बीते साल बीस में एक मरीज साइनस थ्रोंबोसिस से पीड़ित होकर पहुंचता था। शरीर में पानी की कमी इस बीमारी को पनपने का मौका दे रही है। डिहाइड्रेशन की गंभीर स्थिति में शरीर में ब्लड क्लाटिंग(रक्त का थक्का जमना) का खतरा बढ़ रहा है।
By Anoop Bhargav
Publish Date: Thu, 23 Might 2024 03:32:10 AM (IST)
Up to date Date: Thu, 23 Might 2024 03:32:10 AM (IST)
HighLights
- न्यूरोलाजी-न्यूरोसर्जरी विभाग की ओपीडी में उपचार के लिए पिछले साल की अपेक्षा दोगुना पहुंच रहे मरीज
- डिहाइड्रेशन की गंभीर स्थिति में शरीर में ब्लड क्लाटिंग का खतरा बढ़ रहा है
- डिहाइड्रेशन में शरीर में जमा खून गाढ़ा हो जाता है
अनूप भार्गव, नईदुनिया, ग्वालियर। तापमान 45 डिग्री के आसपास बने रहने से लोग डिहाइड्रेशन के शिकार होकर दुर्लभ न्यूरोलाजिकल बीमारी साइनस थ्रोंबोसिस के शिकार हो रहे हैं। गजराराजा मेडिकल कालेज के जयारोग्य अस्पताल के न्यूरोलाजी-न्यूरोसर्जरी विभाग की ओपीडी में इस बीमारी से पीड़ित दस में एक मरीज पहुंच रहा है।
बीते साल बीस में एक मरीज साइनस थ्रोंबोसिस से पीड़ित होकर पहुंचता था। शरीर में पानी की कमी इस बीमारी को पनपने का मौका दे रही है। डिहाइड्रेशन की गंभीर स्थिति में शरीर में ब्लड क्लाटिंग (रक्त का थक्का जमना) का खतरा बढ़ रहा है।
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जयारोग्य अस्पताल के न्यूरोसर्जरी विभाग के सहायक प्राध्यापक डा.विवेक कनकने का कहना है कि ओपीडी में इस बीमारी से पीड़ित मरीजों की हिस्ट्री से पता चलता है कि डिहाइड्रेशन की वजह से वह इस स्थिति में पहुंचते हैं। हर साल गर्मी में साइनस थ्रोंबोसिस का जोखिम बढ़ता है जो स्ट्रोक के समान ही खतरनाक है।
इस स्थिति में क्लाटेड नसों में सूजन हो जाती है, जो घातक साबित हो सकती है। शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन में शरीर में जमा खून गाढ़ा हो जाता है जो खून की नलिकाओं में थक्के के रूप में जमा होता है।
मरीज ऐसे रह सकते हैं सचेत
विशेषज्ञ कहते हैं कि गर्मी के दिनों में इस तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव किया जाना चाहिए। इसके लिए ध्यान रखना चाहिए कि शरीर में पानी की कमी न होने पाए। प्रतिदिन दो से तीन लीटर पानी जरूर पीना चाहिए। गर्मी से शरीर को सुरक्षित रखने पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। त्वचा को धूप से बचाएं, दिन के समय घर से बाहर न निकलें। हीट स्ट्रोक से बचाव के उपायों का पालन करें। हल्के रंग के और सूती कपड़े पहनें। हल्का भोजन करें। तरल पदार्थों का सेवन अधिक मात्रा में करें।
बीमारी के लक्षण
– सिर में तेज दर्द
– आंखों के आगे अंधेरा छा जाना
– मिर्गी के दौरे आना
– हाथ पैर में कमजोरी
– बोलने में दिक्कत



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