क्या होगी INDIA गठबंधन की रणनीति, अखिलेश यादव ने किया क्लियर, दिल्ली हुए रवाना

Akhilesh Yadav: आइएनडीआइए गठबंधन की बैठक में शामिल होने के लिए अखिलेश यादव दिल्ली रवाना हुए। एयरपोर्ट पर उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि पीडीए की रणनीति और इंडी गठबंधन का साथ जनता ने दिया है।

By Kushagra Valuskar

Publish Date: Wed, 05 Jun 2024 04:01:31 PM (IST)

Up to date Date: Wed, 05 Jun 2024 04:18:31 PM (IST)

सपा प्रमुख अखिलेश यादव (फाइल फोटो)

डिजिटल डेस्क, कन्नौज। Akhilesh Yadav: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां पार्टी नेताओं के साथ जिला निर्वाचन अधिकारी को जीत का प्रमाण लिया। इसके बाद वह पार्टी दफ्तर पहुंचे। यहां उन्होंने कहा कि उन्हें दिल्ली रवाना होना है। उनके पहुंचने पर ही आइएनडीआइए गठबंधन की सरकार बनेगी।

अखिलेश यादव दिल्ली के लिए रवाना हुए

कन्नौज से लोकसभा चुनाव जीतने के बाद आइएनडीआइए गठबंधन की बैठक में शामिल होने के लिए अखिलेश यादव दिल्ली रवाना हुए। एयरपोर्ट पर उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि पीडीए की रणनीति और इंडी गठबंधन का साथ जनता ने दिया है। आगे की रणनीति के लिए जा रहे हैं। बता दें कन्नौज लोकसभा सीट से अखिलेश यादव ने बीजेपी सांसद सुब्रत पाठक को हराया।

#WATCH | Samajwadi Celebration chief Akhilesh Yadav leaves from Lucknow for Delhi to attend INDIA alliance assembly

He says, “The general public has supported PDA’s technique and INDIA alliance. We’re going (to the assembly) to formulate a method…” pic.twitter.com/QGaFP2WsIH

— ANI (@ANI) June 5, 2024

अखिलेश यादव ने लिया प्रमाणपत्र

बुधवार को दोपहर करीब 12 बजे सपा प्रमुख अखिलेश यादव कलेक्ट्रेट पहुंचे। उनका साथ पार्टी जिलाध्यक्ष कलीम खान, पूर्व विधायक कलियान सिंह दोहरे और पूर्व विधायक ताहिर हुसैन सिद्दीकी समेत कई नेता पहुंचे थे। जिला निर्वाचन अधिकारी शुभ्रान्त शुक्ला ने अखिलेश को प्रमाण पत्र दिया और उन्हें बधाई दी। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री पार्टी कार्यालय पहुंचे। जहां समर्थकों ने उनका स्वागत किया।

इंडी गठबंधन बेहतर होगा- प्रियांक खरगे

कर्नाटक कांग्रेस नेता प्रियांक खरगे ने कहा कि अगर हमें 25 से 30 सीटें और मिलती है तो इंडी गठबंधन के लिए बेहतर होगा। बिहार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और टीडीपी से बातचीत पर खरगे ने कहा, ‘जो भी है उसपर हमारे वरिष्ठ नेता तय करेंगे।’

Rajnandgaon Seat Consequence 2024: राजनांदगांव फिर खिला कमल, मोदी के नाम पर संतोष पांडेय की नैय्या पार

Rajnandgaon Lok Sabha Election Consequence 2024: राजनांदगांव लोकसभा सीट से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 57,000 मतों के गढ्ढे को नहीं पाट पाए। इस कारण उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा।

By Nai Dunia Information Community

Edited By: Nai Dunia Information Community

Publish Date: Wed, 05 Jun 2024 03:08:42 PM (IST)

Up to date Date: Wed, 05 Jun 2024 03:08:41 PM (IST)

Rajnandgaon Seat Result 2024: राजनांदगांव फिर खिला कमल, मोदी के नाम पर संतोष पांडेय की नैय्या पार

Rajnandgaon Lok Sabha Election Consequence 2024: नईदुनिया प्रतिनिधि, राजनांदगांव। छत्‍तीसगढ़ के राजनांदगांव लोकसभा सीट से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 57,000 मतों के गढ्ढे को नहीं पाट पाए। इस कारण उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा। वहीं दूसरी ओर संतोष पांडेय मोदी के नाम से पूरे चुनाव में कार्यकर्ताओं तक पहुंचे और चुनाव जीत गए।

