Excessive Blood Strain: ये है उच्च रक्तचाप के शुरुआती लक्षण, नहीं करें अनदेखा
ऐसे व्यक्ति, जो ब्लड प्रेशर से पीड़ित हैं, उनमें से सिर्फ 50 प्रतिशत मरीज ही ऐसे हैं, जो इससे राहत पाने के लिए दवाइयों का सेवन करते हैं।
By Ekta Sharma
Publish Date: Solar, 26 Might 2024 04:57:13 PM (IST)
Up to date Date: Solar, 26 Might 2024 04:57:13 PM (IST)
HighLights
- लापरवाही बरते बिना इसका उपचार शुरू कर देना चाहिए।
- उच्च रक्तचाप मृत्यु दर का एक प्रमुख कारण है।
- यह लकवा और हार्ट फैल्योर का भी मुख्य कारण है।
हेल्थ डेस्क, इंदौर। Excessive Blood Strain: भारत में लगभग 90 प्रतिशत उच्च रक्तचाप के मरीज इस बीमारी से अवगत नहीं हैं या फिर उन्हें उचित प्रकार से उपचार ही नहीं मिल पा रहा है। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश जैन के मुताबिक, देश में लगभग 22 करोड़ वयस्क उच्च रक्तचाप के शिकार हैं, जिसमें सिर्फ 36.9 प्रतिशत मरीजों को ही इसके बारे में जानकारी होती है। वहीं, ऐसे व्यक्ति, जो ब्लड प्रेशर से पीड़ित हैं, उनमें से सिर्फ 50 प्रतिशत मरीज ही ऐसे हैं, जो इससे राहत पाने के लिए दवाइयों का सेवन करते हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि उनमें से भी आधे मरीजों का ही ब्लड प्रेशर नियंत्रण में है। उच्च रक्तचाप मृत्यु दर का एक प्रमुख कारण है।
दिखाई देते हैं ये लक्षण
शुरुआती लक्षण सामने आने पर लापरवाही बरते बिना यदि इसका उपचार शुरू कर दिया जाए, तो इस पर काफी हद तक काबू पाया जा सकता है। मोटापा, अनहेल्दी लाइफस्टाइल, मानसिक तनाव, जंक फूड का लगातार सेवन आदि उच्च रक्तचाप को प्रत्यक्ष रूप से निमंत्रण देने के कारण हैं। मोटापा बच्चों में उच्च रक्तचाप की संभावना को तीन गुना तक बढ़ा देता है। यह बीमारी मुख्य रूप से हृदय, किडनी, मस्तिष्क और आंखों को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाती है। यह लकवा और हार्ट फैल्योर का भी मुख्य कारण है।
नियमित जांच करवाते रहें
हालांकि, उच्च रक्तचाप के कोई विशेष लक्षण नहीं होते हैं, लेकिन कुछ लोगों में सांस का फूलना, दिन भर थकान होना, सिर दर्द होना, चक्कर आना, पैरों में सूजन आना, जी मचलाना या बेवजह चिड़चिड़ापन होना आदि इसके लक्षणों के रूप में देखे जा सकते हैं। इन लक्षणों के पाए जाने पर मरीजों को सलाह दी जाती है कि समय व्यर्थ किए बिना डाॅक्टर से संपर्क करें और समय-समय पर नियमित रूप से इसकी जांच करवाते रहें।
डिस्क्लेमर
यह लेख सामान्य जानकारी के आधार पर लिखा गया है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा डॉक्टर्स की सलाह जरूर लें। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

