World Turtle Day 2024: भिंड के गंदे तालाब में दम तोड़ रहे भारतीय फ्लैपशेल प्रजाति के कछुओं को चंबल में मिलेगा नवजीवन

प्रतापपुरा स्थित तालाब में बड़ी संख्या में दुर्लभ प्रजाति के कछुए पाए जाते हैं, चूकि शहरी आबादी से निकलने वाले गंदे पानी के यहां निस्तारण के चलते इन कछुओं की मौत की बात सामने आई थी।

By Shivam Pandey

Publish Date: Thu, 23 Could 2024 03:18:45 AM (IST)

Up to date Date: Thu, 23 Could 2024 03:18:45 AM (IST)

HighLights

  1. प्रदेश के पहले मांसभक्षी कछुआ संरक्षण केंद्र के कर्मचारियों की देखरेख में होगी शिफ्टिंग
  2. टीम के सहयोग से इन कछुओं को साफ पानी में छोड़े जाएगा
  3. सूखे और अधिक गंदगी की स्थिति के दौरान ये कछुए मर जाते हैं

शिवम पाण्डेय, नईदुनिया, भिंड। भिंड जिले की अटेर तहसील के प्रतापपुरा में स्थित तालाब में गंदगी के कारण दम तोड़ रहे इंडियन फ्लैपशेल प्रजाति के करीब 500 कछुओं को चंबल नदी में नवजीवन मिलेगा। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 के अंतर्गत आने वाले इन कछुओ को मांसभक्षी कछुओ संरक्षण केंद्र के कर्मचारियों की देखरेख में शिफ्ट किया जाएगा।

प्रतापपुरा स्थित तालाब में बड़ी संख्या में दुर्लभ प्रजाति के कछुए पाए जाते हैं, चूकि शहरी आबादी से निकलने वाले गंदे पानी के यहां निस्तारण के चलते इन कछुओं की मौत की बात सामने आई थी।

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हाल ही में डीएफओ मोहम्मद मिंज ने यहां का निरीक्षण के दौरा कछुओं की स्थित देख प्रदेश के पहले मांसभक्षी कछुआ संरक्षण सेंटर बरही के स्टाफ से चर्चा की थी, जिसके बाद तय किया गया है कि मांसभक्षी कछुआ संरक्षण सेंटर बरही, पंचायत और वन विभाग की टीम के सहयोग से इन कछुओं को साफ पानी में छोड़े जाएगा।

इसलिए महत्वपूर्ण है इन कछुओं का संरक्षण

भारतीय फ्लैपशेल कछुओं में कामोत्तेजक गुण होते हैं, इनकी खाल से चमड़ा बनता है। साथ ही इनके खून से कई औषधि तैयार की जाती हैं। यही वजह है कि इसकी तस्करी आशंका ज्यादा होती है। यह दक्षिण एशिया में पाई जाने वाली मीठे पानी की कछुए की एक प्रजाति है व पाकिस्तान, भारत, श्रीलंका, नेपाल, बांग्लादेश (सिंधु और गंगा जल निकासी) और म्यांमार (इरावाडी और साल्विन नदियों) में पाए जाते हैं।

ये कछुए बिल खोदने की प्रवृत्ति के कारण रेत या मिट्टी के तल वाले पानी को पसंद करते हैं। सूखे और अधिक गंदगी की स्थिति के दौरान ये कछुए मर जाते हैं।

इंडियन फ्लैपशेल प्रजाति के कछुए स्वच्छ पानी में रहते हैं। अगर जल्द ही तालाब की सफाई नहीं की गई तो इन कछुआ का लंबे समय तक जीना मुमकिन नहीं है। यही कारण है कि इन्हें चंबल नदी में छोड़ा जाएगा। -विकास वर्मा, इंचार्ज, बरही कछुआ सेंटर

Rahul Gandhi in Panchkula: बस, ट्रक और टेम्पो ड्राइवर से भी निबंध लिखाओ, पुणे पोर्श कार हादसे पर राहुल गांधी का बयान

Rahul Gandhi in Panchkula: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि पुणे में 17 वर्षीय लड़का शराब पीकर गाड़ी चलाता है और दो लोगों को मार देता है।

By Kushagra Valuskar

Publish Date: Wed, 22 Might 2024 06:29:17 PM (IST)

Up to date Date: Wed, 22 Might 2024 06:51:27 PM (IST)

Rahul Gandhi in Panchkula: बस, ट्रक और टेम्पो ड्राइवर से भी निबंध लिखाओ, पुणे पोर्श कार हादसे पर राहुल गांधी का बयान

एएनआई, पंचकुला। Rahul Gandhi in Panchkula: पुणे के पोर्श कार हादसे के मामला गरमा गया है। अब इस मामले पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि पुणे में 17 वर्षीय लड़का शराब पीकर गाड़ी चलाता है और दो लोगों को मार देता है। राहुल ने कहा, ‘उससे कहा जाता है कि निबंध लिखो। यदि वह निबंध लिखेगा तो बस, ट्रक और टेम्पो ड्राइवर से भी निबंध लिखाओ।’ वायनाड सांसद ने यह बात पंचकुला में कहीं।

अपने आप फ्रेमिंग हो जाती है

उन्होंने कहा कि दो मुख्यमंत्री गिरफ्तार हुए, लेकिन आदिवासी सीएम अब भी जेल में है। वे पहले सलाखों के पीछे गए, लेकिन अब तक बाहर नहीं आए। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘मायावती भ्रष्ट हैं, लेकिन नवीन पटनायक भ्रष्ट नहीं है। लालू यादव भ्रष्ट हैं। बड़ी अजीब बात है अपने आप फ्रेमिंग हो जाती है।’

#WATCH | Panchkula, Haryana: Congress chief Rahul Gandhi says, “A 17-year-old boy in Pune drives a Porsche after ingesting alcohol, kills 2 individuals and is requested to put in writing an essay. If he writes an essay, then ask bus drivers, truck drivers, tempo drivers to put in writing essays too…” pic.twitter.com/jozI6Wqfiw

— ANI (@ANI) Might 22, 2024

मैं सिस्टम को अंदर से समझता हूं

राहुल गांधी ने कहा कि मैं अपने जन्म के दिन से सिस्टम में बैठा हूं। मैं सिस्टम को अंदर से समझता हूं। आप सिस्टम को मुझसे छिपा नहीं सकते। उन्होंने कहा, ‘यह कैसे काम करता है, किसका पक्ष लेता है और किस पर हमला करता है। मैं सब कुछ जानता हूं, क्योंकि मैं सिस्टम के अंदर से आता हूं।’

सिस्टम निचली जातियों के खिलाफ

राहुल ने कहा कि मेरी दादी प्रधानमंत्री थीं। मेरे पिता पीएम थे। जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे, तो मैं उनके पास जाता था। इसलिए मैं जानता हूं कि सिस्टम अंदर से कैसे काम करता है। सिस्टम निचली जातियों के खिलाफ है।

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    माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मास कम्युनिकेशन स्नातक कुशाग्र वालुस्कर नईदुनिया डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर हैं। कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में माह