भूपेश बघेल को लेकर राजनांदगांव के कार्यकर्ताओं के बीच इतना असंतोष था कि उनके द्वारा कार्यकर्ता सम्मेलन में ही अपना गुस्सा जाहिर कर दिया गया था। उसके बाद से जो माहौल बिगड़ा वह नहीं संभला। भूपेश बघेल का पिछले पांच साल मुख्यमंत्री का कार्यकाल भी इस लोकसभा चुनाव में उन्हें भारी पड़ गया। कार्यकर्ताओं का सीधा आरोप था कि पांच वर्षों तक उनकी उपेक्षा की गई। अब किस मुंह से वह उनके लिए काम करेंगे।

वहीं, भूपेश बघेल ने कवर्धा, पंडरिया जैसी विधानसभाओं से जीत हासिल की है। संतोष पांडेय के कार्यकर्ताओं का गुस्सा कम नहीं था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खैरागढ़ में आकर कार्यकर्ताओं से बात की, तब जाकर संतोष पांडेय की स्थिति मजबूत हो पाई है। इसके अलावा आदित्यनाथ की सभा ने भी स्थिति को ठीक करने में काफी हद तक दिया। वहीं, दूसरी और भूपेश बघेल के लिए प्रियंका गांधी द्वारा खैरागढ़ में प्रचार करने के बाद भी भूपेश बघेल हार गए।

संतोष की जीत के कारण

– सिर्फ और सिर्फ मोदी का नाम चला।

– भूपेश के खिलाफ कांग्रेस में गुटबाजी।

– पार्टी केंद्रीय नेतृत्व द्वारा मोर्चा संभालना।

भूपेश की हार के कारण

– कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की अपेक्षा l

– कार्यालयों को अन्य जगह ले जाना।

– मुख्यमंत्री रहते राजनांदगांव की उपेक्षा।

बगावत करने वाले भारतीय क्रिकेटर को स्टेट बोर्ड ने दिया NOC, अब दूसरी टीम से खेलेगा

नई दिल्ली. ‘मैं दो महीने से एनओसी मांग रहा था. इसके लिए मैंने 4 बार उन्हें मेल किया, लेकिन उन्होंने एनओसी नहीं दी. लेकिन अब जाकर चीजें बदल गई हैं. उन्होंने मुझे एनओसी दे दी है.’ भारत के टेस्ट क्रिकेटर हनुमा विहारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह जानकारी दी है. हनुमा विहारी भारत के लिए 16 टेस्ट मैच खेल चुके हैं.

हनुमा विहारी का पिछले साल रणजी सीजन शुरू होते ही आंध्र प्रदेश क्रिकेट बोर्ड से विवाद हो गया था. इस विवाद के बाद उन्होंने अपनी स्टेट टीम आंध्र प्रदेश की कप्तानी से इस्तीफा दे दिया था. तब उन्होंने कप्तानी छोड़ने का कारण व्यक्तिगत बताया था. हनुमा विहारी इसके बाद पूरे सीजन अपनी टीम के लिए खेलते रहे. रणजी सीजन खत्म होते ही हनुमा विहारी ने खुलासा किया कि एक राजनेता के हस्तक्षेप के चलते उन्हें कप्तानी छोड़नी पड़ी थी.

हनुमा विहारी के इस खुलासे के बाद स्टेट बोर्ड से उनकी ठन गई. आरोप-प्रत्यारोप के बाद हनुमा विहारी ने साफ कह दिया कि वे अब आंध्र प्रदेश की टीम से आगे नहीं खेलेंगे. उन्होंने अपने स्टेट बोर्ड से एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टीफिकेट) मांगा. लंबे इंतजार के बाद अब उन्हें एनओसी मिल गई है.

FIRST PUBLISHED : June 5, 2024, 13:16 IST

When Randhir Kapoor referred to as himself a nasty father, praised daughter karishma kapoor and kareena kapoor | जब रणधीर कपूर ने बताया था खुद को खराब पिता: कहा-‘बेटियों के करियर में मैंने कोई मदद नहीं की, नहीं सोचा था कि दोनों इतनी बड़ी स्टार बनेंगी’

3 मिनट पहले

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वेटरन एक्टर रणधीर कपूर लंबे समय से फिल्मों से दूर हैं लेकिन अपनी बेटियों करिश्मा कपूर, करीना कपूर के करियर से बेहद खुश हैं। एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने करिश्मा और करीना के फिल्मी करियर पर बात की थी। उन्होंने कहा था कि बेटियों के करियर में उन्होंने कोई योगदान नहीं दिया था और वो एक खराब पिता हैं।

