेत लेकर जा रहे किसान के ट्रैक्टर को आरक्षक ने रोक लिया। उसने ट्रैक्टर को चौकी में ले जाकर खड़ा कर दिया। इसके बाद उसने किसान से 50 हजार रुपये की मांग की। किसान ने पूरे मामले की शिकायत आइजी से की। इस पर एसपी ने आरक्षक को लाइन अटैच कर दिया है।
बेलगहना चौकी क्षेत्र के टेंगनमाड़ा करवा निवासी धनंजय कुमार साहू किसान हैं। उन्होंने आइजी कार्यालय में लिखित शिकायत की है। किसान ने अपनी शिकायत में बताया कि वे अपने मकान में बाउंड्रीवाल बनाने के लिए स्वयं के ट्रैक्टर से रेत लेकर जा रहे थे।
बिटकुली चौक के पास बेलगहना चौकी में पदस्थ आरक्षक सत्येंद्र सिंह ने ट्रैक्टर रोक लिया। उसने ट्रैक्टर छोड़ने के लिए 50 हजार मांगे। रुपये नहीं मिलने पर आरक्षक ने किसान से गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। इसके बाद उसने ट्रैक्टर चौकी में खड़े करा दिया। उसने झूठा मामला बनाकर 40 हजार रुपये और मामले को माइनिंग में नहीं भेजने के लिए 10 हजार की मांग की। किसान ने आरोप लगाया कि आरक्षक क्षेत्र में गुंडागर्दी करते हुए लोगों को परेशान कर रहा है। शिकायत के आधार पर आरक्षक को लाइन अटैच कर दिया गया है।
बार-बार होती रही पोस्टिंग
आरक्षक सत्येंद्र सिंह की पोस्टिंग बार-बार बेलगहना चौकी क्षेत्र में होती रही है। इससे पहले भी उसे बेलगहना चौकी से शिकायत पर हटाया गया था। इसके कुछ ही दिनों बाद उसने अपनी पोस्टिंग वहां करा ली। आरोप है कि आरक्षक पेट्रोलिंग की गाड़ी में घूमकर लोगों से अवैध वसूली करता है। अब तक उसकी चार बार बेलगहना चौकी में पोस्टिंग हो चुकी है।
ट्रैक्टर में हो रहा परिवहन, खनिज विभाग को परवाह नहीं
इस घटना ने यह साबित कर दिया कि बेधड़क ट्रैक्टर-ट्राली में रेत का परिवहन किया जा रहा है। इसकी जानकारी पुलिस और खनिज विभाग को होने के बाद भी इस पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। शहर में भी बेखौफ अंदाज में ट्रैक्टर में रेत समेत अन्य बिल्डिंग मटेरियल की सप्लाई हो रही है। खनिज विभाग के द्वारा इन वाहन चालकों और वाहन मालिकों पर कार्रवाई नहीं करने की वजह से इसका फायदा पुलिस के कुछ स्टाफ उठाते हैं। सूत्रों की माने तो खनिज विभाग के संरक्षण में ही यह सब काम होता है।





