हादसे वाले दिन आरोपी नाबालिग आरोपी को मेडिकल टेस्ट के लिए ससून अस्पताल ले जाया गया था। यहां से मिली प्रारंभिक रिपोर्ट में ब्लड में अल्कोहल नहीं होने की बात लिखी गई थी। इस पर संदेह हुआ था।
By Arvind Dubey
Publish Date: Mon, 27 Might 2024 10:24:19 AM (IST)
Up to date Date: Mon, 27 Might 2024 11:29:18 AM (IST)
HighLights
- सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप में ससून अस्पताल के दो डॉक्टर गिरफ्तार
- आरोपी नाबालिग को बचाने के लिए खून के नमूने बदल दिए गए थे
- डीएनए जांच में खुली पोल के बाद पुणे क्राइम ब्रांच का एक्शन
एजेंसी, पुणे (Pune Porsche Automotive Crash Case)। महाराष्ट्र के पुणे में नाबालिग द्वारा अपनी लग्जरी कार से दो लोगों की कुचलकर हत्या मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। पुणे क्राइम ब्रांच ने दो डॉक्टरों को गिरफ्तार किया था, जिन पर आरोप है कि उन्होंने नाबालिग को बचाने के लिए उसकी ब्लड रिपोर्ट के साथ हेराफेरी की।
पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने सोमवार को दावा किया कि ससून जनरल अस्पताल के डॉक्टरों ने आरोपी नाबालिग का ब्लड सैंपल लिया था, लेकिन उसे बचाने के लिए सैंपल बदल दिया गया और नाबालिग का सैंपल कूड़ेदान में फेंक दिया था।
बता दें, हादसे वाले दिन आरोपी नाबालिग आरोपी को मेडिकल टेस्ट के लिए ससून अस्पताल ले जाया गया था। यहां से मिली प्रारंभिक रिपोर्ट में ब्लड में अल्कोहल नहीं होने की बात लिखी गई थी। इस पर संदेह हुआ था।
पुलिस ने केस में जांच तेज कर दी है। आरोपी नाबालिक के पिता और दादा को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। दादा पर आरोप है कि उन्होंने किसी अन्य ड्राइवर को आरोप अपने सिर लेने के लिए तैयार किया था।
(मृतकों के माता-पिता की मांग, दुर्घटना नहीं दोहरा हत्याकांड मानकर चले केस, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में MP में हो सुनवाई…विस्तृत खबर पढ़ने के लिए फोटो पर क्लिक करें)
यह मामला उस समय देश में चर्चा में आया था, जब हादसे के बाद नाबालिग को जुवेनाइल कोर्ट में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उसे ट्रैफिक नियमों पर 300 शब्दों का निबंध लिखने और कुछ दिन ट्रैफिक पुलिस के साथ काम करने की सजा सुनाई थी। देश में हल्ला मचा तो पुलिस और सरकार हरकत में आई और अब कार्रवाई तेज की जा रही है।