77 साल के हो चुके रणधीर कपूर ने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘मैं अपनी दोनों बेटियों पर गर्व महसूस करता हूं। उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह खुद बनाई है। इसका पूरा क्रेडिट मैं बबीता को देता हूं जिन्होंने दोनों बेटियों की परवरिश कड़ी मेहनत करके की। जब करिश्मा और करीना छोटी थीं तो मैंने सोचा ही नहीं था कि वो इतनी बड़ी आर्टिस्ट बन जाएंगी। मुझे बेहद गर्व है कि मेरी बेटियों ने सक्सेस पाने के लिए खूब मेहनत की और मैंने इसमें उनकी कोई मदद नहीं की।’

करिश्मा और करीना के साथ रणधीर कपूर।

करिश्मा और करीना के साथ रणधीर कपूर।

खुद को बताया खराब पिता

रणधीर ने खुद को इंटरव्यू में खराब पिता बताते हुए कहा था, ‘मैं खराब पिता रहा हूं और मैं थोड़ा बावला हूं। सब जानते हैं कि मैं थोड़ा पागल हूं, मैं ज्यादा मेहनत नहीं करना चाहता, मैंने कई फिल्मों में काम किया और अब भी मुझे ऑफर्स आते रहते हैं लेकिन मैं उन्हें हां नहीं कहता हूं। मैंने अपनी जिंदगी में कमाई की और अब मेरे बच्चे मुझसे बहुत ज्यादा कमा रहे हैं। मेरे पास पैसा, खाना, कपड़े और घर सबकुछ है तो इससे ज्यादा मुझे और क्या चाहिए। मैं इस उम्र में क्यों सुबह से लेकर रात तक इधर-उधर दौड़ता फिरूं।’

बबीता और रणधीर कपूर।

बबीता और रणधीर कपूर।

‘कल आज और कल’ से किया था डेब्यू

1971 में एक्टर के तौर पर रणधीर कपूर ने फिल्म ‘कल आज और कल’ से डेब्यू किया। 1972 में आई फिल्म ‘जवानी दीवानी’ उनकी सबसे बड़ी हिट फिल्म थी। 1976 से 1981 तक रणधीर कई मल्टीस्टारर फिल्मों में दिखे, जिनमें ‘चाचा भतीजा’, ‘कसमें वादे’, ‘मामा भांजा’, ‘हीरा लाल पन्ना लाल’, ‘बीवी ओ बीवी’ जैसी फिल्में शामिल थीं।

1981 में फिल्म ‘हरजाई’ पिटने के बाद रणधीर कपूर को बतौर हीरो फिल्में मिलना बंद हो गईं और उन्हें साइड रोल ऑफर होने लगे। इससे दुखी होकर उन्होंने एक्टिंग से दूरी बना ली। बतौर लीड एक्टर उनकी आखिरी फिल्म खजाना थी, जो कि 1987 में रिलीज हुई थी।

रणधीर कपूर ने 6 नवंबर 1971 को एक्ट्रेस बबीता से शादी की थी। इसके बाद इनकी दो बेटियां करिश्मा और करीना हुईं।

Sarabjeet Singh Khalsa: इंदिरा गांधी के हत्यारे के बेटे ने भी 70 हजार वोटों से जीता लोकसभा चुनाव, इस सीट से निर्दलीय भरा था पर्चा

पंजाब की फरीदकोट लोकसभा सीट से इंदिरा गांधी के हत्यारे बेअंत सिंह के बेटे सरबजीत सिंह खालसा से जीत दर्ज की है। उन्होंने निर्दलीय पर्चा भरा था और 70 हजार वोटों से आप प्रत्याशी को हराया।

By Bharat Mandhanya

Publish Date: Wed, 05 Jun 2024 01:16:34 PM (IST)

Up to date Date: Wed, 05 Jun 2024 01:16:34 PM (IST)

Sarabjeet Singh Khalsa: इंदिरा गांधी के हत्यारे के बेटे ने भी 70 हजार वोटों से जीता लोकसभा चुनाव, इस सीट से निर्दलीय भरा था पर्चा
सरबजीत सिंह खालसा ने फरीदकोट से जीता लोकसभा चुनाव

HighLights

  1. सरबजीत सिंह खालसा ने जीता लोकसभा चुनाव
  2. फरीदकोट लोकसभा से लड़ा था चुनाव
  3. 70 हजार वोटों से दर्ज की जीत

इलेक्शन डेस्क, इंदौर। देश में हुए लोकसभा चुनाव की तस्वीर साफ हो चुकी है। एनडीए ने बहुमत के आंकड़े को पार कर लिया है, तो वहीं यूपीए को 230 लोकसभा सीटें ही मिली है। पार्टी के लिहाज से बात करें तो भाजपा को 240 सीटें मिली है, तो वहीं कांग्रेस ने 99 सीटों पर कब्जा जमाया है।

इन चुनाव परिणामों में सबसे चौंकाने वाली सीट पंजाब की फरीदकोट लोकसभा सीट रही है। जहां से पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (Former PM Indira Gandhi) के हत्यारे के बेटे सरबजीत सिंह खालसा ने जीत दर्ज की है।

