Warmth stroke Aspect Impact: लू लगने से हो सकता है मल्टीपल ऑर्गन फेलियर, इन संकेतों को बिल्कुल न करें अनदेखा
हीट स्ट्रोक होने पर मरीज को चक्कर आने, कमजोरी महसूस होने, उल्टी-दस्त और तेज सिर दर्द जैसे लक्षण दिखते हैं।
By Sandeep Chourey
Publish Date: Sat, 25 Could 2024 12:59:01 PM (IST)
Up to date Date: Sat, 25 Could 2024 12:59:01 PM (IST)

HighLights
- अपनी कार को हमेशा छांव में ही पार्क करें।
- धूप में खड़ी कार के अंदर का तापमान 50 डिग्री के ऊपर पहुंच जाता है।
- हीट स्ट्रोक से बचने के लिए दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए।
लाइफस्टाइल डेस्क, इंदौर। उत्तर भारत में इन दिनों प्रचंड गर्मी पड़ रही है और राजस्थान में बीते 3 दिन में ही हीट स्ट्रोक के कारण 15 लोगों की मौत हो चुकी है। तेज गर्मी के कारण लू लगना एक आम बात है, लेकिन कई बार हीट स्ट्रोक के कारण मरीज की स्थिति ज्यादा गंभीर हो जाती है और मल्टीपल ऑर्गन फेलियर की भी स्थिति निर्मित हो जाती है। ऐसे में हीट स्ट्रोक के शरीर कुछ ऐसे संकेत देता है, जिनके प्रति अलर्ट हो जाना चाहिए और तत्काल डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इस बारे में विस्तार से जानकारी दे रहे हैं इंदौर स्थित अष्टांग आयुर्वेद कॉलेज के डॉक्टर अखिलेश भार्गव।
हीट स्ट्रोक के प्रमुख लक्षण
हीट स्ट्रोक की समस्या तब ज्यादा होती है, जब आप भीषण गर्मी में धूप में बाहर बगैर किसी सुरक्षा के घूमते हैं या फिर एसी से अचानक बाहर धूप में निकलते हैं। इसके अलावा धूप से आने के बाद अचानक आप फ्रिज का ठंडा पानी पी लेते हैं या फिर कूलर की ठंडी हवा का मजा लेने लगते हैं। इन परिस्थिति में शरीर के तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव आता है। इस कारण हीट स्ट्रोक हो जाता है। हीट स्ट्रोक होने पर मरीज को चक्कर आने, कमजोरी महसूस होने, उल्टी-दस्त और तेज सिर दर्द जैसे लक्षण दिखते हैं। ऐसी स्थिति में तत्काल डॉक्टर दिखाना चाहिए।
इन बातों की रखें सावधानी
अपनी कार को हमेशा छांव में ही पार्क करें क्योंकि धूप में खड़ी कार के अंदर का तापमान 50 डिग्री के ऊपर पहुंच जाता है। ऐसे में जब सफर करते हैं तो हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। हीट स्ट्रोक से बचने के लिए दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। घर से जब भी बाहर निकले तो कैप, गमछा आदि ओढ़ कर ही निकलना चाहिए। रोज कम से कम 3 से 4 लीटर पानी जरूर पीना चाहिए।