निर्दलीय लड़ा था चुनाव

सरबजीत सिंह खालसा ने फरीदकोट लोकसभा सीट (Faridkot Lok Sabha Election Consequence) से निर्दलीय चुनाव लड़ा था। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिदंद्वी आप प्रत्याशी करमजीत सिंह अनमोल (AAP Candidate Karamjit Singh Anmol) को 70 हजार 53 वोट रहे हराया। खालसा को इस चुनाव में 2 लाख 98 हजार 62 वोट मिले। वहीं करमजीत सिंह अनमोल के पक्ष में 2 लाख 28 हजार 9 वोट पड़े। तीसरे नंबर पर कांग्रेस रही।

इन मुद्दों पर लड़ा चुनाव

सरबजीत सिंह खालसा ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान 2015 में सिख धर्मग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के मुद्दे को जोरशोर से उठाया। गौरतलब है कि इस घटनाक्रम के के बाद विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिसमें दो प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई। इसके साथ ही खालसा ने नशीली दवाओं और किसानों के मुद्दे भी उठाए।

कौन है सरबजीत सिंह खालसा? (Who’s Sarabjeet Singh Khalsa)

सरबजीत सिंह खालसा पूर्व पीएम इंदिरा गांधी की हत्या करने वालों में से एक बेअंत सिंह के बेटे हैं। बता दे कि बेअंत सिंह ने अपने एक अन्य साथी सतवंत सिंह के साथ मिलकर 31 अक्टूबर 1984 को इंदिरा गांधी की उनके आवास पर हत्या कर दी थी। दोनों पूर्व प्रधानमंत्री के अंगरक्षक थे।

USA vs BAN: अमेरिका ने रचा इतिहास, बांग्लादेश के छुड़ाए छक्के, मुंबई में जन्मे हरमीत रहे जीत के हीरो

नई दिल्ली. टी20 वर्ल्ड कप शुरू होने से ठीक 10 दिन पहले क्रिकेट जगत का बड़ा उलटफेर देखने को मिला है. नौसिखिया माने जाने वाले अमेरिका ने बांग्लादेश को हराकर इतिहास रच दिया है. यह बांग्लादेश के खिलाफ अमेरिका की पहली जीत है. मुंबई में जन्मे हरमीत सिंह को उनकी आतिशी पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया. अमेरिका टी20 वर्ल्ड कप का सहमेजबान भी है. भारत के शुरुआती मुकाबले यहीं खेले जाएंगे.

टी20 वर्ल्ड कप एक जून से अमेरिका और वेस्टइंडीज में खेला जाना है. इसी की तैयारी के लिए बांग्लादेश की टीम पहले ही अमेरिका पहुंच गई है. दोनों टीमें 3 मैचों की टी20 सीरीज खेल रही हैं. सीरीज का पहला मुकाबला मंगलवार को ह्यूस्टन में हुआ. मेजबान अमेरिका ने इस मुकाबले में बांग्लादेश को 5 विकेट से हराया. इसके साथ ही उसने 3 मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है.

बांग्लादेश ने अमेरिका के खिलाफ ह्यूस्टन में खेले गए टी20 मैच में 6 विकेट पर 153 रन का स्कोर खड़ा किया. उसकी ओर से तौहीद हृदॉय ने सबसे अधिक 58 रन बनाए. हालांकि, तौहीद की यह पारी टी20 से ज्यादा वनडे मैच जैसी रही. तौहीद ने 58 रन बनाने के लिए 47 गेंदें खेलीं. महमुदुल्लाह ने 22 गेंद पर 31 रन बनाए. सौम्य सरकार ने 20 और लिटन दास ने 14 रन का योगदान दिया. कप्तान नजमुल हुसैन शांतो
(3) और शाकिब अल हसन (6) जल्दी-जल्दी आउट हो गए.

बांग्लादेश के 2 विकेट झटकने वाले अमेरिकी ऑलराउंडर स्टीवन टेलर (28) ने कप्तान मोनांक पटेल के साथ मिलकर अपनी टीम को अच्छी शुरआत दी. कप्तान मोनांक 12 रन बनाकर रन आउट हो गए. इसके बाद स्टीवन टेलर और एंड्रीज गौस (23) ने 38 रन की साझेदारी कर अपनी टीम को आगे बढ़ाया. बीच के ओवरों में अमेरिका ने जल्दी-जल्दी विकेट गंवाए.

मुंबई में जन्मे हरमीत की तेजतर्रार पारी 
एक समय उसका स्कोर 5 विकेट पर 94 रन हो गया था. तब लग रहा था कि बांग्लादेश मैच में वापसी कर लेगा. लेकिन भारतीय मूल के हरमीत सिंह और न्यूजीलैंड के लिए खेल चुके कोरी एंडरसन ने 62 रन की साझेदारी कर अमेरिका को जीत दिला दी. कोरी एंडरसन 25 गेंद पर 34 और हरमीत 13 गेंद पर 33 रन बनाकर नाबाद रहे.

Tags: Bangladesh cricket board, United States of America

कारेबा विधानसभा चुनाव के बाद कई कांग्रेसियों ने बदला दल, फिर भी भापजा को नही दिला सके जीत

पिछले चुनाव की तुलना में कांग्रेस को 10 प्रतिशत अधिक मत मिला है। लोकसभा में परिवर्तन की इस लहर ने आगामी चुनाव में दल बदलुओं को सावधान कर दिया है।

By Suresh kumar Dewangan

Publish Date: Wed, 05 Jun 2024 11:47:32 AM (IST)

Up to date Date: Wed, 05 Jun 2024 11:47:32 AM (IST)

प्रतीकात्मक चित्र

नईदुनिया प्रतिनिधि,कोरबा विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी की सरकार गठन के बाद कांग्रेसियों का भाजपा प्रवेश का सिलसिला शुरू हो गया। पांच माह के अंतराल में ढाई हजार से भी अधिक कांग्रेसियों ने कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया। इससे कांग्रेस के वोट बैंक में अर पड़ने की आशंका जताई जा रही थी। जनता ने दल बदलुओं को एक सिरे से नकार दिया और जीत सेहरा कांग्रेस के सिर बंधा।

विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता बदलते ही विपक्ष की भूमिका में रहने के बजाए कई कांग्रेसियों ने दल बदल शुरू कर दिया। ऐेन लोकसभा चुनाव के दौरान शहर से लेकर गांव में पाला बदलने वाले कार्यकर्ताओं को लेकर कांग्रेस खेम में काफी निराशा देखी जा रही थी। आशंका यह भी व्यक्त की जा रहा थी कि मतदान में इसका व्यापक असर पड़ेगा। पर ऐसा नहीं हुआ, जनता ने पैतरा बदलने वालों को खूब सबक सिखाया।

पिछले चुनाव की तुलना में कांग्रेस को 10 प्रतिशत अधिक मत मिला है। लोकसभा में परिवर्तन की इस लहर ने आगामी चुनाव में दल बदलुओं को सावधान कर दिया है। उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव के बाद आगामी दिनोंं स्थानीय चुनाव होना है। इसके लिए भावी प्रत्याशियों ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी है। कांग्रेस छोड़कर आने वाले दल बदलुओं को लेकर अब भाजपा के पुराने कार्यकर्ताओं को अपने अस्तित्व के लिए दोहरी लड़ाई लड़नी पड़ सकती है।

Lok Sabha Election End result 2024 : कमल नाथ बोले-छिंदवाड़ा मेरा परिवार है, मतदाताओं का फ़ैसला शिरोधार्य

Lok Sabha Election End result 2024 : मैंने अपना पूरा जीवन छिंदवाड़ा की सेवा में लगाया है और अपनी अंतिम सांस तक छिंदवाड़ा की सेवा करता रहूंगा।

By Nai Dunia Information Community

Edited By: Nai Dunia Information Community

Publish Date: Wed, 05 Jun 2024 11:40:36 AM (IST)

Up to date Date: Wed, 05 Jun 2024 11:51:32 AM (IST)

Lok Sabha Election Result 2024 : कमल नाथ बोले-छिंदवाड़ा मेरा परिवार है, मतदाताओं का फ़ैसला शिरोधार्य

HighLights

  1. अपनी बात मध्य प्रदेश के मतदाता को समझा नहीं सके।
  2. विधायकों के साथ इस बात की समीक्षा करूंगा।
  3. कमल नाथ बोले- मैंने कभी सीटों की घोषणा नहीं की।

Lok Sabha Election End result 2024 : नई दुनिया प्रतिनिधि, छिंंदवाड़ा। भाजपा की बढ़त पर कमल नाथ बोले-छिंदवाड़ा मेरा परिवार है। मतदाताओं का फ़ैसला शिरोधार्य है। मैंने अपना पूरा जीवन छिंदवाड़ा की सेवा में लगाया है और अपनी अंतिम सांस तक छिंदवाड़ा की सेवा करता रहूंगा।

मैं कांग्रेस के सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने जी-जान से मेहनत की है

मैं कांग्रेस के सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने जी-जान से मेहनत की है। हमें आगे और संघर्ष करना है और स्वर्णिम छिंदवाड़ा का निर्माण करना है। मैंने कभी सीटों की घोषणा नहीं की। मैं सभी हारे हुए प्रत्याशी और जीते हुए विधायकों के साथ इस बात की समीक्षा करूंगा कि आखिर वह क्या वजह रही जो हम अपनी बात मध्य प्रदेश के मतदाता को समझा नहीं सके।

आजादी के बाद दूसरी बार हारी कांग्रेस

पूर्व सीएम कमल नाथ का गढ़ आखिरकर ढह ही गया। छिंदवाड़ा कांग्रेस का कितना मजबूत गढ़ था, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इमरजेंसी और 2014, 2019 की मोदी लहर में भी कांग्रेस को हार नहीं मिली। बीते दो विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस ने सातों की सातों सीट कांग्रेस को ही मिली। नगर निगम और जिला पंचायत चुनाव में भी कांग्रेस का परचम लहराया।

ग्राम पंचायत और एक, एक गांव में कांग्रेस का तगड़ा नेटवर्क था

वार्ड से लेकर ग्राम पंचायत और एक, एक गांव में कांग्रेस का तगड़ा नेटवर्क था, बीते लोकसभा चुनाव में 29 में से एकमात्र छिंदवाड़ा लोकसभा सीट ही भाजपा ने जीती थी। 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को कड़ी टक्कर मिली थी। कमल नाथ के मुकाबले उनके बेटे नकुल नाथ पिछले चुनाव में मात्र 37 हजार 536 के अंतर से चुनाव जीते थे। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने आदिवासी नेता व पूर्व विधायक नत्थन शाह को मैदान में उतारा था। गोंडवाना ने बिगाड़ा था खेल साल 2019 के चुनाव में कमल नाथ के बेटे नकुल नाथ को छिंदवाड़ा लोकसभा सीट पर 5,87,305 वोट मिले थे।

भाजपा के उम्मीदवार नत्थन शाह को 5,49,769 वोट मिले थे

इस सीट पर भाजपा के उम्मीदवार नत्थन शाह को 5,49,769 वोट मिले थे। इसी सीट पर अखिल भारतीय गोंडवाना पार्टी के उम्मीदवार को 35,968 और बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार को 14,275 वोट मिले थे। छिंदवाड़ा में 20,324 लोगों ने नोटा का भी इस्तेमाल किया था। माना जा रहा है कि गोंडवाना और बसपा ने यहां दोनों पार्टियों का खेल बिगाड़ा था। इस बार अखिल भारतीय गोंडवाना पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष रहीं मोनिका शाह बट्टी भी भाजपा के खेमे में हैं। कांग्रेस इस बार भी कमल नाथ के नाम और काम के भरोसे ही चुनाव लड़ी। अपने बेटे को चुनाव जिताने के लिए पूरा जोर लगा दिया। भाजपा विकास और मोदी के सहारे होगी तो कांग्रेस भी विकास और कमल नाथ के भरोसे ही रही।

T20 World Cup: सावधान टीम इंडिया! पाकिस्तान, वेस्टइंडीज और इंग्‍लैंड को हरा चुका है आयरलैंड

नई दिल्‍ली. टी20 वर्ल्‍डकप 2024 (T20 World Cup 2024) में भारतीय टीम बुधवार को अपने अभियान का आगाज करने जा रही है. रोहित शर्मा ब्रिगेड का पहले मैच में मुकाबला आयरलैंड (India Vs Eire) से होगा. किसी भी टूर्नामेंट में टीम के लिए यह जरूरी होता है कि वह शानदार अंदाज में अपने अभियान की शुरुआत करे. इस लिहाज से टीम इंडिया के इस मैच के प्रदर्शन पर फैंस की खास निगाह टिकी है. वैसे स्‍टार प्‍लेयर्स से सजी भारतीय टीम (Indian Cricket Workforce) के मुकाबले में आयरलैंड को कमजोर प्रतिद्वंद्वी माना जा रहा है लेकिन असल मुकाबला तो मैदान पर ही होगा.

पॉल स्‍टर्लिंग की कप्‍तानी वाली आयरिश टीम में एंड्रयू बालबर्नी, जोश लिटिल, कर्टिस कैम्‍फर और हैरी टकर जैसे अच्‍छे खिलाड़ी हैं और इसे कमजोर आंकने की भूल टीम इंडिया नहीं करने वाली. आयरलैंड टीम भले ही टी20 वर्ल्‍डकप में अब तक दूसरे राउंड से आगे नहीं बढ़ पाई हो लेकिन यह दो बार की चैंपियन वेस्‍टइंडीज और इंग्‍लैंड को उलटफेर का शिकार बनाकर ताकत का अहसान करा चुकी है. आयरिश टीम वनडे वर्ल्‍ड कप 2007 में पाकिस्‍तान को हराकर उसे अपमान का घूंट पीने को मजबूर कर चुकी है. इसे ध्‍यान में रखकर रोहित शर्मा, विराट कोहली, हार्दिक पंड्या, जसप्रीत बुमराह और ऋषभ पंत जैसे प्‍लेयर को शुरुआत में ही आयरिश टीम को ‘नॉकआउट पंच’ जड़ने की रणनीति पर काम करना होगा.

T20 World Cup: रोहित से ज्यादा द्रविड़ के लिए जरूरी है वर्ल्ड कप ट्रॉफी, एक जीत से जुड़ी कप्तान-कोच की किस्मत

टी20 वर्ल्‍डकप में आयरलैंड ने अब तक 25 मैच खेले हैं इसमें से 7 में उसे जीत मिली है जबकि 15 में  हार का सामना करना पड़ा है. टीम के तीन मैच बेनतीजा रहे हैं. आयरिश टीम की सफलता का प्रतिशत भले ही 31.81 का है लेकिन यह नहीं भूलना होगा कि यह वेस्‍टइंडीज, इंग्‍लैंड और बांग्‍लादेश जैसी टीम को हरा चुकी है. 2022 के पिछले टी20 वर्ल्‍डकप में वेस्‍टइंडीज को तो इसने 9 विकेट से बड़े अंतर से हराया था.

टी20 वर्ल्‍डकप के मैच के आखिरी ओवर में गिरे 5 विकेट, फिर भी बॉलर नहीं ले पाया था हैट्रिक

नजर डालते हैं टी20 वर्ल्‍डकप में आयरलैंड की बड़ी जीतों पर…

स्‍टार प्‍लेयरों से सजी इंडीज टीम ने किया था आसान समर्पण
टी20 वर्ल्‍डकप 2022 के अंतर्गत 21 अक्‍टूबर को होबार्ट में खेले गए मैच में आयरलैंड ने वेस्‍टइंडीज को 9 विकेट से पटखनी देकर हर किसी को चौंका दिया था. इंडीज की इस टीम में निकोलस पूरन, इविन लेविस, जॉनसन चार्ल्‍स, रॉवमैन पॉवेल और जेसन होल्‍डर जैसे नामी प्‍लेयर शामिल थे. इस मैच में आयरलैंड टीम ने पहले सटीक बॉलिंग करते हुए इंडीज को 20 ओवर में 146 रन के स्‍कोर पर ही रोक दिया था और फिर 147 रन का टारगेट केवल एक विकेट खोकर हासिल कर लिया था. आयरलैंड की इस जीत में कप्‍तान स्‍टर्लिंग, एंडी बालबर्नी, लोरकान टकर और गेरेथ डेलेनी का खास रोल रहा था. स्‍टर्लिंग ने नाबाद 66, बालबर्नी ने 37 और टकर ने नाबाद 45 रन का योगदान दिया था जबकि ‘प्‍लेयर ऑफ द मैच’ डेलेनी ने चार ओवर में महज 16 रन देकर 3 विकेट हासिल किए थे.

दो बैटर टेस्‍ट की 1st बॉल पर 3 बार हुए आउट,एक तो हर बार एक ही बॉलर का ‘शिकार’

जोस बटलर की इंग्‍लैंड टीम भी बनी थी निशाना
टी20 वर्ल्‍डकप 2022 में इंडीज के खिलाफ दमदार जीत के बाद स्‍टर्लिंग की टीम ने एक और चैंपियन इंग्‍लैंड को निशाना बनाया था. 26 अक्‍टूबर को मेलबर्न में हुए बारिश से प्रभावित मैच में आयरिश टीम  5 रन (डकवर्थ-लुईस नियम) से जीती थी. पहले बैटिंग करते हुए आयरलैंड टीम 19.2 ओवर में 157 रन पर ढेर हो गई थी. बारिश की लगातार बाधा के बीच इंग्‍लैंड को 14.3 ओवर में 111 रन बनाने का संशोधित लक्ष्‍य मिला था लेकिन जोश बटलर की टीम 5 विकेट पर 105 रन ही बना पाई थी और उसे 5 रन की हार मिली थी. मैच में आयरलैंड के लिए बालबर्नी (47 गेंदों पर 62 रन) और जोश लिटिल (16 रन देकर दो विकेट) का प्रदर्शन उल्‍लेखनीय रहा था.

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बांग्‍लादेश को भी 6 विकेट से दे चुकी पटखनी
बांग्‍लादेश को टेस्‍ट क्रिकेट में भले ही बड़ी ताकत नहीं माना जाता लेकिन वनडे और टी20 में इसकी टीम काफी अच्‍छी है. 2009 के टी20 वर्ल्‍डकप में इस एशियाई टीम को भी आयरलैंड 6 विकेट से हरा चुका है. 8 जून 2009 के नॉटिंघम के इस मैच में आयरलैंड के गेंदबाजों ने ट्रेंट जॉनसन (3/20) की अगुवाई में बांग्‍लादेश के कदम 20 ओवर्स में 137 रन पर ही रोक दिए थे और फिर टारगेट 18.2 ओवर में महज चार विकेट खोकर हासिल कर लिया था. बैटिंग में ओब्रायन भाइयों नील (40 रन) और केविन (नाबाद 39 रन) ने जीत की पटकथा लिखी थी.आयरलैंड ने टी20 वर्ल्‍डकप में अपनी चार अन्‍य जीत जिम्‍बाब्‍वे, नीदरलैंड्स, यूएई और स्‍कॉटलैंड पर दर्ज की हैं.

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भारत-आयरलैंड का अब तक एक बार हुआ मुकाबला

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भारत और आयरलैंड की टीमें  टी20 वर्ल्‍डकप में अब तक केवल एक बार टकराई हैं. 2009 में नॉटिंघम में 10 जून के मैच में टीम इंडिया ने 8 विकेट से जीत हासिल की थी. बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जहीर खान इस जीत के हीरो बने थे. पहले बैटिंग करते हुए आयरलैंड टीम 18 ओवर के इस मैच में 8 विकेट खोकर 112 रन ही बना पाई थी. जहीर ने 19 रन देकर 4 और प्रज्ञान ओझा ने 18 रन देकर 2 विकेट लिए थे. जवाब में भारत ने रोहित शर्मा के नाबाद 52 और गौतम गंभीर के 37 रनों की मदद से 15.2 ओवर में दो विकेट खोकर जीत हासिल कर ली थी.

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RR vs RCB: राजस्थान-बेंगलुरु के बीच भिड़ंत, सेमीफाइनल में कौन बनाएगा जगह? देखें हेड टू हेड रिकॉर्ड, संभावित XI

नई दिल्ली. आईपीएल 2024 का एलिमिनेटर मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals vs Royal Challengers Bangalore) के बीच खेला जाएगा. दोनों टीमें इसके लिए तैयार है. यह मुकाबला अहमदाबाद में खेला जाएगा. जो टीम यहां हारेगी उनका सफर यही खत्म हो जाएगा. तो वहीं, जो टीम जीतेगी वे सेमीफाइनल मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद से भिड़ेगी. इस मैच से पहले आइए जानते हैं दोनों टीमों के बीच का हेड टू हेड रिकॉर्ड और संभावित प्लेइंग इलेवन.

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और राजस्थान रॉयल्स के बीच के हेड टू हेड रिकॉर्ड की बात करें तो दोनों टीमें अब तक कुल 31 बार आमने सामने आई है. इन 31 मुकाबलों में 15 बार रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम ने बाजी मारी है. वहीं, 13 बार राजस्थान रॉयल्स की टीम जीती है. 3 मुकाबले बेनतीजे रहे हैं. आरसीबी ने अपने पिछले 6 मुकाबलों में लगातार जीत दर्ज की है. एक समय था जब वे टूर्नामेंट से बाहर होने की कगार पर थे. वहीं, राजस्थान रॉयल्स अपने पिछले 5 मुकाबलों में एक भी जीत दर्ज नहीं कर सका है. उन्होंने लगातार 4 मैच गंवाए हैं. जबकि 1 मैच बारिश के कारण बेनतीजा रहा था.

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हारने वाली टीम सनराइजर्स हैदराबाद से भिड़ेगी
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और राजस्थान रॉयल्स में से जो भी टीम इस मुकाबले में हारेगी वो दूसरे क्वालीफायर मैच में सनराइजर्स हैदराबाद से भिड़ेगी. हैदराबाद की टीम कोलकाता नाइट राइडर्स से हार कर क्वालीफायर 2 खेलने के लिए आएगी. अब देखना होगा कि कौन सी टीम इस मुकाबले को जीतती है.

ऐसी हो सकती है दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग XI:

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की संभावित 11: फाफ डु प्लेसिस (कप्तान), विराट कोहली, रजत पाटीदार, कैमरून ग्रीन, दिनेश कार्तिक, महिपाल लोमरोर, ग्लेन मैक्सवेल, यश दयाल, लॉकी फर्ग्यूसन, कर्ण शर्मा और मोहम्मद सिराज.

राजस्थान रॉयल्स की संभावित 11: संजू सैमसन (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, टॉम कोहलर-कैडमोर, रियान पराग, ध्रुव जुरेल, रोवमैन पॉवेल, रविचंद्रन अश्विन, ट्रेंट बोल्ट, संदीप शर्मा, आवेश खान और युजवेंद्र चहल.

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